पापा बोले- तुमने कहा था कि अब की बार जब भी करेंगे तो जो कहोगे वो करूँगी। मम्मी बोली- हाँ बाबा ! जो करना हो कर लो, अभी भी कह रही हूँ, बस गन्दी संदी चीजें न कहना! पापा बोले- सम्भोग में कुछ भी गन्दा नहीं होता! मम्मी बोली- अब करो भी! मम्मी पापा की […]

सुबह हुई तो मैंने ध्यान दिया कि पापा मम्मी से बात नहीं कर रहे थे, उनकी बोल चाल बंद थी। मम्मी कुछ बोलती भी तो केवल हाँ या नहीं में उत्तर देते बस! मुझे मम्मी पापा की उस रात की बात याद थी कि वो दोनों इस बार अकेले और सुहागरात वाली रात की तरह […]

अन्तर्वासना के पाठको को अंकित का नमस्कार! मेरी पहली कहानी ‘ मम्मी पापा इतनी रात में करते क्या हैं ?’ कई भागों में प्रकाशित हुई जिसे आप सब पाठकों ने पढ़ा और खूब पसंद किया इसलिए आप सभी सम्मानित पाठकों का धन्यवाद। आप सभी के बहुत से मेल मिले, किसी ने मम्मी की फ़ोटो मांगी […]

प्रेषिका : रत्ना शर्मा सम्पादक : जूजाजी आपने अब तक पढ़ा.. फिर गुरूजी ने मुझे शीलू के सामने ही गोद में उठा कर नीचे से मेरी चूत में अपना लंड डाल दिया। मैं शीलू के सामने ही गुरूजी की गोद में लटक कर चुदवाने लगी। गुरूजी ने शीलू से कहा- शीलू मेरा मोबाइल ले लो.. […]

हाय दोस्तो.. मैं रत्ना.. आपने मेरी पिछली कहानी ‘ मेरे ससुर ने मुझे चोदा ’ पढ़ी होगी.. और शायद सबको अच्छी भी लगी होगी। मुझे नहीं पता कि आप लोगों के ऊपर इस कहानी का क्या असर हुआ है.. पर वह मेरे जीवन की सच्ची घटना थी.. जो मैंने आप सभी को बताई थी। अब […]

बस काफी तेज रफ्तार से जयपुर की तरफ जा रही थी, उसकी खिड़कियाँ पूरी तरह से बंद थीं, शीशे ऐसे कि बाहर वाले भीतर का कोई नजारा नहीं देख सकते थे। इस टूर में मैं अपने पति रवि के साथ उनके कुछ दोस्तों के कहने पर शामिल हुई थी, तीन दिन का था यह टूर… […]

आगे का हाल रेखा के अपने शब्दों में: बतरा साहब कमरे में घुसते ही मेरे से लिपट गए, मुझे आगोश में लेकर बोले- मैं तुम्हें बहुत मिस करता था। कभी-कभी तो तुम्हारी याद में रात-रात भर जगता था। मैंने उनसे कहा- मुझे भी आपकी बहुत याद आती थी। इस तरह बातें करते-करते हम एक दूसरे […]

उस दिन हम सब कॉलेज से निकले तो मुमताज बोली- आज जल्दी छुट्टी हो गई है चल आज तो मेरे साथ मेरी एक सहेली के घर चल, आज तुझे लाइव एक्शन दिखाती हूँ। उसने भी पहली बार सब कुछ लाइव होते वहीं देखा था। तो बस अपनी-अपनी गाड़ी पर सवार होकर हम दोनों पहुंचे मुमताज […]

अब तक आपने पढ़ा कि कैसे एक अतिकामुक स्त्री की काम वासना को बुझाने में कामरीश राज्य के बड़े बड़े सूरमा परास्त हो गए तब एक दुबला पतला ब्राहमण उस स्त्री की चुनौती स्वीकार करने आगे आता है जिस का सभी उपहास उड़ाते है पर राजा उस कोका पंडित नाम के ब्राहमण को उस स्त्री […]

अन्तर्वासना के सभी पाठक मित्रों जलगांव ब्वॉय का नमस्कार! मैं आप सब का बहुत आभारी हूँ कि आपने मेरी पहली कहानी ‘धोबी घाट पर माँ और मैं’ को इतना अधिक पसंद किया कि मैं खुद अचंभा कर रहा हूँ और अभी तक मुझे ईमेल आ रहे हैं। ख़ास करके मुझे लगा कि इस कहानी के […]

दोस्तो, यह कहानी मेरे एक दोस्त साजिद ने भेजी है, उसी की जुबानी सुनिये। यह मेरी बीवी की चुदाई का सच्चा वाकिया है। हर इंसान की एक ठरक होती है। मैं जब भी अपनी बीवी के साथ चुदाई करता था.. तो सोचता था कि मैं ये चुदाई नहीं कर रहा हूँ.. बल्कि कोई दूसरा इंसान […]

नदी में दुल्हन को नंगी नहाते देखा निर्मला गैर मर्दों से अपनी चूत चुदाई के किस्से सुनाती रही, मैं चुप बैठा रहा। निर्मला ने पूछा- छोटे मालिक, कहीं आप बुरा तो नहीं मान गए? ‘नहीं नहीं… बुरा कैसा! अच्छा किया अपनी तसल्ली कर ली तुमने! सच बताना उस लड़के के इलावा किसी और से तो […]

दोस्तो, एक बार फिर आप सबके सामने आपका प्यारा शरद एक नई कहानी के साथ हाजिर है। लेकिन इस बार कहानी में जरा सी कल्पना भी है। इस कल्पना के बिना यह कहानी अधूरी रहती, तो तैयार हो जाइए इस नई कहानी को पढ़ने के लिये। दोस्तो, जिस कालोनी में मैं रहता हूँ, उस कालोनी […]

अन्तर्वासना के पाठकों को मेरा प्रणाम। मेरा नाम आँचल है.. मैं गाज़ियाबाद में रहती हूँ। मैं बचपन से काफ़ी सीधी लड़की थी। मैं दिल्ली में ही पैदा हुई और यहीं मेरा पालन-पोषण हुआ। मेरी मम्मी और पापा की लव मैरिज हुई थी.. इसलिए मेरी मम्मी काफ़ी खुले विचारों वाली थीं। मुझे मालूम है कि आप […]

दोस्तो, मेरा नाम प्रिया है, मैं B.Tech की स्टूडेंट हूँ और अभी फ़ाइनल ईयर में हूँ। मैंने अन्तर्वासना पर बहुत सी कहानियां पढ़ी हैं और मुझे इस साईट की कहानियां बहुत अच्छी लगीं.. तो मैंने अपनी भी एक कहानी लिखने की सोची, यह मेरी पहली कहानी है.. मैं बी.टेक. थर्ड इयर से ही कॉलेज से […]

माँ पीली साड़ी और लो कट ब्लाउज में एकदम हुस्न की देवी लग रही थी… फिर आंटी में दूसरा पैग बनाकर दिया… अब अंकल माँ के गोरे गोरे उरोज ब्लाउज से ऊपर दबाने लगे… आंटी ने अंकल की लुंगी की गाँठ में खोल दी… फिर मस्ती में आकर खुद भी कपड़े उतारने लगी… माँ के […]

मेरी मम्मी दिखने में एकदम माल दिखती थी, पड़ोसी मम्मी को लाइन मारते थे, मम्मी जान बूझकर नाभि से नीचे साड़ी पहनती थी… इस मामले में पापा और मम्मी का अक्सर झगड़ा होता था। मैं छोटा था, समझता नहीं था कि क्या बातें हो रही है पर बड़ होने पर समझा! बातों के कुछ अंश […]

मम्मी बोली- सुनो ..!! मैं फिर से होने वाली हूँ… अब कर ही रहे हो तो 5-6 झटके थोड़ी जोर से मार दो… या फिर ऐसा करते हैं कि बाथरूम में चलते हैं… वहाँ आराम से करना खड़े होकर! यहाँ तुम्हें मज़ा भी कम आ रहा है, जगह जो कम है। इतना कह कर वो […]

मम्मी- आह… अम्म… थोड़ा धीरे करो ह्ह्ह्ह… उफ्फ्फ्फ़… थोड़ा और नीचे… यहाँ… सुनो… एक बार दाना भी रगड़ दो। उस समय मुझे नहीं पता था कि दाना क्या होता है लेकिन शायद पापा ने रगड़ा और मॉम ने अपनी टाँगें इकठ्ठी कर ली और शायद पापा का मुँह अपनी जांघों में दबा लिया। मॉम- ऊऊओ… […]

पापा ने मम्मी के शरीर को अपनी मजबूत बाहों में जकड़ लिया, मम्मी की तो चीख निकल पड़ी, मम्मी गुस्से से बोली- अरे छोड़ो भी अंकित के पापा, पूरा शरीर दब रहा है, जो करना है जल्दी करो, मुझे नींद आ रही है। उस पर पापा बोले- अरे यार! आज न तुम कुछ कर रही […]

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