प्रेषक : मयंक यह सत्य घटना है चूँकि मैं सेल्स प्रोफेशन से हूँ, कई बार जल्दी में बिना रिजरवेशन के भी यात्रा करनी पड़ती है। इसी तरह मुझे ठंड के दिनों में कटनी जाना था, मैं सारनाथ एक्सप्रेस ट्रेन के जनरल कोच में बैठ गया। मेरे बाजू में दो औरतें बैठी थी। ट्रेन चलने के […]

मैंने भी अपने सीने को उभारा और मैं इतरा कर उसके साथ साथ चलने लगी। वो भी अपना लण्ड पकड़ाये हुए आराम से पूल के किनारे किनारे चलने लगा। जाने कब मैंने भी उसके लण्ड को धीरे धीरे आगे पीछे करना शुरू कर दिया था। रोहित भी उत्तेजना में घिरने लगा था। सभी लड़कियों को […]

लेखिका : शमीम बानो कुरेशी मैं बाज़ार जाने के लिये घर से निकल पड़ी। मुख्य सड़क पर आते ही मैंने सिटी बस ली और उस भीड़ में घुस गई। वही हुआ जो मैं चाहती थी। बस में घुसते ही जवान लड़की को देख कर उसके बदन पर हाथ मारना आरम्भ कर दिया। सभी भैन के […]

कहानी का पिछला भाग: पंखी पता नहीं बताते- 1 मैंने धीरे धीरे करके टीशर्ट और हाफपैंट खोल दिए। वो साली काली ब्रेज़ियर और काली पैंटी पहने थी। गोरा बदन और ये काले कपड़े ! साली मस्त लग रही थी। मौका पाकर रुक्कू ने उसके गेंदों की बाजी उसके हाथ में ले ली। मैंने शब्बो को […]

दोस्तो, मेरा नाम शकील है। मैं एक बार ट्रेन में मुंबई का सफ़र कर रहा था, वैसे भीड़ तो न थी और ट्रेन खाली थी। ट्रेन रुकते ही एक आदमी गुजरात के आनंद से चढ़ा, आकर मेरी बगल में जगह थी तो बैठ गया। थोड़ी देर बाद उसने मेरे बारे में पूछा। मैंने उसे अपना […]

मैं- राजू यहीं बैठो हमारे साथ! और एकदम निश्चिंत होकर तुम भी मज़े लो यार। राजू चुप रहा, मैं उसके सामने ही उसकी बीबी को चोदने वाला जो था। नीलम रानी, जरा कैबरे डांस करके एक एक कपड़ा उतार कर अपनी जवानी हमें भी दिखा दो। काफी देर से तड़फा रही हो! मैंने एक सेक्सी […]

दोस्तो, मैंने अपने एक ग्राहक की बीवी को कैसे चोदा, यह बताता हूँ। यह मेरी ज़िन्दगी की सबसे मज़ेदार चुदाई थी। मैं एक फैक्ट्री का मालिक हूँ, मेरी कपड़े की फैक्ट्री है, मैं किसी को भी माल उधार में नहीं देता हूँ। लेकिन मेरा एक पुराना ग्राहक जो कई सालों से मुझ से माल ले […]

प्रेषक : पुरुषोत्तम शास्त्री मेरा नाम पुरुषोत्तम शास्त्री है। मैं एम ए का छात्र हूँ। यह मेरी प्रथम कहानी है। मैं एक धर्मशाला में रहता था। पुष्कर का मेला चल रहा था और पूरी धर्मशाला यात्रियों से भरी थी। कईयों को कमरा तक नहीं मिला और उनको सर्दी में बरामदे में सोने को मिला। मेरे […]

शैलीन- जल्दी से फ्रेश हो जाओ! मैं- क्यों भाभी? शैलीन- फिर भाभी? मैं- सॉरी शैलीन, लेकिन क्यों? शैलीन- सरप्राईज़ है तुम्हारे लिए! मैं नहा धो के शैलीन के दिए हुए कपड़े पहन ही रहा था कि मेरा ध्यान घड़ी की ओर गया, जिसमें साढ़े तीन बज रहे थे! मुझे एक बजे की ट्रेन से निकलना […]

शैलीन भी मेरी ओर पलट गई उसने एक हाथ मेरे गाल पर रखा और कहा- नब्बू, आज मुझे औरत होने सुख दो! मैं बहुत प्यासी हूँ! इतना कहकर वो मेरे ऊपर आ गई और मुझे चूमने लगी। मैंने उसे बाहों में लिया और पलट गया। अब वो मेरे नीचे थी और मैं उसके ऊपर! मैंने […]

शैलीन की आवाज़ से अचानक मेरा ध्यान भंग हुआ। मुझे देखकर ही पेट भर लोगे या खाना खाओगे? शैलीन ने मुस्कुराते हुए कहा। मैं बाथरूम में गया और हैण्ड वाश अपने लण्ड पर लगाया और जिंदगी में पहली बार मुठ मारी! मैंने सोचा बारिश रुके या न रुके, खाना खाने के बाद तुरंत निकल जाऊँगा! […]

हाय दोस्तो, इससे पहले भी कई कहानियाँ लिखी हैं, लेकिन यह मेरी सबसे बड़ी कहानी है, और आखिरी कहानी है क्योंकि इस कहानी के बाद मैं कोई कहानी नहीं लिखूँगा! कारण आप लोगों को कहानी पढ़ने बाद खुद ही पता चल जाएगा। इस कहानी के माध्यम से आप लोगों को जरूर कुछ न कुछ एहसास […]

प्रेषिका : श्रेया अहूजा मैं श्रेया आहूजा आपको ऐसी वास्तिविकता से परिचित कराने जा रही हूँ जिससे आप अनजान होंगे ! ब्लू फिल्म की हिरोइन के बारे में जो आपके ही मोहल्ले की गलियों में घूमती हैं पर आपसे अपरिचित हैं ! यह है मोनिका जो भोपाल विमेंस कॉलेज में पढ़ती है ! देखने में […]

आँखों के सामने चुदाई का यह सजीव दृश्य देखने के बाद में भावनाएँ और भी भड़क उठी थी। अच्छे बुरे के बारे में सोचना बंद हो गया था, मन में सिर्फ एक ही ख्याल था कि किसी सागर या राजेश जैसे आदमी से कैसे भी चुदवा लूँ? मेरे मन की इच्छा शायद पूरी होने वाली […]

प्रेषक : राज अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा प्रणाम ! सबसे पहले मैं अपने बारे में बता दूँ : मेरा नाम राज है, मैं गुडगाँव में रहता हूँ। वैसे तो मैं मध्यप्रदेश से हूँ पर गुडगाँव में जॉब करता हूँ सेक्स मेरा शौक है। मेरा मानना है कि आदमी सेक्स के लिए जीता है […]

प्रेषक : शिमत प्रथम भाग से आगे : फिर दीदी ने कहा- तुम दोनों एक दूसरे बात करो, मैं कॉफ़ी बना कर लाती हूँ। फिर सोनिया बोली- तुम क्या कर रहे हो पढ़ाई में? मैंने कहा- मैं एम बी ए कर रहा हूँ। फिर वो बोली- तुम्हारी किस खेल में रुचि है? तो मैंने कहा- […]

जैसे कि मैंने अन्तर्वासना पर पिछले भाग में बताया : उन्होंने एक नेपकिन पर अपने मोबाइल नंबर लिख मेरे पाँव में फेंक दिया, मौका देख कर मैंने उठा लिया। वो खुश होकर दोबारा नाचने लगे। मैं लग ही इतनी पटाखा रही थी ! क्या करूँ ! भगवान ने ऐसे मम्मे दिए जिन्हें देख बुड्ढे का […]

जैसे मैंने पिछले भाग में बताया कि : एक दोपहर मैं काले के साथ नंगी गन्ने के खेत में चुद रही थी तभी वहां उसका दोस्त आ टपका, बोला- मुझे भी फ़ुद्दी दे, वरना भाण्डा फोड़ दूंगा। काला बोला- साली, फ़ुद्दी ही देनी है ! दे दे ! तू कौन सी किसी एक से वफ़ा […]

विक्की एक्सिस मैं तीन महीने पहले अहमदाबाद में एक दिन शाम को घूम रहा था, मैं पैदल ही था, मेरी बाइक घर पर थी। मैं एक राजमार्ग पर एक ढाबे के बाहर खड़ा था। थोड़ी देर बाद वहाँ पर एक सुन्दर कार मेरे सामने आई तो मैं उस कार को देखता ही रह गया। कार […]

मैं श्रेया आहूजा, आपकी कमसिन लेखिका आपको पिछले सप्ताह मेरे साथ बीते हुए उन लम्हों के बारे लिखे दे रही हूँ जिससे आप भी सुनकर कहेंगे- पेल दे पर बेल दे ! मैं और मेरा बॉय फ्रेंड विक्की रात दस बजे पार्टी के बाद घर लौट रहे थे ! हम दोनों ज़रा सा शराब पिए […]

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