हेलो दोस्तों मैं दीप्ति, उम्र २२ वर्ष, कद ५ फीट ५ इंच, गोरा बदन तो नयन नक्श तीखे, सुराहीनुमा गर्दन, चौड़ी छाती, कमर पतली तो चूतड गोल गद्देदार और चूत मुरब्बे की भांति फूली हुई। दोस्तों आपने मेरी कहानी के पिछले भाग में भाई के साथ ओरल सेक्स करके मस्त हो गई 1 आपने पढ़ा कि मैं अपने भाई के साथ ओरल सेक्स की. Park Me Incest Chudai
फिर मुझे लगा कि शारीरिक संबंध बनाने में कितना आनंद है, भाई का लण्ङ चूसकर सुकुन मिला तो चूत उसने चाटकर मुझे बहुत मजा दिया लेकिन अब संभोग सुख लेने की इच्छा थी लेकिन डर भी लगता था कि कहीं ऊंच नीच ना हो जाए. और मैं अगले दिन जब तैयार होकर कॉलेज निकली तो नमन मेरे साथ था.
दोनों एक ही ऑटो में सवार हुए तो मैं बोली “क्या क्लास करना जरूरी है.” (भाई बोला) कोई जरूरी नहीं लेकिन घूमने की इच्छा है. (मैं बोली) “ठीक है फिर चारबाग से हमलोग सहारा सिटी की ओर चलते हैं उधर ही मजा लेंगे.” और दोनों चारबाग पर उतरे फिर वहां से ऑटो लेकर सहारा सिटी चले गए.
वहां एक बड़ा सा पार्क था और दोनों उसके अंदर गए, पार्क में प्रेमी युगल आते थे और मजा लेते थे. दोनों पार्क के उस किनारे चले गए जिधर पौधे के साथ झाड़ियां थी और दोनों झाड़ियों के पीछे बैठ गए. मैं नीले रंग की टॉप्स साथ में काले रंग की स्कर्ट पहन रखी थी.
स्कर्ट इतना छोटा था कि बैठते ही मेरी जांघों से ऊपर आ गया और नमन मुझे देखता हुआ पूछा “दीदी आप इतने छोटे ड्रेस पहनती हो क्या आपके जिस्म के हिस्से को सब देखता है तो बुरा नहीं लगता.” (मैं उसके हाथ पकड़ अपने बूब्स पर लगाई तो वो चूची को दबाने लगा) “लड़कियां यदि जिस्म की नुमाइश ना करें तो फिर उसे अच्छा नहीं लगता है.”
और नमन मेरे करीब आकर मेरे गर्दन में हाथ डाले मेरे ओंठ चूमने लगा तो मैं उसके पीठ सहलाने लगी. दोनों किसी प्रेमी युगल की तरह चिपके हुए थे और नमन मेरी ओंठ चूम रहा था तो मैं उसके गोद में टांगें चिहारे बैठ गई, उसके कमर से पैर लपेट उसके गाल चूमने लगी तो मेरा स्कर्ट चूतड तक आ चुका था.
भाई मेरे गोल गद्देदार गांड़ पर हाथ फेरने लगा और फिर मेरे ओंठ मुंह में भर चूसने लगा तो दोनों एक दूसरे से लिपटे मजा लेने लगे. दोनों की सांसें आपस में टकरा रही थी और मैं ओंठ को मुंह से निकाल ली फिर अपने जीभ उसके मुंह में भर चुस्वाने लगी.
नमन मेरे से उम्र में छोटा था पर पोर्न वीडियो देखकर बहुत कुछ सीख चुका था, वो मेरी जीभ चूसते हुए मेरी गांड़ को सहला रहा था और मैं तो हॉफ पेंटी पहनी हुई थी, उसको किनारे करते हुए भाई उंगली गांड़ में डाल दिया और मैं तो उसके मुंह में जीभ डाले चुसवाने में मस्त थी. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
कुछ देर में मेरे बदन में आग लग गई और भाई मेरी गांड़ में उंगली करता हुआ मस्त था तो मैं उसके मुंह से जीभ निकाल ली फिर उसके कंधे पर सर रख बोली “क्या नमन तुम मेरी गांड़ में उंगली क्यों घुसाए हो.” (वो गांड़ से उंगली निकाल लिया और बोला) “कोई बात नहीं डार्लिंग.”
और फिर मैं उसके गोद से उतर उसके सामने बैठ गई, अपने टॉप्स को गर्दन तक कर ब्रा को खोल चुचियों को नग्न कर दी तो मेरी चूचियों को पकड़ वो दबाने लगा. और मैं पार्क के घांस पर लेट गई तो नमन थोड़ा सहमा हुआ था, इधर उधर देखा फिर मेरी छाती पर मुंह लगाया और मेरी चूची मुंह में भर चूसने लगा.
तो वो दूसरे स्तन को दबाए जा रहा था और मैं आहें भर रही थी “आह ओह आअह्ह नमन चूस चूस मेरी चूची बहुत मजा आ रहा है.” और वो चूची चूसने में मस्त था तो मैं पैर से पैर रगड़ते हुए मस्त थी, मेरी चूत में खुजली होने लगी और इस पार्क के झाड़ियों के पीछे दोनों ओरल सेक्स कर रहे थे.
नमन मेरी चूची को मुंह में भर चुभला रहा था और मेरा बदन पूरी तरह से कामग्नि के गिरफ्त में था, चूत में मानों कीड़े रेंग रहे हों तो बदन में कामुकता और मैं अब “आह ओह आअह्ह नमन अब दूसरी चूची चूस न.” (नमन मुंह से चूची निकाल दिया) “यस बेबी तेरी चुदाई भी इसी पार्क में करने की इच्छा है.”
मैं चुप रही और नमन मेरी दूसरी चूची मुंह में भर चूसने लगा, मैं तो उसके नीचे लेटी हुई थी और वो मेरे स्कर्ट को कमर तक उठाए मेरी पेंटी पर से ही चूत को सहलाने लगा. पब्लिक प्लेस पर शारीरिक संबंध की सुखद अनुभूति ले रही थी और अब मेरी चूत से रस निकलने लगा.
तो पेंटी गीली हो गई और मैं नमन के चेहरा को पीछे कर चूची मुंह से निकाल ली “ओह यार पहले खोल लेती तो गंदा नहीं होता.” (नमन मेरे बगल में बैठा था) क्या हुआ बेबी. (मैं उठकर बैठी फिर पेंटी खोल ली) “गीली हो गई.” लेकिन नमन मेरी पेंटी को घांस पर डाल बोला “सूखने दे इसे तब तक चाटता हूं.”
मैं जांघें फैलाई लेट गई तो भाई मेरी जांघों के बीच चेहरा कर चूत को चूमने लगा. वो चूत के ऊपरी सतह पर चुंबन देता हुआ मेरी चूत को फैलाया फिर उसमें जीभ घुसाए चाटने लगा तो मैं खुश थी आखिर मेरी रसीली चूत को भाई कुत्ते की तरह लपलप चाट रहा है और मैं “आह अआआह ओह उई मां मेरी चूत चूत में बहुत गुदगुदी हो रही हैं.”
(भाई जीभ निकाल चूत में उंगली डाले कुरेदने लगा) “तो क्या यहीं चोद दूं.” मैं चुप थी फिर भाई उंगली निकाल जीभ से चूत चाटने लगा तो मैं घांस पर लेटी हुई थी, कॉलेज के लिए घर से निकली थी लेकिन मेरी काम वासना जाग उठी थी तो मैं नमन के साथ शारीरिक संबंध बनाने लगी. “Park Me Incest Chudai”
अब नमन मेरी चूत से जीभ निकाल दिया फिर बोला “बेबी अब तुम मेरा लण्ङ चूसो.” (मैं उठकर बैठी तो भाई पैर सीधा किए बैठा था) “इसी स्टाइल में चूस दूंगी.” और मैं टॉप्स को नीचे की तो स्कर्ट मेरे कमर पर था फिर मैं भाई के लण्ङ के सामने चेहरा किए लण्ङ को पकड़े चूमने लगी. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
तो भाई मेरे पीठ सहलाने लगा, मैं नमन के ७ इंच लंबा लण्ङ को चूम कर अब मुंह में लण्ङ भर चूसने लगी तो भाई बैठा हुआ मेरे बूब्स को पकड़ दबाने लगा और मैं चेहरा ऊपर नीचे करते हुए मुखमैथुन करने लगी तो नमन मस्त था “आह ओह बहुत मजा आ रहा है बेबी चूस चूसकर रस निकाल दे.”
मै लन्ड मुंह में लिए चूसने में मस्त थी तो भाई अब मेरे बाल पकड़े कमर ऊपर नीचे करते हुए मेरे मुंह में लण्ङ पेलने लगा, मेरी मुख्चुदाई हो रही थी तो भाई “चूस चूस साली रण्डी तेरी चुदाई यहीं करूंगा.” और कुछ देर बाद उसके लण्ङ से वीर्य स्खलित होकर मेरे मुंह में गिरने लगा. मैं मुंह में वीर्य गिरते ही मुंह से लण्ङ निकाल दी फिर पानी पीकर मुंह का स्वाद बदली. थोड़ी देर बाद मैं अपने योनि को साफ की तो दोनों कपड़ा ठीक किए।
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