मेरी कलाइंट ने अपने पति से मुझे चुदवा दिया -1

नमस्कार दोस्तो, मैं काफी समय बाद ये कहानी लेकर आया हूँ, मेरी कहानियाँ अक्सर अन्तर्वासना पर आती रहती हैं। जिन्हें आप सब पसंद करते हैं.. उसके लिए मैं आप सभी का शुक्रगुजार हूँ।

काफी समय से काम में व्यस्त होने के कारण मैं ये कहानी काफी देर बाद ला पा रहा हूँ। आप सभी दोस्तों के बहुत मेल्स मिल रहे हैं और दोस्त मुझे काफी देर से मेरी नई कहानी का इंतज़ार कर रहे हैं और मुझे मेल भी कर रहे हैं.. उन सभी का धन्यवाद करता हूँ। अन्तर्वासना का भी धन्यवाद करता हूँ.. जो मेरी कहानियाँ आप तक पहुँचाती रहती है।

यह कहानी है मेरे एक बहुत अच्छे कपल दोस्त की है.. जो इस वक्त दिल्ली में रहते हैं। इनका नाम है संजय और इनकी वाइफ का नाम दीपिका है। दीपिका-संजय.. मैं और मेरी वाइफ हम सभी एक-दूसरे के साथ खुल कर सेक्स की बातें कर लेते हैं, यहाँ तक कि हम अपने मोबाइल के व्हाट्सएप के द्वारा सेक्स चैट भी कर लेते हैं। हम दोनों अक्सर इन दोनों के साथ अपनी फोटो भी शेयर करते रहते हैं। यह कहानी लिखी संजय ने ही है और उनकी वाइफ का भी इसमें काफी अच्छा रोल रहा है। उन्होंने यह कहानी टाइप करके आप तक पहुँचाने के लिए मुझे कहा.. तो मैं आपको ये कहानी संजय की जुबानी आप तक पहुँचा रहा हूँ।

मैं संजय.. दिल्ली का रहने वाला हूँ, मैंने हमेशा ही अन्तर्वासना की कहानियाँ पढ़ी हैं और पढ़ता रहता हूँ। मैंने सोचा कि मैं भी अपनी आपबीती सुनाऊँ और आपसे शेयर करूँ। मैं एक प्राइवेट जॉब करता हूँ, मेरी वाइफ दीपिका एक ब्यूटीशियन है, वो डोर टू डोर जाकर काम करती है, इस काम से उसका मिलना बहुत ही लड़कियों और औरतों से होता है।

उसकी ये ग्राहक उससे अलग-अलग तरह के काम करवाती हैं.. जैसे बॉडी मसाज.. फेशियल.. वैक्सिंग.. इसके इलावा कई तो अपनी चूत तक के बाल भी साफ़ करवाती हैं। इस काम में कुछ देर के लिए तो सभी इसके सामने कुछ देर के लिए नंगी तक हो जाती हैं। ये घर आकर मुझे बताती है कि किसने किस तरह करवाया और क्या-क्या करवाया.. जिसे सुन कर मेरा लंड पैंट में खड़ा हो जाता है। मैं उससे पूछता हूँ कि क्या कोई औरत किसी मर्द से भी मसाज करवाने को कहती है?

तो दीपिका बोलती है- तुम तो हमेशा अपना जुगाड़ बनाने को लगे रहते हो।

हम दोनों भी खूब चुदाई करते हैं और कपल स्वैपिंग के बारे में भी सोचते हैं परन्तु कभी कर नहीं पाए। इसी लिए मैं अपनी वाइफ से कहता हूँ कि तुम्हारी कोई दोस्त ऐसी है.. जो पति के सामने हमारे साथ चुदाई करना चाहे और हम अपने साथी अदल-बदल कर चुदाई करें और मज़ा आ जाए।

तो वो बोलती है- कोई हमारे जैसा सोचने वाला भी तो हो।

मेरी वाइफ की एक सहेली है.. जिसका नाम दीप्ति है और उसके पति का नाम सुनील है। उनकी एक बेटी है और हमारा एक बेटा भी है.. दोनों बहुत अच्छे दोस्त भी हैं। वो दीपिका की कस्टमर भी है और वो दीपिका से अपनी बॉडी मसाज, फेशियल और चूत के बाल तक साफ़ करवा लेती है।

उसका हसबैंड सुनील भी कभी-कभी फेशियल.. मसाज करवा लेता है। दीपिका से उसकी ग्राहक औरतों के पति भी फेशियल करवा लेते हैं। हम दोनों अक्सर दीप्ती और सुनील का नाम लेकर चुदाई करते हैं। उनका नाम लेकर चुदने में हमें मज़ा भी बहुत आता था। हम अक्सर उनके साथ ग्रुप चुदाई और स्वैपिंग के सपने देखा करते थे।

मैं वाइफ को चुदाई के वक्त बोलता हूँ कि तुम ऐसा सोचो कि सुनील तुम्हारी चूत चूस रहा है.. तुम्हारी चूचियाँ मसल रहा है और मैं दीप्ती की चूत चूस रहा हूँ। तुम दोनों के लंडों को मसल रही हो.. हम चारों मिल कर एक-दूसरे की चुदाई कर रहे हैं।

लेकिन ये सब एक कल्पना थी.. सच में ऐसा कुछ भी नहीं हो पा रहा था। हम नहीं जानते थे कि उनके दिल में हमारे लिए क्या है। फिर एक दिन वो हुआ जो मैं चाहता था।

एक दिन मेरी वाइफ उनके घर गई और वापस घर आकर उसने जो मुझे बताया.. उसे सुन कर मैं खुश हुआ और थोड़ा अफ़सोस भी हुआ क्योंकि उस वक्त मैं वहाँ मौजूद नहीं था। वो घटना क्या थी.. उसे आप सुनो.. मेरी वाइफ दीपिका की जुबानी।

संजय.. मैं आज दीप्ति के घर में फेशियल करने गई थी, दीप्ति ने मुझको कहा कि तुम्हें आज मेरे पति का भी बॉडी मसाज करना है। तो मैंने कहा कि ठीक है.. मैं कर देती हूँ। मैं पहले दीप्ति का फेशियल करने लग गई, उतनी देर सुनील पास ही बैठा रहा, वो आज कुछ अलग मूड में था, वो गंदे-गंदे जोक सुना रहा था, बीच-बीच में मेरे को घूर भी रहा था, कभी मेरी गांड और कभी चूचियों को घूर रहा था.. जबकि दीप्ति भी सामने ही बैठी थी। पता नहीं क्यों.. आज मुझे उसकी ऐसी हरकतें अच्छी लग रही थीं।

दीप्ति के फेशियल के बाद मैं सुनील की बॉडी मसाज की तैयारी करने लगी। इसी बीच दीप्ति ने मुझे दूसरे कमरे में बुलाया, उसने मुझसे कहा- दीपिका, आज सुनील को इंग्लिश तरीके से बॉडी मसाज करवानी है.. तो मैंने पूछा- वो कैसे होती है?

तो उसने मुझे एक लाल रंग की ब्रा और पैंटी दी और कहा- आज तुम्हें ये पहन कर उसकी मसाज करनी होगी। लाल रंग की ब्रा और पैंटी काफी सेक्सी थी। मैंने कहा- यार, मैं इन्हें पहन कर तेरे पति की बॉडी मसाज कैसे कर सकती हूँ? तो दीप्ति ने मुझे जोर देकर कहा- यार तुम मेरी अच्छी सहेली हो.. कुछ नहीं होगा और फिर मैं भी तो तेरे पास रहूँगी और तुझे तेरा जो चार्ज है.. उससे ज्यादा ही दूँगी.. बस एक बार तू ये कर दे.. यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !

फिर मेरे मन में भी लालच आ गया कि यार चल कोई बात नहीं कर देती हूँ.. क्या है.. ये सिर्फ ब्रा-पैंटी ही तो है और कोई नंगी होकर करने को तो नहीं न कह रही है.. सो मैंने उसे ‘हाँ’ बोल दी। मैं दीप्ति से ब्रा और पैंटी लेकर दूसरे कमरे में चली गई।

अब मेरी चूत में कुछ-कुछ हलचल होने लगी और मेरे निप्पल भी कड़क होने लगे। मैंने दूसरे कमरे में जाकर एक बड़े शीशे के सामने अपने सारे कपड़े उतार दिए और अपनी चूत से लेकर चूचियां तक नंगी कर दीं और अपने पूरे नंगे जिस्म को निहारने लगी।

मैंने कुछ दिन पहले ही अपने पति संजय से पूरे जिस्म की बॉडी मसाज करवाई थी और चूत के बाल तक साफ़ करवाए हुए थे। मेरी चूत के कुछ बालों को संजय ने दिल की शेप देकर छोड़ दिया था.. जिससे मेरी चूत बड़ी सेक्सी लग रही थी और इसे देखकर किसी के भी लंड का पानी तक निकल सकता था।

फिर मैंने उसकी दी हुई लाल रंग की ब्रा और पैंटी पहनी.. लाल रंग मुझ पर वैसे ही बहुत सेक्सी लगता है। ये ब्रा-पैन्टी मुझे ढक कम रही थी और दिखा ज्यादा रही थी। ये ब्रा-पैंटी बहुत ही कम कपड़े की बनी हुई थी.. पैंटी तो ऐसे लग रही थी.. जैसे मेरी चूत का नाप लेकर बनाई हो और ब्रा सिर्फ मेरी चूचियां ही ढक रही थी, पीछे पीठ पर सिर्फ एक पतली सी डोरी थी।

अपने आपको शीशे में देख कर एक बार मेरी चूत खुद ही गीली हो गई थी। बाहर जाने की हिम्मत नहीं थी.. परन्तु दीप्ति से वादा किया था.. इसलिए जाना तो था ही।

मैं घबराते हुए दूसरे कमरे में गई.. तो मेरे सामने ही दीप्ति बैठी थी.. जो मुझे देखते ही उछल पड़ी और जोर से सीटी बजाती हुई बोली- वाऊ दीपिका.. यार तुम तो बहुत हॉट लग रही हो.. कहीं सुनील का मन न बदल जाए.. मैंने कहा- यार ऐसे मत बोल.. मैं पहले ही घबराई हुई हूँ।

इतने में सुनील भी कमरे में आ गया और मेरे को देखकर एक बार हक्का-बक्का रहा गया। दीप्ति ने कहा- अब खुश हो.. दीपिका को देखकर.. आओ अब लेट जाओ।

सुनील ने एक छोटा सा निक्कर पहना हुआ था और उसके नीचे भी कुछ नहीं था। उसका खड़ा लंड साफ़ दिख रहा था जो कि मेरे को देखकर ही खड़ा हुआ था।

साथियो, इस रसभरी कहानी का कामरस अगले भाग में बहेगा। आप सभी अपने मेल मुझ तक जरूर भेजिएगा। कहानी जारी है। [email protected]

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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