दोस्तो, कहानी के पिछले भाग पापा मम्मी की चूत चुदाई देखने का मजा-1 अब तक आपने पढ़ा.. मैं पापा का लण्ड देख कर हैरान रह गई उनका लण्ड पूरे जोश में था। अब पापा धीरे से बिस्तर पर आए और उन्होंने अपना लण्ड मम्मी के हाथों में दे दिया। पापा का लम्बा और मोटा लण्ड […]

अन्तर्वासना के पाठकों को मेरा नमस्कार… मैं रोमा फिर से एक कहानी ले कर आई हूँ। यह कोई कहानी नहीं है.. बल्कि एक सच्ची घटना है। मैं आशा करती हूँ कि आपको पसंद आएगी। घटना मेरे पापा-मम्मी की है कि कैसे मैंने उन्हें चुदाई करते हुए देखा, उनकी ये चुदाई एक दमदार चुदाई थी। मेरे […]

अब तक आपने पढ़ा.. भैया सीधे मेरे कमरे में आए.. मैंने जल्दी से अपनी निक्कर उतारी और झट से उनका लंड अपनी गाण्ड में ले लिया। दस मिनट चुदने के बाद भैया से मैंने कहा- आप चलो.. मैं आता हूँ। भैया जैसे ही गेट से बाहर निकले.. वैसे ही भैया की नज़र मेरी बहन पर […]

अब तक आपने पढ़ा.. ‘भाभी अब गुस्सा छोड़ो.. आओ और नाग बाबा को ठंडा करो।’ ‘अच्छा चल अब मेरी गाण्ड की पालिश मत कर। मेरी बुर में भी चुदास की आग लगी है.. इसीलिए मैं अपनी चूत उठा कर आ गई। चल अब मैं जैसा कहती हूँ.. वैसा ही कर।’ मैंने कहा- ठीक.. जैसा तुम […]

अब तक आपने पढ़ा.. उसने थोड़ा गुस्से से मेरी तरफ देखा और अपनी चूत पर दोनों हाथ रखकर उँगलियों से बुर के दोनों कपाट पूरी चौड़ाई में खोल दिए। सुबह की रोशनी होने लगी थी.. खुली खिड़की से सुबह की सुनहरी धूप की पहली किरण सीधी आकर आरती की खुली चूत पर पड़ी। ऐसा मनमोहक […]

अब तक आपने पढ़ा.. भाभी ने बड़ी अदा से अपने कम कपड़ों को और कम किया और फिर मेरे कपड़े उतारने लगीं। मेरे तने हुए लण्ड से रिस्ते हुए रस की बूँद को देखकर बोलीं- देखो जानू तेरा लौड़ा कैसा लार टपका रहा है.. ‘क्या करूँ भाभी.. खाना परसा हुआ रखा है.. लेकिन खाने को […]

उस दिन माँ का फोन सुबह सवेरे ही आ गया ‘बेटा.. कैसे हो.. इस बार होली पर आ रहे हो ना.. कितने साल हो गए घर आए हुए?’ ‘नहीं माँ.. मैं नहीं आ पाऊँगा.. ऑफिस से बहुत छुट्टियाँ ले चुका हूँ.. मार्च आने वाला है.. अब तो एक दिन की छुट्टी लेना भी मुश्किल है..। […]

अब तक आपने पढ़ा.. टोनी- वाह भाई मान गया.. आप तो मेरे दिमाग़ को पढ़ लेते हो.. मुझे भी यही शक था कि साला कोई नकली बहन ना ले आए.. अब देखता हूँ साला कैसे बचाता है.. अपनी बहन को.. मैं ठीक समय पर वहाँ पहुँच जाऊँगा। टोनी- वाह भाई मान गया.. आप तो मेरे […]

मैं विजय अहमदाबाद से हूँ और इस साइट का बहुत बड़ा शैदाई हूँ। इस साईट पर यह मेरी पहली कहानी है मेरी शादी 4 साल पहले हुई थी लेकिन कुछ कारणों की वजह से मेरा तलाक हो गया है और अब मैं अकेला हूँ। यह बात दो साल पुरानी है.. हमारे फ्लैट में एक साउथ […]

अब तक आपने पढ़ा.. सूर्या- अरे यह कब आई? मैं- आज ही.. मैं ही लाने गया था। सोनाली चाय ले कर आई.. तब उसने बहुत खुले गले का टॉप पहना था.. जो पीछे से पारदर्शी था और नीचे कैपरी भी बहुत चुस्त वाली पहने हुई थी। इस कैपरी और टॉप के बीच कुछ जगह खाली […]

मुझे पहली बार पता चला कि अंजलि तो चूत पीने में पूरी खिलाड़ी है। पांच मिनट के अंदर हम दोनों पसीने में नहा गईं थी। हम दोनों की चूत से पिचकारी निकल रही थी, थकान से चूर हम दोनों उसी हालत में सो गये। सुबह जोर जोर से दरवाजा पीटने की आवाज सुनकर मेरी आँख […]

सभी मित्रों को मेरा नमस्कार. यह अन्तर्वासना पर मेरी पहली कहानी है. यदि मुझसे इस कहानी में कोई गलती हो जाए तो पहली कहानी मान कर मुझे माफ़ कर दीजिएगा। मेरा नाम अनामिका जैन है. मैं चित्तौड़गढ़ राजस्थान से हूँ। मेरी उम्र 20 साल है. मैं बी.कॉम फाइनल इयर में हूँ। मेरा फिगर 32-28-34 का […]

इतना बोलकर उन्होंने नीचे से ही दो तीन धक्के लगाये, मम्मी भी पापा की छाती से चिपकी हुई धक्के लगा रही थी पर अचानक पापा के तरफ से आये झटके से वो चौंक गई। पापा मम्मी को किस कर रहे थे और उनके बालों से खेल रहे थे। मम्मी भी अपने हाथों से पापा की […]

पापा फिर बोले- यू नो न! आई ऍम गुड। मम्मी कुछ देर रुक कर बोली- आई (इंग्लिश वर्ड) आई डोन्ट नो। इतना सुनते ही पापा ने चुम्मों की झड़ी लगा दी और मम्मी के होंठों को चूसने और काटने लगे, तब जाकर मम्मी ने पापा के सीने से चिपकते हुए कहा- आई नो, आई नो […]

पापा मम्मी के चूचियों से चिपक गए। अब मेरा ध्यान पापा के पैरों की ओर गया। पापा मम्मी ऐसे ही बिल्कुल नंगे बिस्तर पर बैठे थे, अब मुझे उनका पापा का ‘वो’ नज़र आया। अब तो वो केवल 3-4 इंच का ही रह गया था… बिल्कुल सिकुड़ा हुआ सा जैसे कोई शरारती बच्चा खूब ऊधम […]

मम्मी के मुख से अचानक कुछ सीत्कार सी निकली और मम्मी बोली- अंकित के पापा, मैं बस होने ही वाली हूँ! मम्मी के पूरे शरीर में सिहरन सी उत्पन हो गई और वो तो जैसे छटपटाने सी लगी थी। अचानक मम्मी ने पापा के होंठों को इतना जोर से चूसा कि मुझे लगा कि उनमें […]

अब एक तरफ तो पापा धीरे धीरे धक्के लगा रहे थे और उनके दोनों हाथ अब कभी मम्मी के अमृत कलशों पर, कभी कमर पर, कभी पीठ पर चल रहे थे और उनके होंठ मम्मी के होंठों से चिपके हुए थे, कभी पापा के होंठ मम्मी के गालों पर फिसल जाते तो कभी गर्दन पर […]

पापा बोले- आज हमारी दूसरी सुहागरात है, जो कुछ हमने अपनी पहली सुहागरात में नहीं किया वो सब करेंगे आज ! मम्मी बोली- अंकित के पापा, आओ न अब ! कह तो रही हूँ जो कहोगे, कर दूँगी। पापा बोले- देखो जी, वादा कर के मुकर मत जाना। मम्मी बोली- हाँ बाबा, अब आओ भी! […]

मैंने एक बात नोटिस की कि पापा मम्मी को चूमते चूमते, अपना चेहरा मम्मी की बगल की ओर जाते और बगल में अपना मुँह कुछ देर लगाये रहते! पहले मुझे कुछ समझ नहीं आया, फिर कुछ देर देखने के बाद मुझे ऐसा लगा कि पापा मम्मी की बगल को शायद सूंघ रहे थे। उस वक़्त […]

मुझे तो ऐसा लगा कि कहीं मम्मी के होंठ छिल न जाये। सारे कमरे में पुच पुच की आवाज़ गूंज रही थी और रात का सन्नाटा होने के कारण आवाजें और भी साफ़ सुनाई पड़ रही थी। जहाँ पापा मम्मी के गुलाबी अधरों का रस पान कर रहे थे, वहीं मम्मी पापा के मुँह का […]

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