भाई के साथ ओरल सेक्स करके मस्त हो गई 1

फ्रेंड्स मैं दीप्ति, उम्र २२ वर्ष, कद ५ फीट ५ इंच, सुराहीनुमा गर्दन, सुंदर चेहरा, चौड़ी छाती तो पतली कमर, चूतड गोल गद्देदार तो जांघें मोटी और चूत टाईट. मैं देखने में उतनी भी सुंदर नहीं हूं लेकिन मेरा पहनावा मॉडर्न है, घर में मैं फ्रॉक या शॉर्ट्स के साथ टी शर्ट पहनती हूं जबकि कॉलेज मैं लेगिंग्स और टॉप्स या फिर मिनी स्कर्ट और टॉप्स पहनकर जाती हूं. Brother Spying Bathing Didi

मुझे हुस्न का नुमाइश पसंद है और मेरे डैड हों या मॉम कोई भी मेरे पहनावे से लेकर घूमने फिरने पर प्रतिबंध नहीं लगाते हैं। मैं अपनी सहेलियों के संगत में रहकर मोबाइल में पोर्न वीडियो देखना या सेक्सी कहानी पढ़ने लगी हूं, मैं अपने डैड, मॉम और भाई के साथ लखनऊ शहर में रहती हूं.

डैड तो बिजनेस करते हैं और मॉम हाउसवाइफ हैं और मैं कॉलेज में पढ़ाई करती हूं जबकि मुझसे छोटा भाई नमन बारहवीं कक्षा की परीक्षा दे चुका है. वो १९ साल का लड़का है, जिसकी लंबाई ५ फीट १० इंच होगी तो शरीर स्लिम और देखने में सुंदर. कुछ दिनों से मैं नमन की हरकतों पर नजर रखी हुई थी.

वो मुझे स्नान करता हुआ देखता था कारण की मेरे घर के बागान में स्नानागार था और उसकी वेंटिलेशन टूटी हुई थी तो नमन मुझे उस वेंटिलेशन से अंदर झांकता था और मुझे नग्न अवस्था में स्नान करता देखता था। एक सुबह जब मैं स्नान करने गई तो दरवाजा बंद कर कपड़ा उतारने लगी.

जानबुझकर मैं अपना चेहरा वेंटिलेशन के उल्टा दिशा में रखी थी ताकि नमन मुझे अच्छी तरह से नंगा देख सके. मैं अब स्नान करने लगी फिर भींगे बदन पर साबुन लगाते हुए मूड गई तो मेरा खूबसूरत जिस्म का अगला भाग उसकी नज़रों में था. मैं तिरछी नजरों से देख ली कि नमन वहीं खड़ा हुए मुझे देख रहा है और मैं अपने बूब्स से लेकर पूरे बदन पर साबुन लगाई.

फिर दोनों जांघों को फैलाई और चूत पर साबुन लगाई, पूरे बदन पर साबुन लगाने के बाद बदन को पानी से भिंगोने लगी, स्नान करके बदन पोंछ ली फिर कपड़ा पहन स्नानागार से बाहर निकली, आज मैं फ्रॉक पहन रखी थी, अपने जांघों से लेकर पैर तक को नग्न रखी थी तो इस ड्रेस में मेरी चूचियां टाईट लग रही थी.

मैं देखी कि नमन बागान में पौधों को पानी दे रहा है तो मैं बोली “स्नान कर ले भाई, अधिक बागवानी करेगा तो थक जाएगा.” (मैं उसके बरमूडा पर ध्यान दी लग रहा था मानों लण्ङ फुंफकार रहा है) “हां दीदी अभी स्नान कर लेता हूं.” और मैं अपने रूम आकर बाल झाड़ने लगी फिर नमन के हरकत के बारे में सोचने लगी.

थोड़ी देर के बाद मैं डाइनिंग हॉल आई और मॉम को आवाज दी “मॉम नाश्ता दे दो।” (मॉम बोली) अभी देती हूं वैसे नमन कहां है. (मैं) “वो बागान में है.” फिर मैं डाइनिंग हॉल में बैठ टी वी देखने लगा और तभी नमन आया, मुझे देख बोला “अभी स्नान करके आया.” फिर कुछ देर के बाद दोनों साथ में नाश्ता किए, मैं देख रही थी कि नमन मुझे तिरछी नजरों से देख रहा है।

आज तो छुट्टी था इसलिए घर में ही रहना था और फिर मैं अपने रूम चली गई, किताब निकाल पढ़ने लगी. थोड़ी देर बाद नमन मेरे कमरे में आया तो मैं लेटकर किताब पढ़ रही थी और मेरा मिनी स्कर्ट घुटनों से ऊपर था, वो पलंग के किनारे बैठा और उसकी नजर मेरे स्कर्ट के अन्दर पेंटी पर थी.

तो मैं पूछी “क्या हुआ नमन क्या बात है.” (वो कभी मेरी पेंटी देखता तो कभी मेरे उफान लेती चूचियों को) बस यूं ही दीदी. (मैं बोली) तुम जो कर रहे हो यदि मॉम या डैड को बता दी तो फिर समझना. (नमन बिल्कुल ही बुद्धू की तरह बोला) क्या कर रहा हूं दीदी मुझे भी तो बताईए. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

(मैं उठकर बैठ गई) तुम मुझे स्नान करते देखते हो और वेंटिलेशन भी ठीक नहीं कराते हो. (नमन मेरी बात सुनकर सहम गया) “दीदी मैं तो बागान में पौधों को पानी दे रहा था, मैं आपको स्नान करते कैसे देख सकता हूं.” और सच पूछिए तो मेरे बदन में ही आग लगी हुई थी तो चूत में खुजली महीनों से हो रही थी आखिर मेरी जवानी मुझपर चढ़ के बोल रही थी.

मैं अपना हाथ बढ़ाए नमन के लण्ङ को बरमूडा के ऊपर से ही पकड़ ली तो वो घबड़ा गया और मैं उसके गाल चूम ली. (लण्ङ पकड़े दबाने लगी) क्या इसमें बहुत अकड़ आ गई है. (नमन झट से मेरे रसीले ओंठ चूम लिया) “जरूर दीदी.” और फिर मैं नमन को बाहों में लेकर चूमने लगी.

वो मेरे से चिपककर मेरे गर्दन से गाल तक को चूमने लगा तो मैं भी उसके गाल चूम रही थी. और फिर मेरे दिमाग में आया कि घर पर हमदोनों के अलावा मॉम भी हैं तो मैं तुरंत ही उससे अलग हुई “क्या हुआ दीदी।” (मैं) चुपकर दीदी के बच्चे घर पर मॉम भी हैं.

(नमन मेरे गाल चूम लिया फिर तपाक से मेरी बूब्स को टॉप्स पर से पकड़ दबा दिया) “ओह आउच अबे गधे ये क्या कर रहा हैं.” (नमन बोला) “चाहो तो कुछ देर छत पर चलें.” पता नहीं मुझे क्या हो गया था और मैं बोली “ठीक है पहले तुम जाओ फिर मैं वहां आती हूं.”

मौसम भी वसंत का था इसलिए हल्की धूप छत पर थी और फिर नमन छत पर चला गया तो मैं कुछ देर बाद जाने लगी. तो मॉम बोली “तुम दोनों छत पर क्या करने जा रहे हो, वैसे भी मुझे मंदिर जाना है.” (मैं बोली) “अच्छा मॉम अभी आई.” और ये सुनकर की मॉम मंदिर जाएंगी मैं खुश हो गई.

फिर मैं छत पर गई और नमन को देख बोली “भाई मॉम तो मंदिर जा रही है.” (नमन मुझे देख मुस्कुराया) “ओह तब तो दो घंटे तक हम दोनों अकेले.” फिर कुछ देर बाद मॉम मंदिर चली गई तो हम दोनों डाइनिंग हॉल में बैठ टी वी देखने लगे. मै तो मिनी स्कर्ट और टॉप्स पहन रखी थी और मॉम के निकलते ही मैं जाकर दरवाजा बंद कर दी.

फिर आकर बैठी तो नमन मेरे करीब आया और मुझे चूमने लगा साथ ही उसका हाथ मेरे बूब्स पर था. वो बूब्स पकड़े दबाने लगा तो मुझे सुखद एहसास मिल रहा था. पहली बार किसी ने मेरे बदन पर हाथ लगाया था और मैं नमन के बनियान को उतार छाती पर हाथ फेरने लगी.

१९ साल की उम्र में भी नमन का शरीर स्ट्रांग था और वो मेरे ओंठ पर ओंठ रख चुंबन देने लगा तो मैं उसके मुंह में ओंठ डाले चुसवाने लगी. मेरा हाथ उसके लण्ङ को बरमूडा पर से ही पकड़ दबाने लगा और मैं भाई के मुंह में ओंठ डाले चुसवाने लगी. अब नमन का हाथ मेरी स्कर्ट के अन्दर था और वो मेरी पेंटी पर से ही चूत को उंगलियों के बीच लेकर मिंजने लगा.

तो मैं मदहोश होने लगी फिर ओंठ को मुंह से निकाल सांसों पर नियंत्रण करने लगी तो भाई मेरी बूब्स दबाए जा रहा था. और मैं नमन के छाती को चूमते हुए उसके बरमूडा को कमर से नीचे करने लगी. भाई खुद से नंगा हो गया फिर तो मेरी आंखों के सामने उसका लन्ड था, गेहुंआ रंग तो ७ इंच लंबा और २ इंच मोटा तो सुपाड़ा ब्राऊन रंग का. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

और मैं पहली बार नंगे लण्ङ को देख रही थी, उसे पकड़ हिलाने लगी तो भाई मेरी चूत पर चिकोटी काट रहा था. मेरी जान निकल रही थी और फिर मैं “आह अआआह ओह नमन अब छोड़ो भी मेरी चूत.” तो वो चूत पर से हाथ हटाया फिर मेरे स्कर्ट में हाथ डाले पेंटी को खोलने लगा.

वो पेंटी का हूक खोलने लगा तो मैं खुद पेंटी को चूतड पर से हटाई और अब नमन मेरे ओंठ चूम लिया तो उसका हाथ मेरी चूत को सहलाने लगा “दीदी तुम्हें फ्रेंच किस करने में मजा आता है।” (मैं झेंप गई) अबे गधे मैं पहली बार किसी के साथ सेक्स कर रही हूं वैसे ये फ्रेंच किस किसे कहते हैं. “Brother Spying Bathing Didi”

(नमन मेरी कोमल चूत के दरार में उंगली डाले रगड़ना लगा तो मैं उसके लन्ड को पकड़ सहला रही थी) मुंह में जीभ डालकर चुसवाना. (मैं कामुक हो चुकी थी और उसके करीब होकर जीभ से उसके ओंठ चाटने लगी) “ओके तो दीदी की जीभ चूस.” फिर नमन मेरी जीभ मुंह में भर चूसने लगा लेकिन वो इतना उग्र था कि मेरी चूत में एक उंगली डाल कुरेदने लगा.

वैसे अपनी चूत में उंगली डाल मैं कई बार कुरेद चुकी थी और अब मैं जीभ भाई के मुंह में डाले चुसवा रही थी तो मेरी चूत में उसकी उंगली थी और मैं उसके लन्ड पकड़े हिला रही थी, एक अनोखा एहसास हो रहा था खासकर मुंह में जीभ डालकर, दोनों के मुंह के लार का मिश्रण हो रहा था और नमन मेरे चूत में उंगली करता हुआ मुझे कामुक कर रहा था.

थोड़ी देर बाद भाई के मुंह से जीभ निकाल उसके कंधे पर सर रख बोली “ओह नमन बहुत मजा आया वैसे सुनी हूं कि ओरल सेक्स में बहुत मजा आता है.” (नमन मेरे पीठ पर हाथ फेरने लगा) हां दीप्ति क्या तुम मेरे लन्ड को चूसोगी. (मैं उसके कान के पास फुसफुसाई) “जरूर लेकिन तुम्हें भी मेरी चूत चाटनी होगी.”

और फिर नमन मेरे टॉप्स को गर्दन से बाहर कर मुझे नंगा कर दिया, मैं अपने दोनों बाहों और हाथ से अपने वक्षस्थल को ढकने की कोशिश में थी तो मेरे बदन पर सिर्फ स्कर्ट था और भाई भी बिल्कुल नंगा था, जी कर रहा था कि उसके लण्ङ से चूत चुदवा लूं लेकिन पहले ओरल सेक्स करने की इच्छा थी।

नमन मेरे हाथ वक्षस्थल से हटाया फिर चुचियों को पकड़ दबाने लगा, मेरी चूची गोरे रंग की और टाईट थी तो निप्पल ब्राउन रंग की. और नमन अब मेरे चूची को दबाए जा रहा था साथ ही मेरे गर्दन को चूम रहा था तो मैं अब कामुकता के आगोश में आ चुकी थी और फिर भाई मुझे सोफा पर ही लिटाया तो मैं लेट गई.

नमन मेरी चूची को पकड़े मुंह में भर चूसने लगा और मैं उसके बाल सहलाते हुए उसे छाती से लगाए स्तनपान करा रही थी. दो नग्न बदन एक थे तो भाई मेरी चूची चूसने में मस्त था और मैं “आह अआआह उह नमन चूस चूस अपनी बहन की चूची बहुत मजा आ रहा हैं.” और मेरी चूत में पहली बार खुजली हो रही थी. “Brother Spying Bathing Didi”

तो नमन मेरी चूची मुंह से निकाल दूसरे चूची को मुंह में भर चूसने लगा, वो मेरे ऊपर सवार था और मैं सोफा पर लेट मजा ले रही थी. अब मुझे चुदाई की इच्छा होने लगी और नमन चूची चूसता हुआ मस्त था “आह ओह नमन मेरी चूत चूत से रस निकल जाएगा.” ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

फिर भी नमन मेरी चूची चूस रहा था और मेरी चूची उसके मुंह के थूक लार से भींग चुका था. अचानक से मेरी चूत से रस निकलने लगा और मैं ढीली पड़ गई तो नमन मेरी चूची मुंह से निकाल दिया. वो उठकर चला गया तो मैं भी उठकर बैठी फिर फ्रेश होने वाशरूम चली गई.

मेरे बदन पर सिर्फ स्कर्ट ही था और मैं उसे भी उतार दी फिर एक बाथ टॉवेल छाती से लपेट डाइनिंग हॉल आई तो नमन बैठा हुआ था. मुझे देख बोला “दीदी तुम बहुत ही हॉट और सेक्सी हो.” (मैं उसके बगल में बैठ उसके गाल चूम ली) “चूपकर दीदी बोलता है और ऐसी हरकत करता है.”

मैं नमन के लण्ङ पकड़ सहलाने लगी तो वो मेरे गाल चूम लिया फिर मैं भाई के सामने घुटने के बल बैठ लण्ङ को पकड़ चूमने लगी. नमन का लण्ङ चूमते हुए उसके झांट में उंगली नचाने लगी तो भाई मेरे चूची को पकड़ दबाने लगा, मैं सुपाड़ा को नाक में लगाए सूंघने लगी और नमन मेरी पीठ सहलाने लगा.

अब मैं मुंह खोल लण्ङ अंदर ली फिर चूसने लगी तो भाई मेरी गोल मुलायम चूची को पुचकार रहा था, आधा लण्ङ मुंह में भर चूसने में लगी हुई थी. और नमन मेरी बाल सहलाते हुए “आह ओह उह आअह्ह दीप्ति तू तो मस्त चुस्ती है आह ओह.” (मैं अब लण्ङ मुंह से निकाल जीभ से चाटने लगी) “अभी तो ब्लोजॉब बाकी है.”

फिर मैं लण्ङ मुंह में भर चूसने लगी लेकिन चेहरा ऊपर नीचे करते हुए मुखमैथुन करना शुरू की तो भाई मस्त था “वाह दीप्ति तुम तो ब्लोजॉब भी करना जानती हो.” और मैं मुखमैथुन करने में मस्त थी, नमन मेरी चूची को दबाए जा रहा था, सही में पोर्न वीडियो देख खुद से चूत में उंगली कर काम वासना को शांत करना और फिर सही में ये सब काम क्रिया करना, एक अलग सी अनुभूति होती है. “Brother Spying Bathing Didi”

और मैं पहली बार अपने बदन के हरेक अंग में सुखद एहसास पा रही थी, उसका लन्ड मेरी मुंह में और अकड़ रहा था. फिर भी मैं चूसने में लीन थी तो नमन आहें भरने लगा “आह अआआह ओह उह उई मां बहुत मजा आ रहा है डार्लिंग मन करता है कि तेरी मुंह में ही माल झाड़ दूं.” (मैं मुंह से लण्ङ निकाल ली और जीभ से चाटने लगी) “बाद में मै खुद तेरे लण्ङ का माल चख लूंगी.”

मै लण्ङ को चाट कर सोफा पर बैठ गई तो नमन मेरी गाल चूम लिया “दीप्ति तुम मुझे अपना चूत दोगी ना.” (मैं खिलखिलाकर हंस दी) अबे साले मैं तुझे अपना चूत कैसे दे सकती हूं. (वो बोला) मतलब कि चुदाई करने के लिए (मैं उसके गाल चूम ली) “चल अब मेरी चूत को चाट वो सब बाद में देखेंगे.”

फिर नमन मुझे सोफा पर लिटाया और तकिया चूतड के नीचे डाल दिया, अब मैं जांघें फैलाई लेटी थी और वो मेरी चूत के फांक को चूमने लगा. मेरी चूत गेहुंआ रंग की थी तो दोनों फांकें लंबी और मोटी, दरार स्पष्ट तो लालिमा लिए भग्नाशा और नमन चूत को चूमता हुआ मेरे कमर पर हाथ फेरने लगा.

अब बुर के हरेक हिस्से को चूम लिया तो मैं खुद उंगली की मदद से चूत को फैलाई जिसमें जीभ डाले नमन चाटने लगा. और मुझे अपने गुदाज अंग में जीभ का प्यार मिल रहा था, एक ओर मां मंदिर पूजा करने गई थी तो दूसरी ओर उनका बेटा बेटी साथ में सेक्स कर रहे थे. “Brother Spying Bathing Didi”

मेरी चूत के फांकों को फैलाकर नमन चूत के अंदर जीभ घुसाए चाटने लगा और मैं तो अब चुदाई को आतुर थी “आह ओह आअह्ह नमन मेरी चूत में आग लगी है.” (नमन चूत चाटने में लगा हुआ था) “खैर मैं तुमसे बहुत जल्द चूत चुदाई कराऊंगी.” और नमन मेरी चूत में उंगली डाल कुरेदने लगा तो चूत के बाहरी हिस्से को चाट रहा था. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

उसका गोरा चेहरा लाल हो चुका था तो मैं अब आहें भरने लगी “आह ओह आअह्ह नमन मेरी चूत को चाट चाटकर मस्त कर दे फिर तेरा लौड़ा चूस कर शांत कर दूंगी.” और नमन चूत से उंगली भी निकाल सोफा पर बैठ गया तो मैं उठकर बैठी फिर उसके लण्ङ को पकड़े हिलाने लगी तो नमन मेरे गाल चूम रहा था “और तेजी से हिलाओ ना बेबी मेरा झड़ने पर है.”

(मैं उसके लन्ड को तेजी से हिलाने लगी) “ओह मतलब कि तू रोज हस्तमैथुन करता है.” और मैं उसके लन्ड को हिलाते रही फिर उसके लन्ड से वीर्य की धार छूट पड़ी, मेरे हाथ में सफेद गाढ़ा वीर्य लग गया तो नमन सुस्त पड़ गया और मैं उठकर जाने लगी “मजा आ गया दीप्ति अब दुबारा कब.” (मैं बोली) “आराम से साफ सफाई कर ले फिर कल का सोचूंगी.” और मैं भाई के साथ ओरल सेक्स करके मस्त हो गई।

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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