आत्माराम की बीवी और बेटी बनी रंडियां-3

पिछला भाग पढ़े:- आत्माराम की बीवी और बेटी बनी रंडियां-2

नमस्कार दोस्तों, अपनी TMKOC सेक्स कहानी का अगला भाग लेके मैं आप सब के सामने फिर से हाजिर हूं। उम्मीद है आप सब ने इस कहानी का पिछला पार्ट पढ़ा होगा, और उसको पढ़ कर आप सब को मजा भी आया होगा। अगर अभी तक आपने पिछला पार्ट नहीं पढ़ा है, तो कृपया उसको पहले जा कर पढ़ ले।

पिछले पार्ट में आपने पढ़ा था कि जब माधवी ने जेठालाल के साथ कुछ करने से मना किया, तो जेठालाल ने उसको पैसे ऑफर कर दिए। पैसे की बात सुन कर माधवी पिघल गई, और जेठालाल के साथ चुदाई करने के लिए उसने हामी भर दी। फिर दया 2 दिन के लिए बाहर गई, और जेठा ने भिड़े को भी बाहर भेज दिया। अब माधवी सेक्सी कपड़े पहन के रेडी हुई, और जेठालाल के कमरे की तरफ चल पड़ी। अब आगे-

माधवी जेठा के कमरे के बाहर पहुंच चुकी थी। फिर उसने दरवाजा खटखटाया। जेठा ने उसको अंदर आने को कहां। जैसे ही माधवी अन्दर गई, जेठा उसे देखता ही रह गया। जेठा बिस्तर पर बैठा था पीछे टेक लगा कर, और उसने कुर्ता पजामा पहना था। माधवी के कसे हुए कपड़ों में उसके शरीर के अंग बहुत बड़े लग रहे थे। गहरी क्लीवेज, बड़े-बड़े मम्मे, शॉर्ट्स से बाहर निकलते हुए चूतड़ देख कर जेठा का लंड एक-दम से खड़ा हो गया।

जेठा को हैरान होता देख कर माधवी खुश हो गई, और मन में सोचने लगी कि उसकी मेहनत सफल हो गई, और आज जेठा उस पर पैसों की बारिश कर देगा। फिर वो आगे बढ़ी, और उसको अपने पास आता देख जेठा बिस्तर से खड़ा हो गया। अब वो दोनों एक-दूसरे के बिल्कुल करीब आ चुके थे।

सिर्फ करीब आने से ही वो दोनों उत्तेजित होने लगे थे, और दोनों की सांसे तेज़ होने लगी थी। फिर जेठा ने माधवी से कहा-

जेठालाल: माधवी तुम बहुत सेक्सी लग रही हो।

माधवी कुछ नहीं बोली, बस मुस्कुरा कर अपना सिर नीचे झुका लिया। फिर जेठा ने अपना हाथ माधवी की कमर में डाला, और उसको अपनी तरफ खींचा। अब दोनों के जिस्म आपस में चिपक गए थे, और होंठ एक-दम करीब आ गए थे। दोनों एक-दूसरे की सांसों को महसूस कर पा रहे थे। गरम सांसों के मिलन से जेठा के लंड में और माधवी की चूत में करेंट सा लग रहा था।

फिर जेठा ने अपने होंठों को थोड़ा आगे बढ़ाया, और माधवी के रसीले होंठों के साथ चिपका दिया। आह क्या मजा आया दोनों को इसमें। अब जेठा माधवी के होंठो को चूसने लगा, और माधवी भी उसका साथ देने लगी। वो होंठों को चूसते हुए माधवी की कमर को अपने पंजे में भींच रहा था। इससे माधवी और उत्तेजित हो रही थी।

फिर जेठा ने होंठ चूसते हुए पीछे से माधवी के टॉप में हाथ डाल दिया, और उसकी नंगी पीठ को सहलाने लगा। अपने नंगे बदन पर जेठा के हाथ को महसूस करने माधवी के बदन में आग सी लगने लगी। कुछ मिनट बाद जेठा ने किस्स तोड़ी, और माधवी की गर्दन को चूमते हुए उसकी क्लीवेज तक आ गया।

भरे हुए बूब्स की क्लीवेज भी बड़ी सेक्सी बनती है, और उसको चूमने और चाटने में बहुत मजा आता है। ऐसा ही मजा जेठा को भी मिल रहा था। फिर जेठा ने माधवी के टॉप को खींच कर उसके कंधों से जितना हो सके नीचे कर दिया, ताकि वो ज्यादा से ज्यादा माधवी के बदन को चूम कर उसका स्वाद ले पाए। माधवी बस आह आह कर रही थी, और मदहोश हो रही थी।

अब जेठा ने माधवी के टॉप को गाले से पकड़ा, और जोर से खींच कर फाड़ दिया। टॉप फाड़ने के बाद ब्रा में कसे हुए उसके बड़े-बड़े बूब्स जेठा के सामने आ गए। जेठा ने ब्रा नीचे खींच कर माधवी का एक चूचा बाहर निकाला, और उसके निप्पल को मुंह में लेके चूसने लगा। माधवी आह आह करते हुए जेठा के सिर पर हाथ फेरने लगी।

अब माधवी का एक चूचा ब्रा के बाहर था, जिसको जेठा चूस रहा था, और दूसरा चूचा ब्रा के अंदर था, जिसको वो दबा रहा था। फिर जेठा ने चूचा छोड़ा, और माधवी को घुमा दिया। अब माधवी की पीठ जेठा के सामने थी। पीठ पर किस्स करते हुए जेठा ने माधवी की ब्रा का हुक खोल दिया। इससे ब्रा उसके बूब्स से निकल कर उसके पैरों में गिर गई।

फिर जेठा ने माधवी की पीठ को चाटना शुरू किया। माधवी अपने दोनों हाथों से अपने बूब्स पकड़े हुए थे, और जेठा के पीठ चाटने की वजह से आहें भर रही थी। फिर जेठा ने भी अपना कुर्ता और बनियान उतार दी, और ऊपर से नंगा हो गया। उसके बाद वो पीछे से माधवी से चिपक गया, जिससे दोनों के नंगे बदन का एहसास दोनों को गरम करने लगा।

फिर जेठा ने अपने दोनों हाथों को माधवी की बगलों से निकालते हुए आगे किया, और उसके बूब्स पर रख दिया। वो माधवी के दोनों चूचों को मसलते हुए उसके कंधों पर किस्स करने लगा। नीचे से जेठा का लंड जो एक-दम तन्ना हुआ था, वो माधवी की गांड में शॉर्ट्स के ऊपर से दब रहा था। माधवी को अपनी गांड पर जेठा का लंड अच्छे से महसूस हो रहा था।

फिर जेठा बूब्स मसलते हुए एक हाथ माधवी की कमर पर ले गया, और उसको सहलाते हुए उसकी शॉर्ट्स का बटन खोलने लगा। बटन खुलते ही जेठा ने उसकी जिप खोली, और फिर दोनों हाथ शॉट्स पर ले जा कर उसको नीचे करने लगा। शॉर्ट्स टाइट थी, तो माधवी ने भी गांड थोड़ी हिला कर उसको नीचे करने में जेठा का साथ दिया।

फिर शॉर्ट्स नीचे हो गया, और जेठा उसको माधवी के पैरों तक ले गया। फिर माधवी ने पैर उठा कर शॉर्ट्स से बाहर निकाल लिए। अब माधवी सिर्फ पैंटी में जेठा के सामने थी। क्योंकि जेठा माधवी के पीछे था, तो उसके सामने माधवी की पैंटी में फांसी गांड थी। जेठा ने माधवी के दोनों चूतड़ों पर अपने हाथ रखे, और उनको आपस में दबाया। इससे माधवी की गांड का चीर और बड़ा हो गया। फिर जेठा पैंटी के ऊपर से ही माधवी की गांड के चीर में अपनी जीभ फेरने लगा।

इसके आगे इस सेक्स कहानी में और क्या-क्या हुआ, वो आपको अगले पार्ट में पता चलेगा। यहां तक की कहानी आपको कैसी लगी, कमेंट करके जरूर बताएं।

अगला भाग पढ़े:- आत्माराम की बीवी और बेटी बनी रंडियां-4

Nisha Gupta

हैलो! मैं निशा गुप्ता हूँ - जयपुर विश्वविद्यालय से संचार विज्ञान में मास्टर और पिछले 6 साल से डिजिटल दुनिया में हिंदी कहानियाँ लिखने वाली एक अनुभवी लेखिका। मैं वो कहानियाँ लिखती हूँ जो पढ़ते ही आपके मन में आग लगा दें। मेरी कहानियों में वो सब कुछ है जो आप चाहते हैं - बोल्ड, बेबाक और बेरोकटोक। मेरे लेखन को हजारों पाठकों ने सराहा है और कई पुरस्कार भी मिले हैं। मैं यहीं हूँ आपके मज़े के लिए — तो लेटे रहो और पढ़ते जाओ!

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