Bhatiji Kaa Sahwas Chacha Ke Sath Shuru Ho Gaya 2

हिंदी सेक्स स्टोरी दोस्तों , शोभा सिंह की एक और दास्तां ,इस बार लखनऊ की यात्रा मेरे लिए जन्नत की सैर जैसी बीत रही है तो मैं यहां एग्जाम देकर आज ही वापस अपने घर बनारस जाने को थी लेकिन चाचू का प्लान मस्त था और फिर मुझे तो मुंहमांगा चीज (चाचू का लंड)मिल चुका था ,बच्चे के हाथ में कोई नया खिलौना हो तो वो जल्दी उसे नहीं छोड़ता बस शोभा का भी यही हाल है ,चाचा का लंड मुझे हरपल अपने आंखों के सामने ही चाहिए ,चाहे मैं उस लंड को पकड़ हिलाती रहूं या मुंह में लेकर चूसती रहूं. Bhatiji Kaa Sahwas Chacha Ke Sath Shuru Ho Gaya 2.

या फिर जांघों के बीच का चुत की चुदाई को लेकिन ना तो मैं अंकित के घर अधिक दिन रुकने वाली थी और ना ही हरपल उसका लंड पूरी तरह से टाईट होता ताकि मैं मजे ले सकूं ।शोभा २३ साल की सेक्सी लड़की है तो मेरे फिगर स्लिम और सारे अंग सेप में ,शरीर के किसी भी भाग पर मांस का कोई लोथड़ा तक नहीं पर उम्र के हिसाब से चूतड़ की साईज थोड़ी बड़ी है ,बिलकुल गोल गुंबदाकार और टाईट लेकिन चुत का हिस्सा थोड़ी नशीली और लालिमा लिए दोनों फांक के बीच का दरार , फिर अंदर की छिद्र मानो कभी कुछ चुत में गई ही ना हो ,लेकिन मैं तो कभी कभार अपने चुत की खुजली मिटाने के लिए उसमें उंगली करती आईं हूं ।

शोभा सुबह के समय ही अपने अंकल अंकित से चुदवाकर मस्त हो चुकी है तो तकरीबन ११:१५ बजे मॉम का कॉल आया ,जिसका मुझे बेसब्री से इंतज़ार था तो मैं एक झूठ बोलने के लिए उत्सुक थी फिर उदास भाव में मॉम का कॉल रिसीव कर बोली “हां मॉम बोले (मॉम)क्या बात है बहुत उदास लग रही हो ((मैं)हां दरअसल टिकट मेरा कन्फर्म नहीं हुआ (मॉम)अरे तो इसमें क्या परेशानी ,तू चाचा के साथ थोड़ा बहुत लखनऊ भी घूम ले और कल तत्काल में टिकट लेकर परसों की ट्रेन से आ जाना (मैं)हां और उपाय भी क्या है ,जैसा आप बोलें (मॉम) तू चिंता मत कर मैं देवर जी से बात करके बोल दूंगी कि कल तत्काल में टिकट किसी एजेंट से ही करा ले “फिर बातों का सिलसिला ख़तम हुआ तो मैं बेड पर नंगे होकर ही मॉम से बात कर रही थी तो अंकित भी वहीं लेटा हुआ था।

मैं मोबाईल रखी और लेट गई तो अंकित मेरे स्तन को पकड़ दबाते हुए बोला “चलो कम से कम परसों दोपहर तक तो साथ है बोल दिन में खाने में क्या खाएगी (मैं उसके नग्न छाती सहलाते हुए उसके उपर सवार हो गई )और कुछ नहीं ,बस जो स्वाद दिए हो वही चाखुंगी “तो दोनों के बदन पर से चादर हट गया और मैं अंकित के बदन पर नग्न अवस्था में लेटकर उनके चेहरा को चूमने लगी तो चाचू मेरे पीठ सहलाने लगे और गान्ड की दरार में उंगली रगड़ते हुए मेरे ओंठ पर ओंठ रख चुम्बन दिए तो मेरी शर्म और हया बुर में घुस चुकी थी और मैं दो दिन के अंदर ही शराब का नशा और लंड का मजा लेकर अपने जीवन की कुछ खास लम्हों को जोड़ चुकी थी । अंकित एक घंटे पहले मुझे चोदकर निढाल हो चुके थे तो उनके बदन पर लेटकर उनके ओंठ मुंह में लिए चूसने लगी और चाचू मेरे गान्ड के दरार में उंगली घुमा रहे थे.

तभी उनके ओंठ को छोड़कर अपना जीभ उनके मुंह में घुसा दी तो कौन मर्द ऐसी बोल्ड और हॉट लड़की को अपने से दूर करता ,अपनी जीभ चुसवा रही थी तो दोनों स्तन उनके छाती पर था और वो मेरे गर्दन में हाथ डाले मजा कर रहे थे।शोभा को सेक्स का ज्ञान तो है लेकिन अनुभव की कमी तो चाचू सेक्स में अनुभवी जान पड़ते हैं और वो मेरे सर को पीछे करके जीभ निकाल दिए लेकिन मेरी गान्ड के छेद में उंगली घुसा कर रगड़ने लगा ,अगले दो दिन यानी ४८ घंटे तक चुदवाने कि अनुमति अपने मॉम से ली थी पर वो बुढ़िया क्या जाने की उनकी बेटी तो अपने चाचा के साथ ही संभोग सुख का आनंद ले रही है ,मैं आहें भर रही थी “उह ओह उई प्लीज़ अंकित उस छेद में तो उंगली मत करो (वो उंगली निकाल मुझे अपने बदन से उतार दिया) अब तेरी दूध पियूंगा बेबी “मैं बेड पर नंगे लेटकर अपने दोनों जांघें एक दूसरे पर चढ़ाकर रखी थी. “Bhatiji Kaa Sahwas Chacha”

तो अंकित मेरे चूची को दबाता हुआ एक चूची मुंह में लेकर चूसने लगा और मैं उसकी बाल कसकर पकड़े अपनी छाती से लगाए दूध पिलाने लगी ,अभी दूध कहां पहले बच्चा तो पैदा करने दो फिर मेरे चुत की सुरसुरी बढ़ने लगी तो वो चूची मुंह में लिए मस्त था “आह ओह उई मां अब और नहीं अंकित तुम सो गए क्या ,निकाल साले (तभी उसके बाल पकड़कर चेहरा को पीछे धकेल दी)इतना मजा आ रहा था पर तुम तो (मै मुस्कराने लगी)तो दूसरी वाली चूसो क्यों ! तो अंकित मेरे चूची को कुछ पल तक दबाता रहा फिर वो उठकर वाशरूम चला गया ,सुबह से सिर्फ ब्रेड आमलेट खाकर थी तो दो पैक व्हिस्की का नशा मुझे सेक्सी बना चुका था और तभी अंकित वापस आया तो उसके कमर से तौलिया लिपटा हुआ था ,मेरे नग्न बदन देख वो बोला “पहले रेस्तरां वाले को कॉल करके खाने का ऑर्डर कर देता हूं. “

मैं चुपचाप लेटी रही और अपने बदन पर चादर ढक ली तो अंकित रूम से निकल चुका था ,वो कुछ देर बाद आया तो उसके हाथ में दो ग्लास था ,मैं समझ चुकी थी कि फिर से व्हिस्की पीना है तो बेड पर उठकर बैठी और चादर सीने से नीचे होकर चूची नग्न कर दिया तो अंकित मेरे बगल में बैठकर मुझे ग्लास थमाया ,वो साथ में सिगरेट भी फूंक रहा था तो मैं मजे के साथ ड्रिंक्स लेने लगी फिर हाथ बढ़ाकर सिगरेट लेकर फूंकने लगी “जो कहो अंकित ,यहां आकर मैं शराब भी पी ली और तुमसे चुद्वा भी ली (वो एक हाथ चूची पर लगाकर दबाने लगा)अरे पगली ,एक साल में तो तेरी शादी हो ही जाएगी फिर तो हर रात तू अपने पति के साथ सेक्स ही तो करोगी (मैं व्हिस्की पीते हुए सिगरेट उसे थमाई और उसके टॉवेल भी कमर से हटा दी ) वाह , कमाल का तेरा पेनिस है तुरंत टाईट “तो समझो अब शराब की मस्ती मेरे सर पर चढ़कर बोल रही थी.

और मेरी जैसी साधारण सी लड़की जिसको दो दिन पहले तक कोई मर्द हो या लड़का हाथ तक नहीं लगाया था ,वो चुदवाकर मस्त हो गई और इसी मस्ती के लिए घरवालों से भी झूठ तक बोली , वाह रे लंड ! तेरा क्या असर है मेरी चुत पर ।अंकित अब दोनों खाली गलास रखकर बेड पर लेटा तो मैं अभी किसी भी हद तक जाने को तैयार थी ,उसके कमर के पास बैठकर लंड पकड़ी और हिलाने लगी तो अंकित नशे के हालत में लेटा हुआ था “अब मुंह में लेकर चूस समझी रण्डी (मैं अपनी नशीली आंखों से चाचू को देखी )अच्छा तो मेरी जैसी माल का क्या भाव लगाए हो (चाचू थोड़े खामोश हो गए)सॉरी बेबी ,गलती से निकल गई “तो मैं खिलखिलाकर हंसने लगी फिर लंड के सुपाड़ा को मुंह में लेकर चूसने लगी ,पूरे बदन में काम कि आग लगी थी तो मुंह कि प्यास बुझाने को मैं चाचू का आधा से अधिक लंड ही निगल गई और मुंह बंद किए चूसने लगी तो मेरी उंगलियां उनके काले झांट में घूम रहे थे. “Bhatiji Kaa Sahwas Chacha”

और अंकित के कमर से सीने तक हाथ फेरती हुई मैं अब उसके गर्म लंड को मुंह में लिए मुखमैथुन का मजा लेने लगी ,काश इसका स्वाद पहले ली होती पर अभी भी कोई देर तो नहीं हुई है ।अंकित के लंड को कुछ देर तक चूसी फिर मुंह से निकाल उसे जीभ से चाटने लगी तो चाचू मेरे पीठ सहलाने लगे ,वैसे मैं चाचू के पैर के ठीक सामने होकर लंड को प्यार कर रही थी सो अंकित मेरे स्तन तक हाथ नहीं ला पा रहा था ,अंकित की देखते हुए लंड के सुपाड़ा को ओंठ पर रगड़ रही थी तो चाचू इशारे से मुझे कुछ बोले ,समझ नहीं पाई “बोल डियर क्या इशारा कर रहे थे (वो) तू मेरे ऊपर हो ना वो भी चेहरा लंड की ओर किए ताकि तेरी चूतड़ मेरे चेहरा के ऊपर हो.

(मैं समझ गई)ओह ६९ पोजिशन फॉर ओरल सेक्स “तो मैं नग्न अवस्था में चाचू के बदन पर सवार हुई और खुद को उसके उपर डॉगी स्टाइल में रखी ताकि मेरा चेहरा उनका लन्ड ,उनका चेहरा मेरा गान्ड और अब मेरे चूतड़ पर अंकित का हाथ फिसलने लगा तो मेरा मुंह खुलकर उनके मूसल लंड को मुंह में लेकर चूसने लगा ,उधर चाचू मेरे गरम जवानी में आग लगाने के लिए मेरे दोनों छिद्र में एक साथ उंगली डालकर कुरेदने लगे और मैं हुस्न की मल्लिका उनके कड़े लंड को मुंह में लिए सर का झटका देने लगी तो समझो कि एक ट्रेन छोड़ी वो भी इस सेक्स कि यात्रा के लिए और मेरे चुत सहित गान्ड की छेद के अंदर उनकी उंगली तेजी से रगड़ दे रही थी तो उनका लंड चूसकर तो मानो स्वर्ग की सैर कर रही थी ,अब मुंह में ही उनके लंड से पानी सा निकला तो मुझे pre-cum सा लगा ,लंड को मुंह से निकाल सुपाड़ा को चाटने लगी.

और चाचू तो गान्ड सहित चुत में उंगली करते हुए मुझे तड़पा रहे थे “आह उह उई इतनी गुदगुदी चाचू जीभ क्या तेरा बाप लगाएगा (चाचू)अभी चाटता हूं साली “तो मेरे गान्ड से वो उंगली निकाल अब गरम चुत को भी छोड़े फिर मैं पीछे मुड़कर देखी तो अंकित मेरे कमर में हाथ डाले अपना चेहरा ऊपर उठाए बुर को चूमने लगा और मैं लंड चाटते हुए सिसकियां भरने लगी “ओह डार्लिंग ,पूरा जीभ डालकर चाट ना “तो उनके लंबे जीभ का एहसास मेरे गुदाज अंग को मिल रहा था ,किसी भी लड़की या औरत के लिए फक्र की बात होती है जब मर्द जात उसकी योनि को चूमते और चाटते हैं लेकिन क्या डैड मॉम की चुत पर कभी मुंह लगाए होंगे ,बिल्कुल नहीं और उस पीढ़ी की औरतें सिर्फ पतिं के साथ टांग पसारे चुदवाने जानती थी ,ना तो उन्हें लिंग पूजन का ज्ञान था और ना ही जिस्म की अहमियत को वो जानती थी । “Bhatiji Kaa Sahwas Chacha”

अंकित मेरे चुत में लपलप जीभ डालकर चाट रहा था तो मैं “ओह आह उह ऊं अब छोड़ो चाचू वरना पानी निकल जाएगी “कुछ वैसा ही हुआ तो मेरे चाचू कामशास्त्र के मानो ज्ञानी थे ,तुरन्त ही दोनों फांक ओंठ के बीच लिए चूसने लगे और चुत रानी ने पानी छोड़ दिया ,कुछ शांति चुत को मिली पर अंदर तो चुदाई की आग लगी हुई थी फिर चाचू मेरे चुत का रस पीकर बोले ,”अब उतर साली “तो मैं व्हिस्की और सेक्स के नशे के गिरफ्त में होकर उसके बदन पर से उतरी लेकिन जैसे ही अंकित उठा ,मैं उसके बंपिलाठ लंड पकड़ बोली “जानू अब मत तरसाओ प्लीज़ चोदो ना (वो मेरे हाथ हटाते हुए बोले)बस फ्रेश होने दो रानी “तो उनके पीछे मैं भी वाशरूम गई ,दोनों नग्न अवस्था में थे तो मूतने के बाद अपने अपने योनि को साफ किए फिर दोनों बेड पर आ गए.

तो चाचू मुझे बेड पर सुलाकर बोले “तेरा तंग रास्ता ही तो मजा देता है साली (मैं अपने चुत सहलाई)अभी तो इसकी सील टूटी है अंकित ,जब अगली बार मिलेंगे तो फिर देखना इसकी चिकनाहट “तो अंकित मेरे दोनों जांघों को फैलाकर एक तकिया चूतड़ के नीचे दिया ,अब मेरा चुत और उनका लंड आमने सामने था तो चुदाई की बिगुल बज उठी जब मेरे रसीले बुर में अंकित अपना लंड पेल दिया ,सिर्फ आधा लंड पेले वो मेरे सब्र का इम्तिहान ले रहा था और मैं तभी अपना हाथ उसकी लंड पर लगाए अंदर ठूसने लगी ,वो मुस्कराते हुए तेज धक्का मेरी चुत पर दे मारे और उनका ८-९ इंच लम्बा लंड चुत की गहराई तक चला गया. “Bhatiji Kaa Sahwas Chacha”

और बाहर आया तो सिर्फ मेरी चींखें “बाप रे फट गई अबे चोदु आराम से चोद ना ,तेरी भतीजी हूं ना की धंधे वाली (अंकित गपागप लंड पेलता हुआ एक चूची दबाने लगा)शादी के बाद चोदने देगी ना (मैं मुंह फेरते हुए)ना ,बिल्कुल करीब नहीं फटकने दूंगी (अंकित मेरे बदन पर सवार होकर चोदता हुआ ओंठ चूमा)क्यों जानू (मैं उसके पीठ सहलाते हुए चुदाई कराके मस्त थी ) सिर्फ अपना ख्याल है तुमको ,मेरी भी तो कुछ जरूरत है जानू (वो मेरे ओंठ किस्स करने लगा तो मेरी मुलायम चूचियां उसके छाती से रगड़ खाने लगी)बोल ना बेबी ,क्या चाहिए तुम्हें (मैं चुत की गर्मी से परेशान थी )गिफ्ट में बोला नहीं जाता है डार्लिंग “तो दोनों सिर्फ चुदाई में मस्त थे.

और ये चुदाई कुछ अधिक मजा दे रही थी तो सोची की चूतड़ उछाल उछाल कर चुदाई का मजा लूं ,पर अभी इतनी परिपक्व महिला नहीं हुई थी और चुदाई का मज़ा लेते हुए “अब नहीं चाचू ,बस करो और चुत ठंडा कर दो (अंकित हांफने लगा)हां बेबी अब और टिक भी नहीं पाऊंगा “फिर वो ८-१० जबरदस्त धक्का देकर बुर को वीर्य से भर दिए ,मेरे ऊपर लंड डाले लेटा रहा तो मैं उसके ओंठ चूम ली “बदन में काफी दर्द हो रहा है (वो हंसने लगा)हां जानू ,अब दिन भर रेस्ट “फिर दोनों अलग होकर फ्रेश हुए ।

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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