बेटी प्रेग्नेंट है – पापा का बच्चा

मेरा नाम रिया है। उम्र 20 साल। मैं कॉलेज में दूसरी साल की स्टूडेंट हूं। मेरे पापा विक्रम, 46 साल के हैं। मम्मी की मौत को पाँच साल हो चुके हैं। घर में सिर्फ हम दोनों रहते हैं।

पिछले छह महीने से मैं अपने बॉयफ्रेंड आर्यन के साथ रिलेशनशिप में थी। आर्यन 23 साल का था। हम दोनों बहुत गहरे में चले गए थे। लेकिन तीन महीने पहले जब मैं प्रेग्नेंट हो गई, तो आर्यन घबरा गया और मुझे छोड़ कर भाग गया। उसने कहा, “मैं अभी इतना बड़ा जिम्मेदारी नहीं संभाल सकता।”

मैं टूट गई थी। घर आकर रोती रही। पापा ने मुझे रोते देखा तो पूछा, लेकिन मैं कुछ नहीं बता पाई।

**दो हफ्ते बाद**

एक शाम मैं पापा के सामने बैठ कर रो पड़ी।

“पापा… मैं… प्रेग्नेंट हूं।”

पापा कुछ पल स्तब्ध रह गए। फिर उन्होंने मेरे सिर पर हाथ रखा और बहुत प्यार से बोले, “रिया बेटी… रो मत। पापा है ना तुम्हारे साथ। जो भी हुआ, हम साथ मिल कर सामना करेंगे।”

उस रात पापा ने मुझे अपनी गोद में बिठाया। मैं उनके सीने से लग कर रोती रही। पापा मेरे बाल सहलाते रहे। उनकी गर्मी और प्यार मुझे थोड़ा सुकून दे रहा था।

“पापा… मैं क्या करूँ? सब जान जाएंगे तो?”

“कोई कुछ नहीं जानेगा बेटी। हम कह देंगे कि तुम्हारा बॉयफ्रेंड छोड़ गया और हम अकेले पाल लेंगे। लेकिन सबसे पहले तुम्हें मजबूत होना होगा।”

**तीन हफ्ते बाद – करीबी शुरू**

मेरे पेट में हल्का-हल्का उभार आने लगा था। मैं बहुत कमजोर और भावुक हो गई थी। पापा हर समय मेरे साथ रहने लगे। रात को वे मेरे कमरे में आकर मेरे पास बैठते।

एक रात मैं बहुत उदास थी। पापा मेरे बेड पर बैठे थे। मैंने उनका हाथ पकड़ लिया और बोली, “पापा… मुझे बहुत डर लगता है। मैं अकेली नहीं रह पा रही।”

पापा ने मुझे अपनी गोद में बिठा लिया। मैं उनके सीने से लग गई। पापा का हाथ मेरी पीठ पर था। धीरे-धीरे उनका हाथ मेरी कमर पर सरक गया।

“रिया… पापा हमेशा तुम्हारे साथ है।”

मैंने पापा की छाती पर सिर रख दिया। मेरी छाती उनकी छाती से दब रही थी। पापा का हाथ मेरी पीठ से नीचे सरक गया और मेरी गांड पर हल्के से आ गया। मैं काँप गई, लेकिन हटी नहीं।

“पापा… मुझे अच्छा लग रहा है… आपके पास होने से।”

पापा ने मेरे माथे पर किस्स किया। फिर गाल पर। मैंने आँखें बंद कर ली। पापा ने धीरे से मेरे होंठों पर किस्स किया। पहला किस्स बहुत नरम था। फिर दूसरा किस्स गहरा हो गया।

मैंने भी जवाब दिया। हम दोनों किस्स करते रहे। पापा का हाथ मेरी कमर के अंदर घुस गया और मेरी नंगी पीठ सहलाने लगा।

“पापा… आह्ह्ह…”

पापा ने मेरी नाइट शर्ट के ऊपर से मेरी छातियां दबाई। मैं कराह उठी।

उस रात हम सिर्फ किसिंग और टचिंग तक रुके। लेकिन करीबियां अब बहुत गहरी हो चुकी थी।

**दूसरी रात – और आगे**

अगली रात पापा मेरे रूम में आए। मैं लेटी हुई थी। पापा मेरे पास लेट गए और मुझे अपनी बाहों में ले लिया।

“रिया… तुम्हारा शरीर अब बदल रहा है। तुम बहुत सुंदर लग रही हो।”

मैं शर्मा गई। पापा ने मेरी नाइट शर्ट ऊपर की और मेरी पेट पर हाथ फेरा। फिर धीरे से मेरी छातियां बाहर निकाली। वे अब थोड़ी और भारी हो गई थी।

पापा ने एक छाती को मुंह में ले लिया और बहुत प्यार से चूसने लगे।

“आह्ह्ह… पापा… बहुत अच्छा लग रहा है… आह्ह्ह…”

पापा का हाथ मेरी शॉर्ट्स के अंदर गया। मेरी चूत पहले से गीली थी। उन्होंने उंगली से सहलाया और फिर धीरे से उंगली अंदर डाली।

“रिया… तुम बहुत गीली हो बेटी…”

“पापा… और अंदर… आह्ह्ह…”

पापा ने मुझे उंगलियों से झड़ाया। मैं जोर से कांपी और झड़ गई।

जब मैं शांत हुई तो मैंने पापा की शॉर्ट्स उतार दी। उनका लंड खड़ा था। मैंने उसे हाथ में पकड़ लिया और धीरे-धीरे सहलाने लगी।

“पापा… यह बहुत गर्म है…”

पापा ने मेरी आँखों में देखा और बोले, “रिया… अगर तुम चाहो तो… पापा तुम्हें और आगे ले जा सकता है।”

मैंने शर्मा कर सिर हिलाया और फुसफुसाई, “हाँ पापा… मुझे आपकी जरूरत है।”

रिया की आँखों में आँसू थे, लेकिन उसकी आवाज में दृढ़ता थी।

“पापा… मुझे आपकी जरूरत है।”

विक्रम ने अपनी बेटी को कस कर सीने से लगा लिया। दोनों की सांसें तेज़ थी। पापा ने रिया की नाइट शर्ट पूरी तरह उतार दी। अब रिया उनके सामने पूरी नंगी थी। उसके पेट में हल्का उभार दिख रहा था।

पापा ने रिया को बेड पर लिटाया और उसके ऊपर झुक गए। उन्होंने रिया की छातियां चूसी — अब वे थोड़ी भारी और संवेदनशील हो गई थी। रिया कराह रही थी, “आह्ह्ह… पापा… बहुत अच्छा लग रहा है… धीरे चूसो…”

पापा का हाथ रिया की जांघों के बीच गया। उसकी चूत गीली और गरम थी। उन्होंने दो उंगलियाँ अंदर डाली और धीरे-धीरे हिलाने लगे। रिया अपनी कमर उठा-उठा कर मदद कर रही थी।

“पापा… और गहरा… आह्ह्ह…”

पापा ने अपनी शॉर्ट्स उतारी। उनका मोटा, खड़ा लंड बाहर आ गया। रिया ने उसे देखा और शर्मा गई।

पापा ने रिया की टांगें फैलाई और लंड का सिरा उसकी चूत पर रखा। बहुत धीरे से अंदर दबाया।

“आह्ह्ह… पापा… धीरे… आह्ह्ह… पूरा अंदर जा रहा है…”

पापा ने पूरा लंड धीरे-धीरे रिया की चूत में डाल दिया। रिया की सांस रुक गई। पापा रुके नहीं। उन्होंने धीरे-धीरे चोदना शुरू किया। हर धक्के के साथ रिया की सिसकियां बढ़ती गईं।

“पापा… हाँ… और गहरा… आह्ह्ह… मुझे बहुत अच्छा लग रहा है… चोदो मुझे… अपनी बेटी को चोदो…”

पापा की स्पीड धीरे-धीरे बढ़ी। अब वे जोर-जोर से चोद रहे थे। रिया की छातियां उछल रही थी। कमरा उनकी सांसों और चुदाई की आवाज से भर गया था। रिया ने पापा की पीठ पर नाखून गाड़ दिए और चीखी, “पापा… मैं झड़ रही हूं… आह्ह्ह… आ गया… आ गया!”

रिया का शरीर जोर से कांपा। पापा भी कुछ देर बाद रिया की चूत के अंदर ही झड़ गए। गर्म वीर्य रिया की चूत में भर गया। दोनों थक कर एक-दूसरे से लिपट कर लेट गए। रिया ने पापा की छाती पर सिर रखा और रोते हुए बोली, “पापा… अब हम क्या करेंगे? समाज… लोग… सब जान जाएंगे तो?”

पापा ने रिया के बाल सहलाए और बहुत गंभीर स्वर में कहा, “रिया… समाज को हम नहीं बदल सकते। लेकिन हम अपना जीवन बदल सकते हैं। अगर तू चाहे तो हम यहाँ से दूर चले जाते हैं। नया शहर, नया घर। वहाँ कोई हमें नहीं जानता। हम पति-पत्नी की तरह रहेंगे।”

रिया ने पापा की आँखों में देखा। आँसू पोंछते हुए बोली, “पापा… मैं आपके साथ कहीं भी जाने को तैयार हूं।”

पापा ने सब कुछ व्यवस्थित कर लिया। उन्होंने नौकरी छोड़ दी, घर बेच दिया और एक छोटे से पहाड़ी शहर में नया घर ले लिया। वहाँ कोई उन्हें नहीं जानता था। उन्होंने खुद को पति-पत्नी के रूप में पेश किया। रिया अब “श्रीमती रिया विक्रम” बन गई थी।

नया घर छोटा लेकिन सुंदर था। पहाड़ों के बीच, शांत जगह। रिया के पेट अब साफ दिखने लगा था। नए घर में पहली रात। रिया ने हल्की सी सफेद साड़ी पहनी थी। पापा ने उसे गोद में उठाया और बेडरूम में ले गए।

“रिया… अब तुम मेरी पत्नी हो। आज से कोई शर्म नहीं, कोई डर नहीं।”

पापा ने रिया को बेड पर लिटाया और पूरी साड़ी उतार दी। रिया की गर्भवती देह अब और ज्यादा खूबसूरत लग रही थी। पेट का उभार, भारी छातियां, और चमकती त्वचा।

पापा ने रिया को चारों तरफ से चूमा — पेट पर, छातियों पर, जांघों पर। फिर उन्होंने रिया की चूत को जोर से चाटा। रिया कराह रही थी, “आह्ह्ह… पापा… नहीं… अब पति कहो… आह्ह्ह… और चाटो…”

पापा ने रिया को मिशनरी पोजीशन में चोदा। धीरे-धीरे, गहरे धक्कों के साथ। रिया की सिसकियां अब और तेज थी।

“पति जी… और जोर से… आह्ह्ह… मेरी चूत फाड़ दो… मैं आपकी हूं… पूरी तरह आपकी…”

पापा ने रिया को कई पोजीशन में चोदा। रिया अब पूरी तरह खुल चुकी थी। वह खुद जोर से हिल रही थी और गंदी बातें कर रही थी।

“पति जी… मुझे और चोदो… आपका बच्चा मेरे पेट में है। फिर भी आप मुझे चोद रहे हो… आह्ह्ह… मैं आपकी रंडी हूं… हमेशा रहूंगी।”

नौ महीने बाद रिया ने एक सुंदर बेटी को जन्म दिया।

जन्म के बाद भी पापा-बेटी (अब पति-पत्नी) का रिश्ता नहीं टूटा। रिया के शरीर में दूध भरा था। पापा अक्सर रिया की छातियों से दूध पीते और फिर उसे चोदते।

रिया अब पूरी तरह पापा की पत्नी बन चुकी थी। वह कहती, “पापा… अब मैं आपकी बीवी हूं। समाज से हम दूर हैं, लेकिन हमारे रिश्ते में कोई कमी नहीं।”

बच्ची के जन्म के एक साल बाद पापा और रिया ने एक छोटे से मंदिर में शादी कर ली। सिर्फ दोनों और उनकी बेटी। रिया ने लाल साड़ी पहनी थी। पापा ने सिंदूर भर दिया। शादी की रात को पापा ने रिया को बहुत जोर से चोदा। रिया चीख रही थी, “पति जी… आज मैं आपकी वैध पत्नी बन गई हूं… मुझे और चोदो… अपनी बीवी को चोदो… आह्ह्ह…”

पापा ने रिया को कई घंटों तक चोदा — कभी बेड पर, कभी फर्श पर, कभी बालकनी में।

रिया अब पूरी तरह खुश थी। उसने पापा के कान में कहा, “पापा… हमने समाज छोड़ दिया, लेकिन प्यार नहीं छोड़ा। अब हम तीनों — आप, मैं और हमारी बेटी — एक परिवार हैं।”

Nisha Gupta

हैलो! मैं निशा गुप्ता हूँ - जयपुर विश्वविद्यालय से संचार विज्ञान में मास्टर और पिछले 6 साल से डिजिटल दुनिया में हिंदी कहानियाँ लिखने वाली एक अनुभवी लेखिका। मैं वो कहानियाँ लिखती हूँ जो पढ़ते ही आपके मन में आग लगा दें। मेरी कहानियों में वो सब कुछ है जो आप चाहते हैं - बोल्ड, बेबाक और बेरोकटोक। मेरे लेखन को हजारों पाठकों ने सराहा है और कई पुरस्कार भी मिले हैं। मैं यहीं हूँ आपके मज़े के लिए — तो लेटे रहो और पढ़ते जाओ!

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