चुदासी बहन ने सील तुड़वाया भैया से

हेलो मेरा नाम दिव्यांश है। मैं अपनी छोटी बहन दिशा के साथ रहता हूँ। दिशा कॉलेज की फर्स्ट ईयर स्टूडेंट है, सिर्फ 18 साल की, और मैं उससे दो साल बड़ा हूँ, इंजीनियरिंग कर रहा हूँ। उसका फिगर कमाल का है – 34-28-36, गोरी चमड़ी, लंबे बाल, और वो टाइट कपड़े पहनती है जो उसके उभरे हुए स्तनों और गोल गांड को हाइलाइट करते हैं। Sister Pink Pussy Fucking

हम दोनों हमेशा साथ पढ़ते हैं, लेकिन उस रात कुछ अलग ही हो गया। रात के दो बज चुके थे, घर में सब सो चुके थे। मैं और दिशा स्टडी रूम में किताबें फैलाए बैठे थे। दिशा का मन पढ़ाई में नहीं लग रहा था, वो बार-बार मेरी तरफ देख रही थी, अपनी जांघें रगड़ रही थी जैसे कोई खुजली हो।

उसके चेहरे पर एक शरारती मुस्कान थी, जो मुझे बेचैन कर रही थी। मेरा लंड पहले से ही हल्का सख्त होने लगा था, क्योंकि मैंने नोटिस किया कि उसकी टी-शर्ट के नीचे ब्रा नहीं थी, और उसके निप्पल्स साफ दिख रहे थे। अचानक दिशा ने पूछा, “भैया, क्या तुम्हें कभी… वो वाली फीलिंग आती है?”

मैंने किताब से नजरें उठाईं और पूछा, “कैसी फीलिंग, दिशा?”

वो शरमाते हुए बोली, “वो… सेक्स वाली। मैंने सुना है कि लड़कियां जब बड़ी होती हैं, तो उनकी बुर में खुजली होती है। मेरी भी हो रही है, भैया। मैं रात-रात भर उंगली करती हूँ, लेकिन मजा नहीं आता। मैंने कभी किसी लड़के के साथ नहीं किया। तुम समझ रहे हो ना, कैसा लगता है? तुम्हारा लंड कैसा है? मैं देखना चाहती हूँ।”

मैं स्तब्ध रह गया। मेरी छोटी बहन ऐसी गंदी बातें कर रही थी? लेकिन सच कहूँ तो मैं भी दिशा को चोरी-चोरी देखता था। उसकी गोरी जांघें, टाइट टी-शर्ट के नीचे उभरे हुए 34C के स्तन – सब मुझे पागल कर देते थे। रात को मैं उसके बारे में सोचकर मुठ मारता था।

मैंने कहा, “दिशा, ये गलत है। हम भाई-बहन हैं।”

लेकिन मेरी आवाज कमजोर थी, क्योंकि मेरा लंड अब पूरी तरह सख्त हो चुका था, पैंट में तंबू बना रहा था।

दिशा हंस पड़ी और बोली, “अरे भैया, घर में कौन देख रहा है? बस एक बार ट्राई करो ना। मैंने इंटरनेट पर देखा है, भाई-बहन भी चुदाई करते हैं। मेरी बुर का उद्घाटन तुम ही करो। प्लीज! मैं तुम्हारे लंड को चूसना चाहती हूँ, उसे अपनी चूत में महसूस करना चाहती हूँ।”

उसकी आँखों में वो कामुक चाहत देखकर मैं खुद को रोक नहीं पाया। मैं उठा, दरवाजा बंद किया और उसे अपनी मजबूत बाहों में खींच लिया। “ठीक है, लेकिन ये हमारा राज रहेगा। आज मैं तेरी कुंवारी चूत को फाड़ दूंगा।” दिशा की सांसें तेज हो गईं, उसका शरीर गर्म था। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

मैंने उसके मुलायम होंठों पर अपने होंठ रख दिए। चुंबन गहरा होता गया – हमारी जीभें एक-दूसरे से लड़ रही थीं, लार का आदान-प्रदान हो रहा था। मेरा हाथ उसकी टी-शर्ट के अंदर घुस गया, उसके नर्म, गोल स्तनों को जोर से दबाने लगा। दिशा सीत्कार कर उठी, “आह… भैया, कितना अच्छा लग रहा है। मेरे चुचे दबाओ, निप्पल्स को मसलो।”

मैंने दिशा की टी-शर्ट उतार दी। उसके गुलाबी निप्पल्स सख्त हो चुके थे, जैसे छोटे-छोटे अंगूर। मैंने एक निप्पल मुंह में लिया और जोर से चूसने लगा, दांतों से काटा। दिशा की चूत गीली हो गई, वो अपनी जांघें सटा रही थी। वो बड़बड़ाई, “भैया, नीचे… नीचे छुओ ना। मेरी चूत में आग लगी है।”

मैंने उसकी स्कर्ट ऊपर की और पैंटी में हाथ डाला। दिशा की चूत चिकनी थी, बस हल्के बाल, और पूरी तरह भीगी हुई। मेरी उंगली उसकी क्लिट पर रगड़ने लगी, फिर एक उंगली अंदर डाली। दिशा की चूत इतनी टाइट थी कि उंगली मुश्किल से घुसी।

दिशा बोली, “ओह भैया, ये क्या कर रहे हो? इतना मजा आ रहा है! और अंदर डालो, उंगली से चोदो मुझे।”

मैंने दिशा को टेबल पर लिटा दिया, उसकी स्कर्ट और पैंटी पूरी तरह उतार दी। दिशा की कुंवारी बुर गुलाबी और गीली थी, छोटे-छोटे होंठ फैले हुए, क्लिट उभरी हुई। मैंने अपना चेहरा उसकी चूत पर रखा और जीभ से चाटने लगा। दिशा की चूत का स्वाद नमकीन और मीठा था, वो कमर उछाल रही थी।

“आह भैया, जीभ से चोदो! मेरी चूत चाटो, क्लिट चूसो!” मैंने जीभ अंदर डाली, उसके रस को पिया। दिशा का पहला ऑर्गेज्म आया, वो चीखी और उसकी चूत से पानी की धार निकली। अब मैंने अपना पैंट उतारा। मेरा लंड 8 इंच का, मोटा और सख्त, नीली नसों से भरा, बाहर आ गया।

टोपे पर प्रीकम चमक रहा था। दिशा की आंखें फैल गईं, “भैया, इतना बड़ा और मोटा? डर लग रहा है, लेकिन मैं इसे चूसना चाहती हूँ।” वो घुटनों पर बैठी और मेरा लंड मुंह में ले लिया। उसकी गर्म जीभ मेरे टोपे पर घूम रही थी, वो जोर-जोर से चूस रही थी, गले तक ले रही थी। “एम्म… भैया, तुम्हारा लंड इतना टेस्टी है। मैं इसे रोज चूसूंगी।”

मैंने कहा, “डरो मत, बहन। धीरे-धीरे डालूंगा।” मैंने अपना लंड दिशा की चूत पर रगड़ने लगा, उसके रस से चिकना किया। दिशा की चूत से पानी बह रहा था। मैंने धक्का दिया। लंड का सुपारा अंदर घुसा, दिशा की टाइट चूत ने उसे जकड़ लिया। दिशा चीखी, “आह… दर्द हो रहा है भैया! धीरे करो!” लेकिन मैं नहीं रुका।

एक जोरदार धक्के में आधा लंड अंदर। दिशा की सील टूट गई, खून की कुछ बूंदें निकलीं, उसकी चूत फट गई लग रही थी। वो बोली, “ओह भैया, मार डाला तुमने! मेरी बुर फट गई!” मैंने दिशा के होंठ चूसते हुए धक्के मारने शुरू किए, धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाई। अब दर्द की जगह मजा आने लगा। “Sister Pink Pussy Fucking”

दिशा की कमर ऊपर-नीचे होने लगी, वो अपनी गांड उछाल रही थी। वो बोली, “हां भैया, चोदो मुझे। मेरी बुर फाड़ दो। तुम्हारा मोटा लंड मेरी चूत को भर रहा है, कितना मजा आ रहा है! जोर से ठोको!” मेरा लंड पूरी स्पीड से अंदर-बाहर हो रहा था, हर धक्के में उसकी चूत की दीवारें रगड़ रही थीं। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

कमरे में पच-पच, फच-फच की आवाजें गूंज रही थीं। दिशा के बड़े स्तन उछल रहे थे, मैंने उन्हें जोर से दबाते हुए स्पीड बढ़ाई, निप्पल्स को मसल दिया। दिशा फिर से झड़ी, उसकी चूत ने मेरे लंड को दबाया। मैं बोला, “दिशा, मैं झड़ने वाला हूं। तेरी चूत में ही डालूंगा।” दिशा ने कहा, “अंदर मत डालना भैया, बाहर निकालो। प्रेग्नेंट हो जाऊंगी!” लेकिन मैं नहीं माना।

एक आखिरी जोरदार धक्के में मैंने अपना सारा गर्म वीर्य दिशा की चूत में उड़ेल दिया, इतना ज्यादा कि बाहर बहने लगा। हम दोनों पसीने से तर-बतर होकर लेट गए, मेरा लंड अभी भी उसकी चूत में था। दिशा ने मुझे चूमा और बोली, “थैंक यू भैया, मेरी बुर की उद्घाटन पार्टी सुपरहिट रही। दर्द हुआ लेकिन मजा दोगुना आया। अब रोज ऐसे ही पढ़ाई करेंगे, और तुम मुझे हर पोजिशन में चोदोगे।”

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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