मेरा नाम रितिका है। मैं नागपुर की रहने वाली हूँ। मैं अभी कॉलेज में प्रथम वर्ष की पढ़ाई पूरी कर रही हूं। मैं दिखने में काफी खूबसूरत लगती हूँ। कॉलेज में तो सब लड़के मुझे ऐसे देखते है जैसे मैं उनके सामने नंगी खड़ी हूँ। मेरे अलावा मेरी एक फ्रेंड प्रतिमा भी है और वो भी दिखने में काफी हॉट है लेकिन मेरे बूब्स और गांड दिखने में उसे बहुत ही ज्यादा आकर्षित है। Desi Hot Uttejak Kahani
पढ़ाई के सिलसिले में मेरा प्रतिमा के घर आना-जाना चलता ही रहता था। इसी बीच मुझे प्रतिमा के भाई मनीष से बहुत ज्यादा प्यार हो गया था। प्रतिमा भी इस बात को जानती थी कि मैं उसके भाई मनीष को पसन्द करती हूं। लेकिन मैंने कभी प्रतिमा को खुद से नही बताया कि मैं उसके भाई मनीष को पसन्द करती हूं।
मनीष एक शांत स्वभाव और एक खूबसूरत शरीर और चेहरे का मालिक था, इसलिए मैं उससे प्यार करने लग गयी थी। मुझे बार-बार किसी ना किसी बहाने से प्रतिमा के घर पर जाना अच्छा लगता था, जिससे कि मैं बार-बार मनीष को देख सकूँ। लेकिन एक दिन ऐसा आया जब मेरी जिंदगी ने एक खतरनाक मोड़ ले लिया था।
मेरी फ्रेंड प्रतिमा को हमारे कॉलेज के सीनियर अतुल से प्यार हो गया था। अतुल एक नम्बर का वाहियाद नकारा और बुरा लड़का था। मुझे अतुल बिल्कुल भी पसन्द नही था, लेकिन मेरी फ्रेंड प्रतिमा उसके प्यार में बिल्कुल पागल हो गयी थी। प्रतिमा, अतुल के प्यार में अंधी होकर ये तक नही समझ पा रही थी कि अतुल बस उसका फायदा उठाना चाहता है और वह उससे बिल्कुल भी प्यार नही करता है।
जब प्रतिमा में मुझे बताया कि अतुल उसके साथ शारीरिक संबंध बी बना चुका है तब मुझे बहुत ही हैरानी हुई साथ ही मुझे प्रतिमा पर बहुत ज्यादा गुस्सा भी आ रहा था। लेकिन मैं पूरी तरह से मज़बूर थी, क्योंकि इस समस्या को लेकर मैं कुछ भी नही कर सकती थी। अतुल के माता-पिता बहुत बड़े बिजनेस मैन थे।
अतुल उसके माता पिता का इकलौता लड़का था, इसलिए वह दिन भर शराब पीता और अय्याशी करता रहता था। मुझे अतुल बिल्कुल भी पसंद नही था। क्योंकि मैं जब से कॉलेज में आई थी, तब से ही अतुल मुझ पर गंदी नजर टिकाए हुए था। वह हमेशा मेरे फिगर को घूरता ही रहता था।
मुझे इस बात का पूरा यकीन था कि अतुल ने मुझे तक पहुंचने के लिए ही प्रतिमा को अपना मोहरा बनाया है और प्रतिमा उसके जाल में आसानी से फंस भी चुकी थी। मैंने एक दिन प्रतिमा को काफी अच्छे से समझाया कि अतुल बहुत बुरा लड़का है और वह बस तुम्हारा फायदा उठा रहा है, लेकिन प्रतिमा ने मेरी बातों को मानने से पूरी तरह से इनकार ही कर दिया था।
यही नही प्रतिमा ने यह बात अतुल को भी बता दी कि मैं उसे अतुल से दूर रहने का बोल रही हूँ। यह सुनकर अतुल को काफी गुस्सा आ गया था। एक दिन जब कॉलेज में लंच के समय क्लास में अकेले बैठ कर पढ़ाई कर रही थी, तभी अचानक से अतुल मेरे कमरे में आ गया था।
अतुल ने क्लास में घुसते से ही मुझे कहा कि “क्यो बे साली क्या कह रही थी तो? मैं प्रतिमा का फायदा उठा रहा हूँ। हां मैं उसका फायदा उठा रहा हूँ और उसके बाद तेरा भी फायदा उठाऊंगा बोल क्या कर पाएगी तू?”
“मुझे तुझसे कोई बात नही करनी यहां से चुपचाप बाहर निकल जाए तू समझा।”- मैंने अपना मुंह फेरतें हुए कहा.
तभी अचानक से अतुल मेरे करीब आ गया था। मैं घबरा कर बेंच पर से खड़ी हो गयी थी, लेकिन अतुल मेरे करीब बढ़ता ही जा रहा था। अचानक से उसने अपने दोनों हाथ आगे बढ़ा कर मुझे बाहों में जकड़ लिया था। मैं काफी घबरा गयी थी, और इससे पहले की मैं कुछ कहती अतुल ने मेरे होंठ पर होंठ रख दिये और वह मुझे चूमने लग गया था।
इस बार मैं और भी ज्यादा गुस्सा हो गयी थी। मैंने पहले तो उसे धक्का देते हुए खुद को उसकी बाहों से छुड़वाया और फिर मैंने सीधा उसके गालों पर एक जोरदार तमाचा दे मारा। मेरा तमाचा पढ़ने के बाद वह और भी ज्यादा गुस्सा हो गया था। वह दोबारा मेरे पास आया और उसने फिर से मेरे दोनों बूब्स को आने हांथों में जकड़ कर मुझे किस करने की कोशिश की लेकिन मैंने इस बार फिर से उसके गालों तमाचा दे मारा।
दो बार मेरे हाथों से ज़ोरदार तमाचा खाने के बाद अतुल और भी ज्यादा आगबबूला हो गया था। इसके बाद अतुल ने मुझसे कहा कि वो इस बेज्जती का बदला मुझ से जरूर लेगा, और बस इतना कहते हुए वह क्लास रूम से बाहर चला गया था। उस घटना के बाद तो मैं और भी ज्यादा घबरा गई थी, क्योंकि पहली बार किसी ने सार्वजनिक जगह पर किस किया और मेरे बूब्स को दबाया था।
कुछ दिन तक तो मैं इस सदमे से बाहर ही नही निकल पाई थी, लेकिन कुछ दिनों बाद मैंने इस घटना के बारे में अपनी दोस्त प्रतिमा को सबकुछ बता दिया था। प्रतिमा ने पहले तो मेरी बातों को मानने से कर दिया और कहने लगी कि अतुल कभी ऐसा कर ही नही सकता है।
यह सुनकर मुझे प्रतिमा पर बहुत ही गुस्सा आ रहा था और अब मैं और ज्यादा बर्दाश्त नही कर सकती थी, इसलिए मैंने उस दिन के बाद से प्रतिमा से बात करना पूरी तरह से बंद कर दिया था। कुछ दिन तक मैंने प्रतिमा से बात करना बिल्कुल ही बंद कर दिया था.
लेकिन एक दिन प्रतिमा अचानक से मेरे पास आकर कहती हैं कि “रितिका मेरे भाई मनीष के लिए घर वालों ने लड़की पसंद कर ली है और उसकी जल्द ही शादी करवाने वाले है”। यह सुनकर तो मेरे पैरों तले जमीन ही ही खिसक गई थी। रितिका यह बात अच्छे से जानती थी कि मैं उसके भाई मनीष से बहुत प्यार करती हूं।”
यह सुनकर तो मैं पूरी तरह से बेबस हो चुकी थी। मुझे समझ ही नही आ रहा था कि मैं क्या करूँ? इसलिये मैंने प्रतिमा से कहकर इस शादी को जल्द से जल्द रुकवाने ली मांग कि क्योंकि केवल प्रतिमा ही उसके भाई मनीष की शादी रुकवा सकती थी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
“ठीक है रितिका मैं तुम्हारे लिए इस शादी को रुकवा सकती हूं, लेकिन बदले में तुम्हें भी मेरी एक मदद करना होगी।” – प्रतिमा ने कहा.
“ठीक है पर मैं तुम्हारी मदद कैसे कर सकती हूं प्रतिमा?” – मैंने जवाब देते हुए कहा.
“देखो तुमने मुझसे अतुल से मिलने के लिये मना किया ना? इस बात से अतुल मुझसे नाराज़ हो गया है और वह मुझसे शादी करने के लिए मना कर रहा है। अगर तुम चाहती हो कि मैं अपने भाई मनीष की शादी को रोक दूं, तो तुम्हे पहले मेरे लिए अतुल से एक बार अकेले में मिलना होगा और तभी वह मुझसे शादी करेगा।” – प्रतिमा ने चालाकी से भरी निगाहों से कहा.
अब तक मैं समझ गयी थीं कि प्रतिमा मेरे पास मेरी मदद के लिए नही, बल्कि खुद की मदद करने के लिए मेरे पास आई है। सबसे ज्यादा हैरानी की बात तो यह थी कि उसने मुझसे उसके भाई मनीष की शादी के बारे में भी झूठ कहा था, लेकिन मैं उसके जाल में बुरी तरह से फंस चुकी थी।
इसलिए मनीष की शादी को रुकवाने के लिए में प्रतिमा के बॉयफ्रेंड अतुल से अकेले में मिलने के लिए तैयार हो चुकी थी। कुछ दिनों बाद मैं प्रतिमा के बताए हुए समय के अनुसार, उसके बॉयफ्रेंड अतुल से मिलने के लिये निकल चुकी थी। अतुल ने मुझे जिस जगह पर बुलाया था, वह काफी सुनसान जगह थी, इसलिए मुझे बहुत डर लग रहा था।
थोड़ी ही देर बाद मैं उस फ्लेट पर पहुंच जाती हूँ जहां पर अतुल ने मुझे बुलाया था। मैं बाहर से ही दरवाज़ा बजाती हूँ और अतुल से दरवाज़ा खोलने के लिए कहती हूँ। अतुल तुरंत ही अपना दरवाज़ा खोलता है और मुझे अंदर आने के लिए कहता है। अतुल नशे मैं काफी धुत्त लग रहा था, और कुछ देर तक उसने मुझसे कुछ नही कहा और बस ऐसे ही कुछ देर तक तो मुझे ऊपर से नीचे की तरफ घूरता रहा.
और फिर अचानक उसने मेरे कंधे पर हाथ रख दिया था। वह बहुत ही गंदी नियत के साथ मेरे कंधे पर हाथ फेर रहा था, जो कि मुझे बिल्कुल भी अच्छा नही लग रहा था। सच बताऊं तो अतुल के ऐसे बर्ताव से मैं काफी डर गई थी और डर के मारे मेरी सांसे भी तेज होती जा रही थी। “Desi Hot Uttejak Kahani”
कुछ ही देर बाद अतुल मेरे करीब आया और मुझे चूमने के लिए आगे बढ़ने लगा, तो मैंने उसे धक्का देते हुए कहा कि “देखो तुम्हारे कहने पर मैं यहां पर आ चुकी हूं अब मैं वापस जा रही हूं।” मैं जैसे ही जाने के लिए आगे बढ़ी उसने मेरा हाथ पकड़ कर अपशब्द का प्रयोग करते हुए कहा कि “साली रंडी तुझे क्या लगता है मैंने क्या तुझे यहां सिर्फ देखने के लिए बुलाया है? आज मैं तेरी सारी अकड़ उतार कर तेरे उस दिन मुझे थप्पड़ मारने का बदला लेना चाहता हूं।”
बस इतना कहते ही उसने मुझे इतनी कस कर बाहों में जकड़ लिया कि मैं उससे खुद को छुड़वा ही नही पा रही थी। उसने बिना मेरी इजाज़त के मेरे मुंह को पकड़ा और भूखे भेड़िये की तरह मेरे होंठो को चूमना शुरू कर दिया था। इस बार मैंने जैसे-तैसे कर के खुद को उसके चंगुल से छुड़वाया और फिर तुरंत ही उसके गालों पर एक चांटा रसीद दिया था।
अब वह और भी ज्यादा आगबबूला हो गया था। उसने मुझसे कहा कि “अबे साली रंडी तुझे क्या लगता है तू बहुत ही ज्यादा होशियार है? मैं जानता हूँ कि तू प्रतिमा के भाई से प्यार करती है, लेकिन तू यह नही जानती कि प्रतिमा के पेट मे मेरा बचा है और अगर तूने कोई भी होशियारी की तो तेरे साथ तेरी फ्रेंड की भी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी।”
यह सुनकर तो मेरी रूह ही कांप चुकी थी। मुझे समझ ही नही आ रहा था कि अब क्या करना चाहिए। अब मैं बस चुपचाप खड़ी थी और मेरी आँखों से लगातार आंसू गिर रहे थे, क्योंकि मैं बहुत ज्यादा खुद को बेबस महसूस कर रही थी। मेरी मजबूरी का फायदा उठाते हुए अतुल फिर से मेरे पास बड़ा और फिर मेरे होंठ पर होंठ रखकर मुझे चूमने लग गया था। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
इस बार मैं इतनी बेबस हो चुकी थी कि चाहकर भी उसका विरोध नही कर पा रही थी। उस दिन मैंने नीली टॉप और ब्लैक स्कर्ट पहनी हुई थी। कुछ देर बाद अतुल ने मेरी टॉप के ऊपर से ही मेरे बूब्स को दबाना शुरू कर दिया था। इस दौरान मेरी आँखों से आंसू बहने लगे गए थे, लेकिन मेरे पास उसे मना करने के अलावा और कोई रास्ता नही था। लेकिन हां में ये भी जानती थी कि अब मैं कुछ भी नहीं कर सकती हूँ।
कुछ देर बाद उसने मेरी टॉप को भी ऊपर से खींच कर उतार दिया था। अब मैं केवल ब्रा में ही अतुल के सामने खड़ी थी। मैंने अपने स्तन को छुपाने के लिए अपनी ब्रा को अपने दोनों हाथों से ढंक कर रख दिया था। लेकिन अतुल ने ज़बरदस्ती मेरे हाथों को हटा कर मेरी ब्रा के ऊपर से ही मेरे बूब्स को चूमना शुरू कर दिया था। “Desi Hot Uttejak Kahani”
उसने एक के बाद एक मेरे शरीर के सभी हिस्सों को चूमना शुरू कर दिया था। इस दौरान मेरे चेहरे से आंसू रुकने का नाम ही नही ले रहे थे। मैंने कई बार अतुल को मुझे जाने देने के लिए कहा, लेकिन वह एक भी सुनने के लिए तैयार ही नही था। अब अतुल ने ऊपर से ही मेरी स्कर्ट के अंदर हाथ डालकर मेरी योनि को मसलना शुरू कर दिया था।
अतुल बार-बार मुझे गाली देकर मुझे बेबस किये जा रहा था। अतुल के इस तरह योनि जो मसलने से मेरी सांसें तेज होती जा रही थी मैं ना चाहकर भी खुद को उत्तेजित होने से रोक ही नही पा रही थी। कुछ देर बाद अतुल ने मेरे बूब्स की मेरी ब्रा से अलग कर दिया था।
मैं देख पा रही थी कि मेरे बूब्स को देख कर अतुल का लन्ड तन का खड़ा हो गया था, क्योंकि मैं उसके लन्ड को अपने शरीर से टकराते हुए महसूस कर सकती थी। अतुल अब मेरे बूब्स को दबाकर मेरे निप्पल को चूस रहा था। उसके चूसने से मेरे निप्पल बहुत ही ज्यादा टाइड हो गए थे।
वह कभी मेरे निप्पल को दांतों से काट रहा था, तो कभी बेरहमी से उन्हें मसल कर चूसते ही जा रहा था। कुछ देर बाद अतुल ने अपनी पेंट को खोलकर मेरे सामने अपना 8 इंच का कड़क लन्ड बाहर निकाल लिया था। मैंने पहली बार किसी जवान मर्द के लन्ड को आंखों से देखा था। अब अतुल अपने लन्ड को मुझे मुंह मे लेने के लिए कह रहा था। “Desi Hot Uttejak Kahani”
मैं अतुल के लन्ड को चुसने के लिए अपने घुटनों पर बैठ गयी थीं। जैसे ही मैं घुटनों पर बैठी तो अतुल का कड़क लन्ड लगातार मेरे चेहरे से टकरा रहा था। मैंने जैसे ही अतुल के लन्ड को पकड़ा तो अतुल अपशब्दों का प्रयोग करते हुए मुझे कहने लगा कि “चल साली रंडी अब चुपचाप से मेरे लन्ड को चूसना शुरू कर दे।”
“मुझे माफ़ कर दो और कृपया कर के मुझे जाने दो” – मैंने बेबस होकर कहा.
“अच्छा रंडी ये सब तो तुझे मेरा अपमान करने से पहले सोचना था। चल अब जैसा मैं कहूँ वैसा करती जा नही तो मैं तेरी फ्रेंड को बदनाम कर दूंगा” – अतुल ने गुस्से में कहा.
यह सुनकर मुझे काफी रोना आ रहा था, लेकिन मेरे पास अतुल की बात मानने के अलावा और कोई दूसरा रास्ता भी नही था। मैंने रोते हुए अतुल के मोटे लन्ड को अपने हाथों में पकड़ा और फिर उसे अपने मुँह मे ले लिया था। मैंने पहली बार किसी के लन्ड को इस तरह से मुंह मे लिया था.
इसलिए मुझे पहली बार मे लंड का स्वाद काफी बुरा लगा इसलिये मैंने उसे लन्ड को आधा मुंह मे लेकर उसे बाहर निकाल दिया था। मैंने अतुल को कहा भी कि मैने आज तक किसी के लन्ड को मुंह मे नही लिया है लेकिन अतुल पर तो जैसे खून ही सवार था। उसे मुझ पर जरा सी भी दया नही आ रही थी.
उसने तुरंत ही मेरे बालों को पकड़ा और फिर ज़बरदस्ती अपने लन्ड को मेरे मुँह में देकर जोर-जोर झटके देते हुए मेरे मुंह की चौदने लगा। अतुल का लन्ड मेरे गले तक जा रहा था, इसलिए एक पल के लिए तो में तड़प ही गयी थी। कुछ देर तक वह ऐसे ही मेरे लन्ड को चूसने लगा और फिर वह एक बार झड़ गया था, उसने अपने गर्म और गढ़े वीर्य को मेरे मुंह पर ही ढोल दिया था।
मैं यह देख पा रही थी कि अतुल का लन्ड अभी भी काफी कड़क था। इससे मैं एक बात तो समझ चुकी थी कि आज मैं बहुत ही ज़बरदस्त तरीके से चुदने वाली थी। कुछ देर बाद ही अतुल ने मुझे उठाकर एक बिस्तर पर ले जाकर घोड़ी बनाकर बैठा दिया था। उसने पहले तो मेरी स्कर्ट के नीचे से मेरी पेंटी को उतार कर नीचे फेंक दिया था और फिर मेरी स्कर्ट को ऊपर कर के मेरी कमर तक ऊंचा कर दिया था। “Desi Hot Uttejak Kahani”
अतुल ने बिना देर किए पहले तो मेरी योनि को चाटना शुरू कर दिया था। उसने मुझे कुछ ही देर में तेजी से उत्तेजित कर के रख दिया था। कुछ देर बाद अतुल ने अपने कड़क औजार को मेरी योनि की दीवार पर ले जाकर रख दिया था और फिर एक ही झटके में अपने लन्ड को केवल टोपे तक ही मेरी योनि के अंदर उतार दिया था।
इस झटके से मुझे तेज दर्द हुआ जिससे मेरी तेज चीख ही निकल आयी थी बोर मेरी आँखों से आंसू ही निकल पड़े थे। कुछ देर तक अतुल ऐसे ही मुझे केवल टोपे तक ही झटके देते हुए चोदते जा रहा था और मैं बस दर्द से तड़प कर “आह आह ओह्ह बस करो” कहते हुए चुदती ही जा रही थी।
कुछ देर बाद अतुल का लन्ड फिसल कर बाहर की ओर आ जाता है और वह अगले प्रयास में एक ही झटके में अपने पूरे लन्ड को मेरी योनि के अंदर उतार देता है। इससे पहले की चीखती अतुल मेरे मुंह को पकड़ कर मुझे अपनी पूरी रफ्तार के साथ झटके देते हुए चौदने लगता है। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
अब तक मेरी योनि 2 बार पानी छोड़ चुकी थी, लेकिन अतुल थमने का नाम ही नही ले रहा था। ऐसा लग रहा था जैसे कि वह सेक्स बढ़ाने की दवाई लेकर चुदाई कर रहा है। इतनी देर तक चुदने के बाद अब मुझसे भी रहा नही जा रहा था। कुछ देर बाद मुझे भी अतुल से चुदने में आनंद आने लग गया था। “Desi Hot Uttejak Kahani”
मैं अतुल से किसी कामुक लड़की की तरह जोर-जोर से चौदने के लिए कह रही थी और अतुल मुझे लगातार अलग-अलग पोजिशन में मुझे चोदता ही जा रहा था। कुछ देर बाद है ने मुझे बिस्तर पर सीधा लेता दिया और फिर मेरी टांगो को अपने कंधे पर रखकर मुझे फिर से मशीन की तरह चौदने लग गया था।
इस दौरान में अपने बूब्स को दबाकर चुदने का मजा ले रही थी। कुछ देर बाद अतुल बिस्तर पर लेट गया था और मैं उसके ऊपर बैठ गयी थी। मैं पहले तो अतुल के लिंग पर अपनी योनि को सेट करने लगी और फिर उसके लिंग को अपनी योनि में लेकर उपर नीचे होकर मजे से चुदने लग गयी थी।
इस दौरान अतुल मेरी कमर को पकड़े हुए था और मैं अपनी कमर को घुमाकर और उपर नीचे करते हुए अतुल को चरमसुख का आनन्द दिए जा रही थीं। अतुल की इस लंबी चुदाई ने मुझे बिल्कुल बेशर्म ही बना दिया था। इस दौरान अतुल ने अपने वीर्य को भी मेरी योनि में ही उतार लिया था। उसके बाद में अपने घर चली आयी थी और मैंने अपने सभी रिश्तों को भी टूटने से बचा लिया था।
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