मुंबई की एक चमचमाती हाई-राइज़ सोसाइटी में रहती थी नलिनी, जो 28 साल की गोरी और लंबे घने बालों वाली औरत थी, जिसकी फिगर इतनी कातिल थी कि मर्दों की नजरें उस पर से हटती ही नहीं थीं, और उसकी टाइट ड्रेस उसके भरे हुए बूब्स और गोल चूतड़ को और ज्यादा उभारा करती थी। Hawas Ka Nanga Nach
दो साल पहले उसका तलाक हो चुका था, और तब से उसकी चूत की प्यास कोई नहीं बुझा पाया था, लेकिन पड़ोस में रहने वाला सौरभ, जो 30 साल का मज़बूत जिस्म और गहरी आँखों वाला मर्द था, उसने एक रात उसकी सारी हवस को तृप्त कर दिया।
उस रात बारिश का मौसम था, और मुंबई की सड़कें पानी से लबालब भरी हुई थीं, नलिनी अपनी बालकनी में खड़ी थी और एक पतली सिल्क की नाइटी पहने हुई थी जो उसकी चूचियों और जांघों को मुश्किल से ढक पा रही थी। सौरभ अपनी बालकनी में था, सिर्फ बनियान और शॉर्ट्स में, उसका गठीला जिस्म बारिश की बूंदों में चमक रहा था.
उसने नलिनी को देखा और मुस्कुराते हुए बोला कि नलिनी बारिश में भी तू इतनी हॉट लग रही है, उसकी बात में शरारत भरी हुई थी और उसकी नजरें नलिनी की चूचियों पर टिकी हुई थीं। नलिनी ने होंठ चाटे और जवाब दिया कि सौरभ मेरी चूत में बारिश से ज्यादा गर्मी है कोई बुझाएगा.
उसकी बोल्ड बात सुनकर सौरभ की आँखें चमक उठीं और उसने नलिनी को अपने फ्लैट में बुला लिया। सौरभ का फ्लैट मॉडर्न था, मद्धम लाइट्स जल रही थीं और सोफे पर सिल्क की चादरें बिछी हुई थीं जो माहौल को और कामुक बना रही थीं, नलिनी सोफे पर बैठ गई और उसकी नाइटी जांघों से सरक गई।
सौरभ उसके पास आया और उसके चेहरे को अपने हाथों में लेकर पहले धीरे से होंठों को चूमा, फिर इतनी गहराई से कि नलिनी की साँसें रुक गईं, उसकी जीभ नलिनी के होंठों से खेल रही थी और नलिनी ने उसकी बनियान पकड़कर उसे और करीब खींच लिया।
सौरभ ने फुसफुसाते हुए कहा कि तेरे होंठ तो आग हैं, नलिनी ने सिसकते हुए जवाब दिया कि तो मेरी चूत की आग भी बुझा दे, उसकी बात सुनकर सौरभ का लंड तुरंत सख्त हो गया। सौरभ ने नलिनी की नाइटी के स्ट्रैप्स नीचे खींचे और उसकी काली ब्रा में कैद चूचियाँ देखकर उसकी साँसें तेज़ हो गईं.
उसने ब्रा का हुक खोला और नलिनी के भरे हुए बूब्स आज़ाद हो गए, उसने उन्हें दोनों हाथों से दबाया, निप्पल्स को चूसा और हल्के से काटा, कराहते हुए बोला कि नलिनी तेरी चूचियाँ कितनी रसीली हैं, नलिनी की सिसकियाँ फ्लैट में गूंजने लगीं। नलिनी ने अपनी जांघें चौड़ी कीं.
और सौरभ ने नाइटी ऊपर उठाकर पैंटी के ऊपर से उसकी चूत को सहलाया, नलिनी की चूत पहले ही गीली हो चुकी थी और उसकी उंगलियों ने हवस को और भड़का दिया, नलिनी ने सौरभ की बनियान उतारी और उसके शॉर्ट्स के ऊपर से लंड को सहलाया, सेक्सी अंदाज़ में बोली कि सौरभ तेरा लंड तो पत्थर जैसा सख्त है।
नलिनी ने उसके शॉर्ट्स उतारे और उसका मोटा लंड सामने था जो कम से कम 7 इंच का गर्म और तना हुआ था, उसने उसे हाथों में लिया धीरे-धीरे सहलाया और फिर होंठों से चूम लिया, लंड को चूसना शुरू किया और जीभ उसके सिरे पर नाच रही थी, सौरभ की सिसकियाँ निकलने लगीं. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
और उसने नलिनी के बाल पकड़कर और गहरे तक चूसने को कहा, कराहते हुए बोला कि नलिनी तू तो मेरे लंड की दीवानी है, नलिनी की चूत चुदाई के लिए तड़प रही थी। सौरभ ने नलिनी को सोफे पर लिटाया और नाइटी पूरी तरह उतार दी, उसकी काली पैंटी गीली चूत से चिपक चुकी थी.
उसने पैंटी उतारी और उंगलियाँ चूत में डालीं धीरे-धीरे रगड़ते हुए फुसफुसाया कि तेरी चूत कितनी गीली और गर्म है, नलिनी ने कराहते हुए कहा कि सौरभ अपने मोटे लंड से मेरी चूत चोद दे, उसने जांघें चौड़ी कीं और लंड को चूत पर रगड़ा फिर धीरे से अंदर डाला.
नलिनी की एक हल्की चीख निकली क्योंकि लंड चूत को पूरा भर रहा था, सिसकते हुए बोली कि आह सौरभ तेरा लंड मेरी चूत को फाड़ देगा। सौरभ ने कमर पकड़ी और धीरे-धीरे चुदाई शुरू की, लंड चूत की गहराई को छू रहा था और नलिनी की चूचियाँ हर धक्के के साथ उछल रही थीं.
दर्द धीरे-धीरे मज़े में बदल रहा था और सिसकियाँ कामुक कराह में तब्दील हो गईं, सौरभ ने रफ्तार बढ़ा दी और चुदाई इतनी ज़ोरदार थी कि सोफा हिल रहा था, कराहते हुए बोला कि नलिनी तेरी चूत चोदने का मज़ा ही अलग है, नलिनी ने जवाब दिया कि सौरभ मेरी चूत को और चोद इसे तृप्त कर दे।
तभी सौरभ का दोस्त बलवंत फ्लैट में आ गया, जो 32 साल का मज़बूत और चालाक मर्द था, उसने उन्हें देखा और हँसते हुए बोला कि नलिनी मुझे भी मज़ा चाहिए, नलिनी पहले झिझकी लेकिन चूत की भूख ने बोल्ड बना दिया, सेक्सी अंदाज़ में बोली कि आ जा बलवंत मेरी गांड और मुँह बाकी हैं.
सौरभ ने बलवंत को पास बुलाया और दोनों ने नलिनी को वासना का शिकार बनाया, बलवंत ने गांड को सहलाया और थप्पड़ मारा, बोला कि तेरी गांड कितनी मस्त है और उंगली गांड में डाली, नलिनी की सिसकियाँ और तेज़ हो गईं। नलिनी ने कराहते हुए कहा कि बलवंत मेरी गांड भी चोद.
सौरभ चूत में लंड और तेज़ी से चला रहा था जबकि बलवंत ने पैंट उतारी और लंड गांड पर रगड़ा, धीरे से अंदर डाला और नलिनी की ज़ोरदार चीख निकली, सिसकते हुए बोली कि आह धीरे लेकिन बलवंत ने और ज़ोर से धक्का मारा, बोला कि रंडी तेरी गांड मेरे लंड की गुलाम है.
नलिनी ने जवाब दिया कि तो चोद दे मेरी गांड को, अब नलिनी के जिस्म में दो लंड थे सौरभ का चूत को चोद रहा था और बलवंत का गांड को, चूचियाँ उछल रही थीं और नलिनी ने दोनों को कस के पकड़ लिया। सौरभ ने होंठों को फिर से चूमा जीभ को चूसते हुए और बलवंत ने चूचियाँ दबाईं.
नलिनी का जिस्म पसीने और चुदाई की गर्मी से गीला हो चुका था, सिसकियाँ फ्लैट में गूंज रही थीं और बाहर बारिश की आवाज़ माहौल को और कामुक बना रही थी, सिसकते हुए बोली कि हाँ मेरी चूत और गांड को चोदो, सौरभ की चुदाई इतनी ज़ोरदार थी कि जिस्म थरथरा रहा था.
और बलवंत का लंड गांड को गहरे तक चोद रहा था, सौरभ ने नलिनी को घोड़ी बनाया और पीछे से चूत में लंड पेलता रहा जबकि बलवंत सामने से गांड में थोकता रहा, थप थप की आवाज़ें आ रही थीं और नलिनी की आह्ह्ह आआआह्ह्ह निकल रही थीं। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
तभी सोसाइटी का पड़ोसी विक्की फ्लैट में आया, जो 29 साल का मज़बूत और शरारती था, उसने चुदाई देखकर लंड पकड़ लिया और गहरी आवाज़ में बोला कि नलिनी मुझे भी मज़ा दे, नलिनी ने सेक्सी नज़र दी और बोली कि विक्की मेरे मुँह में जगह है, विक्की ने पैंट उतारी और मोटा लंड मुँह में डाल दिया. “Hawas Ka Nanga Nach”
नलिनी ने चूसना शुरू किया जीभ से सहलाते हुए, विक्की की सिसकियाँ निकलने लगीं और बाल पकड़कर तेज़ी से चूसने को कहा, बोला कि साली तू तो मेरे लंड की दीवानी है। सौरभ चूत को ज़ोर-ज़ोर से चोद रहा था लंड हर धक्के में गहराई छू रहा था, बलवंत ने गांड में लंड और तेज़ चलाया और सिसकियाँ चीखों में बदल गईं.
विक्की ने मुँह में गहरे तक डाला और नलिनी चूसते हुए सिसकियाँ भर रही थी, जिस्म तीन मर्दों की भूख का शिकार बन चुका था और चुदाई चरम पर थी, चूत गांड और मुँह तीनों लंड से भरे थे और हवस का हर कोना तृप्त हो रहा था, विक्की ने नलिनी के बाल खींचकर मुँह चोदा और उफ्फ्फ उफ्फ्फ की आवाज़ें कर रहा था.
जबकि सौरभ ने पैर उठाकर मिशनरी में चूत ठोकते हुए निप्पल्स चुटकी लिए, बलवंत ने गांड में उंगली के साथ लंड पेला और चप चप की गीलापन की आवाज़ें आ रही थीं। चुदाई रातभर चली, सौरभ ने चूत में लंड और तेज़ चलाया और आखिरकार गर्मी छोड़ दी, बलवंत ने गांड में रस छोड़े और विक्की ने मुँह से लंड निकालकर चूचियों पर गर्मी बिखेर दी.
नलिनी का जिस्म पसीने और तृप्ति से गीला था और चूत की प्यास बुझ चुकी थी, सुबह होने से पहले कपड़े ठीक किए और चुपके से अपने फ्लैट में चले गए। सौरभ ने शरारती मुस्कान दी और फुसफुसाया कि नलिनी तेरी चूत और गांड ने रात को आग लगा दी, नलिनी ने हँसते हुए जवाब दिया कि सौरभ मेरी चूत अब तेरे मोटे लंड की गुलाम है.
अगली सुबह लिफ्ट में मिले तो सौरभ की आँखों में वही भूख थी और नलिनी की चूत फिर सुलगने लगी, जिस्म पर चुदाई के हल्के निशान थे चूचियों और चूतड़ पर लाल निशान उस रात की कहानी बयान कर रहे थे। यह रात नलिनी के लिए तलाकशुदा ज़िंदगी में नया रंग लेकर आई, सौरभ बलवंत और विक्की की चुदाई ने चूत की प्यास तृप्त की और नलिनी जान चुकी थी कि हवस का सिलसिला अभी रुकने वाला नहीं था।
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