मैं विनीत, 34 साल का, दिल्ली से हूँ। ये करीब तीन महीने पहले की बात है। मैं द्वारका से साउथ एक्स तक रोज़ अपनी पर्सनल कार से नौकरी पर जाया करता था। एक दिन वैसे ही सुबह के वक्त जब मैं द्वारका सेक्टर-20 से ऑफिस के लिए निकल रहा था, तो मैंने देखा कि दो लड़कियाँ, करीब 27-28 साल की, सड़क किनारे जा रही थीं। Delhi Slut Chudai XXX
अचानक कार चलाते वक्त मेरी नज़र उनसे टकराई। ठीक उसी वक्त मेरा मोबाइल बज उठा और ट्रैफिक नियमों की वजह से मुझे कार वहीं रोकनी पड़ी। जैसे ही मैंने कार रोकी और फोन पर बात करने लगा, इतने में वो दोनों पीछे से कार तक पहुँच चुकी थीं। उन्होंने कार खटखटाई।
मैंने पूछा, “क्या है?”
तो उन्होंने कहा, “प्लीज़ थोड़ा आगे तक लिफ्ट दे दीजिए।”
मैंने कहा, “रुको।”
फिर फोन खत्म करके मैंने उन्हें कार में बिठा लिया। फिर हम चल पड़े। अचानक उनमें से एक, जो मेरी पिछली सीट पर बैठी थी, बोली, “आप हम दोनों में से किसी के साथ भी कुछ भी कर सकते हो।” पहले तो मुझे कुछ समझ नहीं आया। फिर मैं समझ गया कि वो सेक्स की बात कर रही है।
मैंने कहा, “मैं इंटरेस्टेड नहीं हूँ।”
वो बोली, “हमारे पास कंडोम है।”
मैंने फिर भी मना कर दिया।
तो उसने पूछा, “प्रॉब्लम क्या है?”
यहाँ एक बात साफ कर दूँ – उनमें से एक का फिगर 34-30-40 था और दूसरी का 34-28-38। एक की गांड बहुत मस्त और चौड़ी थी।
मैंने कहा, “यार, मैंने कभी सेक्स किया ही नहीं, क्योंकि कभी ऐसा मौका ही नहीं मिला।” मेरा लुक 5’11”, वज़न 75 किलो और एवरेज बॉडी है।
वो बोली, “देखने में तो आप काफी स्मार्ट लगते हो।” फिर उसने रिक्वेस्ट की।
मैंने कहा, “अभी सुबह का टाइम है, मैं वैसे भी ऑफिस लेट हो रहा हूँ।”
वो बोली, “सिर्फ सक कर लेते हैं।”
मैंने फिर भी कोई जवाब नहीं दिया। मेरा ऑफिस करीब 30 किलोमीटर दूर था और डेढ़ घंटा लगता था। फिर वो चुप हो गई। जिसकी गांड बहुत सेक्सी थी, वो फ्रंट सीट पर थी।
उसने कहा, “प्लीज़ बोनी (दिन की पहली कमाई) करा दो, क्योंकि उनका पहला कस्टमर मैं ही था।”
मैंने कहा, “यार देखो, मैंने कभी सेक्स किया नहीं और तुम प्रोफेशनल हो, ऐसे में मैं तुम्हारी प्यास कैसे बुझा पाऊँगा? मैंने कई सेक्स की किताबें पढ़ी हैं जिनमें लिखा होता है कि पहली बार हर लड़का फेल होता है।”
फिर मैंने उस सेक्सी गांड वाली से कहा, “एक बात और है, तुम्हारी गांड का साइज़ देखकर ही मैं समझ गया कि तुम्हारी चूत कितनी खुल गई होगी। तुम वैसे भी 27-28 साल की हो गई हो। तुम्हारी चौड़ी गांड के आगे मेरा छोटा सा लंड क्या टिक पाएगा?”
ये सुनते ही वो पिछली सीट वाली से बोली, “ही मैं मर जावाँ गुड़ खाके, ये मुंडा किन्नी सोणी गल करदा ऐ!” (मतलब बहुत अच्छी बात कर रहा है।) “मैं तो पूरी गीली हो गई हाँ इसदी बात सुनके।”
फिर मेरी तरफ देखकर उसने मेरा गियर पर से हाथ हटाकर अपनी चूत के पास करने की कोशिश की और बोली, “देख, मैं ये सुनते ही गीली हो गई हूँ।”
मैंने हाथ तो नहीं लगाया, पर अपना हाथ वापस खींच लिया और कहा, “कार चलाने दे, नहीं तो एक्सीडेंट हो जाएगा।”
वो बोली, “एक्सीडेंट तो तभी हो गया था जब तुमने कार में बिठाया था।”
मैंने पूछा, “तुम लोग कहाँ जाओगी?”
पिछली सीट वाली बोली, “तुम कहाँ जाओगे?”
मैंने कहा, “मैं तो साउथ एक्स जाऊँगा।”
तो वो बोली, “प्लीज़ सेक्स कर लो, मेरी भी गीली हो गई है तुम्हारी बात सुनकर।”
मैंने कहा, “सेक्स तो करूँगा नहीं, हाँ चाहो तो साउथ एक्स तक साथ चल सकती हो, वहाँ तुम्हें हाई-प्रोफाइल कस्टमर मिल जाएँगे।” ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
पिछली सीट वाली बोली, “यार हम उतर जाते हैं।” फिर मुझसे बोली, “हमें अगली रेड लाइट पर उतार देना।”
मैंने कहा, “ठीक है।” पर शायद फ्रंट वाली तैयार नहीं हुई। वो बोली कि वो मेरे साथ साउथ एक्स जाएगी, मैं उसे वहीं ड्रॉप कर दूँ।
पीछे वाली ने कहा, “यार तू टाइम खराब कर रही है।”
फ्रंट वाली ने जवाब दिया, “कोई बात नहीं, क्योंकि उसने पहली बार कोई लड़का देखा था जो सेक्स के लिए मना कर रहा हो।”
पीछे वाली फिर बोली, “मैं लास्ट बार पूछ रही हूँ, अब मैं फ्री में दे रही हूँ, चाहो तो फ्री में चोद सकते हो।” मगर मैंने कहा, “नहीं, ऐसी कोई बात नहीं है।”
फिर अगली रेड लाइट पर पीछे वाली उतर गई। अब कार में सिर्फ मैं और वो मस्त सेक्सी गांड वाली थीं।
फिर उसने मुझसे पूछा, “क्या तुम्हारा दिल नहीं करता सेक्स के लिए?”
मैंने कहा, “करता तो है, पर मैं चाहता हूँ कि फर्स्ट टाइम में फेल न हो जाऊँ।”
उसने कहा, “मैं ठीक तरीके से सब समझा दूँगी।”
मैं फिर कहने लगा, “तुम्हारी चूत तो बहुत खुल गई होगी क्योंकि तुम तो कई लोगों के साथ कर चुकी हो।”
तो उसने कहा, “ऐसी बात नहीं है। एक लड़की को जितनी भी बार अलग-अलग लड़के चोद लें, कोई खास फर्क नहीं पड़ता जब तक प्रेग्नेंसी न हो जाए। और क्योंकि वो हमेशा कंडोम यूज़ करती है, इसलिए कभी प्रेग्नेंसी हुई ही नहीं। इसलिए उसकी चूत अभी भी काफी टाइट है।”
मैंने पूछा, “तुम्हारी उम्र कितनी होगी, हसबैंड क्या करता है?”
उसने कहा, “उससे कुछ होता नहीं, काम नहीं करता, हाँ नशा बहुत करता है। नशे के लिए ही उसने करीब दो साल पहले मुझे अपने दोस्त के साथ सेक्स करने को मजबूर कर दिया। फिर पैसा भी आने लगा। उसका हसबैंड सेक्स में भी कमज़ोर था। फिर वो बोली, उसकी मार से बचने के लिए और पैसों के लिए वो प्रोफेशनल बन गई।”
मुझे उससे थोड़ी हमदर्दी हो गई।
मैंने पूछा, “अगर तुम्हें अच्छी नौकरी मिल जाए तो क्या तुम ये काम छोड़ दोगी?”
वो बोली, “अब तो चुदने में मज़ा आता है। हाँ अगर कोई एक आदमी रेगुलर लंड दे दे तो शायद ये काम छोड़ दे। लेकिन सब चालू होते हैं, इसलिए किसी पर विश्वास नहीं करती। सब चूत मारने के बाद पूछते भी नहीं। इसलिए उसके लिए ये सब बेकार बातें हैं।”
मैंने पूछा, “मेरे साथ क्यों टाइम खराब कर रही हो?”
तो वो बोली, “तुम आदमी इंटरेस्टिंग हो, इसलिए साउथ एक्स तक जा रही हूँ। वहाँ कोई चूत का प्यासा मिल गया तो उसका काम बन जाएगा।”
मैंने कहा, “बेस्ट ऑफ लक।” वो हँस पड़ी।
मैंने कहा, “एक बात कहूँ, बुरा न मानो तो?”
वो बोली, “क्या?”
मैंने कहा, “तुम्हारी चूची बहुत मोटी और भारी हैं, उनकी शेप बहुत अच्छी है। इसे मेंटेन कैसे करती हो?”
वो बोली, “दिन में एक बार कोई न कोई आदमी तो मिल ही जाता है, तो चुदाई के साथ-साथ वो अपनी ब्रेस्ट की मसाज भी करवा लेती है।” फिर उसने अपने पर्स से एक ब्रांडेड ऑयल की शीशी निकाल कर दिखाई।
मैंने कहा, “तुम तो दिमाग वाली हो।”
बोली, “आप बातें अच्छी करते हो और साफ दिल के भी हो। आपकी आँखों में वहशीपन नहीं है। आज तक ऐसी साफ नज़रें उसने कहीं नहीं देखीं।” फिर बोली, “ये चूची अंदर से नहीं देखना चाहोगे?”
मैं सिर्फ मुस्कुरा दिया। अचानक उसे पता नहीं क्या हुआ, उसने अपना हाथ मेरी टाँगों पर रख लिया और सीधे मेरा लंड पकड़ लिया और पूछा, “मैं ऐसा क्यों सोचता हूँ कि उसकी मोटी गांड को मेरा लुल्ला कैसे संतुष्ट करेगा?”
पर उसी वक्त जैसे उसे करंट लग गया हो, उसने अपना हाथ वापस खींच लिया। बोली, “तुम झूठ बोल रहे हो, तुम्हारा लंड तो खड़ा है और मैं कह रहा हूँ कि सेक्स में इंटरेस्ट नहीं है।”
मैं बोला, “तेरा दिमाग खराब हो गया है। ये लंड खड़ा करने का टाइम है क्या? पागल औरत, ये अभी स्लीपिंग पोज़िशन में है।” ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
वो बोली, “मैं बकवास कर रहा हूँ।” उसने फिर मेरे लंड को टटोला, फिर पकड़ कर देखा तो उसे कुछ सॉफ्ट सा लगा। बोली, “हाँ खड़ा तो नहीं है।” पर बोली, “लेकिन विश्वास नहीं होता, इतना मोटा लंड स्लीपिंग पोज़िशन में है तो जब खड़ा होगा तो कितना लंबा होगा।” बोली, “क्या सच में मैंने किसी की चूत नहीं ली?”
मैंने कहा, “हाँ।”
बोली, “शादी क्यों नहीं की?”
मैंने कहा, “ऐसे ही, बीवी के नखरे कौन उठाएगा।”
कहती, “जिससे भी शादी होगी उसकी किस्मत चमक जाएगी, मेरा मोटा लंड पाकर।” बोली, “एक बार प्लीज़ इस लंड को दिखा तो दो।”
मैंने कहा, “ट्रैफिक है, लोग देखेंगे।”
बोली, “मैं अपना दुपट्टा रख लूँगी।”
मैंने कहा, “ये ठीक नहीं है, तुम चुदाई की तैयारी कर रही हो और मैं तुम्हें चोदने के मूड में बिलकुल नहीं हूँ।”
बोली, “मैं सिर्फ उसे देखना चाहती हूँ और वो मुझसे जबरदस्ती भी नहीं करेगी। वो तो ये चेक करना चाह रही है कि वास्तव में वो स्लीपिंग पोज़िशन में है।”
मैंने कहा, “ठीक है।”
फिर उसने खुद चेन खोली और मेरा लंड प्यार से बाहर निकाल लिया और चीख पड़ी, “ही राम! इतना बड़ा लंड! मेरे रब्बा, मैं अपनी ज़िंदगी विच नहीं देख्या इन्ना वड्डा लंड, वो भी सोया हुआ। हाय रब्बा, मैं इन्नू लवाँगी ते ये मेरी चूत विच घुस्सूगा किवें?” (ये इतना बड़ा लंड मेरी छोटी सी चूत में आएगा कैसे?)
मैंने कहा, “इतना हैरान क्यों हो रही हो?”
पूछने लगी, “जब खड़ा होता है तो इसकी लंबाई कितनी होती है?”
मैंने कहा, “कभी नापा नहीं।”
तो बोली, “एक बार खड़ा करने दो ना प्लीज़।”
मैंने कहा, “यार तुम इतने लंड चूत में ले चुकी हो और नाटक कर रही हो।”
बोली, “साब ऐसा नहीं है। मैंने मैक्सिमम 6 इंच का ही लिया है अब तक। मैंने तो सिर्फ ब्लू फिल्मों में ही इतना बड़ा देखा था, रियल में कभी नहीं। और सोचती थी कि रियल लाइफ में इंडियन का इतना बड़ा हो ही नहीं सकता।”
मैं सिर्फ हँस दिया। मैंने कहा, “तुम बिलकुल पागल हो।”
वो बोली, “सच्ची साब बोली इक वारी मैं इन्नू खड़ा कर के वेखना चाहूँगी।”
मैं बोला, “नहीं, तू इसे अंदर वापस डाल दे क्योंकि तेरा प्रॉमिस था कि तू इसे छेड़ेगी नहीं।”
वो बोली, “प्लीज़ खड़ा कर लेने दो, और कुछ नहीं करूँगी।”
मैंने कहा, “नहीं।”
फिर उसने साथ के साथ उसके साथ खेलना शुरू कर दिया। मुझे अच्छा तो लग रहा था पर मैं उस चुदक्कड़ के साथ सेक्स के मूड में नहीं था। पर उस कमीनी ने एक मिनट में मेरा इनकार करने से पहले ही लंड को खड़ा कर दिया। मेरा लंड बुरी तरह फुफकारने लगा।
वो सहलाए जा रही थी। मैं अब उस लंड को अंदर भी नहीं कर सकता था। खड़ा करने के बाद वो फिर चीख पड़ी, “ही राम! इतना लंबा लंड!” उसने उसे अपनी उँगलियों से नापा और बोली, “8 इंच से कम नहीं होगा।” फिर काफी देर तक वो मसाज करती रही। उसने लंड पूरा तैयार कर दिया।
बोली, “मेरे रब्बा, ये तो बहुत लंबा और मोटा है।” बोली, “प्लीज़ मुझे एक बार फ्री में ही चोद लो। अगर मैं चाहूँ तो इसके लिए वो कुछ भी करने को तैयार है।” वो बोली, “ये उसकी गांड को अच्छी तरह शांत कर सकता है।” बोली, “अगर मैं चाहूँ तो इसके पैसे भी दे सकती हूँ।”
मैं बोला, “कर दी न रंडी वाली बात।”
वो हँस पड़ी। बोली, “अब ये लंड हाथ में देकर तड़पाओगे तो और क्या कहूँगी। बोली एक रांड से और क्या उम्मीद करते हो।”
फिर उसने मुझसे बिना पूछे मेरे लंड को अपने मुँह में भर लिया और चूसने लगी। मैंने उसे दूर करने की कोशिश की पर वो नहीं मानी और चूसती रही।
मैंने कहा, “यार साथ में गाड़ियाँ जा रही हैं, कोई देखता होगा।”
वो बोली, “तो कार साइड में कर लो। मैं इसका रस पीने के मूड में हूँ।”
मैंने कहा, “कपड़े खराब हो जाएँगे।”
वो बोली, “नहीं होंगे।” साथ ही साथ लंड को पूरा ग्लप करने लगी अपने मुँह से। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था।
फिर बोली, “कितना टाइम लगाओगे लीक करने में? काश तुम इसके साथ मेरी चूत और गांड दोनों मारते तो इस प्यासे लंड को थोड़ा गीलापन मिल जाता। मेरी चूत और गांड दोनों इसे याद रखतीं।”
मैंने कहा, “तुम अब रुको क्योंकि मेरा ऑफिस आ गया है।” और मैंने जबरदस्ती उसके मुँह से कार रोककर अपना लंड निकाल लिया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
उसने कहा, “2 मिनट की बात है, प्लीज़ इसे पी लेने दो। इतना मोटा लंड आज तक नहीं पिया।”
मैंने मना कर दिया और अपनी ज़िप वापस बंद कर ली।
फिर कार से उतरने के बाद उससे कहा, “मैं अपने लंगोट का बहुत पक्का हूँ। मुझे आपके साथ बहुत अच्छा लगा। हाँ अगर मैं कभी मनाऊँ तो आपके साथ चुदाई ज़रूर करवाना चाहेगी।” उसने मुझसे मेरा फोन नंबर माँगा। पर मैंने नहीं दिया क्योंकि बार-बार तंग करती।
फिर पूछा, “हम दुबारा कब मिलेंगे? एक दोस्त की तरह, अगर मैं उसे अपना समझूँ तो। हालाँकि उसने कहा वो मेरे लायक नहीं है।”
मैंने कहा, “ज़रूर मिलेंगे अगर किस्मत ने साथ दिया तो उसी जगह जहाँ वो मिली थी। उसे मेरे लिए वेट करना होगा।”
फिर मैंने खुद अपना हाथ उसकी तरफ बढ़ाया और कहा, “बेशक मैंने तुमसे सेक्स के लिए मना किया, तुम रंडी भी हो, पर फिर भी तुम्हारा दिल बहुत अच्छा है।” उसके साथ हैंडशेक किया और बोला, “नंबर नहीं दूँगा लेकिन तुम्हें एक अच्छी दोस्त की तरह ज़रूर याद रखूँगा।”
अपनी जेब से मैंने 50 रुपये का नोट उसके हाथों में दबा दिया। वो बोली, “ये किस लिए?”
मैंने कहा, “तुम्हारी बोनी (पहला कस्टमर मनी) और जो तुमने मेरे लंड को खड़ा किया उसके लिए।”
वो बोली, “नहीं मैं नहीं लूँगी। आप जैसे लोग याद रखे जाते हैं और आप मेरे लिए कस्टमर नहीं हो।”
मैंने कहा, “कोई बात नहीं।”
तो बोली, “अच्छा इस पर साइन कर दो। अगर आप किस्मत में यकीन करते हो तो जब भी हम दुबारा मिलेंगे, ये नोट हमारी दोस्ती की निशानी रहेगा।”
उसने मेरे पैसे के लिए थैंक्स भी बोला। आज तीन महीने हो गए हैं। मैं उस रूट पर कम ही जाता हूँ। उस दिन के बाद वो मुझे नज़र भी नहीं आई। मेरा लंड वो बहका कर चली गई। अब लगता है काश उस दिन मैं ज़िद न करता तो वो भी खुश हो जाती और मेरा कुंवारा लंड भी शांत हो जाता। कम्बख्त, उस दिन के हर रोज़ मुझे इसके साथ मुठ मार कर काम चलाना पड़ता है।