ग्राहक की बीवी ने चूत में लंड लेकर लोन पास कराया

मेरा नाम विकी है.. मैं पंजाब के जालंधर का रहने वाला हूँ। मेरी हाइट 5 फुट 7 इंच है और मेरा औजार 6 इंच लंबा और बहुत मोटा है।

अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली कहानी है उम्मीद करता हूँ कि आप सब को पसंद आएगी। ये बात तब की है.. जब मैं नया-नया चंडीगढ़ गया था.. मुझे सेक्स के बारे में जानकारी तो बहुत पहले की थी.. जब मैं 12 वीं क्लास में पढ़ता था। चंडीगढ़ में मैं एक बैंक में काम करता था। मेरा फील्ड का काम था। एक बार मैं एक क्लाइंट के घर गया.. सेक्टर 17 में मुझे लोन लेने वाले के बारे में जानकारी करनी थी। जब मैं वहाँ गया तो दरवाजा एक नौकरानी ने खोला।

मैंने मालिक के बारे में पूछा तो वो मुझे ड्राइंगरूम में बिठा कर मालिक को बुलाने चली गई।

कुछ देर बाद एक बहुत खूबसूरत औरत बाहर आई. उसकी उम्र कोई 27-28 के करीब होगी। उसका फिगर ऐसा था कि जैसे ऊपर वाले ने बिकुल फ़ुर्सत में बनाया हो। वो खूबसूरत इतनी अधिक थी कि मैं तो बस उसकी खूबसूरती में खो ही गया।

उसने मुझे ‘हैलो’ कहा.. और आके सामने वाले सोफे पर बैठ गई।

मैंने उसके पति के बारे में पूछा … तो उसने कहा- वो तो बाहर गए हैं तीन महीनों के लिए! क्योंकि लोन उसके पति के नाम पर था.. तो मैंने उसको कहा- जब वो आयेंगे तब ही लोन का काम आगे बढ़ेगा.. क्योंकि लोन उसके पति के नाम पर था। तो उसने मुझसे कहा- मुझको लोन की सख्त ज़रूरत है। मैंने अपनी दिक्कत बताई कि ऐसे काम नहीं चलेगा।

तो उसने कहा- क्या आप आज शाम को 7 से 8 बजे के करीब मेरे घर आ सकते हैं.. क्योंकि मुझे अभी किसी पार्टी में जाना है. “ओके, मैं शाम को आता हूँ…”

और मैं नमस्ते कह कर वहाँ से चला गया। उसकी तस्वीर मेरी आँखों में सारा दिन घूमती रही।

आख़िर शाम हो ही गई.. मैं लगभग 7.40 पर उसके घर पहुँचा.. वो एक पतली सी काली रंग की नाईटी पहनी हुई थी। उसने मुझे अन्दर बुलाया। हम ड्राइंग रूम में बैठ कर बातें करने लगे। मुझे उसके इरादे कुछ ठीक नहीं लग रहे थे। वो बातें करते हुए बार-बार अपनी टाँगें खुजा रही थी … और कभी-कभी नाइटी ऊपर उठा देती।

कुछ देर बातें करने के बाद जब मैंने कहा- आपके पति के सिग्नेचर किए बिना लोन पास नहीं होगा। तो उसने कहा- सिग्नेचर मैं कर दूँगी … आप सिग्नेचर करवा लो और लोन पास कर दो. मुझे लोन की बहुत ज़रूरत है। उसके बदले आप कुछ भी माँग लो।

मैं उसका इशारा समझ गया था पर कुछ कहने से डर रहा था। मैंने उससे विदा माँगी तो वो बोली- आप ऐसे नहीं जा सकते … अगर आप मेरे पति से मिलना चाहते हो तो ठीक है आप मिल लेना. पर क्या आप मेरे साथ एक ड्रिंक तो ले सकते हो.. क्योंकि मुझे अकेले ड्रिंक करने की आदत नहीं है।

मैंने उसे ‘हाँ’ कर दी।

वो दो ड्रिंक ले के आई. काफ़ी स्ट्रॉंग पैग थे. ड्रिंक करने के कुछ देर बाद मुझे अजीब सा हुआ लगता था कि ड्रिंक में कुछ मिलाया हुआ है। मैं अपने होश गंवा बैठा था। वो मेरे पास आई और सोफे पर बैठ गई। उसको पता नहीं क्या हुआ … एकदम से मुझे किस करने लगी। मुझे अच्छा लगने लगा और मैं भी उसका साथ देने लगा।

धीरे-धीरे उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए। अब उसने मेरे लण्ड को पकड़ लिया और ज़ोर से हिलाने लगी। मैं बस आँखें बंद किए हुए मज़ा ले रहा था। एकदम से उसने मेरे लण्ड को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी।

काफ़ी देर तक वो मेरे लण्ड को चूसती रही। पता नहीं क्यों … मेरा माल लीक ही नहीं हो रहा था. शायद ये उस ड्रिंक का कमाल था जिसमें उसने कुछ मिला रखा था।

अब मैंने उसे बगल में खींचा और उसके कपड़े उतारने लगा। उसने नाइटी के नीचे कुछ नहीं पहना था। उसकी चूत एकदम साफ़ थी जैसे आज ही चिकनी की हो। मैं उसके चूचे चूसने लगा. वो काफ़ी गर्म हो गई थी।

धीरे-धीरे मैं उसकी चूत पर पहुँच गया जब मैंने उसकी चूत पर मुँह लगाया तो उसने मेरे सिर को अपनी चूत पर दबा दिया। अभी मुश्किल से मैंने एक मिनट ही चूसा होगा कि उसका पानी निकल गया। उसका पानी बहुत टेस्टी और गाढ़ा था।

अब मैंने उसको लेटा दिया और लण्ड को उसकी चूत पर रखकर एक धक्का दिया, उसके मुँह से चीख निकल गई। अब मैंने धीरे-धीरे उसको किस करते हुए लण्ड पेलना शुरू किया। कुछ ही देर में मेरा पूरा लण्ड उसकी चूत के अन्दर था। धीरे-धीरे मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और उसको चोदने लगा।

काफ़ी देर उसी अवस्था में चोदने के बाद मैंने उसको अपने ऊपर लिया। अब वो ऊपर बैठ कर मुझे चोद रही थी करीबन 20 धक्कों के बाद उसने एक बार फिर पानी छोड़ दिया।

तब वो कुछ ढीली पड़ गई तो मैंने उसे घोड़ी बना कर एक बार में ही उसकी चूत में लण्ड डाल दिया. वो मस्त हो उठी। मैं जम कर उसे चोद रहा था. कोई 10 मिनट बाद मेरा भी काम हो गया और मैंने अपना माल उसकी चूत में ही छोड़ दिया।

कुछ देर बाद मैंने उठ कर अपने कपड़े पहने और जाने को हुआ तो उसने मुझसे कहा- ये उनका लोन पास करने की पहली क़िश्त है.. आप हमारा लोन पास कर दो.. आप कभी भी आ कर बाकी की किश्तें ले सकते हो। मैं हँस दिया. उसने मेरा नंबर नोट किया और मुझे अपना नम्बर दिया।

फिर मैं हर दूसरे-तीसरे दिन उसको चोदने लगा। उसके बाद कुछ ऐसा हुआ कि मैं जिगोलो की जिंदगी जीने लगा.. उसने मुझसे अपनी बहुत सी सहेलियों को चुदवाया। बाकी की कहानी मैं आपको अगली बार सुनाऊँगा। इस काम से मुझे काफ़ी कमाई होने लगी दो साल बाद मैं जालंधर शिफ्ट हो गया अब मैं यहाँ भी जिगोलो का काम शुरू करना चाहता हूँ।

आपको कहानी कैसी लगी, ज़रूर बताना। [email protected]

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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