बेटा घुसा दे लंड अपनी माँ की बुर में

मैं संगीता बिहार से हूँ, मैं विडो हूँ. मेरी उम्र 37 साल है. पिछले चार सालो से लंड के लिए तरस रही हूँ. मेरा बेटा शिबू जो दिल्ली पढता है जिसकी उम्र 18 साल है. मैं काफी सेक्सी हूँ लम्बी गोरी खूबसूरत हू. एक बार मेरा बेटा शिबू घर गर्मी की वकेशंस में रहने आया हुआ था. उसके पास भी सेक्सी एंड ग्रेट पर्सनालिटी है और सेक्सी लुक भी. Maa Beta Sambhog XXX

जब भी में उसे देखती थी पता नहीं क्यू मेरी बुर में सरसराहट होती थी. मैं बहुत ही कामुक औरत हु और मैं हर समय सम्भोग के लिए बेचैन रहती हु. पर विडो होने से कई साल तक मैंने चुदाई का मज़ा नहीं लिया था और मैं हर समय अपनी बुर चुदवाने के तरीके सोचती रहती हु.

मैं रोज नहाते समय हस्त मैथुन भी करती हु पर इससे भी मेरे बदन की भूख लगातार बढ़ ही रही थी. शिबू के चेस्ट के हेयर्स को जब भी मैं देखती, मैं उत्तेजित हो जाती थी. रात के 12 बज रहे थे. मैं और शिबू पास-2 के रूम में सो रहे थे. उसके रूम की विंडो खुली हुई थी. अंदर नाईट बल्ब जल रहा था.

मुझे नींद नहीं आ रही थी मैं पूरी तरह से उत्तेजित थी और मेरी बुर का कोना-२ जल रहा था. तभी मैंने सोचा के टॉयलेट के बाद मेरी बुर की गर्मी कुछ शांत हो जाएगी. तो मैं टॉयलेट करने को उठी. तभी मैंने देखा की शिबू के रूम का नाईट बल्ब जल रहा है. मैं टॉयलेट करके लौटकर आई तो मेने सोचा के क्यू ना शिबू को सोते हुए देखते हुए उत्तेजित होकर मैं हस्त मैथुन कर लू.

लेकिन जैसे ही मैंने अंदर देखा मेरी पूरी बुर में सरसराहट दौड़ गई. मेरा बेटा शिबू अपना मोटा लंड अपने हाथ में लिए सहला रहा था और उसे तेज़ी से झटके दे रहा था. ये देखते ही मेरी बुर सुलगने लगी. मैं लगातार देखती रही. तभी मैंने देखा की शिबू के हाथ में मेरी पेंटी थी वो उसे पागलो की तरह सूंघे जा रहा था.

उसने वो अलमारी में से निकाल ली होगी. वो मेरी पेंटी को चाट रहा था. अब मुझसे सम्भोग की प्यास बर्दाश्त नहीं हो पाई तो मैंने धक्का देकर रूम खोल दिया और रूम में घुस गई. मुझे देखते ही शिबू ने अपने लंड को हाथ में दबा लिया. मैं मुस्कुराते हुए बोली ये क्या कर रहे हो बेटा.

वो कुछ नहीं बोला. मैं उसके पास चली गई. मैं लंड की तरफ देखती हुई बोली उसे क्यों छुपा रहे हो? मैंने देख तो लिया ही है. वो बोला आप मेरी मम्मी है आप अपने रूम में जाइए ना ये सब ठीक नहीं है. मेने अपनी नाईटी को उपर करके उतार दिया तो वो बोली ये क्या कर रही है मम्मी? जाइए ना यहाँ से.

पर वो मेरी ओर देख रहा था. इससे मुझे लगा के वो थोड़ा झिझक रहा है. मैंने अपने चूची को पूरी तरह से न्यूड कर दिया और उससे कहा शिबू तुम्हे मेरी कसम मेरी प्यास बुझा दो ना बेटा मैं कब से आग में जल रही हु. तब उसने हलके से मेरे चूंची को सहलाया और रूम लॉक कर दिया.

तब मैं शिबू के लंड को पकड़ लिया और सहलाने लगी. उसने मेरी साड़ी उतार दी. इसके बाद वो एक एक करके मेरी ब्लाउज पेटीकोट खोल दिए मैं ब्लैक पेंटी पहने थी. मेरी पेंटी पूरी वेट हो रही थी. और उसने मेरी पेंटी में हाथ डाल दिया. मैं सिसकने लगी. उसने पेंटी निचे सरका कर बुर को उजागर कर दिया और बहुत ध्यान से बुर को देखने लगा.

मैंने उसका हाथ पकड़कर बुर पर रख लिया और कहा मेरी बुर को चाटो शिबू. वो बोला मम्मी अपनी टांगे फैला लो. मेरी बुर जमकर पानी छोड़ रही थी. चार साल बाद पहली बार मेरे लड़के ने मेरी बुर को सहलाया था. तभी वो मेरी बुर को चूसने लगा. मैं जोर से बोली चुसो मेरी बुर को.. चाट लो पूरा…

अब वो भी पूरा उत्तेजित हो गया था और तेजी से बुर चूसने लगा. अब मेरा भी मन लंड चूसने का कर रहा था. जब मैंने लंड चूसने की कोशिश की तो वो आनाकानी करने लगा. पर मैं नहीं मानी और उसके लंड को मुंह में डालकर मुख मैथुन करने लगी. मैं अपने बेटे के लंड को अपने मुँह में लेके चूसने लगी. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पढ़ रहे है.

उसकी खुशबू मुझे पागल कर रही थी. धीरे-2 शिबू अपनी कमर हिलाने लगा तो मैं समझ गयी की अब उसका मन भी चुदाई के लिए मचल रहा है. उसी समय मैंने शिबू के लंड को मुँह से निकाल दिया और अपनी बुर फैला कर बोली… “शिबू! अब घुसा दो अपने लंड को अपनी माँ के बुर में.. चोद लो जी भर के अपनी माँ के बुर को मेरी वर्षो की प्यास बुझा दो बेटा.”

शिबू ने मेरी बुर की तरफ देखा और अपने लंड को आगे बड़ा कर लंड मुंड को बुर के मुहाने रख दिया और उसे अंदर धकेलने लगा. मैं तो जैसे स्वर्ग में थी. मैंने धक्का लगाने को कहा उसने धक्का मारा तो लंड अंदर चला गया. उसी पल मैंने जोर से सिसकारी ली. वो खुश हो गया ये सोच के मुझे मज़ा आ गया.

उसका लंड वैसे ही मोटा था इसलिए दर्द ज्यादा ही फील हो रहा था. पर थोड़ी देर में वो मजे में बदल गया. मैं बोली “वाह बेटा और कस के चोदो मेरे सैयां और कसके पेलो मेरे राजा फाड़ दो मेरी बुर को शिबू और कस के क्या मस्त पेल रहे हो शिबू मजा आ गया मेरी जान चोदो चोदते जाओ.”

वो रुकने लगा तो मैंने मना कर दिया और कहा “चोदाई कर दे बुर की मैं कब से तरस रही थी चुदने को.” उसके बाद तेज़ी से वो अपने लंड से मेरी बुर में धक्के लगाने लगा. मैं मजे की वजह से सिसकने लगी. थोड़ी देर बाद मुझे बहुत ही ज्यादा मज़ा आने लगा. मैंने अपनी पूरी बॉडी को टाइट कर लिया और तेज़ी से सांसे लेने लगी. मेने शिबू की पीठ (बैक) को पकड़ लिया और उसे सहलाने लगी.

मैंने जोश में आके पूरी पीठ पे जगह-2 नेल्स भोक दिए. मैं पूरी तरह से जानवर बन गयी थी. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. वो अपने हाथो से मेरे निप्पल्स दबा रहा था और जोर-2 से धक्के लगा रहा था. मेरी बुर से लगातार पानी निकल रहा था जो बह कर निचे थाई पर जा रहा था. अचानक ही मेरे शरीर में झटका सा लगा मैं अपने पीक टाइम पे पहुँचने ही वाली थी. मैं चिल्लाई “शिबू मेरा हो रहा है.. और जोर से चोद बेटा और जोर से.” तभी वो बोला मम्मी मेरा भी होने वाला है और धक्के लगाते-2 वो मुझसे चिपक गया.

और उसने मेरे हिप्स पकड़ लिए. मैं भी उसके साथ ही झड़ गई. झड़ते टाइम बहुत अच्छा लगा. वो झड़ने के बाद भी 1 मिनट तक मेरी बुर में अपना लंड रगड़ता रहा. मुझे ये बहुत अच्छा लग रहा था. फिर मैं उसके लंड को अपनी बुर में से निकाल कर अपने मुंह में डालकर चूसने लगी. फिर हम दोनों ने अपने-2 कपड़े पहन लिए. मैं अपने रूम में आ गयी. उस दिन के बाद जब भी मेरा मन करता है अपने बेटे से जी भर के चुदवाती हूँ शिबू के चोदने से मेरी बुर पूरी तरह से जवान हो गयी है.

Kavya Singh

नमस्ते! मैं काव्या सिंह हूँ - इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री वाली और पिछले 7 साल से हिंदी में इतनी बोल्ड कहानियाँ लिख रही हूँ कि पाठक दोबारा पढ़े बिना रह नहीं सकते। मैं भारतीय समाज के हर छुपे हुए जज़्बात को शब्दों में ढालती हूँ - वो इच्छाएँ, वो चाहतें जो आप दिन में छुपाते हैं लेकिन रात में महसूस करना चाहते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर मेरी कहानियों को पुरस्कार मिले हैं और लाखों पाठकों ने मेरी कहानियों से अपनी रातों को गरमाया है। चलो, आज मेरी कहानी में डूब जाओ!

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