चचेरी बहन बिलकुल कड़क माल बन गई थी

दोस्तो मेरा नाम अभय है मैं मुम्बई में रहता हूँ। मैने कैसे अपनी परोस की बहन को चोदा वो आप सबो को बताने जा रहा हूँ। दोस्तो मेरी परोस की बहन का नाम कामनी है। वो गाँव मे रहती है, एक बार जब मैं अपने घर गया तो देखा कि मेरी बहन कमाल की लग रही थी। Rasili Chuchiya XXX

जब मैं मुम्बई गया था तो वो करीब दस बारह साल की थी , और मैं मुम्बई से कड़ी तीन साल बाद आया था तो उसको देख कर मेरा मन एक दम से उसको चोदने के लिए करने लगा । वो एक दम खूबसूरत और रसिली माल जैसी लग रही थी मेरे जगह अगर कोई भी होता तो शायद उसका भी मन बहक जाता।

अब उसको चोदने के लिए मैं बेचैन हो गया। उसको कैसे चोदू यही सोच सोच के मैं रोज मुठ मारने लगा। एक दिन उसकी मम्मी मेरे को बुलाई और बोली कि अभय जरा कामनी को इसके स्कूल ले कर जाओ और उसका मैट्रिक का फर्म भर वा दो । तो मैं बोलै की ठीक है चाची मैं जाकर भरवा देता हूं ।

दोस्तो कामनी की मम्मी भी एक दम आम्रपाली दुबे से कम नहीं है। उसकी फिगर कमाल की है । वो करीब 40 की होंगी। फिर चाची ने अपने ब्लाउज के अंदर से छोटी वाली बैग निकाल कर मुझे 200 रुपये खर्च के लिए दिया तो मैं बोलै की चाची मैं पैसा आपसे नही लूंगा।

दोस्तो जब मेरी चाची अपने ब्लाउज के अंदर अपना हाथ डाली तो मुझे उनकी चुची आधी दिख गया और मैं उनकी चुची को ही देखता ही रह गया। फिर थोड़ी देर बाद कामनी तैयार हो कर आगई । फिर मैं कामनी से बोला कि मैं बाइक लेकर आता हूं।

मैं बाइक लेकर गया और उसको बैठा कर उसके स्कूल में गया उसका फर्म भर कर जमा किया फिर दूसरे काउंटर पे अपने पास से 750 रुपए जमा किया तो कामनी बोली कि भैया मैं पैसा लेकर आई हूं तो मैं बोलै की कोई बात नहीं तुम वो पैसा अपने पास रख लो तुम्हरे काम आएंगे। और फिर रिसविंग लेकर कामनी को दे दिया, तो कामनी थोड़ा मुस्कुरा दी।

फिर मैं बाइक लेकर उसको बैठा कर घर आने लगा। मैं डरते डरते कामनी से बोला कि कामनी एक बात बोलू, तो वो बोली की बोलिये क्या बात है भैया। तो मैं डरते बोलै की कामनी मैं तुमको बहुत चाहता हु और तुम से प्यार करने लगा हु। तो तुरंत कामनी बोली कि नही भैया ये नही हो सकता।

भाई और बहन के बीच ये रिश्ता नही हो सकता है और आप तो जानते ही है कि मैं वैसी लड़की नही हूँ। तो प्लीज आप ये सब बातें करना बंद कीजिए। मैं तो डर ही गया और सोचने लगा कि कही ये घर जाकर अपनी मम्मी से ना बोल दे ।फिर मैं थोड़ी देर चुप रहने के बाद फिर उससे बोला कि कामनी तुमको जो चीज जो समान और कुछ भी चीज की जरूरत होगी तो मैं तुमको लाकर दूंगा किसी भी चीज की कमी नही होने दूंगा।

मैं बोले जा रहा था और चुप चाप सुने जा रही थी। पर कुछ नही बोली और गुस्से से केवल घूर रही थी। तो मैं और डर गया ।फिर उससे बोला कि ठीक है अगर तुम्हें जब मन करे तब हा कर देना। लेकिन प्लीज तुम ये सब बातें अपनी मम्मी से मत कहना प्लीज कामनी । तो वो बोली कि ठीक है मैं अपनी मम्मी से नही बोलूंगी। और ये सब बातें करते करते घर आ गए।

घर आते ही चाची ने अपने घर के अंदर बुलाया तो मैं बोला की नही चाची मैं जा रहा हु मुझे थोड़ा काम है । तो चाची नहीं मानी तो मैं चला गया। अंदर जाकर कुर्सी पर बैठ गया। थोड़ी देर बाद चाची ने पानी लाया और कामनी नास्ता लेकर आई।

उसके बाद चाची चाय लेकर आई और मुझे चाय दी तो मैं चाय पी कर वह आने लगा तो चाची ने बोले कि बेटा आते जाते रहना किसी भी चीज की जरूरत हो तो बोलना मैं हूं ना। तो मैंने कहा कि ठीक है चाची और अपने घर आ कर सीधे बाथरूम में गया और कामनी और चाची के नाम की मुठ मार कर अपने बेड पर सो गया।

फिर दो चार दिन बाद चाची ने मुझे कॉल किया कि बेटा कहा हो तो मैं बोला की चाची घर पर हू । तो चाची बोली कि थोड़ा घर आओ कुछ काम है । मैं चाची के घर गया तो देखा कि उनके घर पूरा अंधकार है तो मैं चाची से बोला कि चाची आपके घर अंधेरा क्यू है तो चाची बोली कि पता नही मेन बोड से थोड़ा धुंआ निकला और अंधेरा हो गया।

मैं किसी तरह मोमबत्ती से काम चला रही हूं वो भी कब तक चलेगा पता नही। तो मैं बोला की कामनी कहा है तो चाची बोली कि वो अपने कमरे में है । मै वोला की चाची आपको फोन पर ही बताना चाहिये था ना कि लाइट नही जर रहा है। तो मैं औजार लेकर आता। तो चाची बोली कि मैं जाकर लाती हु तुम यही रुको । और फिर चाची वहां से चली गई।

मैं हिम्मत कर के कामनी के पास गया और उसको बोला की प्लीज कामनी सिर्फ एक बार मुझे अपने गले लगाने दो। तो वो बोली कि नही । मैने सोचा कि अब जो होगा देखा जाएगा और मैंने कामनी को कस कर अपने बाहो में पकड़ लिया तो वो बोलने लगी कि छोरो मुझे मैं मम्मी से बोल दूंगी.

तो मैं बोला कि कोई बात नही बोल देना और उसको किश करने लगा और वो छुड़ाने लगी और मैं उसकी चुची को भी खूब मिसने लगा । फिर वो मुझसे छूटने की भरपुर कोशिश करने लगी मैं अपना एक हाथ उसके दिधे सलवार में घुसा दिया और उसकी पैन्टी के अंदर घुसा के कामनी के बूर में एक उँगली घुसा दिया ।

जैसे ही मैं उंगली को उसके बूर में घुसाया तो वो एक दम से रोने लगी और रोते हुए बोली कि प्लीज भैया आप ऐसा मत करो बहुत बदनामी होगी तो मैं बोला कि किसी को पता चलेगा तो ना बदनामी होगी। तो वो बोली की ये गलत है ,मैं बोला की कुछ गलत नही है अभी से ये सब करोगी तो सादी के बाद तुमको दिक्कत नहीं होगी।

और मैं उसकी बूर में उंगली अंदर बाहर करता रहा । और मेरा लण्ड पूरा टाइट हो चुका था । तो मैं अपना लण्ड को अपनी पैन्ट से बाहर निकाल दिया तो वो बोली कि की भैया प्लीज आप मेरे साथ गलत मत करो कही मम्मी आ गई तो हम दोनों की बदनामी हो जाएगी । लेकिन मैं कहा मानने वाला था। । “Rasili Chuchiya XXX”

जैसे ही मैने कामनी की सलवार का नारा खोला और उसको निचे किया और फिर उसकी पैन्टी को खोल रहा था कि चाची ने मुझे आवाज लगाई की बेटा कहा हो तो मेरा दिमाग खराब हो गया।और झट से मैं अपना लण्ड को पैन्ट के अंदर किया और कामनी को बोला कि तुम भी अपनी पैन्टी और सलवार ठीक कर लो तो वो ठीक करने लगी और मैं चाची के पास गया ।

और बोला कि चाची बोर हो रहा था तो कामनी के पास जाकर उसकी पढ़ाई को चेक करने लगा। फिर मैं स्क्रूड्राइवर लेकर उनकी लाइट ठीक करने लगा । थोड़ी देर में लाइट ठीक हो गया और चाची बोली कि बेटा तुम आज खाना खाने के बाद ही जाना तो मैं बोला कि ठीक है।

तो चाची बोली कि मैं मछली लाने बाजार जा रही हु तब तक तुम यही रहो और अंदर से मेन दरवाजा बंद कर लो और थोड़ा कामनी को कुछ मैथ मे बात दो तो मैं बोला की ठीक है चाची और फिर चाची चली गयी और मैं जल्दी से दरवाजा को बंद कर दिया और जल्दी से कामनी के पास आ कर उसको पकर कर खड़ा किया और उसकी सलवार का नारा खोल दिया.

फिर पैन्टी भी निकाल दिया और मैं अपना पैन्ट भी निकाल कर नीचे से मैं और कामनी दोनों नंगा हो गए और फिर उसकी समीज को भी निकाल दिया और कामनी को पूरा नंगा कर दिया । दोस्तो पहली बार अपनी बहन की बूर को देख था उसकी बूर पे थोड़ी थोड़ी बाल थी और मेरे लण्ड के ऊपर भी बाल था। “Rasili Chuchiya XXX”

मैं देर ना करते हुए उससे बोला की थोड़ा सुत्ति कपड़ा चाहिए ताकि तुम्हारी मम्मी को पता चल न सके की यहाँ कुछ हुआ है। तो वो अपनी एक फटी हुई नाईटी लेकर आगई दोस्तो मैने उससे ये नाहीकह की उसकी पहली बार चोदाई होने पर खून निकलेगा।

और फिर मैं अपने लण्ड पे थूक लगा के उसकी बूर के छेद पे सेट कर के एक जोरदार धक्का मार दिया जिससे मेरा लण्ड कामनी के बूर में थोड़ा सा घुस गया और फिर कामनी जोर से चिल्लाने लगी तो मैं उसके मुँह के हाथों से दबा दिया और फिर जोर से एक धक्का दे मारा और मेरा लण्ड पूरा उसकी बूर में समा गया और उसकी बूर से खून गिरने लगा ।

खून देख कर कामनी रोने लगी ।और बोली कि भैया अब क्या होगा इसमे से खून गिर रहा है, मैं बोली थी की ये सब मत कीजिये लेकिन आप नही माने । अब मम्मी को पता चेलेगा तो क्या होगा। तो मैं बोला की कुछ नहीं होगा ये खून तुरंत ही बंद हो जाएगा और रही बात दर्द की तो मैं दवा लाकर दे दूंगा सब ठीक हो जाएगा। “Rasili Chuchiya XXX”

और मैं कामनी को चोदने लगा तेजी से । चोदते चोदते दस मिनट हो गए थे और मेरा माल गिरने वाला था तो मैं अपना स्पीड बढ़ा दिया और तेजी से अपनी बहन को चोदने लगा। और उसकी बूर में ही सब माल को गिरा दिया और उसके बगल में ही लेट गया। थोड़ी देर बाद कपड़ा लेकर अपने लण्ड से खून को साफ किया और फिर अपनी बहन की बूर को भी बढ़िया से साफ किया और नीचे गिरा हुआ खून को थोड़ी पानी गिरा कर अच्छा से साफ कर दिया ।

फिर मैं कामनी से बोला कि थोड़ा पानी पिलाओ तो वो उठी अपनी सारी कपड़े पहन कर पानी लाने जाने लगी । दोस्तो उसको ठीक से चला नही जा रहा था पर वो पानी लाई और हम दोनों पानी पिया और थोड़ी देर बाद चाची आई उसके बाद मछली बना हम तीनों साथ में खाया फिर मैं अपने घर आ गया। दोस्तो मैं अपने दूसरे कहानी में बताऊंगा की कैसे मैं अपनी चाची को पटा कर उसको पूरी रात नंगा कर के चोदा.

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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