मैं अमित हूँ। ये बात करीब 15 दिन पहले की है जब मैं अपने दोस्त के घर गया था, जो दो साल पहले एक्सपायर हो चुका था। उसकी दो बहनें हैं – एक रचना (21 साल, 32-30-34) और दूसरी रश्मि (28 साल, 35-34-36)। ये उनकी फिगर है। पिता सेक्सी हैं। Incest Sex Live Show
रश्मि की शादी हो चुकी थी, अब घर में सिर्फ़ रचना, माँ और पिता ही थे। अंकल की उम्र करीब 45 साल। गठीला बदन। कई बार रचना ने अपनी माँ की चुदाई देख चुकी थी और एक बार घर की नौकरानी की भी चुदाई देखी थी। इसलिए वो भी बहुत सेक्सी हो चुकी थी।
आंटी करीब एक हफ़्ते के लिए अपने मायके गई थीं। उसी दिन शाम को अंकल जल्दी घर आ गए थे, करीब 3:00 बजे। अंकल ने डुप्लीकेट चाबी से दरवाज़ा खोला और अंदर आ गए और सीधे रचना के कमरे की तरफ़ गए। उस समय अंकल ने मेन गेट बंद करना भूल गए थे और मैं भी चुपचाप अंदर ही था।
मैंने देखा कि अंकल रचना के रूम में जाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने देखा कि रचना रूम से बाहर की तरफ़ आ रही है तो वो सोफ़े के पीछे छिप गए और पर्दे के पीछे छिप गए। मैंने अंदर आते ही मेन डोर लॉक कर दिया था। रचना ने टीवी ऑन किया और एक ब्लू फिल्म लगा दी।
उसके बाद उसने एक-एक करके सारे कपड़े उतार दिए। रचना की वर्जिन चूत एकदम चिकनी थी, उस पर एक भी बाल नहीं था। उसके बूब्स टाइट थे। टीवी पर अब एक लड़का लड़की की चूत को चूस रहा था और लड़की दूसरे लड़के के लंड को चूस रही थी।
कुछ देर बाद दोनों ने अपनी पोजीशन चेंज कर ली। अब दोनों मिलकर उसके बूब्स को चूस रहे थे और एक उसकी चूत को सहला रहा था। इधर रचना का हाथ अपनी चूत और बूब्स पर चल रहा था और वो बार-बार मेरा “अमित” और पिता का नाम ले रही थी। कह रही थी, “पापा अब तो मॉम को चोदना छोड़ो, मेरी चूत प्यासी है तुम्हारे लंड के लिए… और अमित भी मुझे नहीं चोदता… प्लीज़ पापा फ़क मी… फ़क मी…”
और अपनी उँगली तेज़ी से अंदर-बाहर कर रही थी। “पापा प्लीज़ चोदो ना… चोदो ना…” उधर टीवी में दोनों लड़के उस लड़की की मस्त चुदाई कर रहे थे। रचना अब सोफ़े से नंगी ही ज़मीन पर लेट गई और जैसे लड़का-लड़की चुदाई करता है उसी तरह मुठ मारने लगी। “पापा प्लीज़ मेरी चूत की गर्मी निकाल दो प्लीज़… पापा मज़ा आ जाएगा…”
इसी बीच अंकल से नहीं रहा गया और चुपचाप सोफ़े के पीछे ही अपने सारे कपड़े उतार दिए और नंगे हो गए। रचना नंगी ही ज़मीन पर थी। तभी उनके सामने आ गए और बोले, “बोल रचना क्या बात है? ला, मैं तेरी हेल्प करता हूँ।” और अंकल अपने 6 इंच खड़े लंड को लेकर उसके मुँह के सामने आ गए और बोले, “ले, मैं आ गया।”
पहले तो रचना घबरा गई, फिर बोली, “नहीं…” तभी अंकल नीचे झुके और रचना को उठाकर सोफ़े पर बिठा दिया और उसकी टाँगें फैलाकर उसकी चूत को देखकर बोले, “अभी तक किसी ने तेरी चूत का मज़ा नहीं लिया?” तभी बोली, “नहीं पापा, इसका मज़ा आप या अमित ही लेगा। सच पापा, आप मॉम और मेड की चुदाई बड़ी ही मज़े से करते हो, इसलिए सिर्फ़ तुम दोनों ही मुझे चोदोगे।”
तभी अंकल ने रचना की चूत को चूसना शुरू कर दिया और करीब 20 मिनट तक उसकी चूत को चूसा। इस बीच रचना ने दो बार अपना पानी भी छोड़ दिया जिसे पापा ने पी लिया। अब उसके बूब्स दबा-दबाकर चूसे और ढीले कर दिए। अब बारी थी अंकल के लंड की।
रचना ने पापा का 6 इंच लंड चूसना शुरू कर दिया। अब पापा सोफ़े पर और रचना नीचे ज़मीन पर थी। उसके बाद अंकल खड़े हैं और उसके मुँह में ही धक्के मारने लगे और वो गु… गु… गूँ… आवाज़ करने लगी। कुछ देर बाद पापा ने अपना पानी उसके मुँह में ही छोड़ दिया और मॉम की तरह ही उसने पी लिया। अब उसकी चूत की बारी थी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
अंकल ने रचना को इशारा किया और रचना सोफ़े पर बैठी और अपनी दोनों टाँगें चौड़ी कर दीं और अंकल ने अपने लंड का सुपड़ा रचना की चूत पर रख दिया और धीरे से धक्का लगाने लगे। वो बोली, “ओह पा… प्पा… प्लीज़ आह्रम से… दर्द हो… हो… हो रहा है…” और अंकल ने धीरे-धीरे अपना 6 इंच का लंड उसकी चूत में डाल दिया और उस पर लेट गए। कुछ देर बाद जब दर्द कम हो गया तो अंकल रचना की चूत में झटके मारने शुरू कर दिए।
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वो दर्द से भरी हुई सिसकारी ले रही थी और कह रही थी, “पापा मज़ा आ रहा है ना?”
अंकल बोले, “रचना मेरी जान, तेरी चूत में वही मज़ा है जो जवानी में तेरी माँ की चूत में लंड घुसाने से मिलता था।”
तो बोली, “क्या हो पापा, अब एक हफ़्ते की छुट्टी ले लो और मेरी चूत का मज़ा लो।”
अंकल ने अब उसे घोड़ी बना लिया और पीछे से कस-कस कर झटके मारने लगे। तभी रचना बोली, “पापा एक बात कहूँ?” “बोल रचना।” “पापा मैं अमित का लंड भी अपनी चूत में लेना चाहती हूँ प्लीज़…” अंकल ने कहा, “तो बोल।” वो बोली, “मैं बिलकुल इस लड़की तरह चुदवाना चाहती हूँ… प्लीज़्ज़्ज़…” अंकल ने कहा, “ओके, अमित से चुदाई करवा लो।”
उसने चुदाई करते हुए मुझे मोबाइल पर कॉल कर दिया। उस समय मेरा मोबाइल वाइब्रेशन पर था इसलिए पता नहीं लगा कि मैं भी रूम में हूँ। तभी वो बोली, “अमित क्या तुम मेरी चुदाई करोगे?” मैंने कहा, “तुम मेरे दोस्त की बहन हो।” तो वो बोली, “तो तुम बहनचोद नहीं बन सकते? जब मैं चोदने के लिए तैयार हूँ, प्लीज़ एक बार चोदो ना…”
तभी मैं पर्दे के पीछे से बाहर निकल आया और मोबाइल पर ही बोला, “अंकल तेरी चूत से लंड निकालेंगे तभी तो मैं अपना लंड तेरी चूत में डाल सकता हूँ। अंकल ने तो तुझे घोड़ी बना रखा है।” तभी वो चौंकी और सीधी खड़ी हो गई और अंकल के लंड ने पूरा ज़ोर उसकी चूत में दे दिया। वो चीख पड़ी। अब मैं भी उसके सामने आ गया और नंगा होकर सोफ़े पर बैठ गया। अंकल ने कुछ नहीं कहा, वो अपनी चुदाई करते रहे। अब रचना मेरा लंड चूस रही थी।
करीब 45 मिनट की चुदाई के बाद अंकल ने अपना पानी रचना की चूत में छोड़ दिया। ज़मीन पर उसकी चूत का ख़ून पड़ा हुआ था। अंकल थक गए और वहीं ज़मीन पर नंगे ही लेट गए और बोले, “अब तो तेरी गर्मी कम हुई या नहीं?” वो बोली, “नहीं पापा, अब तुम और बारी गई है।” उसके बाद मैंने रचना की नॉन-स्टॉप चूसी और चुदाई की (कैसे-कैसे वो बाद में)। लेकिन अंकल ने रचना की चूत को अच्छी तरह फाड़ दिया था। रचना कुछ थी कि उसकी चूत का मज़ा उसके पापा और मैंने लिया।