मेरा नाम लवली है मै एक गांव की सिंपल सी लड़की थी मै बहुत साधारण सा जीवन जीती थी लेकिन अब मेरी जिन्दगी साधारण नही रहने वाली थी। इस कहानी की शुरुआत तब हुई जब मै सोलह की हुई पता नही अचानक अब मेरी नींद उड़ गई थी बदन मे एक अजीब सी कसक उठती थी। बदन तो मेरा पूरा खिल उठा था मन कहीं और लगा रहता। Chudasi Ladki Romantic Story
मेरी सहेलियां मेरी तारीफ करती मै काफी खूबसूरत हो गई थी। मै आईना देख मुस्कुराती रहती दिन भर उछलती कूदती रहती मुझे पता नही क्या हो गया था। मेरे घर के सामने अंशु नाम का एक लड़का रहता था वो मुझसे 4 साल बड़ा था मेरा मन हमेशा उसी को देखने को करता.
जब वो सुबह पढ़ने जाता तो मै उसे रोज छुपकर देखती जब वो अपने छत पर बने कमरे मे जाता तो अपने कमरे की खिड़की से उसके कमरे मे झांकती रहती। ऐसा ही कुछ दिन चला मै अब सहेलियों के साथ खेलने भी नही जाती 10थ एग्जाम के बाद मै सारा दिन अपने कमरे की खिड़की से उसके कमरे मे झांकती रहती जो कुछ 50 फुट दूर होगा।
मेरी सहेलियां एक दिन मेरे घर आई। मै अपने कमरे मे बैठी थी सब मिलकर लूडो खेलने लगी। कुछ देर खेल कर बोर होने लगीं तो यूंही इधर उधर की बातें करने लगी। इतने मे एक सहेली की नजर सामने कमरे मे अंशु पर पड़ी वो नहा कर कपड़े बदल रहा था और सिर्फ टॉवल मे था।
नीलम: आह बाप रि ये अंशु तो दिन पर दिन और हैंडसम हुआ जा रहा है।
राखी: आह जी करता है कच्चा चबा जाऊं।
शीला: साला जिम जाता है क्या बॉडी सोडी बना रखा है।
नीलम: हां जिम जाता होगा पास के शहर मे एक जिम खुला है बाइक तो है ही इसके पास।
मै: नही जिम नही जाता घर पर ही एक्सरसाइज करता है।
राखी: तुझे कैसे पता?
मै: क्यूंकि मै रोज सुबह देखती हूं छत पर करते हुए। मै शर्मा गई थी ये बोलते हुए जिसे तीनो ने भांप लिया था।
शीला:(मुझे छेड़ते हुए) तू रोज देखती है चक्कर क्या है।
मै: कुछ नही बस सामने है तो।
नीलम: कुछ तो बात है तेरी शर्माहट बता रही है। सभी मुझे छेड़ने लगीं कि बता ना सबके बहुत जोर देने पर मै बता दी मुझे उसे देखना अच्छा लगता है।
सभी मुझे खूब छेड़ी।
नीलम: वाह रानी अपनी ग्रुप की तू पहली लड़की होगी जिसका ब्वॉयफ्रेंड होगा।
शीला: लवली देख टोला पड़ोस की बात है जरा सोच समझ कर किसी को पता ना चले वरना बड़ी मुसीबत हो जाएगी।
राखी: सीधे बोल ना कि की ये मेरे लिए छोड़ दे। राखी शीला को छेड़ते हुए बोली।
शीला: नही ऐसा नही है लेकिन सावधानी बरतनी पड़ती है।
नीलम: वो सब छोड़ ये बता मिलवा कब रही है।
मै: पहले खुद तो मिल लूं।
नीलम: मतलब।
मै: अरे अभी मै कहां मिली हुं।
नीलम: अरे मतलब तू सिर्फ देखती है उससे बात नही करती है।
मै: नही। राखी: वो तुझे देखता है कि नही?
मै: नही। वो तो सिर्फ पढ़ाई मे लगा रहता है।
कुछ देर मेरी सहेलियां मुझे उससे बात कैसे करना है समझाई और चली गई। अब मै उससे बात करने की सोची। वैसे मै उसके घर तो जाती रहती थी लेकिन कभी उससे बात करने की जरूरत नही पड़ी। मेरे सोचते सोचते वो शहर चला गया पढ़ाई करने अब कभी कभी वो शहर से आता तो मै उसे देख कर मन मार कर रह जाती कभी कुछ उसके घर लाने या देने चली जाती।
अब मेरा 12थ का एग्जाम उसी शहर मे था जहां अंशु रहता था मेरी मां अंशु की मम्मी से बात कर उसके रूम से ही एग्जाम देने को बोली। मेरी खुशी के मारे बांछे खिल गई। अब मै कुछ किताब ले उसके रूम पर जाने की तैयारी करने लगी मै रात भर सोचती रही कि 12 दिन उसके साथ एक कमरे मे अकेले कितना मजा आएगा।
सुबह हुई तो पता चला मेरी मम्मी भी मेरे साथ चलने वाली है मेरा तो मूड खराब हो गया। अब शाम को हम उसके रूम पर पहुंच गए वहां एक 1बीएचके था जिसमे एक बेड था। अब रात मे मै कुछ पढ़ने लगी मम्मी खाना बना रही थी सामने टेबल पर वो भी पढ़ रहा था मै नजर बचा कर उसे देख रही थी। एक बार उसने देखते हुए देख लिया।
अंशु: क्या हुआ कुछ पूछना है?
मै सकपका गई और कुछ गणित का सवाल पूछने का बहाना कर दी उसने मुझे बताया। अब खाना खा सोने की बारी आई।
मम्मी: बउआ जी तुम ऊपर सो जाओ हम दोनों नीचे सो जाते हैं।
अंशु: अरे नही चाची आप दोनो ऊपर सो जाओ मै नीचे सो जाता हूं।
मम्मी के लाख कहने पर भी वो नीचे एक गद्दा बिछा हल्का कम्बल ओढ़ सो गया मै और मम्मी बेड पर सो गई कम्बल मे। वो मेरे सिर के तरफ नीचे सो रहा था मै थोड़ा ऊपर खिसक उसे देख रही थी मुझे उससे और प्यार होता जा रहा था मेरा मन कुलांचें मार रहा था मै बेड से हाथ नीचे कर हल्का सा कम्बल हटाई उसके चेहरे तक मेरे हाथ पहुंच सकते थे मेरे थोड़ा कोशिश करनी पर। “Chudasi Ladki Romantic Story”
मै हिम्मत कर उसके गाल पर हाथ फेर दी उसके बाल को सहलाई उसके सर्द होठों पर ऊंगली फेर दी फिर लगा कि उठ जाएगा तो मै चुप चाप सो गई। अब अगले दिन मै सुबह उठी तैयार हुई वो मुझे सेंटर पर बाइक से पहुंचाने वाला था। मै रेडी हो बाहर निकली वो बैठने बोला मै बैठ गई। मै थोड़ा डिस्टैंस ले बैठी थी।
मेरा बहुत मन था चिपक कर बैठने का लेकिन मै बर्दास्त कर रही थी कभी जब ब्रेक लगता तो मै आगे को हो जाती मेरी चूंचियां उसके पीठ पर लग जाती मै फिर दूर हो जाती। ऐसा दो तीन बार हुआ तो उसने बैग को बीच मे रखवा दिया। अब हम सेंटर पहुंच गए, मेरी सहेलियां वहां पहले से ही आ चुकी थीं अंशु बाइक साईड मे लगा दिया।
अंशु: एग्जाम दे लो मै दो बजे लेने आ जाऊंगा। ये बोलकर वो चला गया।
नीलम: वाह रानी तेरा यार तो दिन पर दिन और हैंडसम होता जा रहा है।
राखी: चिपक कर क्यों नही बैठी थी अपने इन मम्मो से करेंट देती उसे।
मै: एक दो बार दी थी तो उसने बैग बीच मे रखवा दिया। मै हंसते हुए बोली।
शीला: अरे तो बैग कल से लाना ही नही।
ऐसे ही बात करते हुए हमने कुछ टाईम बिताया फिर एक्जाम दी। बाहर निकली तो अंशु बाईक लगा खड़ा था मै सहेलियों से मिली फिर रूम पर आ गई। अब ऐसे ही धीरे धीरे एग्जाम खत्म हो गया मै बाईक पर सटने की कोशिश करती कभी कभी फिर दूर हो जाती। रात को हर दिन चुपके से उसके बाल होंठ सहलाती।
अब घर आने के टाईम मै जान बूझकर अपनी सारी ब्रा पैन्टी उसके रूम पर छोड़ आई। अगले महीने जब वो घर आया तो मै उसके घर गई उसकी मम्मी को मेरी मम्मी पहले ही बता दी थी कि मेरा कुछ समान छुट गया है मै जो चुपके चुपके होने देना चाहती थी वो सब जान गई थी। खैर अंशु की मम्मी और मेरी मम्मी ने ये नही पुछा कि क्या समान छूटा है। मै उसके मम्मी से मिल उसके कमरे मे गई, वो कमरे मे पढ़ाई कर रहा था। “Chudasi Ladki Romantic Story”
मै: मेरा कुछ छूट गया था समान रूम पर।
अंशु: हां वहां बैग मे रखा है।
मै बैग खोली जिसमे एक पॉलिथीन मे सब रखा था। मै सब चेक करने लगी मै बहुत देर तक ऐसे ही देखती रही उसके पास रुकने के बहाने से ताकि वो कुछ बोले।
अंशु: क्या हुआ क्या देख रही हो?
मै: देख रही हूं कि सारे मेरे ही हैं या कोई गलती से आपकी गर्लफ्रेंड के भी आ गए हैं।
अंशु: फालतू कैसे आ जाएगा सारा तुम्हारा ही है।
मै: क्यों कोई गर्लफ्रेंड नही है क्या?
अंशु: नही, नही है!
मै: तो बना लो।
अंशु: बकवास बन्द करो और चुपचाप निकलो।
मै:(हंसते हुए) मै चाची को बोल देती हूं कि शहर मे आपकी गर्ल फ्रेंड है।
अंशु: जा बोल दे।
कुछ देर ऐसे ही बात कर रही थी कि मां मुझे बुलाने आ गई। अब कुछ दिन वो गांव मे ही रुका था तो मै उसके कमरे मे रोज उसे मिलने जाने के बहाने सोचने लगी। मै अब रोज दिन मे कभी मौका देख कर अपनी ब्रा या पैन्टी या कोई और कपड़ा उसके छत पर फेंक देती और उसे लाने जाने के बहाने उसके कमरे मे चली जाती और उससे बात करती दो चार दिन ऐसा ही चला। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
एक दिन उसे शक हो गया तो उसने मुझे एक डजन चूंता ला कर दिया और बोला कि बहुत कपड़ा उड़ता है ये लो। मै भी शर्मा गई और अब ऐसे ही उसके कमरे मे जाने लगी की मुझे भी कुछ पढ़ा दिया करो वो मुझे पढ़ाता और मै उसे नजरें बचा कर देखती रहती। अब मै ज्यादा दिन रुकना नही चाहती थी वो तो मुझे बोलने वाला था नही तो मै ही अपनी दिल की बात उसे बताने की सोची मेरी सहेली बताई की लव लेटर लिख कर दे।
मै बहुत मेहनत से लव लेटर लिखी उसे काफी सुन्दर से सजाया अब देने की सोची की उसके रूम पर ही दूंगी तो थोड़ा डर लगा तो मै शीला के घर शाम को गई जो मेरी गांव की ही गली मे रहती थी उधर से अंशु अपने एक दोस्त के यहां शाम को पढ़ने जाता था और रात 8 बजे आता था।
मै गली मे ही इंतजार करने लगी गली सुनसान थी जैसे ही वो आया मै उसे लेटर दे दी उसने ले लिया और उलट पलट देखा जैसे ही उसकी नजर दिल पर गई उसने लेटर बिना पढ़े ही फाड़ दिया और नाले मे फैंक चलता बना। मेरा तो दिल ही टूट गया मै पत्थर सी कुछ देर खड़ी रही फिर घर आ खूब रोई। मुझे विश्वास नही हो रहा था कि उसने फाड़ दिया। अगले दिन मै उसके कमरे मे गई। “Chudasi Ladki Romantic Story”
मै: फाड़ क्यों दिए थे?
अंशु: क्या था उसमे?
मै: वहीं तो बिना पढ़े क्यों फाड़ दिए, कम से कम पढ़ तो लेते किसी के दिल के जज्बात को यूं बेरहमी से फाड़ कर फैंक दिए। मै काफी गुस्से मे थी।
अंशु: देखो ये सब करने की अभी तुम्हारी उम्र नही है अभी पढ़ाई लिखाई करो।
मै: नही पहले बताईए फाड़े क्यों?
अंशु:(मेरे गाल थपथपाते हुए) तुम्हारे पैर अभी जमीन पर नही है, नासमझ हो तुम अभी, बेहतर होगा समझ जाओ। अब जाओ पढ़ाई लिखाई पर ध्यान दो।
वो समझा बूझा कर मुझे घर भेज दिया मै घर आ कर खूब रोई अगले दिन वो वापस शहर चला गया। अब सीधे एक साल बाद आया मै एक साल बहुत उदास रही एक दिन मेरी सहेलियां मिलने आई।
नीलम: क्या हुआ है तुझे इतनी उदास क्यों रहती है?
राखी: अरे भूल जा ना उसे, उसके जैसा तूझे दुल्हा मिल जाएगा। मै रोने लगी।
शीला: चुप हो जा ना अब अबकि बार आएगा तो मै बात करूंगी।
मै: नही मै नही भूल सकती उसे मै उससे बहुत प्यार करती हूं।
राखी: यार यूं जिद मत कर छोड़ दे ना उसे।
मै:(रोते हुए) नही, अब तो मै उसे बिल्कुल नही छोड़ने वाली, पहले तो सिर्फ प्यार करने की सोची थी, सोची थी थोड़ा बहुत घूमना फिरना करूंगी थोड़ा वो प्यार कर देगा थोड़ा मै कर दूंगी लेकिन अब तो मै उससे शादी की मन बना ली हुं।
राखी: पागल है क्या इतने नजदीक मे शादी होती है कहीं।
मै: नही अब तो शादी करुंगी तो उसी से नही तो जान दे दूंगी।
नीलम: पागल जैसी बात मत कर। आने दे उसे हम बात करेगें।
अब कुछ दिन बाद वो घर आ गया था मै सुनी की उसका कहीं जॉब होने वाला है सरकारी मे। मै बहुत कोशिश कर रही थी उससे अकेले मे मिलने की लेकिन वो किसी किसी दिन बाईक से कहीं जाता था और शाम को ही आता। अब मै उसे देख देख कर और बेचैन होने लगी थी एक दिन उसके घर कोई नही था सब कहीं गए थे सिर्फ वहीं था दोपहर का समय था गली मे कोई नही था मेरा और उसका घर तो आमने सामने है ही।
मै उसके दरवाजे के सामने टहलने लगी दरवाजा खुला था मै मौका देख उसके घर मे घुस गई वो छत पर से नीचे आ रहा था मुझे देख इग्नोर किया। अंशु: क्या काम है घर मे कोई नही है। मै: आपसे ही काम है (बोल कर उसके तरफ बढ़ी) मै उसका हाथ पकड़ ली और एक कमरे मे खींच ले जाने लगी।
वो मेन गेट की तरफ जाने लगा शायद गली मे जाना चाहता था ताकि मुझसे बच सके इसी चक्कर मे उसने मूझसे खुद को छुड़ाया तो पीछे जा गिरा और दरवाजे के लोहे से उसका सिर टकरा गया उसे जोर से चोट लगी। मै थोड़ी डर गई फूटा नही था लेकिन चोट लगी थी मै जल्दी से अपने घर भाग गई।
अब एक दिन शाम को मै उसकी मम्मी से मिलने के बहाने उसके घर गई धीरे से छत पर चली गई वो छत पर कुर्सी पर बैठ पढ़ रहा था खुली छत थी मै आस पास के छत पर नजर दौड़ाई कहीं कोई नही था। मै उसके आस पास मंडराने लगी अपने पायल और चूड़ियों की आवाज़ उसे सुनाने लगी। मै जल्दी से उसके गाल पर पीछे से एक चुम्मा ली और भागने लगी। मै लॉन्ग घाघरा पहने हुई थी जिससे सीढ़ियों पर मेरा पैर फंस गया और मेरा घुटना दीवाल से टकराया जिससे घुटने से खून निकलने लगा। मेरी आह निकल गई। “Chudasi Ladki Romantic Story”
चाची: क्या हुआ लवली? (वो नीचे से कुछ काम करते हुए बोली)
मै: गिर गई चाची सीढ़ी पर।
चाची: अंशु उठा उसे और देख चोट लगी है क्या?
अंशु: बढ़िया हुआ मम्मी घुटना फूट गया।
चाची: ज्यादा है तो पट्टी बांध दे।
अब अंशु आया मुझे नीचे चलने को बोला लेकिन मै नखरा कर बोली कि मुझसे उठा नही जा रहा है। वो मेरा हाथ कंधे पर रख सीढ़ियों से उतरने मे मदद करने लगा, मै मौका देख उसके गाल पर चूम ली।
अंशु:(धीरे से) अबकि अगर की ना तो यहीं से धकेल देगें।
मै करने ही वाली थी कि सामने चाची आ गई।
चाची: अच्छा हुआ सिर्फ छिला है जा डेटोल लगा दे।
अब नीचे आकार सोफे पर हम बैठे मेरा पैर टेबल पर रखा मै घाघरा ऊपर करी उसने डेटॉल रूई मे भिगो लगा दिया।
मै: आह कितना जल रहा है।
मै चीख पड़ी। चाची काम मे बिज़ी हो गई तो मै फिर उसके गाल पर चूम ली।
अंशु: ऐसा मारूंगा ना कि….. वो धीरे से बुदबुदा कर रह गया।
एक बार मै अपनी एक दूसरे कस्बे के सहेली के घर थी उसे भी अंशु के बारे मे पता था।
जानवी: क्या हुआ तेरी प्यार कि गाड़ी आगे बढ़ी।
मै: नही यार।
जानवी: ऐसा कौन सा लड़का है जो किसी लड़की को मना कर दे। कभी मिलवा मुझसे मै देखती हूं उसे।
मै: यहां मेरे मिलने के बांदे हैं तो तुझे कैसे मिलवाऊँ।
जानवी: तू कैसे भी करके एक बार मुझसे मिलवा दे। मै उसके ड्रिंक मे ऐसी दबा मिला दूंगी कि उसे होश नही रहेगा।
मै: नही नही पागल है क्या, उसे कुछ हो गया तो।
जानवी: अरे कुछ नही होता है,।
मै: कौन सी दवा है।
जानवी: देख एक तो नींद की दवा है जिससे वो बेहोशी जैसा हो जाएगा फिर तो उसके साथ लिपटा चिपटी कर लेना मै फोटो खींच लूंगी फिर उसे दिखाऊंगी।
मै: और दूसरी।
जानवी: दूसरी दवा सेक्स पॉवर की है जिसके खाते ही कुछ देर मे उसका रोम रोम जलने लगेगा ऐसे मे तू उसके साथ रहकर सेक्स कर लेना।
मै: हां ये दूसरी वाली सही रहेगी।
जानवी: वाह रानी फड़वाने का इरादा कर चुकी है, लेकिन ध्यान रखना पॉवर बहुत ज्यादा होता है तूझे बहुत दर्द होगा।
मै: तूझे कैसे पता तू करवाई है क्या?
जानवी: अरे कहां करवाई हूं कभी, मेरी भाभी बताती है मेरा भाई कभी कभी गोली खा कर करता है।
मै: जो होगा देखा जाएगा मै दर्द की दवाई खा लूंगी बस एक बार वो मेरे साथ सो जाए मै प्रेग्नेंट हो जाऊं उसके बाद हमारी शादी होने से कोई नही रोक सकता।
जानवी: धत पागल कहीं की।
मै: सच मे मै यहीं करूंगी अब लेकिन कब मौका मिलेगा।
जानवी: अरे जल्द ही मौका आने वाला है मेरे मम्मी पापा भाई के पास जाने वाले हैं एक हफ्ते के लिए घर मे सिर्फ मै और दादा दादी ही रहेंगे, तू कैसे भी करके उसे यहां ले आना।
अब मै प्लान बनाने लगी, की कैसे उसके साथ जाऊं। एक दिन मै सोची की जब ये सुबह बाइक से जाता है मै भी उसी टाईम तैयार हो घर से निकलूंगी तो इसे मुझे ले जाना ही पड़ेगा। अब वो दिन आ ही गया जब जानवी के मम्मी पापा चले गए अगली सुबह मै तैयार हो बाजार जाने के लिए निकली वो बाइक निकाल ही रहा था कि उसके दरवाजे से थोड़ा आगे बढ़ी। उसकी मम्मी और मेरी मम्मी साथ ही खड़ी थी।
उसकी मम्मी: कहां जा रही है लवली?
मै: बाजार चाची थोड़ा काम था।
उसकी मम्मी: अंशु भी उधर ही जा रहा है, अंशु लवली को लेता जा।
मै कुछ नही बोली बस खड़ी रही उसने बाइक बगल मे खड़ी करी और बैठने बोला मै बैठ गई बाईक चलने लगी जब गांव का इलाका खत्म हो गया तो मै हाथ आगे बढ़ा उसे पकड़ ली और उससे चिपक कर बैठ गई। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
अंशु: ये कैसे बैठी हो दूर हटो।
मै: गिर जाऊंगी तो डर लग रहा है।
अंशु: ज्यादा बनो मत ठीक से बैठो।
मै: लेटर फाड़ने के बाद मै कुछ बोली हूं आप गाड़ी चलाओ।
मै वैसे ही चिपक कर बैठी रही।
अंशु: कहां जाना है?
मै उस कस्बे का नाम बता दी जहां जानवी का घर था जो हमारे गांव से 20 केएम दूर था। जानवी का घर कस्बे से बाहर मे था जो खेतों मे था उधर अभी पक्की सड़क नही बनी हुई थी।
अंशु: इधर खेत मे कौन रहता है?
मै: मेरी एक दोस्त है,।
अंशु: वापस कब जाना है?
मै: अभी 15 मिनट मे।
मै: ऐसा करिए ना, अंदर चलिए उसके बाद हमे वापस मार्केट तक छोड़ देते तो अच्छा रहता नही तो 1केएम पैदल जाना पड़ेगा।
कुछ देर मनाने पर वो अंदर आने के लिए मान गया मै उसे बाहर के सीढ़ियों से ऊपर ले गई। जानवी का घर 3फ्लोर का था तीसरे फ्लोर पर केवल एक रूम था मै उसे वही ले गई। जानवी हमे घर के बाहर ही लेने आई थी। अब मै और जानवी दुसरे फ्लोर पर आने लगे अंशु को बोली कि जानवी थोड़ा तैयार हो जाए तो चलेंगे। हम दूसरे फ्लोर पर आ गए। “Chudasi Ladki Romantic Story”
जानवी: यार ये तो सच मे बहुत हैंडसम है।
मै:(शरमाते हुए) देख ली ना।
जानवी: ठीक है मै जूस बना देती हूं और दवाई डाल देती हूं तू उसे पिला देना और धूम मचा देना।
मै: ऐसा कर दो दवाई दे दे।
जानवी: पागल है क्या दो दवाई मे वो हम दोनो की फाड़ देगा। वो हंसते हुए बोली।
मै: अच्छा मुझसे अगर ना सम्हले तो तू आ जाना। तू दो डाल दे, वो बहुत जिद्दी है शायद एक की गर्मी बर्दास्त कर जाए और वैसे भी असर शुरू होने मे कम से कम आधा घंटा तो लगता होगा ना।
जानवी: ठीक है दो डाल देती हूं और दो तू हाथ मे रख अगर ज्यूस पीने से मना कर दे या गिर जाए तो इमरजेंसी के लिए इसे पानी मे मिला कर पिला देना।
मै: ठीक है।
अब मै ज्यूस ले ऊपर गई और उसे दी उसने नही पिया और ग्लास अलमारी पर रख दिया।
मै: ज्यूस तो पी लो।
अंशु: नही मुझे नही पीना, जल्दी करो अब। मै: तो कम से कम पानी ही पी लो।
उसने पानी भी नही पिया मै एक गोली पानी के ग्लास मे डाल दी। मेरे दो तीन बार जोर देने पर भी उसने नही पिया मै थोड़ी रुयांसा हो गई।
अंशु: जाओ जल्दी बोलो तैयार होने यार।
मै बाहर आई, जानवी हमारी बात सुन रही थी, वो मुझे साईड मे ले गई।
जानवी: क्या हुआ?
मै:(रोने जैसी आवाज मे) नही पिया उसने।
जानवी: अब शराफत गई तेल लेने अब तू ऐसा कर उसका मोबाइल तू बाहर कर दे मै तुम दोनो को बाहर से बन्द कर दुंगी। यहां आस पास कोई घर नही है कितना भी चिलाएगा कोई नही सुनेगा और ऊपर का फ्लोर है। जब कुछ देर बन्द रहेगा तो अक्ल ठिकाने आ जाएगी।
मै अब कमरे मे गई वो बेड पर बैठा था और मोबाइल चला रहा था मै कुछ बहाने से खिड़की पर गई।
मै: देखो यहां से आपकी गाड़ी दिखती है।(गाड़ी सिंगल स्टैंड पर जानवी के घर के चार दिवारी से बाहर लगी थी,)
मै: (झूठ बोलते हुए) सिंगल स्टैंड खराब है क्या डबल स्टैंड पर लगाए हैं।
अंशु: कहां, मै तो सिंगल स्टैंड पर ही लगा कर आया था। वो
मोबाइल बेड पर रख खिड़की के पास आया मै मोबाइल उठाई और दरवाजे पर पर्दे के पीछे खड़ी जानवी को दे दी वो जल्दी से दरवाजा लगा दी।
अंशु: क्या कर रही हो और मेरा मोबाइल कहां गया।?
मै: अब मोबाइल तब ही मिलेगा जब आप मुझे प्यार करोगे।
अंशु: पागल मत बनो और दरवाज़ा खुलवाओ। वो दरवाज़ा पीटने लगा।
मै: मै बोली ना अब दरवाज़ा तभी खुलेगा जब आप मुझे प्यार करोगे।
वो दरवाज़ा पीटता कभी वो खिड़की के ग्रिल से बाहर झांकता की कोई दिख जाए तो आवाज दे लेकिन कोई नही था।
अंशु: देखो अभी अच्छे से समझा रहा हूं दरवाज़ा खुलवा दो। नही तो बहुत बुरा हो जायेगा। मै अपने सीने पर से दुपट्टा हटा दी।
मै: पहले मुझे प्यार करिए, दरवाज़ा खुल जाएगा।
वो खिड़की की तरफ देखने लगा। मै अब धीरे सा जा उससे पीछे से बाहों मे भर ली वो मुझे छुड़ाने लगा। मै कस कर पकड़ी थी वो हाथ खुलवा मुझे दूर किया जिससे मै बेड की तरफ जा गिरी। मुझे अब रोना आ गया मै रोने लगी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मै: मै आपके बिना नही जी सकती, मै मर जाऊंगी।
अंशु: ठीक है, मरो जाकर, मेरा पीछा छूटेगा।
मै: ठीक है, मै मर जाती हूं ये जहर खाकर।
मै गुस्से मे वो पॉवर वाली एक गोली जो मेरे पास थी खा ली ग्लास के पानी थोड़ा सा पी कर। मै बेड के नीचे जमीन पर अपने घुटनो को सीने से लगा कर बैठ गई और रोने लगी। वो खिड़की से बाहर ही देख रहा था। कुछ 10 मिनट हुए थे मै अब कपस रही थी पॉवर की गोली का मुझ पर कोई खास असर नही पड़ा था अभी। अब मुझे रोते रोते खांसी होने लगी तो वो मेरे पास आया। “Chudasi Ladki Romantic Story”
अंशु: किस चीज की दवाई खाई तुमने पागल। वो मेरे पीठ थपथपाते हुए बोला।
मै कुछ नही बोली बस रोती रही।
अंशु: बोल कैसी दवा थी।
वो जोर देकर पुछने लगा, मै उसे अब डराना चाहती थी तो मै खांसते हुए उल्टी जैसा नाटक करी।
अंशु: (मेरा चेहरा पकड़ते हुए) बोल कैसी दवाई खाई तूने, चल जल्दी दरवाज़ा खुलवा वरना मर जाएगी।
मै:(खांसते और रोते हुए) मरती हूं तो मर जाने दो तुमसे मतलब।
अंशु: पागल मत बन जल्दी दरवाज़ा खुलवा चल हॉस्पिटल चलते हैं।
मैं: मर जाऊंगी तो तुम्हें छुटकारा मिल जाएगा, मेरी लाश यहीं कहीं खेत मे फैंक देना।
अब उसके चेहरे पर डर छाने लगा था, मै उसे और डराने के लिए जी मचलने, उल्टी होने का नाटक करी और अब आंखें झपकने लगी थी मै अपनी आंखों की पुतली जैसे तैसे घुमाने लगी और बेहोश होने का नाटक करी। वो अब डर गया था। वो दरवाजे के पास गया और दरवाज़ा पीटने लगा जोर जोर से।
अंशु: ये लड़की दरवाज़ा खोलो तेरी सहेली ने कोई दवाई खा ली है और अब उसकी तबियत खराब हो रही है जल्दी से दरवाज़ा खोलो।
दो तीन बार पीटने पर जानवी दरवाजे के पास आई और बाहर से पूछी क्या हुआ।
अंशु: पागल हो क्या तुम जल्दी से दरवाज़ा खोलो उसकी तबियत खराब हो रही है उसने पता नही कौनसी दवाई खा ली है।
कुछ देर मे जानवी दरवाजा खोल दी। अंशु उसे डांटने लगा।
जानवी: रुको मै देखती हूं!
अंशु: पागल हो क्या चलो जल्दी हॉस्पिटल चलते हैं इसे लेकर। बादल लगने लगा है बारिश ना होने लगे।
जानवी मेरे पास आई मै उसे चुपके से आंख मार मुस्कुराई वो समझ गई मै पॉवर वाली दवाई खाई हूं।
जानवी: कैसी दवाई थी।
अंशु: पता नही।
जानवी: कुछ नही होगा मै इसके पर्स मे देखती हूं।
जानवी जल्दी से नीचे जाती है। इधर अंशु मेरे सिर को अपने गोद मे लेता है और मेरे गाल थपथपा मुझे आवाज़ देता है मै बेहोशी जैसा करे रहती हूं। तभी जोर से बिजली चमकती है और वो मुझे अपने सीने से लगा लेता है। मुझे बड़ा अच्छा लगा। तभी जानवी कमरे मे आती है। “Chudasi Ladki Romantic Story”
जानवी: ये देखो इसके पर्स मे ये था! वो अंशु को पॉवर की टैबलेट की रैपर देते हुए कहती है।
अंशु: ये किस चीज की दवा है।
अंशु बहुत मासूम और सीधा था उसे नही पता था कि ये पॉवर की दवा है।
जानवी: लवली, आंखे खोल देख क्या तू ये दवा खाई है। मै बेहोशी जैसा करते हुए कहती हूं हां।
अंशु: ये है कौन सी दवा।?
जानवी: तुम्हें ये भी नही पता, ये सेक्स उत्तेजना बढ़ाने वाली दवा है।
अंशु: इससे क्या होता है?
जानवी: अरे इससे सेक्स उत्तेजना काफी बढ़ जाती है सेक्स करने का बहुत मन होता है और सेक्स ना मिलने पर तबियत खराब हो जाती है।
अंशु: अब क्या होगा थोड़ी देर मे ये ठीक हो जाएगी ना अगर नही होगी तो हॉस्पिटल चलते हैं।
जानवी: हॉस्पिटल ले जाने की जरुरत नही है, ठीक हो जाएगी लेकिन उसके लिए इसके साथ सेक्स करना होगा।
अंशु: लेकिन करेगा कौन?
जानवी: तुम लड़का हो तो तुम करोगे और कौन करेगा।
अंशु: पागल हो क्या मै नही करने वाला।
जानवी: पागल तो तुम हो देख नही रहे इसे ये मदहोश हो चुकी है बूरी तरह से, इसे प्यार की जरुरत है सेक्स की जरुरत है।
अंशु: कुछ देर मे ये खुद ठीक नही हो जाएगी या इसे ठंडे पानी से नहा देते हैं।
जानवी: वो तो निर्भर करता है इसने कितना खाया है।
जानवी मेरे गाल थपथपाते हुए पूछी कितना खाई है मै ऊंगली से झूठ मूठ का 4का इशारा करी।
जानवी: तू पागल है क्या तुझे पता है तू मर भी सकती है इतना डोज से।
मै:(लड़खड़ाती आवाज मे) इसने बोला कि मै मर जाऊ, तो मै खा ली।
अंशु: पागल है क्या, मै तो गुस्से मे बोल दिया था।
जानवी: अब कोई रास्ता नही है सेक्स करने के सिवा।
जानवी मेरे कान गले गर्दन को सहलाती है।
जानवी: अच्छा लग रहा है लवली?
मै: हां? जानवी: अब तुम करो।
जानवी उसका हाथ मेरे गले पर रख सहलाने बोलती है।
अंशु: हॉस्पिटल लेकर चलते हैं ना!
जानवी: बारिश हो रही है कहां ले जाओगे आस पास की मिट्टी भी काली है बाईक नही जाएगी। इसे प्यार कर दो ना नही तो इसे कुछ हो जाएगा।
अब सच मे मुझे थोड़ी बेचैनी हो रही थी शायद दवा का असर होने लगा था मेरे सिर पर पसीने की कुछ बूंदें आ रही थी।
अंशु: पर मुझे कुछ नही आता, मैने ये सब कभी नही किया है।
जानवी: अरे कुछ करना नही होता है सब अपने आप होने लगता है तुम शुरु तो करो।
अंशु: अगर मूझसे कुछ हो गया तो।
जानवी: कुछ नही होगा मै यहीं रहूंगी, कुछ होगा तो मै देख लूंगी।
अंशु: पर।
जानवी: पर वर कुछ नही तुम शुरू तो करो।
जानवी उसका हाथ पकड़ मेरे मम्मे पर रख देती है। मेरे शरीर मे एक अजीब सी सिहरन उठती है। वो जल्दी से हाथ हटा लेता है।
जानवी: हटा क्यों रहे हो, इसे दबाओ, सहलाओ इसे अच्छा लगेगा (वो मेरे मम्मे दबाती है, मेरी सिसकारी निकल जाती है।) अच्छा लग रहा है ना लवली!
मै: हां।
अब बारिश जोर से होने लगती है खिड़की से हल्का पानी आने लगता है तो अंशु खिड़की का कांच बन्द करने जाता है इधर मै आंख खोल मुस्कुराती हूं जानवी जल्दी से मेरा सूट उतार देती है और मेरे बदन को सहलाने लगती है। अब मै ऊपर मे सिर्फ ब्रा और एक टेप होता है उसमें थी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
जानवी: पहले इसे बेड पर ले चलो।
अंशु मुझे उठा बेड पर लिटाया बेड के सिरहाने जानवी बैठ मेरा सर गोद मे लिए थी और बाल सहला रही थी मुझे अब थोड़ी मदहोशी हो रही थी।
जानवी: चलो अब किस करो इसे।
अंशु थोड़ा संकोच कर मेरे माथे पर चूमता है।
जानवी: होंठों पर करो।
अंशु: कर रहा हूं ना।
वो गाल पर चूमता है अब होंठ पर चूमता है मै अंदर ही अंदर मुस्कुरा रही थी आंखें बन्द कर, अब दो बार होंठ पर चूम वो हटने लगा तो मुझे बर्दास्त नही हुआ मै उसके गले मे बाहें डाल उसी के साथ अपना सर उठा ली जानवी के गोद से और उसके होंठ से होंठ मिला चूसने लगी कुछ देर मे वो भी साथ देने लगा जानवी उसका हाथ मेरे पीठ पर रख दी। कुछ देर मे हम अलग हुए क्यूंकि सासें फूलने लगी थी। “Chudasi Ladki Romantic Story”
जानवी: ये होता है किस। अच्छा लग रहा है लवली तूझे।
मै: हां।
अब मै मदहोश हो गई थी थोड़ा सा।
जानवी: अब फिर किस करो इसके गले गर्दन पर।
मै फिर उसके होठ चुसने लगी उसके गले गर्दन को चूसने लगी वो भी मेरे गले गर्दन को चुसने लगा मेरे कान चूसने लगा।
जानवी: अब इसे उतार दो। अपने कपड़े भी उतार दो।
अंशु: मै नही उतारूंगा।
जानवी: अच्छा इसके तो उतारो।
अंशु मेरा टेप उतार दिया। जानवी मेरा ब्रा का हुक खोल दी मुझे हल्की शर्म आने लगी। मै अपने मम्मे हाथ से ढंक ली।
जानवी: अब इसके मम्मे को प्यार करो इसे चूसो।
अंशु थोड़ा संकोच कर रहा था तो मै उसके सीने से जा लगी और उसे बाहों मे भर ली। कुछ देर वैसे ही रहने पर मै उसे स्मूच करने लगी वो भी मेरा साथ देने लगा और पीठ पर हाथ फिराने लगा। अब मेरे गले गर्दन को चूमते चूसते मेरे सीने पर चुसने लगा और मेरे मम्मे को प्यार करने लगा.
वो कभी मम्मे को पूरा मूंह मे भरने की कोशिश करता कभी उन्हें सभी जगह चूसता कभी निप्पल पर जीभ फिराता कभी उसे चूसता मुझे बहुत मजा आ रहा था मै उसके बालों मे हाथ फिरा रही थी और सिसकारी भर रही थी। अब अंशु को भी थोड़ा जोश आ गया था। अब वो फिर अलग हो गया। “Chudasi Ladki Romantic Story”
जानवी: अब इसकी सलवार उतारो और अपनी जीन्स।
अंशु थोड़ा संकोच कर रहा था तो जानवी मेरा सलवार उतारने लगी अंशु भी थोड़ा लग गया।
जानवी: अब अपने भी तो उतारो।
वो जींस कमर के नीचे किया।
जानवी: पूरा उतार दो ना।
अंशु: आप जाओ अब, इसके आगे मै सम्हाल लूंगा।
जानवी: नही मै यहीं रहूंगी कुछ हो गया तो।
अंशु अपना जींस उतार दिया वो अब शर्ट और चड्डी मे था।
जानवी: अब इसके पेट पर चुमो।
मै अब बेड पर लेटी थी मेरा सर जानवी के गोद मे था अंशु नीचे खड़ा था और मेरे ऊपर झुक पेट चूम चूस रहा था और नाभि चूस रहा था।
जानवी: अब इसकी पैन्टी उतारो।
अंशु: ये पूरी नंगी हो जाएगी।
जानवी: उतारो तो!
अंशु धीरे से मेरी पैन्टी उतारता है। और आंख बन्द कर रखा था जब आंख खोला तो नजर बचा कर मेरी बूर को देखता है।
जानवी: चोरी चोरी क्यों देख रहे हो पूरा देखो सब तुम्हारा ही है।
अंशु शरमा गया और ऊपर से नीचे तक एक बार मेरे जिस्म को देखा।
जानवी: क्या हुआ अच्छी लगी ना।
अंशु शरमा कर कुछ नही बोला।
जानवी: चलो अब शुरु करो सबसे पहले इसकी उस जगह को चूमो।(वो बूर चूमने को बोली मै शरमा कर मना करने वाली थी तो जानवी मेरा मूंह बन्द कर दी)
अंशु: नही वो सुसु की जगह है। मै नही चूमने वाला।
जानवी: अच्छा पहले उसे गौर से देखो उसके नजदीक जाओ उसे सूंघो कितनी प्यारी है देखो उसके बाद अपने आप चूमने का मन करेगा।
अंशु एक नजर ऊपर से नीचे तक देखा मेरी उससे नजर मिली तो दोनो शरमा गए। अब वो नीचे देखने लगा जानवी मेरी टांग खोल दी वो मेरी चिकनी गोरी कुंवारी बूर को देखने लगा जानवी उसे करीब से देखने बोली तो वो जांघ सहलाने लगा और बूर को नजदीक से देखने लगा थोड़ा सूंघा जानवी उसका सर नीचे धकेली तो उसका मुंह मेरी बूर पर लग गया। थोड़ा उसने छु कर देखा मै मदहोश हो गई थी तो कमर उठाने लगी। “Chudasi Ladki Romantic Story”
जानवी: एक बार चूमों ना।
उसने पेडू पर चूमा फिर क्लिट पर चूमा थोड़ा सा छेद पर चूमा और हट गया। मेरी बूर फड़फड़ा रही थी रोम रोम कांप रहा था। वो थोड़ा बूर सहलाया एक दो बार और चूमा मेरी बूर से पानी आने लगा।
जानवी: अब अपना निकालो। चड्डी उतार दो।
अंशु: नही मुझे शर्म आती है।
जानवी: ठीक है कम से कम निकालो तो।
अंशु: पहले तुम जाओ।
जानवी: अच्छा ठीक है मै उधर हो जाती हूं।
अंशु: इधर मत देखना और तुम भी आंखें बन्द कर लो।
मै आंख बन्द कर ली और जानवी उसके पीठ के तरफ चली गई अंशु मेरी बूर के पास घुटने टेक बैठा था। अब शायद उसने चड्डी के छेद से लन्ड निकाला मै हल्की आंख खोल देख रही थी,। जानवी: निकाल लिया तो,अब अपना वो उसके वहां घिसो। वो बूर पर लन्ड घिसने लगा। मेरी आह निकल गई। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
जानवी: अब धीरे धीरे डालो।
वो डालने की कोशिश करता है लेकिन उसे छेद पता नही चल रहा था ऊपर से मेरी बूर कुंवारी थी। वो कुछ देर ट्राई करता रहा मुझे मजा आ रहा था।
अंशु: ओह नही जा रहा है।
जानवी: किधर कर रहे है तुम।
अब जानवी सामने आ गई और मेरी बूर की फांक फैला कर बोली इधर डालो। वो डालने लगा तो लन्ड फिसल रहा था तो जानवी उसका लन्ड पकड़ बूर पर लगाई और सुपाड़ा घुसाने का ट्राई करी और बोली हल्का जोर लगाओ वो ज़ोर लगाया तो घुस गया थोड़ा और ज़ोर लगाया तो आधा घुस गया उसके बाद पूरा घुसा तो खून निकलने लगा।
मुझे दवाई की वजह से उतना दर्द नही हुआ। खून देख अंशु डर गया पर जानवी के समझाने पर वो वैसे ही कुछ देर रहा और उसके कहने पर कमर चलाने लगा उसे कमर आगे पीछे करने मे नही बन रहा था तो जानवी उसकी कमर पकड़ थोड़ी देर ऊपर नीचे करी तो उसे आदत बनी।
अब वो खुद कमर चला हल्के हल्के चोद रहा था मै अब उसे बाहों मे भर ली और अपनी टांग उसकी कमर पर लपेट चुदाने लगी वो आह आह कर रहा था मै उसे स्मूच कर रही थी। मेरी बूर मे अब गर्मी बढ़ गई थी लग रहा था जोर से चोदे मै अपनी गान्ड उठाने लगी जानवी स्पीड बढ़ाने को बोली.
तो वो स्पीड बढ़ा चोदने लगा कुछ देर मे ही मेरी बूर झड़ गई अब वो भी आह आह करने लगा तो जानवी उसका कमर पकड़ ऊपर नीचे करने लगी तेजी से अब वो भी मेरी बूर मे झड़ गया था। हम दोनो तेज सांसें ले रहें थे मै उसे स्मूच करे जा रही थी। कुछ देर मे हमारी सांस नॉर्मल हुई तो हम अलग हुए। मेरी बूर से मेरा पानी और उसका माल निकल रहा था बेडशीट खून से लाल हो गई थी। “Chudasi Ladki Romantic Story”
जानवी: देखा कितना आसानी से हो गया।
हम दोनो जानवी को देख मुस्कुराए।
जानवी: अच्छा, मै नीचे दादा दादी को देख कर आती हूं तब तक तुम दोनो बातें करो।
वो नीचे चली गई। मै अंशु के सीने से लग गई। वो मेरे चेहरे को देख गाल खींचते हुए बोला।
अंशु: आखिर तूने अपने मन की कर ही ली।
मै: आई लव यू जी, मै आपसे बहुत प्यार करती हूं।
मै उसे स्मूच करने लगी वो भी मुझे स्मूच करने लगा। अंशु: बहुत देर हो गई है अब कपड़े पहनो। वो अपने कपड़े पहन लिया मै वैसे ही पड़े रही।
अंशु: पहनो चलना नही है क्या?
मै:(मुस्कुराते हुए) नही मुझे नही जाना, मुझे तो यहीं रहना है जानवी अकेली है तो मै कुछ दिन यहीं रहूंगी।
अंशु: मतलब! मै उसे बताई कि उसके मम्मी पापा बाहर गए हैं।
अंशु: तू चाची को बता कर तो आई है ना?
मै: हां। अंशु: ठीक है तो तू रह मै चलता हूं।
मै: बारिश हो रही है आप भी मत जाओ ना।
इतने मे जानवी आमलेट और रोटी लेकर आ गई।
जानवी: चलो आओ खाना खा लो।
अब मै बेडशीट लपेट ली और बैठ गई।
अंशु: पागल कपड़े तो पहन ले।
मै: मुझे नही पहनना।
जानवी: ठीक है पहले खाना खा ले।
अब हम नीचे बैठ गए और खाना खाने लगे।
अंशु: ठीक है अब मै चलता हूं।
जानवी: बारिश हो रही है आस पास खेत है कीचड़ हो गया है कहां जाओगे मत जाओ ना।
जानवी उसे खिड़की से बाहर दिखाती है।
जानवी: देखो जिस पगडंडी से आए थे वो डूब गया है। बारिश बन्द हो जाएगी तो सुबह चले जाना।
अंशु: नही यार घर पर बताया नही सब चिन्ता करेगें।
जानवी: बाईक नही जा पाएगी फंस जाएगी कीचड़ मे काली मिट्टी है।
अंशु: बाईक छोड़ कर चला जाता हूं बाद मे ले जाऊंगा।
जानवी: यार मत जाओ ना हम दोनो अकेली हैं घर मे बारिश हो रही है लाइट भी आ जा रही है तुम्हें नही लगता तुम्हें रूक जाना चाहिए लो घर पर फोन कर बोल दो।
कुछ देर मनाने के बाद अंशु मान गया।
जानवी: अच्छा बाईक घर के अंदर कर दो। सीढ़ी के नीचे लगा देना।
अंशु नीचे चला गया बाईक अंदर करने।
जानवी: कैसा लग रहा है तूझे दर्द तो नही हो रहा है।
मै: नही: दर्द नही है!
जानवी: शायद दवाई की वजह से।
मै: और करने का मन कर रहा है।
जानवी: अभी आराम कर रात मे तुम दोनो को इसी कमरे मे सोना है फिर करती रहना रात भर।
अब मै बेडशीट लपेट लेटे हुई थी जानवी मेरे बाल सहला रही थी तो मुझे नींद आ गई। अब कुछ देर मे अंशु ऊपर आया वो भींग चूका था। इसके आगे की कहानी मुझे जानवी बताई क्योंकि मै सो रही थी। अंशु ऊपर आया वो बूरी तरह भींग गया था। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
जानवी: लो तुम तो भीग गए पूरी तरह से, कपड़े खोलो मै तौलिया लाती हूं।
जानवी नीचे से तौलिया लाई तब तक अंशु कमरे से बाहर बरामदे मे ही था।
जानवी: कपड़े तो खोल लेते।
जानवी उसका शर्ट खोलने लगती है अंशु भी खोलता है। अब वो जींस भी खोलता है। अब वो सिर्फ चड्डी मे था।
जानवी: लाओ मै सर पोंछ देती हूं, फिर टॉवेल पहन लेना, मै भईया के कपड़े ला दूंगी।
वो उसका सर पोंछने लगी अब उसके गले गर्दन और सीने को पोंछने लगी। अब दोनो की नज़रें मिली बरामदे से बाहर झीम झीम बारिश हो रही थी दोनो के होंठ नजदीक आने लगे और मिल गए। अब दोनो स्मूच करने लगे थे, तभी बिजली कड़की दोनो एक दूसरे को बाहों मे भर लिए कुछ देर वैसे ही खड़े रहे अब अलग हो अंदर आए एक दूसरे की आंखों मे देखा और स्मूच करने लगे जानवी उसके नंगे बदन पर हाथ फेर रही थी।
अंशु भी उसके बदन सहला रहा था। अब दोनो जमीन पर ही लेट गए और एक दूसरे पर चढ़ उतर करने लगे और स्मूच करने लगे, वो दोनो एक दूसरे मे खो गए जानवी के कपड़े उसके शरीर से उतरने लगे। अब अंशु जानवी के गले गर्दन कान सब जगह चूसने लगा जानवी अब उसे लिटा उसके कमर पर बैठ गई और अपनी ब्रा खोल दी और उसके ऊपर लेट उसे चूमने लगी उसके गले गर्दन अब सीने पर और एब्स चूसने लगी। “Chudasi Ladki Romantic Story”
अब अंशु उसे गोद मे बिठा उसके मम्मे पीने लगा और चूसने लगा। अब जानवी की सलवार भी उतर गई अब दोनो सिर्फ पैन्टी मे बचे थे जानवी नीचे लेट गई और अपनी टांगें मोड़ पैन्टी उतार दी अंशु भी अपनी चड्डी उतार दिया और नीचे झुक उसकी बूर चूम लिया और थोड़ा इधर उधर चूमा।
अब जानवी उसे अपने ऊपर खींच ली लन्ड बूर पर घिस रहा था दोनो स्मूच कर रहे थे जानवी धीरे से लण्ड पकड़ उसे अपनी बूर का रास्ता दिखाई अंशु दबा दिया लन्ड थोड़ा सा अन्दर गया जानवी सीत्कार उठी। कुछ देर वो वैसे ही किस करते रहे। अब धीरे धीरे अंशु चोदने लगा थोड़ा जोर लगाने पर आधा लन्ड चला गया और थोड़ा और जोर देने पर पूरा।
जानवी की सांस अटक गई उसे उसकी भाभी ने भले ही सब चुदाई के बारे मे बता दिया था लेकिन कभी चुदाई वो भी नही थी। अब धीरे धीरे अंशु चुदाई करने लगा जानवी को बहुत दर्द हुआ था लेकिन अब मजा आ रहा था। दोनो थे तो अनाड़ी ही तो जैसे तैसे चुदाई करने लगे.
कुछ देर मे जानवी झड़ गई लेकिन अंशु नही झड़ा तो दोनो लगे रहे चुदाई की मधुर संगीत गुंजने लगी थी अबकि बार दोनो झड़ गए दोनो एक दूसरे को बाहों मे भर सांसें समेटने लगे। अब इसी वक्त मेरी नींद खुली मुझे दोनो की तेज सांस लेने की आवाज सुनाई दी दोनो के स्मूच करने की भी मै धीरे से बेड से नीचे झांकी.
अंशु जानवी पर चढ़ा हुआ था और दोनो स्मूच कर रहे थे दोनो के जिस्म पर एक भी कपड़ा नही था जानवी की आंखें बन्द थी मै उन्हें देख रही थी। थोड़ी देर बाद अंशु उसके बगल मे लेट गया जानवी उसे अपने सीने से लगा ली और अपनी टांग उसके कमर पर चढ़ा ली। “Chudasi Ladki Romantic Story”
कुछ देर दोनो आंखें बन्द कर वैसे ही लेटे रहे अंशु का चेहरा जानवी के मम्मे से लगा था। अब वो जम्हाई लेते हुए आंखें खोले दोनो की नजर मुझसे मिली मै मुस्करा रही थी दोनो एक साथ चीखे मम्मी। अब जानवी जल्दी से अपने कपड़े समेटने लगी और अंशु जल्दी से टॉवेल लपेट लिया और बरामदे मे चला गया।
मै:(हंसते हुए) भाग क्यों रहे हो बैठे रहो।
जानवी नीचे फर्श से अपना खून साफ करी।
मै:(हंसते हुए) क्या हुआ जाने मन कैसा लगा मेरा होने वाला दूल्हा।
जानवी झेँप गई और बात बदलते हुए बोली।
जानवी: चल नीचे नहा लेते हैं।
मै: हां, हां तू जीजू से टच जो हो गई है।
मै बेडशीट लपेटे ही नीचे आ गई दोनो एक साथ एक बाथरूम मे नहाने लगी जानवी को चलने मे दर्द हो रहा था मुझे भी अब हल्का हल्का मीठा मीठा दर्द हो रहा था।
मै: तूझे ज्यादा दर्द हो रहा है क्या?
जानवी: हां थोड़ा सा। और सॉरी मै उसके साथ..
मै: (हंसते हुए) कैसा लगा।
जानवी: बहुत मजा आया, मै करना नही चाहती थी लेकिन भावनाओ मे बह गई।
मै: छोड़ ना। मेरा और मन कर रहा है।
जानवी: खाना खा रात भर करवाना।
अब हम नहा कर कपड़े पहन ऊपर आ गई। अंशु ऊपर ही नहा लिया था और टॉवेल लपेट बैठा था।
जानवी: (शरमाते हुए) मै जाती हूं भाई के कपड़े लाती हूं। जानवी चली गई।
मै: मेरे साथ तो बड़े नखरे किए आपने उसके साथ एक बार मे ही।
मै उसे छेड़ने लगी। वो कुछ नही बोल रहा था बस शरमा रहा था।
मै: शरमा तो ऐसे रहे हैं जैसे नई नवेली दुल्हन।
अंशु: मै जाकर तुम्हारी मम्मी को बोलूंगा कि आपकी बेटी बिगड़ गई है।
मै: मै भी चाची को बोल दूंगी कि इसे 32 या 36 के मम्मे वाली पसन्द आती है मुख जैसी 28,30 वाली को ये तरसाता है।
अंशु: किसी को बताई ना तो मै तेरी जान ले लूंगा।
मै:(हंसते हुए) जान तो पहले ही ले चुके हो।
अंशु: चल फालतू बाते मत कर।
मै उसे किस करने के लिए उसका चेहरा पकड़ने लगी वो गाल इधर उधर करने लगा। जानवी ऊपर आई।
जानवी: भाई के कपड़े तो नही है पापा के हैं।
अंशु: पागल है क्या मै ये ढीली सी नही पहनुगा।
मै: कपड़े पहनने की जरुरत क्या है ऐसे ही रहो।
अंशु: नही कोई तो फिट होगा।
जानवी और मै नीचे जाते हैं।
जानवी: क्या करूं यार भाई यहां रहता नही है तो अपने सारे कपड़े ले जाता है।
मै: अपनी पैन्टी ले और टी शर्ट ले और ये वाली कैपड़ी ले।
जानवी हंसते हुए ले लेती है।
मै: ये पैन्टी पहन लो।
अंशु: पागल है क्या?
जानवी: यहीं है जो है उसके बाद दादाजी का लंगोट है।
मै: पहन लो ना या तो ऐसे ही रहो। रात मे तो खोलना ही है।
कुछ देर मे वो पहन लेता है। अब शाम होने लगी थी बारिश अभी भी हो रही थी सितम्बर 2019 तो याद ही होगा आप लोगों को 23 तारीख के बाद से लगातार 8 दस दिन बारिश हुई थी ये उसी टाईम की घटना है। मै और जानवी थोड़ी देर नीचे जाते हैं खाने की तैयारी करने थोड़ी देर बाद वापिस आते हैं तो अंशु सो रहा था मै कमरे मे पोंछा मारती हुं और सफाई करने लगती हुं। अलमारी पर नजर जाती है जिस ग्लास मे जूस था वो खाली था मतलब अंशु ने पी लिया था मै खाली ग्लास जानवी को दिखाती हूं। अब हम बाहर आ जाते हैं। “Chudasi Ladki Romantic Story”
जानवी: तेरी तो आज खैर नही बेटा।
मै: यार मजा आ जायेगा। जानवी: मजा आएगा की नही ये तो तुझे बाद मे पता चलेगा। दो गोली का डोज है।
मै: मुझसे नही सम्हाला तो तू है ना।
जानवी: मेरी बुर दर्द कर रही है बेटा।
हम दोनो युंही हंसते हुए बातें करते हैं और खाना बना दादा दादी को खिला सुला देते हैं। अब खाना ले ऊपर आते हैं अंशु उठ चूका था उसके चेहरे पर बेचैनी थी यानि दवाई का असर हो चूका था। उसने बेडशीट से अपने लन्ड को छुपा रखा था। हम दोनो भी अभी कुछ जिक्र नही करते और तीनो बैठकर खाना खाते हैं बस हम दोनो मुस्कुरा रहे थे। कुछ देर तो उसने बर्दाश्त किया। फिर जब मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ तो उसने कहा।
अंशु: यार तुम लोगों मैं जूस में कुछ मिलाया था क्या.?
जानवी: नहीं तो।
अंशु: जरूर कुछ मिला होगा तुम दोनों ने मुझे पता नहीं कुछ-कुछ हो रहा है!
मै: क्या हो रहा है बताओ!
अंशु: यह हो रहा है ।
उसने अपनी कमर से बेडशीट हटा लिया उसका लंड जो उसने जानवी की पैंटी पहन रखी थी उसे फाड़ कर ऊपर आने को तैयार था मैंने हंसते हुए उसके जांघों के और हाथ बढ़ाया और जानवी की कैपरी को उतार दिया और जानवी की पेंटिंग को साइड कर उसके लंड को आजाद किया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
जानवी: मै जाती हूं तू अब सभाल इसे।
इतना बोल जानवी चली गई है नीचे। अंशु का लंड एकदम रोड की तरह खड़ा था और गम था मैंने उसे छुआ पैंटी उसके आंदे को दबा रखी थी जो कभी फूल हुए थे तो मैं उसकी कैपरी और उसकी पैंटी दोनों को उतार दि अब वो नीचे से पूरा नंगा था।
मैं उसका शर्ट भी उतरती और खुद के भी सारे कपड़े उतार कर पूरी नंगी हो गई और उसके सामने टांगे फैला कर लेट गई और उसके कड़क लंड को अपनी बूर पर घिसने लगी और उसे दबाकर अंदर डालने बोली उसने वैसा ही किया और थोड़ी से ही कोशिश के बाद उसका लांड मेरे बुर में उतर गया मुझे इस बार थोड़ी जलन हुई पिछली बार से ज्यादा। मेरे मुंह से ए निकले और अंशु के मुंह से भी।
मै: अच्छा लग रहा है ना।
अंशु: हां अच्छा लग रहा है!
वह मेरी बुर में लण्ङ डाले मेरे ऊपर लेटा रहा हूं मैं उसके कान गले और होठों पर चूसने लगी फिर उसकी कमर को पकड़ लि और अपने दोनों टांगों को उसकी कमर की दोनों ओर रखी थी उसकी कमर को थोड़ा ऊपर नीचे करने लगी और अपनी गांड को भी ऊपर नीचे करने लगी. “Chudasi Ladki Romantic Story”
अब उसने अपना भार अपने हाथ पर लिया और ज्यादा उसका भार मेरे शरीर पर ही था और वह अपनी कमर चलने लगा और मेरी चूदाई करने लगा। मुझे धीरे-धीरे मजा आने लगा। मेरी बुर रस बहाने लगी थी और मै आह आह उह ऊ कर रही थी। अंशु की सिसकी ले लेकर मुझे चोद रहा था। करीब 45 मिनट हो गए थे मुझे चोदते हुए मैं दो-तीन बार झड़ गई थी। “Chudasi Ladki Romantic Story”
अंशु: आह मेरी कमर दर्द करने लगी ऐसे करते-करते।
मेरी भी हालत खराब हो गई थ और मेरी दर्द भी करने लगी थी पर मैं उसे जताई नहीं और उसके गालो पर अपने चूमियों की बरसात करती रहे उसके होठों को चुस्ती रहे उसके जीव को चुस्ती रही। करीब 15 मिनट और उसने जोर लगाया और उसकी कमर दम दर्द करने लगी तो वह मेरे ऊपर ही लेट गया मेरी भी हालत खराब हो गई थी अब मैं मेरे सामने जानवी को बुलाने के सिवा कोई रास्ता नहीं था मैंने उसे कॉल कर बुलाया। कुछ 2 मिनट बाद जान भी आ गई।
मै: देखना यार 1 घंटे से ज्यादा हो गया है और यह हो ही नहीं रहा है मेरी तो दुखने लगी है।
जानवी: लाल हो गई है तेरी तो एकदम से।
मै: चल तू भी अपने कपड़े निकाल और तू भी कर ले शायद तेरे से कुछ हो जाए।
अंशु: क्या मिलाया था तुम दोनों ने मेरा बहुत दर्द कर रहा है लग रहा है कि जान निकल जाएगा।
जानवी: कुछ नहीं होगा मैं देखती हूं!
जानवी अपनी सलवार और पैंटी उतार दि और बेड पर अपनी टांग फैला कर लेट गई।
अंशु: मैं अब ऐसे नहीं कर सकता मेरी कमर दर्द कर रही है।
जानवी भी आप अपने सूट को भी उतार देती है अब वह पूरी तरह नंगी थी हम तीनों ही पूरी तरह नंगे थे वह अंशु को पीठ के ऊपर लेट आती है और अपनी दोनों टांगों को खोलकर उसके कमर पर घुटने के होती है और अपनी बूर से उसके लण्ङ को घिसने लगती है और धीरे-धीरे कर उसके लण्ङ को अपनी बूर में लेने लगती है उसे भी हल्का दर्द हो रहा था वह भी अपनी होठों को बंद करके दर्द बर्दाश्त कर रही थी।
जितना जान भी से हो सकता था वह उतना उसे अंदर लेती है और उसके लड पर हल्के हल्के ऊपर नीचे होने लगती है उसने अपना हाथ अंशु के सीने पर रख रखा था। मैं बेड पर लेटी हुई चुपचाप उन्हें देख रही थी और बीच-बीच में अंशु के सीने पर किस भी कर देती और उसके होठों को भी चुस्ती रहती और उसके पूरे शरीर को सहला रही थी ऐसा मुझे जानवी करने को बोली। करीब आधे घंटे तक रुक रुक कर जाने अंशु के लड पर कूदती रही वह शायद एक बार जर भी गई थी पर अंशु के लड पर कोई फर्क ही नहीं हो रहा था।
अंशु: कुछ करो यार काफी दर्द कर रहा है दम!
जानवी अब थक कर रुक गई और वह अब अंशु को अपने ऊपर आने बोली। अंशु उसके ऊपर चला गया और उसे चोदने लगा। जानवी ने मुझे उसके बाल को चलाने बोला मैं पीछे उसके पास बैठकर अंशु के बाल को सहलाने लगी और उसके गांड पर भी चूमने लगे और उसके शरीर को चलाने लगे अंशु तेज तेज झटके जानवी को मरने लगा जान भी दर्द से हल्की-हल्की सीखने लगी उसकी आंखों से मैं आंसू आते देखा।
अंशु: (आह आह) सॉरी यार मुझे पता नहीं क्या हो रहा है।
जानवी: आह आह और तेज करो और तेज कोई बात नहीं मैं दर्द बर्दाश्त कर लूंगी।
अंशु और तेज तेज धक्के मरने लगा मैं उसके बाल को सहला रही थी उसके बाद वह थक कर जानवी के ऊपर लेट गया मैं जानवी का चेहरा देखी वह बुरी तरह से थकी हुई लग रही थी और उसके आंखों से काफी आंसू निकल रहे थे मैं अभी भी बॉल्स को सहला रही थी और मेरे हाथों में अब जानवी और अंशु का मिला हुआ रस लगा हुआ था।
कुछ 5 मिनट अंशु जानवी के ऊपर लेट रहा उसके बाद वह निकला तो जानवी की बुर से पक आवाज आई उसके बुर से ढेर सारा रस निकल रहा था जिसे उसने अपनी पैंटी से पोछा और अपने पेटी से उसने अंशु के रस से भरे लंड को भी साफ किया। मैं अंशु के लड को देखी वह बिल्कुल लाल हो गया था और वह अभी भी काफी बड़ा ही था और हल्का इरेक्ट भी था। “Chudasi Ladki Romantic Story”
अंशु: यार अभी भी दर्द कर रहा है क्या कर दिया तुम लोगों ने ऐसा लगता है मेरा कट कर गिर जाएगा आज!
जानवी:(हल्की हँसी) मेरी जान इधर निकल रही है।
मैं बेडशीट से जानवी के चेहरे को साफ कि क्योंकि आंसुओं से उसका पूरा चेहरा गीला हो गया था। मैं जानवी की बुर को देखी उसकी हालत मेरी बूर से ज्यादा खराब थी इतनी तेज तेज धक्के लगाए गए थे उसे कि वह पूरी तरह लाल हो गई थी और फूल भी गई थी. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
फिर मैं अपनी बुर की और देखी वह भी फूल गई थी मेरे टाइम अंशु ने तेज धक्के नहीं लगाए थे लेकिन जानवी के टाइम उसका लास्ट झड़ने का था तो क्लाइमैक्स के टाइम उसने तेज तेज छक्के कम से कम 15 मिनट तक लगाए थे। कुछ देर तीनों बेड पर पीठ के बोल लेते रहे मैं बीच-बीच में उठकर अंशु को किस करती कभी जानवी को देखती वह लंबे-लंबे सांस लेकर एकदम अपनी टांगे फैलाए हुए लेटी थी।
अंशु: कुछ करो यार अभी भी दर्द कर रहा है।
जानवी और मैं दोनों अंशु के लण्ङ की और देखी वह फिर से 90 डिग्री आसमान की तरफ खड़ा था। जानवी फिर अपना सर बेड पर रख लिया और लंबे-लंबे सांस लेने लगी ऊपर की ओर देखते हुए। मैं अब अंशु की ओर देखी बहुत दर्द से बेचैन लग रहा था मैं उसके होठों को चूसते हुए बेड पर लेट गई और उसे अपने ऊपर आने को बोली.
मैं अपनी पूरी टांगे खोल दिया और उसने धीरे-धीरे लंड मेरी बुर में उतार दिया मेरे दर्द से आह निकल गए अब वह मुझे धक्के मार मार कर चोदने लगा। करीब 5 मिनट बाद मुझे काफी दर्द होने लगा मेरे आंखों से आंसू निकलने लगे जिसे देखकर अंशु रुक गया और मेरे गालों को चूसने लगा जानवी भी मेरी और अच्छी उसके भी आंखों से आंसू निकल रहे थे. “Chudasi Ladki Romantic Story”
तो अंशु ने उसके भी होठों को चूसना शुरू किया और उसे अपने करीब खींच लिया और उसके चूचियों को पीना शुरू कर दिया। अंशु ने फिर मुझे ढक कर दे दे कर छोड़ना शुरू किया मैं अपने होठों को बंद कर ली और दर्द बर्दाश्त करने वालों पर मेरे आंख सो इतनी ज्यादा बहने लगे कि वह फिर रुक गया और मेरे गालों पर चूमने लगा और मेरे होठों को चूसने लगा। मैं देख कि उसके भी आंखों से आंसू निकल रहे हैं उससे भी शायद काफी दर्द हो रहा होगा। मेरे दर्द को देख बो मेरे ऊपर से उतर गया और मेरे बगल में पीठ के बल लेट गया।
मै: जानवी उसे दर्द हो रहा है यार कुछ करना प्लीज!
जानवी:(रोते हुए) मैं क्या करूं यार मुझे भी काफी दर्द हो रहा है।
जानवी फिर भी हिम्मत कर बेड से उठी और अंशु के लण्ङ को देखी जो एकदम खड़ा था और अंशु के आंखों से आंसू निकल रहा था। वह अंशु के कमर के पास बैठ गई और उसके लंड को अपने हाथों में पकड़ लिया और उसके लण्ङ पर थूक लगाकर उसे सहलाने लगी फिर दो-चार बार उसने और थूका और उसे सहलाती रहे फिर मैं भी उसके कमर के पास लेट गई और उसके लंड पर थूका फिर जानवी ने उसे मेरे हाथ में दे दिया। बारी-बारी से हम दोनों उसके लंड को थूक लगाकर सहलाने लगे।
जानवी: अच्छा लग रहा है।
अंशु: हां अच्छा थोड़ा लग रहा है।
अब मैं और जानवी ने दोनों ने ही उसके लंड को पूरा पकड़ लिया और हल्के हल्के से सहलाने लगी। अंशु सीसी करने लगा। हम दोनों के हाथ दुखने लगे आधे घंटे से ज्यादा से हम उसके अंग को सहला रहे थे। हम दोनों अपने दोनों हाथों से बदल बदल कर उसके लंड को सहला रहे थे फिर भी उसका नहीं माल निकल रहा था और हम दोनों का हाथ दुखने लगा। बाहर तेज बारिश हो रही थी और बिजली भी चमक रही थी।
जानवी: चल बारिश में चलते हैं वहां ठंड है पानी से इसका शरीर भी ठंडा होगा और इसका यह हथियार भी।
हम तीनों उठकर बाहर बारिश में आ गए हमारे शरीर पर बारिश की ठंडी ठंडी बंदे पड़ने लगी।
अंशु: हां थोड़ा अच्छा लग रहा है भीग कर!
अंशु का लंड अभी भी पूरी तरह से करा था जानवी अंशु के पीछे खड़ी हो गई और उसके कंधों को चूसते हुए उसके लंड को हाथ में ले लिया और उसे सहलाने लगी। मैं भी अंशु को किस करते हुए उसके सीने को चूमने लगी और उसके अंग को अपने हाथ में लेकर उसे अच्छा फील करने की कोशिश करने लगी। मेरे भी शरीर को थोड़ा-थोड़ा अच्छा लगने लगा था पानी में भीग कर। पर अंशु का लंड अभी भी खड़ा था हम करीब 15 मिनट से बारिश में भीग कर उसके लंड को सहला रही थी हम दोनों के हाथ भी दुखने लगे थे। “Chudasi Ladki Romantic Story”
जानवी: मेरा हाथ दुखने लगा है अब!
अंशु: तुम्हारा सिर्फ हाथ दुख रहा है मेरा क्या दुख रहा है जो तुम्हें दिख ही रहा होगा!
जानवी: रुक मैं नीचे से हम दोनों के लिए पेन किलर लेकर आता हूं दर्द की दवाई के वजह से हो सकता है हम दोनों एक बार और करवा ले।
वह दवाई लेने चली गई यार मैं अंशु के सामने खड़ी होकर उसके लण्ङ को अपने हाथों से सहलाने लगी।
मै: सॉरी जान मेरी वजह से तुम्हें इतना दर्द सहना पड़ा।
अंशु: आह आह आराम से।
मै: चलो मेरे साथ एक बार और कर लो!
अंशु: नहीं तुम्हें दर्द होगा रहने दो बस ऐसे ही आराम आराम से करती रहो।
जानवी तब तक नीचे से ऊपर आ गई थी और हम तीनों आप बरामदे में आ गए और वहीं पर बैठ गए। बरामदे में लाइट जल रही थी और हल्की-हल्की बारिश की छींटे भी आ रही थी मैंने और जानवी ने एक-एक दर्द की दवाई ली।
अंशु: आह आह करती रहो होने वाला है।
जानवी और उसके लंड को आराम आराम से सहलाने लगी ऊपर नीचे करने लगी। ऐसा दो तीन बार हुआ वो झड़ने को होता पर झड़ता नही।
मै: एक बार फिर मैं करवा लूं क्या।
जानवी: तेरी मर्जी तू देख ले बर्दाश्त कर लेगी तो।
मैं वहीं पर टांगे खोल कर लेट गई और हम सबको अपने ऊपर आने को बली पर मैं 5 मिनट में ही टूटने लगी बहुत जल्द ही आने वाला है ऐसा बोल रहा था पर मैं दर्द से भी लगने लगी। अंशु मुझे रोता देख मेरे ऊपर से उतर गया तो जानवी जल्दी से लेट गई है अपनी टांगे फैलाकर और अंशु को बोली कि जल्दी से मेरे ऊपरआ जाओ। अंशु जानवी के ऊपर चढ़ गया और उसे चोदने लगा जानवी को भी काफी दर्द हो रहा था वह भी हल्के हल्के सिसक ने लगे पर अंशु को उसने हटने नहीं दि।
अंशु: लगता है होने वाला है!
और लगभग 10 मिनट तक उसे बेदर्दी से चोदता रहा और उसके अन्दर ही झड़ गया। अंशु जानवी को बाहों में लपेटे हुए उसे पलट कर बरामदे से बारिश की ओर ले गया और वह दोनों एक दूसरे की होठों को चूस रहे थे। जानवी अंशु के ऊपर थी और वह उसके पूरे शरीर को ऊपर से सहला रही थी और उसके होठों को चूस रही थी। मैं उठने की भी हिम्मत नहीं कर पा रही थी दर्द के कारण तो मैं भी लुढ़कते हुए बारिश में चली गई बारिश की बूंदे जब मेरी बर पर गिरी तो मुझे थोड़ी राहत मिली और उनका भी ध्यान एक दूसरे से टूटा और वह दोनों खड़े हो गए।
जानवी: (अपनी बुर अपनी हाथों से भींच ली) बाप रे इतनी दर्द कर रही है कि लग रहा है कि किसी ने मिर्च लगा दिया हो।
कुछ देर बारिश नहीं हम तीनों पीठ के बोल लेते हुए रहती है उसके बाद हम उठकर कमरे में आ जाते हैं और ट्रैवल से एक दूसरे के शरीर को सूखने लगते हैं।
अंशु: आह ये देखो यह फिर दर्द कर रहा है।
अंशु का लंड फिर से सलामी दे रहा था और वह काफी लाल हो गया था जैसे किसी ने उसे जला दिया हो।
मै: मम्मी मैं तो मर जाऊंगी अब।
जानवी: मुंह में लेकर कस लेगी तू उससे भी राहत मिलेगी थोड़ा इसे!
मै: इसे शांत करने के लिए मैं कुछ भी करूंगी।
जानवी ने पहले अंशु के बॉडी को डबल से सिखाया और हम दोनों ने भी अपने बाल सुखा है अंशु को उसने बेड पर लेट ने बोला और मुझे भी उसकी टांगों के पास बैठकर उसके लंड को चूसने बोला वह उसके लंड को मुंह में लेकर चूसने लगी। मैं कभी हाथ से उसे ऊपर नीचे करती तो कभी मुंह में लेकर चुस्ती जब मेरा मुंह दुखने लगा तो जानवी अभी उसके लंड को चूसने लगी और हिलने लगी। “Chudasi Ladki Romantic Story”
करीब 1 घंटे तक दोनों उसका लंड चुस्ती रही तब जाकर उसका रस निकला। हम दोनों राहत के सांस ली और अंशु ने भी। अब अंशु का लंड दर्द नहीं कर रहा था उसे आराम मिल गया था दवाकी वजह से हम दोनों की बुर भी थोड़ी कम दुखने लगी थी। हम तीनों नंगे बेड पर सो गए।
अगले दिन हम उठी तो हमें चलने में थोड़ी दिक्कत हो रही थी फिर हम दोनों ने एक और दर्द की गोली खाई और जैसे तैसे लगड़ाते हुए खाना बनाने के लिए नीचे गई। अभी भी कभी तेज तो कभी हल्की बारिश हो रही थी। अंशु की नींद 12:00 बजे खुली जब हम दोनों सारा काम खत्म कर कमरे में आ गई। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
हमने उसकी लंड की हालत देख जो काफी हद तक खराब लग रही थी हमारे दोनों बुर की हालत भी काफी खराब थी बहुत फूली हुई थी पहले तो वह नहाया और फिर उसने कपड़े पहने और हमने उसे खाने को दिया और हम तीनों ने ही बैठकर खाना खाया। वह घर जाने की बात करने लगा तो जान भी ने उसे खिड़की से बाहर का नजारा दिखाए चारों तरफ पानी भरा हुआ था।
मै: घर पर फोन करके बोल दो की दोस्त के यहां हूं बारिश में फस गया हूं जब बारिश खत्म होगी तभी आ पाऊंगा! मैं उसके गले में अपनी दोनों बाहों को डालते हुए बोली।
उसने भी हंसकर मेरे गालो को खींचा और दूसरी गाल पर किस किया और बोला ठीक है। अब जब तक बारिश खत्म नहीं हुई तब तक अंशु को हमारे साथ ही रहना पड़ा पहले दो दिन तो हम तीनों ने पूरी तरह रेस्ट किया कुछ भी चुदाई का प्रोग्राम नहीं बनाया पर उसके बाद जो हम तीनों ने उधम मचाया है मैं बात भी नहीं सकती उसको कितनी ही बार हम तीनों ने मिलकर चुदाई करें पूरी पूरी रात हम नंगे रहते और जब किसी को मन होता है चुदाई करने लग जाते दिन में भी हम दो-तीन बार चुदाई करते और रात में भी दो बार।
जब बारिश बंद हो गई रास्ता थोड़ा जाने लायक हो गया तो अंशु चला गया उसके दो दिन बाद जानवी के परिवार वाले भी आ गए तो मैं भी अपने घर आ गई। अब हम दोनों को ही चुदाई की लत लग गई थी पर मौका बिल्कुल भी नहीं मिल पाता था गांव में बस मैं कभी अंशु के घर जाती तो हम किस ही कर पाए या वह मेरी चूचियों को थोड़ा दवा लेता था।
ऐसे ही समय बिता और दो-तीन महीने गुजर गए और ठंड का समय आ गया। एक शाम को अंशु ने फोन किया और कहां की जब हल्का ही अंधेरा हो तो खलिहान में आ जाना मैं अंधेरा होने से पहले ही खलिहान में चली गई। जब हल्का अंधेरा हुआ तो वह भी खलिहान में आ गया और मुझे दो बोझों के बीच ले जाकर वह मुझे चूमने लगा मैं भी उसके होठों को चूमने लगे वह मेरी चूचियों को दबाने लगा हल्के-हल्के मैसेज की भरने लगी. “Chudasi Ladki Romantic Story”
फिर मैं अपना पजामा को हल्का सा नीचे उतार दि और जमीन पर लेटने पर जगह पर मैं लेट गई वह भी मेरे ऊपर लेट गया और अपने जींस को थोड़ा नीचे कर अपना लंड मेरी बुर र पर रगड़ने लगा और धीरे-धीरे घुसने लगा 3 महीने से मैं चूड़ी नहीं थी तो मेरी बुर फिर जैसे कुमारी की तरह हो गई थी और दर्द होने लगा था.
पर मैं दर्द बर्दाश्त कर ली और वह मुझे वैसे ही चोदने लगा मैं भी पूरी तरह खुद को उसे सौंप दिया और अपनी टांगे जितना फैला सकती थी फैला कर उसके लंड को लेने लगी। करीब आधे घंटे तक चोदने के बाद वह अपना लंड जल्दी से बाहर निकाल लिया और बाहर ही झड़ गया।
मै: बाहर क्यों निकाल लिए।
अंशु: ऐसे ही।
फिर उसने मुझे थोड़ा और प्यार किया और उसके बाद हम दोनों कपड़े पहनकर अपने-अपने घर में चले गए। इस टाइम कुछ 5 दिनों बाद जानवी का मुझे कॉल आया और उसने कहा कि उसे मुझसे मिलना है तो मैं उसके घर चली गई। घर पर जाकर हम थोड़ी देर उसके परिवार से मिली फिर वह मुझे ऊपर के कमरे में ले गई।
कमरे का दरवाजा उसने बंद कर दिया और बेड पर बैठ गई मैं भी उसके पास जाकर बैठ गई वह मुझे गले लगा कर फूट-फूट कर रोने लगी। मुझे अचानक लगा कि यह क्या कर रही है रोने क्यों लग रही तो मैंने पहले तुमसे चुप कराया फिर उसे पूछा कि रो क्यों रही है। “Chudasi Ladki Romantic Story”
जानवी: मैं मां बनने वाली हूं! मैं यह बात सुनकर एकदम शौक हो गई।
मै: कैसे हुआ है और किसने किया।
जानवी: उसी टाइम के वजह से हुआ है और कौन करेगा मैं किससे करवाऊंगी।
मतलब जानवी का कहना था कि हम तीनों ने जो उसे टाइम मस्ती की थी जिसकी वजह से जानवी प्रेग्नेंट हो गई थी यह सुनकर दो मेरा दिमाग ही पूरा घूम गया और मैं भी रोने लगी। उन 8 दिनों की 14 पट्टी के बाद मुझे पीरियड्स आ गए थे हम दोनों ने कुछ भी उस टाइम ध्यान नहीं दिया सिर्फ प्यार में इतने मशगूल हो गए की सिर्फ चुदाई चुदाई और चुदाई ही किया बिल्कुल भी कोई प्रोटेक्शन नहीं और कोई भी सतर्कता नहीं बरती थी है हम तीनों ने।
जानवी: अब मैं क्या करूं मेरी तो जिंदगी बर्बाद हो गई मैं किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं बचूंगी!
वह रोते हुए बोली मैं भी रोने लगी थी। तभी दरवाजे पर किसी ने दस्तक दी बाहर शायद जानवी की भाभी थी वह दरवाजा खुलवा रहे थे की जानवी जानवी खोलो दरवाजा। हम दोनों ने आंसू पोछे और दरवाजा खोला। जानवी की भाभी कमरे में आ गई और उन्होंने पूछा कि क्या हुआ रो क्यों रही थी तुम दोनों। जानवी ने झूठ बोलने की कोशिश की पर उसके आंखों से आंसू नहीं रुके और वह फिर से रोने लगी।
भाभी: क्या हुआ रो क्यों रही हो!
भाभी के दो-चार बार और पूछने पर जानवी ने रोते हुए भाभी को बता दिया कि वह प्रेग्नेंट है। भाभी ये सुनते ही अचानक जानवी को एक थप्पड़ लगा दी फिर वह जानवी को गले भी लगा ले जानवी फूट-फूट कर जोर से रोने लगी तो भाभी उसे चुप करने लगी मैं भी उसे चुप करने लगी मैं भी रोने लगी थी। करीब आधे घंटे बाद जान भी चुप हो गई। “Chudasi Ladki Romantic Story”
भाभी: कौन है वह लड़का। इतनी पढ़ी लिखी हो कर भी तुमने ऐसा क्यों किया। भाभी दो चार बार और लड़के के बारे में पूछी की कौन है वह लड़का कहां रहता है क्या करता है।
मै: है भाभी दोस्त ही हैं।
भाभी: बुलाओ उसे, आ जाएगा ना या धोखा देगा।
भाभी कुछ देर बाद नीचे चली गई।
जानवी: लवली तू क्या अंशु को मेरे लिए छोड़ सकती है क्या। वह रोते हुए बोली।
मै: क्या बोल रही है तू।
जानवी: अंशु मुझसे शादी कर लेगा ना।
मै: यह क्या बोल रही है तू मैं उससे प्यार करती हूं यार उसे तेरी शादी कैसे मुझे समझ नहीं आ रहा है।
जानवी: तो मैं क्या करूं तुम ही बता मैं मर जाऊं या अपने बच्चे को मार दूं तू ही मुझे कोई ऑप्शन दे।
वो रोते हुए बोली। मैं भी रोने लगी। हम दोनों ही रोए जा रहे थे कुछ देर बाद भाभी आ गई और हम दोनों को रोता देख उन्होंने बोला।
भाभी: क्या हुआ क्या सोच रहे हो तुम दोनों रोने से कुछ नहीं होगा उसे लड़के को फोन किया या नहीं उसे लड़के को आने दो वह क्या डिसीजन लेता है उसके बाद हम खुद सोचेंगे! भाभी हम दोनों को चुप करा कर फिर नीचे चली गई उनके जाते ही जानवी मेरे गले लग गए। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
जानवी: प्लीज यार लवली एक बार मेरी अंशु से बात कर दे फिर वह जो डिसीजन लेगा मैं मान लूगी अगर वह मुझसे शादी नहीं करने को भी बोलेगा तो भी मैं मान लूंगी अपने बच्चों को मैं अबाउट करवा दूंगी। वह रोते हुए बोली मैं हल्के से उसके गाल पर एक थप्पड़ मारा और।
मै: तू बच्चे का अबॉर्शन के बारे में सोची भी कैसे।
फिर मैं उसे चुप कारण और खुद भी थोड़ी देर शांत होने की कोशिश की और अंशु को फोन लगाए और उसे बोली कि जानवी के घर आ सकते हो क्या थोड़ी इमरजेंसी है तो वह बोला ठीक है 1 घंटे में आता हूं। 1 घंटे बाद वह घर के करीब आया तो उसने फोन किया हमने उसे बाहर के रास्ते से ऊपर के फ्लोर पर बुलाया। हम दोनों का रोता हुआ चेहरा देख वो हमसे पूछा कि क्या हुआ दोनों के आंख क्यों सूजे हुए हैं रो क्यों रही थी तुम लोग। “Chudasi Ladki Romantic Story”
जानवी: आई एम प्रेगनेंट। जानवी ने हल्के से रोते हुए नज़रे नीचे कर कहा।
अंशु जानवी के नजदीक गया और उसके चेहरे को उठाते हुए उसके माथे को चूम लिया और बोल के रो मत कोई प्रॉब्लम की बात नहीं है इतने में ही भाभी कमरे के दरवाजे पर आ गई।
भाभी: तुम लड़के हो शर्म नहीं आती दूसरे के घरों की इज्जत से खेलते हुए।
भाभी अंशु को खरी खोटी सुनाने लगी। अंशु चुपचाप सुनता रहा मेरे भी आंसू निकल रहे थे और जानवी भी रोने लगी थी। तभी छत पर जानवी के भाभी को ढूंढते हुए उसके भैया भी आ गए और कमरे में इतने लोगों को देखकर पूछा कि क्या हो रहा है यहां। अंशु नए जानवी के भैया को नमस्ते किया और सीधे ही बोल दिया कि भैया मैं आपकी बहन से शादी करना चाहता हूं।
उसके भैया भड़क गए और गुस्सा करने वालों की कौन हो तुम क्या करते हो ऐसी कोई करता है क्या तो भाभी उनको नीचे ले गई और शायद भाभी ने नीचे जाकर उनको बताया होगा कि जानवी प्रेग्नेंट है तो फिर दौड़ते हुए ऊपर आया और अंशु पर गुस्सा उतारने के लिए उसकी और बदे। “Chudasi Ladki Romantic Story”
अंशु को जानवी के भैया ने कॉलर से पकड़ लिया और उसे घसीटते हुए छत पर लेकर मैं उनके पीछे गई उन्हें छुड़ाने के लिए फिर अंशु ने खुद को छुड़ाया और थोड़ा गर्म ध्यान से बोला कि क्या कर रहे हो यार भैया देखो मैंने माना कि मुझसे गलती हुई है पर मैं शादी भी तो करना चाहता हूं भाग तो नहीं गया कहीं और मेरे बारे में पता कर लीजिए मैं कौन हूं कौन से परिवार से हूं सब पता कर लीजिए आप!
जानवी के भैया फिर आराम से नाम बोलने लगे तो जान भी बीच में आ गए और बोली कि भैया अंशु की कोई गलती नहीं है उसके ही सारी गलती है तो उसके भाई ने जानवी को एक थप्पड़ लगा दिया जिससे वह गिरने वाली थी तो मैंने उसे पकड़ लिया और गिरने से बचा लिया।
अंशु अब और थोड़ा गुस्से में बोला कि मैं आपसे तमीज से बात कर रहा हूं और आप आधा भाई कर रहे हैं मैं आपको बोल रहा हूं कि आप कहीं भी पता कर सकते हैं मेरे बारे में और मेरे परिवार के बारे में उसके बाद भी आप कुछ डिसीजन लेना। अंशु फिर अपने कान पड़कर सॉरी भी बोलता है जो सब हुआ उसके लिए फिर नीचे से भी जानवी के परिवार वाले ऊपर में हल्ला सुन आ जाते हैं और बोलते हैं की छत पर तमाशा मत करो नीचे चलकर जो करना है बात करो. “Chudasi Ladki Romantic Story”
फिर नीचे हॉल में जाते हैं जहां जानवी के मम्मी पापा दादा दादी और भैया भाभी होते हैं और वहां पर हम तीनों भी होते हैं। अंशु पूरी शालीनता और धारिता से सबको अपने और अपने परिवार के बारे में बताता है और बोलता है कि आप पता कर लीजिए जो आपको पता करना है और उससे गलती हुई है वह माफी मांगता है.
और वह शादी करना चाहता है अभी लगन का टाइम भी है 5 दिन में लग्न खत्म हो जाएगा उससे बढ़िया है कि सब परिवार वाले मिल बैठकर आपस में बात कर ले और शादी तय कर दे हमारी। पुरुष के परिवार वाले भी कहीं पर फोन कर पूछते हैं कुछ अंशु के बारे में परिवारों के बीच एक दन मीटिंग होती है और 5 दिन बाद जो लगन था चांदी का लास्ट लगन उसी में उन दोनों की शादी तय हो जाती है।
मैं अपने दिल पर पत्थर रखकर अपने लवर की शादी अपने फ्रेंड से करवा देता हूं। पर मैं जानवी से कह देता हूं कि यह है तो तुम्हारा पति ही लेकिन इस पर हमेशा तुमसे ज्यादा मेरा हक होगा याद रखना। जानवी: हां ठीक है मैं भी तुमसे वादा करती हूं कि मेरे पति पर मेरे से ज्यादा तुम्हारा हक होगा चाहे वह हक किसी भी प्रकार का हो।
दो-तीन दिन तो मैं खूब रोइ फिर शादी नजदीक आने लगी तो मैं खुद से समझौता कर लिया कि जो होना है होगा। अब शादी होगी उनकी हो गई और सुहागरात की भारी आए थे तो मैं सुहागरात के टाइम अपने घर पर बोल दी कि म अंशु के घर पर उसके परिवार वालों के साथ रुकूंगी. “Chudasi Ladki Romantic Story”
और मैं अंशु के घर ही शादी में थी तो चुपके से दुल्हन के कमरे में चली गई और बेड के नीचे छिप गई। जानवी ने भी मुझे छुपाने में मेरी मदद की। दुल्हन के कमरे से सब लोग जब चले गए और अंशु आकर जब दरवाजा बंद किया और उसने बेड पर आकर जानवी को गले लगाया तो मैं वेट के नीचे से चुपके से निकल गई।
अंशु: तू क्या कर रही है यहां!?
वह हंसते हुए मुझसे पूछा।
मै: तेरी परछाई हूं मैं कभी तझे अलग नहीं होगी!
अंशु ने मुझे भी बेड पर बलाया मैं वहां गई तो उसने मुझे बाहों में भर लिया और एक तरफ बाहों में उसके जान भी थी और दूसरी तरफ में मैं उसके दोनों टांगों के बीच में थी उसके गोद में उसकी दाईं और जान भी थी। मेरा चेहरा अंशु पेट पर था और वह मेरे चेहरे को छूते बोला। “Chudasi Ladki Romantic Story”
अंशु: तेरे घर वाले तुझे ढढेंगे। तो क्या करेगी तू।
मै: मैं घर पर बोलदी हूं कि मैं तुम्हारे परिवार वालों के साथ हूं।
कुछ देर तो हम तीनों बातें करते रहे।
मै: चलो अब सब अपने कपड़े उतारो हमारी सुहागरात है।
अंशु पहले मुझे बाहों में भर लिया और मेरे होंठ चूसने लगा फिर वह जान भी कभी होंठ चूसने लगा और उसके बाद वह मेरे गले कान कंधे से होते हुए मेरी चूचियों को चूसने लगा मैं उसे बोली कि इन्हें चूस चूस कर लाल कर दो। अब नीचे आकर वह मेरी जो बुरे को चूसने लगा.
और मेरी जांघों को चूसने लगा जान भी ने उसके लंड को चूस कर थोड़ा गीला किया और मैं अंशु को नीचे लेटा दि और उसके लंड के ऊपर अपने बुर को सेट कर उसके लंड पर बैठ गई और अपनी गांड को उठा उठा कर चूदवाने लगी। कुछ देर बाद वह मेरे ऊपर आ गया और मुझे दनादन चोदने लगा।
वह बगल में लेती जानवी के भी चूचियों को चूस लेता और उसके होठों को भी चूस लेता। मैं भी अपनी पूरी टांगों को उसके कमर पर कस ली और वह मेरी चूची को चूसते हुए मुझे चोद रहा था। कुछ देर बाद को झड़ने वाला था तो उसने लंड मेरी बुर से निकाल दिया। “Chudasi Ladki Romantic Story”
मै: निकाला क्यों।
अंशु: तू नही जानती क्या। मैं उसके सीने पर मुक्का मारती हूं।
अंशु: दोनों में से कोई टेस्ट करोगी यहां बाहर निकाल दूं।
दोनों एक साथ बोली मैं मै। मैं और जानवी बेड पर बैठी रही और अंशु बेड पर खड़ा हो गया और हम दोनों उसके लंड को अपने मुंह में लेकर चूसने लगे थोड़े ही देर बाद अंशु ने पहले पिचकारी मेरे मुंह में डालें और उसके बाद दूसरी पिचकारी जानवी के मुंह में डाली। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
उसके बाद अंशु ने धीरे-धीरे से जानवी को चोदा उसकी टांगों को उठाकर एक बार और उसके बाद में उसे रात उससे तीन बार चुदाई और तीनों ही बार रस को हम दोनों सहेलियों ने मिल बात कर चाट लिया। चुदाई के बाद हम तीनों ही नंगे बेड पर सो गई। अगले दिन से कुछ महीनो तक मैं चुपके से अपनी सहेली से मिलने के बहाने दिन में ही आ जाती और अंशु होता ही कमरे में तो चुपके से वह मुझे चोद लेता अगर कोई आसपास नहीं होता तो।
कभी-कभी जान भी दरवाजे पर दरवाजा नहीं कर दिया और अंशु मुझे अंदर छोड़ रहा होता था दिन में क्योंकि रात में आना पॉसिबल नहीं हो सकता था। कुछ महीने बाद लॉकडाउन लग गया और उसके कुछ महीनो बाद अंशु की जब भी लग गई थी। तो अंशु तो अपने जॉब पर चला गया और इधर अंशु के बच्चे होने का टाइम आया तो जानवी और अंशु को एक सुंदर सा बेटा हुए थे। आज भी मैं उसकी याद में कुंवारी बैठी हूं दोस्तों। क्या लगता है आपको कि मुझे शादी कर लेनी चाहिए या नहीं। [email protected] आप अपने विचार हमें इस आईडी पर मेल कर सकते हैं कहानी पूरी पढ़ने के लिए धन्यवाद। “Chudasi Ladki Romantic Story”
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