हाय, मेरा नाम अमित है। मैं आज आपको एक सच्ची घटना बता रहा हूं हमारे घर के पास एक मिसेज शान्ति यादव रहती हैं, उम्र लगभग 32 साल, 4 बच्चे जिनमें तीन लड़कियां- दीपा उन्नीस, अन्नु अठारह और चेतना तीनों में छोटी है और सबसे छोटा एक लड़का। आन्टी बहुत सुन्दर हैं। मैं उन्हें बहुत […]

दोस्तो, मेरा नाम राम है, मैं हरियाणा के एक शहर में रहता हूँ, मेरी उम्र 26 साल है और मैं एक हट्टा-कट्टा जवान लड़का हूँ। यह मेरी पहली कहानी है, मुझे उम्मीद है कि यह कहानी आप सबको पसंद आएगी। वैसे तो मैंने बहुत सी लड़कियों और औरतों के साथ सेक्स किया है लेकिन मैं […]

प्रेषक : रिंकू गुप्ता प्रिय पाठको, सबसे पहले आप सबको मेरा नमस्कार ! मेरा नाम रिंकू गुप्ता है, उम्र 24 साल है और मैं एक सॉफ्टवेयर इंजिनियर हूँ, दिल्ली में रहता हूँ ! यह कहानी जो मैं आप सभी लोगों से कहने जा रहा हूँ, पूरी तरह सच्ची घटना है और उम्मीद करता हूँ आप […]

प्रेषिका : स्नेहल प्यारे पाठको, मेरी तरफ से आप सभी को मेरी मीठी बुर का सलाम ! मैं रूपा, मेरी यह पहली कहानी है। आप सब ध्यान से दिल थाम कर और लण्ड पकड़ कर पढ़िए। मैं गाँव से मैट्रिक पास करने के बाद मुंबई अपने चाचा के पास आगे पढ़ाई के लिए आ गई […]

प्रेषक : मनीष जैन (रुबीन ग्रीन) दोस्तो, आपने मेरी कहानी पढ़ी और आपके लगभग 1100 पत्र प्राप्त हुए, जिनके लिए सर्वप्रथम मैं गुरू जी का धन्यवाद दूंगा जिन्होंने मेरी कहानी प्रकाशित की। एवम् सभी पाठकों का जिन्हें यह कहानी काफी अच्छी लगी और मुझे आगे की कहानी भेजने को प्रेरित किया। मेरी पिछ्ली कहानियों में […]

प्रेषक : रुबीन ग्रीन आग़ दोनों ओर लगी थी। मैं तो अपनी आग बुझा लेता था पर उसका यह पहला मौका था, वो जल रही थी। मैंने भी सोचा कि इसे थोड़ा तड़पाया जाए ! फिर मैंने उसकी टी-शर्ट उतार दी और फिर स्कर्ट भी उतार दी। मैं सिर्फ अपने बोक्सर में था और वो […]

प्रेषक : रुबीन ग्रीन फिर उसी दिन शाम के समय फिर से उसकी चूचियों को मसल दिया। उसने कहा- छोड़िये ! दर्द हो रहा है। मैंने छोड़ दिया पर उस दिन खेल-खेल 8-9 बार उसकी चूचियों और गाँड को मसल दिया, उसने कुछ नहीं बोला। दूसरे दिन शाम को टीवी पर ब्लू फिल्म देखते हुए […]

प्रेषक : रुबीन ग्रीन यह मेरी सच्ची कहानी है। मैं पहली बार अपनी कहानी लिख रहा हूँ। मैं एक उच्च परिवार से सम्बन्ध रखता हूँ, कोयम्बटूर का रहने वाला हूँ, वहाँ मैं एक बहुमंजिली इमारत में निचले मंजिल पर किराएदार था। मैं व्यापार के सिलसिले में वहाँ अकेले रहता था। मेरी मंजिल पर ही एक […]

लेखिका : कामिनी सक्सेना “अच्छा, अब तुम जाओ …” मेरा मन तो नहीं कर रहा था कि वो जाये, पर शराफ़त का जामा पहनना एक तकाजा भी था कि वो मुझे कहीं चालू, छिनाल या रण्डी ना समझ ले। मैं मुड़ कर अपने बेडरूम में आ गई। मुझे घोर निराशा हुई कि वो मेरे पीछे […]

लेखिका : कामिनी सक्सेना मैं दिन भर घर में अकेली होती हूँ। बस घर का काम करती रहती हूँ, मेरा दिल तो यूँ तो पाक-साफ़ रहता है, मेरे दिल में भी कोई बुरे विचार नहीं आते। मेरे पति प्रातः नौ बजे कार्यालय चले जाते हैं फिर संध्या को छः बजे तक लौटते हैं। स्वभाव से […]

एक बार फिर से हाजिर हूँ चूत में से पानी निकालने और लंड में से अमृत रस निकालने के लिए। मैंने आपको अपनी कहानी के पिछले भाग हंसी तो फंसी-1 में बताया था कि कैसे मैंने मोनिका को चोदा था। इस कहानी में आपको बताऊंगा कि कैसे मैंने मोनिका की बड़ी बहन मानसी को चोदा। […]

यह कहानी है मेरी पड़ोस में आए नए किरायेदार की। परिवार में दो बेटियाँ और उनकी माँ, बस यही तीन लोग थे। लड़कियों में एक मोनिका 18 साल और दूसरी मानसी 20 साल की थी। हमारे घर से उनका घर साफ़ दिखता था, कमरा भी पूरा दिखता था और बाथरूम भी। एक दिन जब मैं […]

प्रेषक : राज कुमार सिंह हेल्लो दोस्तो, मेरा नाम राज है और मैं आज आपको अपनी जिन्दगी की पहली यौन-कथा बताने जा रहा हूँ। मैं मथुरा में रहता हूँ। यह उस समय की बात है जब हमारे पड़ोस में एक नई लड़की अपने मामा के यहाँ रहने आई। उसका नाम शिवानी था। वो कानपुर की […]

मेरा नाम राहुल है, बीस साल का हूँ, मैं महाराष्ट्र में कोल्हापुर में रहता हूँ और सांगली के कॉलेज में पढ़ता हूँ। मैं अन्तर्वासना का बहुत बड़ा प्रशंसक हूँ। मैं इसे पिछले एक साल से पढ़ रहा हूँ और जो कहानी मैं अब आपके सामने ला रहा हूँ वो एक सच्ची कहानी है और कुछ […]

मेरी यह कहानी, मात्र कहानी ही है। आदरणीया नेहा दीदी (वर्मा) ने इसमे कुछ संशोधन किया है और इसे आपके सामने सजा-संवार कर प्रस्तुत किया है, मैं दीदी की दिल से आभारी हूँ। मेरे पति एक सफ़ल व्यापारी हैं। अपने पापा के कारोबार को इन्होंने बहुत आगे बढ़ा दिया है। घर पर बस हम तीन […]

प्रेषक : मुन्ना भाई एम बी ए किरण तो परम आन्न्द प्राप्त कर निढाल सी लेट गई थी, इधर मेरा लण्ड थोड़ा मुर्झाया सा लटक रहा था जैसे किसी बच्चे को बिना वजह डांटा गया हो और वो गर्दन झुकाए खड़ा हो। मैंने किरण से अपने लण्ड की तरफ इशारा करते हुए कहा- देखो इसे […]

प्रेषक : मुन्ना भाई एम बी ए फिर वो अपने घुटने के बल मेरे लण्ड के सामने बैठ गई, उसने मेरे लण्ड को एक हाथ से हलके से पकड़ा। मैंने उससे कहा- जरा ताकत लगा कर पकड़ो इसे ! और ऊपर नीचे करो ! यही सब कुछ है। वो धीरे-धीरे मुठ मारने लगी। फिर मैंने […]

प्रेषक : मुन्ना भाई एम बी ए आज मैं जल्दी ऑफिस आ गया क्योंकि कुछ फाइल्स लेकर मुझे मुम्बई जाना था। करीब 10-20 पर किरण का फोन आया, उसने बताया- भाभी-भैया अभी ऑफिस के लिए निकल चुके हैं, आप आ जाइए। मैंने उससे कहा- यार, मेरी भाभी भी तो हैं, मैं क्या बहाना बनाउंगा? तो […]

प्रेषक : मुन्ना भाई एम बी ए लखनऊ 9-7-2010 समय: 10-30 सुबह आज ऑफिस आने में कुछ देर हो गई। आते ही मैंने अपने असिस्टेन्ट को बुला कर आज के काम की लिस्ट मंगाई, फिर मैंने काम के अनुसार असिस्टेन्ट को सब कुछ समझा दिया और कहा कि आज मुझे 1 बजे एक खास मीटिंग […]

प्रेषक : मुन्ना भाई एम बी ए लखनऊ 8-7-2010 समय: 1-30 शाम आज मुझे अपनी गाड़ी की सर्विसिंग करानी थी इसलिए मैं ऑफिस से जल्दी ही निकल गया था। गाड़ी सर्विस कराने के बाद मैं घर पहुचा। मैं अभी लंच लेने के बाद सोने की सोच ही रहा था कि बाहर किसी ने दरवाज़ा खटखटाया। […]

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