दिल के अरमान

प्रेषक : रामजी

हाय दोस्तो !

मैं कोटा, राजस्थान का रहने वाला हूँ। मैं कोटा में अकेला रहता हूँ।

मैं एक भाभी की चुदाई की हकीकत बात बता रहा हूँ।

मेरा लंड ६ इन्च का है। मेरा चुदाई करने मन करता है।

चूंकि मैं कोटा में अकेला रहता हूँ इसलिए मैंने भानु भाभी के यहाँ खाने-रहने का इंतजाम कर लिया था।

भानु भाभी ३३ साल की है, साली बहुत ही सेक्सी है। उसके बोबे बहुत मोटे हैं।

उसे देख मेरा लंड एकदम खड़ा हो जाता था। तो मैं मुठ मार कर अपने लण्ड को शान्त कर लेता था।

उसका पति ५५ साल का था और हमेशा बाहर काम से जाता रहता था। मैं जब घर आता ऑफिस से और तब वो अकेली होती तो मेरे साथ खुल कर बातें करती।

एक दिन मैंने पूछा- आपके पति आपसे कितना प्यार करते हैं?

तो वो रोने लगी और मेरे सीने से लिपट गई। मैं उसे शांत करने लगा। मेरा हाथ उसके बोबे पर चला गया। वो कुछ बोली नहीं !

मेरी हिम्मत बढ़ गई।

उस दिन मेरे दिल के अरमान पूरे होते लगे।

मैं धीरे-धीरे उसके बोबे दबाने लगा, वो एकदम मस्त हो गई और बोली- देखो, मैं तुम्हें अपना सब कुछ दूंगी लेकिन एक वादा करना पड़ेगा !

क्या?

जब तक यहाँ रहोगे, तब तक कम से कम दिन एक बार मेरी चुदाई करने पड़ेगी !

मैंने हामी भर दी !

फ़िर उसने मेरे लंड पे हाथ रख दिया, पैंट की जिप खोल दी और अन्दर हाथ डाल कर मेरे लंड को आजाद कर दिया।

मैं उसके बोबे चूसने लगा।

वो एकदम गर्म हो गई और बोली- यार आज अभी पहले तेरा मोटा लंड मेरी चूत डाल दे, फ़िर दुबारा आराम से चोदना !

हम दोनों पूरे नंगे हो कर बेड पर चले गए।

उसने अपनी टांगें फ़ैला दी, मैंने उसके ऊपर आकर उसकी चूत पर अपना लंड रख दिया और जोर से धक्का दिया, मेरा पूरा लण्ड अंदर चला गया।

फ़िर मैं धक्के मारने लगा। तब भाभी ने एक आह सी भरी और बोली- आह ! क्या शान्ति मिली ! तुम्हारे लण्ड को अपनी चूत में डलवा कर। यह अच्छा हुआ, मुझे बहुत दिन से इच्छा थी कि किसी लम्बे लण्ड से चुदने की, आज वो पूरी हो गई। नहीं तो मेरी इच्छा पूरी नहीं होती।

अब मैं अपना लण्ड धीरे धीरे उसकी चूत के अन्दर-बाहर करने लगा। उसने पहले कभी अपनी चूत में इतना मोटा लण्ड कभी नहीं घुसवाया था। शायद उसके पति का लण्ड छोटा होगा, उसे कुछ तकलीफ़ हो रही थी। मुझे भी उसकी चूत काफ़ी टाईट लग रही थी। मैं मस्त हो कर उनकी चूत चोदने लगा।

भाभी मेरी चुदाई से मस्त होकर बड़बड़ा रही थी,” हाय मेरे राजा ! मेरे राजा और पेलो, और पेलो अपनी भाभी की चूत में अपना मोटा लण्ड, तुम्हारी भाभी की चूत तुम्हारा लण्ड खाकर निहाल हो रही है। हाय ! लम्बे और मोटे लण्ड की चुदाई का मज़ा कुछ और ही होता है, बस मज़ा आ गया, हां ! हां ! तुम ऐसे ही अपनी कमर उछाल उछाल कर मेरी चूत में अपना लण्ड आने दो। मेरी चूत की चिन्ता मत करो, फ़ट जाने दो इसको आज ! इसको भी बहुत दिनों से शौक था मोटा और लम्बा लण्ड खाने का। इसको और जोर से खिलाओ अपना मोटा और लम्बा लण्ड।”

हम लोग चुदाई का मज़ा लेते रहे और मेरी चुदाई से भाभी दो बार झड़ चुकी थी। फ़िर मैंने अपना लण्ड उसकी चूत के अन्दर तक डाल कर उसके अन्दर झड़ गया। फ़िर मैं उसके ऊपर ही सो गया। कुछ देर बाद भाभी ने बेड से उठ कर अपने कपड़े पहन लिए, मुझे गाल पे किस दिया और अपने चली गई।

दोस्तो आपको मेरी कहानी कैसे लगी प्लीज़ मुझे मेल करें मैं आपको बताऊँगा कि कैसे मैने दूसरी बार भाभी की चुदाई की।

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Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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