बीवी की बड़ी बहन लंड की प्यासी थी

दोस्तो, मेरा नाम राज है। मैं महाराष्ट्र का रहने वाला हूँ। उम्र 26 साल, लंबाई 175 सेंटीमीटर, और मेरा लंड करीब 8 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है। मैं आप सभी सेक्स स्टोरी के पाठकों, खासकर भाभियों और आंटियों को नमस्ते कहता हूँ। ये मेरी पहली सेक्स कहानी है, ये बात तब की है जब मै अपने बीवी से मिलने उनके घर गया था. तब मेरी मुलाकात मेरी बीवी कि छोटी मौसी जया से हुयी. Jija Fuck Sali Story

थोड़ा उनके बारे में बता देता हू. उनका फिगर 32-28-32 रंग थोडा सावला उनकी एक 2 साल कि बेटी है. उनके पति आर्मी मे है इसलिए वो अकसर ड्युटी पे रहते है. वो मेरे ससुराल से 30 km पे उनका घर हे और वो उधर अपनी बेटी के साथ अकेली रहती है. उस दिन वो किसी काम से आई थी.

मेरे पास आई मेरा हालचाल पुछा और मेरे सास और बीवी से बाते करने लगी शाम हो गयी थी. फिर उनको उनके घर जाना था तो वो बस के लिए निकलने लगी. तभी मेरी बीवी ने कहा मेरे पति आपको छोड़ने आयेंगे तो मैने भी हाँ कह दिया और मै अपनी बाईक लेके निकला.

रास्ते मे जाते समय हमारी बाते होने लगी और अंधेरा होने लगा था रास्ता खराब होने के कारण बाईक के झटके लग रहे थे. तो मैने उनको बोला आप मुझे कसकर बैठे तो उन्होने मेरी बात मान ली. रात का समय था रास्ते पर ज्यादा गाड़िया भी नही थी. और मुझे अंधेरे के वजह से स्पीड ब्रेकर नही दिखा और एक झटका लगा.

और जया मुझसे ज्यादा चिपक गयी और उनका हाथ मेरे लंड के उपर आ गया मैने ट्रैक पेंट पहनी थी इसलिये मेरा लंड उनके चिपकने से खड़ा होने लगा. और कुछ ही समय मे मेरा लंड पुरा खड़ा हो गया. मुझे डर लगने लगा जया का हाथ थोडा नीचे आ गया तो गडबड हो जायेगी इसलिये मै कंट्रोल करने लगा.

तभी मेरी से एक गड्ढे मे बाईक को झटका लगा और जया का हाथ सीधा मेरे लंड आ गया मेरी तो फटके हाथ मे आ गयी. जया को समझ आ गया कि मेरा लंड तना हुवा ये पर वो कुछ नही बोली वैसे ही बैठी रही. मुझे लगा मूझे डाटेगी पर वो झटके के साथ खुड भी मजे लेने लगी.

और फिर उन्होने पैंट के उपर से लंड को सहलाना चालू किया मेरी तो हालत ही खराब हो गयी. कुछ देर सहलाने के बाद उन्होंने कहा कि रवि तुम्हारा तो बहुत बडा है मैने कुछ नही बोला चुपचाप उनकी बात सुनता रहा उनका घर अभी भी 10km और दूर था.

तो उन्होंने मोके फायदा उठाते अपना एक हाथ मेरी पैंट मे डाल दिया और मेरी बडे लंड को सहलाने लगी मै भी पुरा गरम हो गया. फिर जया ने कहा मेरी पति का तेरे से छोटा है और मजा भी नही आता और वो घर पर भी नही रहते, क्या तुम मेरी साथ मजा करना चाहोगे. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

मेरे तो मन मे लड्डू फुटने लगे. फिर मूझे याद आया कि मूझे इनको छोडकर घर जल्दी जाना है, फिर मै न उनको ये बात बताई तो जया ने कहा बस इतनी सी बात अभी मै इंतजाम करती हू. तो जया ने मूझे गाड़ी साईड को लेने को कहा. मैने गाड़ी को साईड किया.

फिर जया ने मेरी सासू माँ को कॉल कि और बोली कि हमारी गाड़ी खराब हो गयी है और फिटर भी नही मिल रहा. फिर उन्होंने पुरी बात बतायी फिर मुझे फोन दिया. फिर मैने भी कहा कि यहा पे कोई गैराज भी नही है फिर घरवालो ने कहा कि अंधेरा बहुत हो गया है तुम आज के दिन जया के पास रहो और सुबह गाड़ी का काम करके घर आ जावो.

मेरी तो लॉटरी लग गयी मै बहुत खुश हो गया फिर हम बाईक पर बैठ और निकाल गये फिर हम घर पहुँच गये. उनका घर एक नये कॉलोनी मे था हाल ही मे उन्होंने लिया था. मैने गाड़ी गेट के अंदर लगायी और घर मे चला गया. फिर जया अपने कमरे गयी और चेंज करके उन्होंने पतली नाईटी पहन ली.

उन्होंने खाना बनाया हमने खाकर उन्होंने सब काम निपटा लिये और उनकी बेटी को सुलाने लगी फिर वो सो गयी. उन्होने मुझे कहा कि बेड रूम मे चलो फिर जया ने बेटी को बेड के एक साईड पे सुला दिया और क्या था हमारा काम शुरु होने ही वाला था.

फिर मै बेड पे गया बेड पे जाते ही भूखी शेरनी की तरह मुझ पर टूट पड़ीं और झट से मेरे लगभग सारे कपड़े उतार कर फेंक दिये उन्होंने नाईटी और पहन रखी थी। मैंने जैसे ही उनकि नाईटी उतारी तो काली ब्रा में 32 के आकार के अमृत कलश दिखाई दिए। यकीन मानिए, मैंने इतने सुंदर चुचे कभी नहीं देखे थे!

मैंने ब्रा के ऊपर से ही उन्हें चूमना शुरू किया, तो जया पागल होने लगीं। उन्होंने तुरंत अपनी ब्रा खुद खोल दी और अपना बायां कलश मेरे मुंह में दे दिया। मैंने उनके गुलाबी निप्पल पर जीभ फेरकर उन्हें चूसना शुरू किया। कभी दायां, कभी बायां… चूस-चूस कर मैंने उन्हें मदहोश कर दिया था।

मैं पहले से ही लगभग निर्वस्त्र था, अब बारी मेरे अंडरवियर की थी। जया उसे उतारने की कोशिश करने लगीं। आपको पता ही है, जब लिंग पूरी तरह टाइट होता है तो अंडरवियर उतारने में दिक्कत होती है। जैसे ही उन्होंने उसे उतारा और मेरा लहराता हुआ 8 इंच का लौड़ा देखा, उनकी आंखों में चमक आ गई।

“वाह! इतना प्यारा सामान! यह तो मेरे लिए ही बना है!” जया बोलीं और उसे गप से मुंह में लेने का प्रयास करने लगीं। जैसे ही उन्होंने उसे मुंह में लिया, मैं सातवें आसमान पर था! यह मेरा पहला ब्लोजॉब का अनुभव था, और यह सुख वही जानता है जिसने इसे भोगा हो!

अगले ही पल मैंने जया के बचे हुए कपड़े भी उतार दिए। मैंने देखा कि उनकी चूत पर एक भी बाल नहीं था। उन्होंने बताया कि उन्होंने कल ही सफाई की है। मुझे हमेशा से चिकनी चूत पसंद है। मैंने उन्हें बेड पर सीधा लिटाकर उनकी टांगें उठाईं और चूत चाटना शुरू किया।

जया को इतना आनंद आ रहा था कि उन्होंने अपनी दोनों टांगें मेरी गर्दन में लपेट लीं। मैंने तब तक चूत चाटना बंद नहीं किया, जब तक वह जल बिन मछली की तरह तड़पने नहीं लगीं! अब वे मिन्नतों पर उतर आई थीं। “कैसे भी करके इसे अंदर कर दो!” वह तड़पकर बोलीं।

मैंने देर न करते हुए उनके नीचे दो तकिया रखे और अंदर करने की सोची। पर यह क्या! जया की चूत इतनी कसी हुई थी जैसे किसी नई नवेली दुल्हन की हो। “जिसे इसका ख्याल रखना चाहिए था, उसने ध्यान नहीं दिया! अब तुम्हें ही यह सब देखना है!” उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा। “Jija Fuck Sali Story”

मैंने हल्का सा धक्का लगाया और लण्ड का टोपा अंदर सरक गया। वे ‘आह-आह’ करने लगीं। मैंने प्यार से उनके सिर पर हाथ फेरा। “यह दर्द भी यादगार रहेगा!” मैंने मुस्कुराकर कहा। उन्होंने अनुमति दे दी। अगले ही पल मैंने बिना ढील दिए दूसरा झटका दिया, जिससे काफी हद तक लण्ड अंदर चला गया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

तीसरे झटके में पूरा का पूरा अंदर था! जया की आंखों में आंसू थे पर उन्होंने धीरे से मुझे ‘थैंक यू’ कहा। मैंने उनकी प्रतिक्रिया देखी और धक्कों की गति बढ़ा दी। हमने करीब 7 मिनट तक इसी पोज में किया, फिर डॉगी स्टाइल और अन्य अलग-अलग पोज में लगभग 20 मिनट तक चुदाई की।

जया हर झटके पर मजे से चिल्ला रही थीं! जब मेरे निकलने का समय आया, तो मैंने जया को बताया। “बिना एक बूंद खोए, मैं इसे अपने अंदर ही लेना चाहूंगी!” उन्होंने कहा। अगले ही पल जया की चूत मेरे वीर्य से भर गई। मैं उनके ऊपर ही लेट गया और जब हटा, तो वीर्य उनकी चूत से रिस रहा था।

जया ने मुझे फिर से गले लगा लिया। “आज तुमने मुझे वो दिया, जिसके लिए मैं महीनों से तड़प रही थी!” उन्होंने सुकून से कहा। उस रात मैंने उनकी की जमकर 3 बार चुदाई की, हर उस कामसूत्र के 64 आसन में जो संभव था! और शुभह मै वहा से निकाल गया. तो दोस्तो कैसी लगी मेरी कहानी…

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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