खूबसूरत सेक्सी दीदी को नशे में चोद दिया

हमारे घर में कुल चार लोग हैं। मैं, मेरी बहन सोनाक्षी दीदी, मम्मी और पापा। सोनाक्षी दीदी मुझसे महज एक साल बड़ी है, लेकिन दिखने में वो बेहद खूबसूरत और सेक्सी है। उसकी उम्र के हिसाब से उसके चूचे बहुत बड़े हैं, करीब 34-28-36 का फिगर। उसकी गांड इतनी जबरदस्त है कि देखकर किसी का भी मन डोल जाए। Didi Bur Chudai Antarvasna

हमारी फैमिली बहुत ही खुली और फ्रेंकली माहौल वाली है। हर शनिवार की रात हम लोग घर पर पार्टी करते हैं। ड्रिंक्स, स्नैक्स और ढेर सारा मस्ती। सोनाक्षी दीदी एक कॉल सेंटर में जॉब करती है। ये घटना पिछले साल अगस्त की है। पापा ऑफिस के काम से टूर पर गए हुए थे।

रविवार को घर में सिर्फ मैं, सोनाक्षी दीदी और मम्मी थे। शाम को मैं ऑफिस से जल्दी आ गया। साथ में ड्रिंक्स और कुछ स्नैक्स भी ले आया। घर पहुंचते ही मुझे बहुत तेज पेशाब लगा। मैं सीधा बाथरूम में घुस गया और गेट खुला छोड़ दिया। जैसे ही मैंने लंड बाहर निकाला और पेशाब शुरू किया, तभी सोनाक्षी दीदी अचानक अंदर आ गई।

कुछ सेकंड तक वो मेरे लंड से निकलते पेशाब को देखती रही, फिर हंसकर बाहर चली गई। मुझे बहुत गुस्सा आया। मैं बाहर निकला और बोला, “दीदी, देखकर आना चाहिए था ना!” वो मुस्कुराई और बोली, “तुम्हें लॉक करना चाहिए था भाई।” उसके चेहरे पर एक अजीब सी शरारती मुस्कान थी।

रात करीब 9 बजे हम तीनों ड्रॉइंग रूम में टीवी देखते हुए ड्रिंक कर रहे थे। सोनाक्षी दीदी ने लाल रंग की टाइट टी-शर्ट और बहुत छोटी जींस पहनी थी। खड़ी होने पर उसकी गांड पर पैंटी की लाइन और चूचों का साइज साफ दिखता था। मेरी नजर बार-बार उसके चूचों पर टिक जाती।

दो पेग के बाद मैंने देखा कि वो भी मुझे बहुत गौर से देख रही है। उस रात उसकी आंखों में अलग ही नशा था। हम दोनों बहुत खुलकर बात करते हैं, लेकिन आज कुछ और ही माहौल था। मैंने अपना ड्रिंक खत्म किया और छत पर सिगरेट पीने चला गया।

थोड़ी देर बाद सोनाक्षी दीदी भी वहां आ गई। उसने मेरे हाथ से सिगरेट छीन ली और पीने लगी। मुझे पता था कि वो कभी-कभी पीती है, इसलिए मैंने कुछ नहीं कहा। सिगरेट खत्म करके हम नीचे आए। मम्मी खाना गर्म कर रही थी। तभी सोनाक्षी दीदी बोली, “आज थोड़ा ज्यादा पीते हैं ना, कल तो संडे है।”

मैंने हामी भरी। उसने दो ग्लास लाए और मैंने वोडका निकाली। हमने पेग बनाए और पीते गए। धीरे-धीरे दोनों के चेहरे लाल हो गए। सोनाक्षी दीदी की आंखें पूरी लाल और नशीली हो चुकी थीं। खाना खाकर मैं अपने रूम में चला गया। रात करीब 1:30 बजे किसी ने दरवाजा खटखटाया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

मैंने लैपटॉप में पेज मिनिमाइज किया और दरवाजा खोला। बाहर सोनाक्षी दीदी खड़ी थी। वो बोली, “मम्मी सो गई हैं, मुझे नींद नहीं आ रही। अकेली बोर हो रही हूं।” वो अंदर आई और मेरे बेड पर बैठ गई। बातों-बातों में उसने लैपटॉप अपनी तरफ खींचा और पेज खोल लिया। मैंने झटके से लैपटॉप छीन लिया।

वो हंसकर बोली, “क्या पढ़ रहे थे भाई?” मैंने टाल दिया। फिर वो मेरे बेड पर ही लेट गई। मैं भी पास लेट गया। आधे घंटे बाद अनजाने में मेरा हाथ उसकी कमर पर चला गया। अचानक उसने मेरा हाथ पकड़ा और सीधे अपने चूचों पर रख दिया। उसकी आंखें बंद थीं, लेकिन सांसें बहुत तेज चल रही थीं।

शराब का नशा पूरी तरह चढ़ गया था। मैंने हिम्मत करके हाथ को और आगे बढ़ाया। उसके पूरे शरीर पर हाथ फेरने लगा। फिर मैंने उसके चूचे जोर से दबाए। वो सिसकारी भरने लगी। आह्ह… भाई… और जोर से… उसने धीरे से कहा। मैं उसके और करीब आया। उसके गले और कान पर किस करने लगा।

वो मचलने लगी। फिर उसने भी मुझे जोर से किस किया और मेरे लंड को पैंट के ऊपर से सहलाने लगी। मैंने धीरे-धीरे उसकी नाइटी ऊपर की। अंदर काली पैंटी थी। मैंने उसकी पैंटी सूंघी, फिर नाइटी पूरी उतार दी। अब वो सिर्फ काली ब्रा और पैंटी में थी। मैंने ब्रा खोली तो उसके बड़े-बड़े चूचे उछलकर बाहर आ गए।

मैं पागलों की तरह उन्हें चूसने-काटने लगा। वो कराह रही थी। आह्ह… ओह्ह… चूसो जोर से… चोदो मुझे… प्लीज… मैंने उसकी पैंटी उतारी। अंदर सफेद रस से भरी हुई थी। क्या खूशबू थी। मैंने मुंह उसकी बूर पर लगाया। जीभ जैसे ही टच हुई वो उछल पड़ी। आह्ह्ह… इह्ह… मैंने जीभ अंदर डालकर चाटना शुरू किया।

वो मेरा सिर अपनी बूर पर दबाने लगी। सोनाक्षी दीदी बोली, “तू कितना लकी है भाई… आज तेरी सगी बहन की बूर चाटने को मिल रही है… जी भरकर चाट ले… चोद मेरी बूर को आज…” मैंने और जोर-जोर से चाटा। करीब दस मिनट बाद उसने मुझे ऊपर खींचा और गहरा किस करने लगी।

फिर उसने मेरी टी-शर्ट और हाफ पैंट उतारी। मैंने अंडरवियर भी निकाल दिया। वो नीचे बैठ गई और मेरे लंड को सहलाने लगी। फिर मुंह में लेकर चूसने लगी। ग्ग्ग्ग… गी… गी… गों… वो गहरे तक ले रही थी। मैं पागल हो रहा था। पांच मिनट बाद मैंने उसे बेड पर लिटाया।

तकिया उसकी गांड के नीचे रखा। उसके पैर फैलाए। लंड को उसकी बूर पर रगड़ा। वो तड़प उठी। फाड़ दे मेरी बूर… दिखा अपनी मर्दानगी… मैंने एक जोरदार धक्का मारा। लंड अंदर चला गया। वो चीखी, बाहर निकाल… बहुत दर्द हो रहा है… मैंने उसे किस किया, चूचे दबाए। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

धीरे-धीरे लंड आगे-पीछे करने लगा। कुछ देर बाद उसकी बूर गीली हो गई। अब उसे मजा आने लगा। आह्ह… ओह्ह… कहां था इतने दिन ये लंड… जोर से चोद… बना ले मुझे अपनी रंडी… मैंने स्पीड बढ़ाई। वो झड़ गई। पूरी अकड़ गई। आह्ह्ह… ह्ह्ह… इह्ह… मैं नहीं रुका। जोर-जोर से पेलता रहा।

फिर मुझे भी आने वाला था। मैंने पूछा, अंदर डाल दूं? उसने कहा, नहीं… मुंह में डाल… मैंने लंड निकाला, उसके मुंह के पास रखा और जोर से झड़ दिया। पूरा पानी उसके मुंह, नाक, आंखों और चेहरे पर फैल गया। हम दोनों थककर लेट गए। आधे घंटे बाद वो उठी, मुझे किस किया, थैंक यू बोला और मम्मी के कमरे में चली गई।

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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