चूत की प्यास बुझवाने के लिए फेसबुक पर गई

हेलो दोस्तों, मेरा नाम लवली कौर है। मैं एक शादीशुदा औरत हूँ और पंजाब में रहती हूँ। मेरी उम्र 32 साल है और मेरा एक 10 साल का बेटा भी है। मेरा फिगर 36-28-38 है, और मैं गोरी-चिट्टी, लंबे काले बालों वाली औरत हूँ। मेरे पति एक बिजनेसमैन हैं, जो दिन-रात अपने काम में इतने व्यस्त रहते हैं कि उन्हें मेरे साथ समय बिताने का मौका ही नहीं मिलता। Facebook Friend Ki Chudai

उनकी इस आदत की वजह से हमारी सेक्स लाइफ लगभग खत्म सी हो चुकी है। वो महीने में एक-दो बार ही मेरे साथ सेक्स करते हैं, वो भी जल्दी-जल्दी, जैसे कोई काम निपटाना हो। लेकिन मेरी बात करूँ तो मैं सेक्स की इतनी भूखी हूँ कि पूछो मत! मुझे ऐसा मर्द चाहिए जो दिन-रात मुझे चोदे, मेरी चूत को रगड़-रगड़ कर लाल कर दे, और मुझे अपनी रंडी की तरह इस्तेमाल करे।

मुझे हार्ड और रफ सेक्स बहुत पसंद है। मैं चाहती हूँ कि कोई मुझे कुत्तिया की तरह चोदे, मेरे चूचे दबाए, मेरी गांड पर थप्पड़ मारे, और मेरी चूत को अपने लौड़े से फाड़ दे। लेकिन मेरे पति से ये उम्मीद करना बेकार था। मेरी ये ख्वाहिश दिल में ही दबी रहती, अगर मेरी सहेली रोमा की बात न मानी होती।

एक दिन मैंने अपनी सहेली रोमा को अपनी ये परेशानी बताई। वो हँसते हुए बोली, “लवली, तू फेसबुक पर अकाउंट बना ले। वहाँ तुझे ढेर सारे लौड़े वाले लड़के मिल जाएँगे।” उसने मजाक में ये बात कही थी, लेकिन मैंने इसे सीरियसली ले लिया। घर पहुँचते ही मैंने फेसबुक पर अकाउंट बनाया।

पहले दिन ही मेरे पास इतने सारे लड़कों की फ्रेंड रिक्वेस्ट्स आ गईं कि मैं हैरान रह गई। मैंने सोचा, शायद यहाँ कोई ऐसा मिल जाए जो मेरी प्यास बुझा दे। लगभग एक महीना बीत गया, लेकिन ज्यादातर लड़के फालतू निकले। कोई फोटो में हीरो लगता, पर बात करने पर बोरिंग। कोई सीधे-सीधे डिक पिक्स भेजने लगता।

लेकिन फिर एक लड़का, अजित, मेरी नजर में आया। वो हरियाणा का था, 22 साल का, लंबा-चौड़ा, और उसकी बातों में एक अलग सी मस्ती थी। उसने मुझे पहले दिन से ही इम्प्रेस कर दिया। उसकी आवाज में एक मर्दाना अंदाज था, और वो बातें करने में माहिर था।

धीरे-धीरे हमारी चैट्स फोन कॉल्स में बदल गईं। मैंने उसे अपना नंबर दे दिया, और हम घंटों बात करने लगे। अजित ने जल्दी ही सेक्स की बातें शुरू कर दीं। मुझे भी यही चाहिए था। उसकी गंदी बातें सुनकर मेरी चूत में आग लगने लगती थी। एक रात उसने फोन पर ही मुझे इतना गर्म कर दिया कि मैंने अपनी चूत में उंगली डाल ली।

वो कह रहा था, “लवली, अपनी चूत को सहला, सोच कि मेरा लौड़ा तेरे अंदर जा रहा है।” मैंने वैसा ही किया और चूत में उंगली डालते हुए इतना जोर से झड़ी कि बेडशीट गीली हो गई। फिर उसने मुझे वीडियो कॉल की बात बताई। अगली रात हमने वीडियो कॉल पर सेक्स शुरू किया।

वो अपना 8 इंच का मोटा लौड़ा हिलाता, और मैं यहाँ अपनी चूत में खीरा डालकर अंदर-बाहर करती। वो “आह्ह, लवली, तेरी चूत को देखकर मेरा लौड़ा और तन रहा है,” कहता, और मैं “हाँ अजित, इसे और जोर से हिला, मेरी चूत को फाड़ दे,” बोलती। हम दोनों इस तरह वीडियो कॉल पर अपनी आग बुझाते।

मैं अपनी चूत का पानी निकाल देती, और वो अपने लौड़े का। लेकिन ये सब अब मुझे अधूरा लगने लगा था। मुझे उसका लौड़ा असल में चाहिए था। आखिरकार वो दिन आ गया जब मेरे पति और बेटा हिमाचल के लिए निकले। मेरा बेटा अब बड़ा हो रहा था और बिजनेस में इंटरेस्ट लेने लगा था, तो वो भी अपने पापा के साथ चला गया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

जैसे ही वो गए, मैंने अजित को फोन किया और उसे अपने घर बुला लिया। वो हरियाणा से था, तो उसे आने में 2-3 घंटे लगने वाले थे। मैंने इतने में अपनी चूत को अच्छे से साफ किया, वैक्स किया, और अपने जिस्म को चिकना कर लिया। मैंने एक टाइट सी लाल रंग की साड़ी पहनी, जिसमें मेरे चूचे और गांड उभर कर दिख रहे थे। मैंने हल्का मेकअप किया और अपने बाल खुले छोड़ दिए।

मैं तैयार होकर अजित का इंतजार करने लगी। मेरी आँखें उसे देखने के लिए तड़प रही थीं। वीडियो कॉल पर तो मैंने उसे कई बार देखा था, लेकिन असल में पहली बार मिलना एक अलग ही एहसास था। मुझे डर भी लग रहा था कि कहीं वो वैसा न निकले जैसा मैं सोच रही थी। लेकिन साथ ही एक अजीब सी खुशी भी थी। मेरे जिस्म में एक सिहरन सी दौड़ रही थी।

आखिरकार सुबह 11 बजे दरवाजे की घंटी बजी। मैंने दरवाजा खोला तो सामने एक 5 फुट 8 इंच का लंबा, चौड़ा, गोरा लड़का खड़ा था। उसकी उम्र 22 साल के आसपास लग रही थी। उसकी बॉडी जिम जाने वाले मर्द की तरह थी, और उसकी आँखों में एक शरारत भरी चमक थी। उसे देखते ही मेरी चूत गीली होने लगी। मैंने उसे अंदर बुलाया और कोल्ड ड्रिंक दी।

जैसे ही उसने कोल्ड ड्रिंक खत्म की, उसने मुझे अपनी बाहों में भर लिया। उसकी मजबूत बाहों में मैं पिघलने लगी। उसने मेरी गर्दन पर अपने होंठ रखे और धीरे-धीरे चूमने लगा। “आह्ह… अजित…” मेरे मुँह से सिसकारी निकल गई। उसने मेरे गुलाबी होंठों को चूमना शुरू किया, और मैं उसके होंठों का रस पीने लगी। उसकी जीभ मेरे मुँह में थी, और मेरी जीभ उसके साथ खेल रही थी। मेरी साड़ी का पल्लू कब गिर गया, मुझे पता ही नहीं चला।

वो मेरे चूचों को साड़ी के ऊपर से ही दबाने लगा। “लवली, तेरे ये चूचे कितने रसीले हैं,” उसने कहा और मेरे ब्लाउज के बटन खोल दिए। मेरी काली ब्रा में कैद मेरे 36 साइज के चूचे बाहर आने को बेताब थे। उसने मेरी ब्रा उतारी और मेरे चूचों को आजाद कर दिया।

वो मेरे निप्पल्स को मुँह में लेकर चूसने लगा। “आह्ह… उफ्फ… अजित… और जोर से चूस…” मैं सिसकारियाँ ले रही थी। उसका एक हाथ मेरी साड़ी के नीचे गया और मेरी चूत को पैंटी के ऊपर से सहलाने लगा। मेरी पैंटी पहले से ही गीली थी। उसने मेरी साड़ी और पेटीकोट को खींचकर उतार दिया।

अब मैं सिर्फ गीली पैंटी में थी। उसने मेरी पैंटी भी उतार दी, और मेरी चिकनी चूत को देखकर बोला, “साली, तेरी चूत तो बिल्कुल फुद्दी जैसी है।” मैं शरम से लाल हो गई, लेकिन मेरे जिस्म में आग लगी थी। उसने मुझे बेड पर लिटाया और मेरी टाँगें चौड़ी कर दीं। उसकी जीभ मेरी चूत पर चलने लगी।

“आह्ह… उह्ह… अजित… ओह्ह…” मैं जोर-जोर से सिसकारियाँ ले रही थी। उसकी जीभ मेरी चूत की गहराइयों में जा रही थी, और मैं मस्ती में डूब रही थी। फिर उसने मेरे हाथ में अपना लौड़ा पकड़ा दिया। मैंने जैसे ही उसे छुआ, मेरे जिस्म में करंट सा दौड़ गया। उसका लौड़ा 8 इंच लंबा और 3.5 इंच मोटा था।

मैंने उसे देखकर कहा, “ये तो वीडियो कॉल से भी बड़ा लग रहा है!” मैंने तुरंत अपना मुँह खोला और उसके लौड़े को चूसने लगी। उसका लौड़ा इतना मोटा था कि मेरा मुँह पूरा नहीं खुल रहा था। मैंने अपनी जीभ से उसके लौड़े को चाटा, उसका सुपारा चूसा, और उसे पूरा गीला कर दिया।

“आह्ह… लवली… तू तो रंडी की तरह चूस रही है,” वो सिसकारते हुए बोला। फिर उसने मुझे बेड पर लिटाया और मेरे ऊपर चढ़ गया। वो मेरे चूचों को चूस रहा था, मेरी गर्दन को काट रहा था, और मेरे कानों को दाँतों से चबा रहा था। “आह्ह… उफ्फ… अजित… और कर… मुझे और गर्म कर…” मैं मस्ती में चिल्ला रही थी। “Facebook Friend Ki Chudai”

उसने अपना लौड़ा मेरी चूत पर रखा और धीरे से अंदर डालने लगा। उसका लौड़ा इतना बड़ा था कि मेरी चूत में दर्द होने लगा। “आह्ह… धीरे… अजित… उफ्फ…” मैंने कहा, लेकिन वो रुका नहीं। उसने एक जोरदार धक्का मारा, और उसका पूरा 8 इंच का लौड़ा मेरी चूत में समा गया।

“आह्ह… उह्ह… फाड़ दी मेरी चूत…” मैं चिल्लाई। वो जोर-जोर से धक्के मारने लगा। “चप… चप… चप…” उसका लौड़ा मेरी चूत में अंदर-बाहर हो रहा था, और मेरी चूत का पानी बह रहा था। “साली… कुतिया… कितने दिनों से तड़पा रही थी… ले अब मेरे लौड़े का मजा…” वो गंदी बातें करते हुए मुझे चोद रहा था।

मैं भी मस्ती में बोल रही थी, “हाँ… अजित… और जोर से चोद… मेरी चूत को फाड़ दे… आह्ह… उह्ह…” उसने मुझे कुत्तिया की तरह घोड़ी बनाया। मेरी गांड ऊपर थी, और वो पीछे से मेरी चूत में लौड़ा डाल रहा था। “पच… पच… पच…” उसकी जाँघें मेरी गांड से टकरा रही थीं।

उसने मेरी गांड पर जोर से थप्पड़ मारा, “आह्ह… मार और… मेरी गांड लाल कर दे…” मैं चिल्लाई। वो मेरे बाल पकड़कर मुझे और जोर से चोदने लगा। मैं दो बार झड़ चुकी थी, लेकिन वो अभी भी रुका नहीं था। फिर उसने मुझे सीधा लिटाया और मेरी टाँगें अपने कंधों पर रखीं। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

इस पोजीशन में उसका लौड़ा मेरी चूत की गहराइयों तक जा रहा था। “आह्ह… उफ्फ… अजित… तेरा लौड़ा मेरी बच्चेदानी तक जा रहा है…” मैं सिसकार रही थी। वो बोला, “हाँ साली… आज तेरी चूत को चोद-चोद कर बुर बना दूँगा…” उसने 20 मिनट तक मुझे ऐसे ही चोदा। मेरी चूत लाल हो चुकी थी, और मैं तीन बार झड़ चुकी थी। “Facebook Friend Ki Chudai”

अचानक उसने अपना लौड़ा मेरी चूत से निकाला और मेरे मुँह के पास लाया। उसने अपने लौड़े को हिलाया, और ढेर सारा गर्म-गर्म माल मेरे चेहरे पर गिरा। मेरे गाल, नाक, होंठ, और यहाँ तक कि आँखें भी उसके माल से भीग गईं। फिर उसने अपने लौड़े से सारा माल मेरे चेहरे पर फैलाया और मुझे चूसने को कहा। मैंने उसके लौड़े को चाट-चाट कर साफ किया।

उस रात वो मेरे घर रुका। उसने पूरी रात मेरी चूत को 8 बार और मेरी गांड को 6 बार चोदा। हर बार वो अलग-अलग पोजीशन में मुझे चोदता। कभी मुझे दीवार के सहारे खड़ा करके, कभी गोद में उठाकर, तो कभी बाथरूम में नहाते वक्त। उसकी एक खास स्टाइल थी कि वो मेरे निप्पल्स को चूसते वक्त मेरी चूत को उंगलियों से रगड़ता, जिससे मुझे दोहरा मजा मिलता।

जब मेरे पति और बेटा वापस आए, मैं उनके सामने चल भी नहीं पा रही थी। मेरी चूत और गांड में इतना दर्द था कि मैंने बहाना बनाया कि मुझे पीरियड्स चल रहे हैं। इससे मैं बच गई, वरना पकड़ी जाती। अब जब भी मुझे मौका मिलता है, मैं अजित को घर बुला लेती हूँ और उसके लौड़े की सवारी करती हूँ।

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

Read All Stories by Ritu Agarwal
Disclaimer

इस वेबसाइट पर प्रकाशित सभी कहानियाँ पूर्णतः काल्पनिक हैं और केवल वयस्क पाठकों (18 वर्ष से अधिक आयु) के मनोरंजन के लिए लिखी गई हैं। इनका किसी भी वास्तविक व्यक्ति, घटना या स्थान से कोई संबंध नहीं है।

यहाँ प्रस्तुत किसी भी सामग्री को वास्तविक जीवन में अनुकरण करने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाता। यदि आप 18 वर्ष से कम आयु के हैं, तो कृपया इस वेबसाइट को तुरंत छोड़ें।

इस साइट की सामग्री केवल भारत के कानूनों के अनुरूप वयस्क मनोरंजन हेतु है। कहानियों में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी हैं और वेबसाइट का किसी भी प्रकार से उन पर कोई नियंत्रण नहीं है।

हमारी साइट का उपयोग करके आप स्वीकार करते हैं कि आपने हमारी Privacy Policy पढ़ और समझ ली हैं।

लिंक कॉपी हो गया!