बॉस ने मेरी चूत चोद कर वेतन वृद्धि किया

ऑफिस सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि मेरे बॉस ने मेरे घर पर आकर मुझे कैसे चोदा। वेतन वृद्धि के लालच में मैं भी अपने जिस्म का फायदा उठाना चाह रही थी. दोस्तो, मेरा नाम रुचि है. मैं दिल्ली में एक कंपनी में एम्प्लॉयी हूँ. मेरी तनख्वाह मेरी जरूरतों के हिसाब से कम पड़ने लगी थी. Office Randi Lady

इसीलिए अपने प्रोमोशन के चक्कर में मैंने अपने बॉस के साथ सम्भोग सम्बन्ध बना लिया था, जिससे मुझे प्रोमोशन तो मिला लेकिन मैं उनकी एक रांड बन गई थी. इसके बाद से ये मेरा अनुभव हो गया था कि मजबूर लड़की को समय के हिसाब से बहुत कुछ करना पड़ता है. आज मैं आपको अपनी रांड बनने की घटना ऑफिस सेक्स स्टोरी के रूप में लिख कर बताती हूँ.

ये मेरे ऑफिस चुदाई का दूसरा भाग है मैं अपनी जॉब पर जाने लगी, लेकिन उस दिन के चुदाई के बाद कम्पनी के बॉस की बुरी नजर मेरे छलकते यौवन पर ऐसी टिकी थी, मानो वो मुझे देख कर अपनी आंखों से ही मेरा बलात्कार करना चाहता हो.

मेरे केबिन में वो दिन में 10 बार आता था और ‘रुचि ये, रुचि वो … तू पहले ये कर दे.’ इस तरह से वो मुझे अपने ऑफिस में भी बुलाने लगा था. एक दिन वो मुझे अपने केबिन में बुला कर कहने लगा- रुचि , तुम अच्छा काम कर रही हो, मैं तुमसे बहुत खुश हूं. इसलिए तुम्हें ये गिफ्ट दे रहा हूँ.

मैंने मना नहीं किया क्योंकि वो बॉस था. और मुझे चोद भी चुका था तो मैंने थैंक्स कहा और अपने केबिन में आ गई. अन्दर आकर मैंने गिफ्ट पैक खोला, तो उसमें आईफोन था. मैं आईफोन देख कर खुश हो गई कि इतना कीमती फोन मिला है. लेकिन मैंने दिमाग लगाया कि इतना कीमती गिफ्ट देने के पीछे जरूर बॉस का कुछ और इरादा है.

मैं दिखने में एक हॉट सेक्सी गर्ल लगती थी. मेरी कामिनी काया ऐसी थी कि जिसको देख कर अच्छे से अच्छा मर्द भी पिघल जाए. मेरे मम्मों का साइज़ 36 इंच का था और मेरे दूध एकदम कड़क थे. मैं यदि ब्रा भी नहीं पहनूं, तब भी मेरे दूध तने हुए दिखाई देते थे.

मेरा सेक्सी फिगर एकदम ऐसा था कि लड़के मेरी पीछे की फ़ोटो खींच कर उसे अकेले में देख कर मुठ मारा करते होंगे, ऐसा मुझे लगता है मेरा पति भी अपने काम में बिजी था. उससे हफ़्ते में मेरी एक दो बार चुदाई हो जाती है … लेकिन मेरा प्यार उससे कम नहीं हुआ था.

दूसरे दिन मैं बॉस के केबिन में गई और उनसे अपनी सैलरी बढ़ाने की ओर प्रोमोशन की बात की क्योंकि मेरी पिछली चुदाई की बाद ये तो मेरा हक़ बनता ही है । बॉस ने कहा- यह अभी नहीं हो सकता है. मेरे बॉस का नाम मयंक था. उनकी उम्र 45 साल थी.

उनका कद 5 फुट 6 इंच का था और उनकी बॉडी एकदम हट्टी-कट्टी थी. देखने में मयंक सर बहुत हैण्डसम थे. उनकी शादी हो चुकी थी और उनकी बीवी बहुत सुंदर थी. वो फिलहाल 6 महीने के गर्भ से थी. जिस वजह से बॉस को अपनी वाइफ की चूत चोदने नहीं मिल रही थी.

मैंने बॉस से आग्रह किया, तो उन्होंने कहा- बढ़ा तो दूंगा, लेकिन मेरी एक शर्त है.

मैंने कहा- क्या?

बॉस बोले- मैं तुम्हें अपनी सेकेट्री भी बना दूंगा और बहुत अच्छा पैकेज दूंगा, लेकिन इसके लिए तुम्हें मुझे दुबारा खुश करना पड़ेगा।

मैं समझ तो गई थी कि बंदा मुझे फिर से चोदना चाहता है. मगर तब भी मैंने बॉस की टेबल पर हाथ रख कर झुक कर मुस्कुराते हुए पूछा- आपकी खुशी के लिए मुझे क्या करना पड़ेगा? बॉस ने मेरी मस्त चूचियों को देखते हुए कहा कि तुमको तो मैंने बताया ही था कि तुम्हारी मेम प्रेग्नेंट है, इसलिए में अपने लंड को उसकी सुरंग में नहीं घुमाने ले जा पा रहा हूँ. यदि तुम्हें अच्छी सैलरी ओर अच्छी जगह चाहिए, तो तुम मेरी पत्नी की कमी पूरी कर दो.

उनके मुँह से मैंने लंड सुना तो मुझे अन्दर से सिहरन सी हो गई. मैंने आंखें झुका कर कहा- सर आपका मतलब ये कि मुझे आपके साथ सोना पड़ेगा … फिर से सेक्स करना पड़ेगा! उन्होंने आंख दबाते हुए कहा- तुम काफी समझदार हो … अब फैसला तुम्हारे हाथों में है. मैं सोच में पड़ गई.

फिर मैंने सोचा कि कॉलब्वॉय से अच्छा है कि बॉस से ही चुद लूं. उधर पैसे खर्च करने पड़ते हैं और इधर तनख्वाह भी बढ़ जाएगी और प्रोमोशन भी मिल जाएगा. मैंने कुछ नखरे करते हुए बॉस से कहा- सर, मेरी शादी हो चुकी है अगर मेरे पति को ये सब पता चल गया तो मैं कही की नहीं रहूँगी, आप ऐसा मत कहिए. आप और कुछ करने को कहिए, मैं मान जाऊंगी.

मगर उन्होंने मुँह बनाकर कहा- तुम ये सब कर सकती हो तो बताओ, नहीं तो ऐसे ही सड़ती रहो. मैंने थोड़ी देर सोचने के बाद हां कर दिया. बॉस खुश होकर मेरे पास नजदीक आ गए. उन्होंने मेरी आंखों में देख कर एक किस की मुद्रा में अपने होंठ गोल किए.

फिर मुझे अपनी बांहों में लेकर किस करके बोले कि रुचि बेबी कल से तुम ऑफिस से छुट्टी ले लो, कुछ दिन और रात तुम मेरे दूसरे बंगले पर रहोगी. मैंने पूछा- सर वो तो मैंने देखा ही नहीं! बॉस ने मुझे एक कागज पर पता लिख कर देते हुए कहा- लो, तुम कल इस एड्रेस पर आ जाना.

अब मैं अपना प्रोमोशन करवा चुकी थी. बस अब मेरे जिस्म को अच्छे से लूटा जाना बाकी था. मैं जानती थी कि बॉस मुझे चोद कर ही मानेगा. ये सब बातें मैंने अपने पति को नहीं बताईं और मैं खुद की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कंडोम के दो पैकेट लेकर बॉस के पास उनके बंगले पर चली गई.

मैं अपने साथ एक गर्भ निरोधक टेबलेट भी ले गई थी क्योंकि बॉस यदि कंडोम लगा कर मेरी चुदाई करने से मना कर देता, तो मुझे अपनी सुरक्षा के लिए ये गोली काम में आने वाली थी. मैं जब बॉस के बताए पते पर पहुंची, तो बॉस उधर पहले से ही पहुंच चुके थे.

उन्हें फोन लगाया मैंने तो उन्होंने अन्दर आने का रास्ता बता दिया. मैंने अन्दर जाकर उनसे ‘हाय सर ..’ कहा. वे अपने सामने दारू की बोतल खोल कर बैठे थे और एक पैग लेकर व्हिस्की की चुस्कियां ले रहे थे. उन्होंने पूरा गिलास एक ही घूँट में खाली किया और मुझे देखते हुए कहा- रुचि मैं आज से तुम्हारे लिए सिर्फ मयंक हूँ. मुझे सर या बॉस मत कहना.

मैंने हंस कर उन्हें ओके कहा. बॉस ने एक दूसरे गिलास में पैग बना कर मुझे दे दिया और खुद का गिलास फिर से भर लिया. मैंने गिलास ले लिया और पैग से एक सिप लिया … लेकिन तब तक बॉस ने 2 पैग और बना कर खींच लिए थे. बॉस ने कहा- रुचि डार्लिंग, मैं तुम पर पूरी जायदाद लुटा दूंगा, तुम मुझे बहुत पसंद हो.

मैं उस टाइम बॉस की दी हुई ड्रेस पहन कर आई थी. बॉस ने मुझे हाथ बढ़ा कर अपने पास खींचा और गोद में बिठा कर कहने लगे- जान अब तुम मुझे खुश करो. बॉस ने मेरे हाथ पकड़ लिए और मेरे पीछे हाथ करके मेरी चैन टटोलने लगे. मैंने कहा- मयंक ऐसी भी जल्दी क्या है. थोड़ी देर रुको न. “Office Randi Lady”

वो रुक गए. अब बॉस ने मेरे होंठों को किस करना शुरू कर दिया. मैं अपने सौदे में बंधी थी, इसलिए आज मेरा काम एक कॉलगर्ल की तरह था. बॉस ने मेरे हाथों को पीछे करके अपने एक हाथ में पकड़ लिए और अपने दूसरे हाथ से मेरी चैन पूरी खोल दी. फिर आगे हाथ करके मेरे टाइट स्तनों को ऊपर से ही दबाने लगे.

मेरी ड्रेस अभी पूरी तरह से उतरी नहीं थी तो वो ड्रेस के ऊपर से ही मेरे दूध दबा दबा कर मुझे मीठा दर्द देने लगे. मैंने कहा- मयंक, पहले मेरी ड्रेस अलग कर दो … ये मुझे चुभ रही है. उन्होंने मुझे गोद में बिठाए हुए ही ड्रेस अलग कर दी. अब मैं ब्लू कलर की ब्रा और पैंटी में उसकी गोद में एक कमसिन लौंडिया की तरह बैठी थी.

उन्होंने मुझे किस करते हुए मेरे मम्मों को दबाना चालू कर दिया. फिर आराम आराम से मेरी ब्रा के हुक खोल कर ब्रा अलग कर दी. मेरे मम्मे हवा में फुदकने लगे थे. मेरे दोनों मम्मे उसके सामने आजाद थे. मेरे मम्मों के निप्पलों को वो वासना से देखने लगे. मेरे निप्पल गुलाबी रंग के थे और एकदम तने हुए थे. “Office Randi Lady”

मैं भी अब नशे में आ गई थी और उनको रोकना नहीं चाहती थी. मैं भी गर्म होने लगी. बॉस के कहने पर मैंने उनकी शर्ट और पैंट उतारनी शुरू की और उन्हें चड्डी में कर दिया. उनका लंड मुझे ऊपर से ही साफ साफ खड़ा दिख रहा था. मेरे आधे हाथ बराबर मयंक का लंड चड्डी फाड़ने में लगा था.

मैं बॉस की गोद में बैठ कर उनको किस किए जा रही थी. फिर उन्होंने मुझे सोफे पर ही चित लिटा दिया और मेरे दोनों मम्मों को बारी बारी से पीने लगा और काटने लगा. मुझे वासना वाला मीठा दर्द हो रहा था. उनके दांत मेरे निप्पल को खींचते तो मैं ‘उई मां ..’ कह कर चिल्ला देती, लेकिन मैं बॉस को रोकना नहीं चाहती थी क्योंकि मैं खुद चुदास से तड़फ रही थी.

बॉस के सामने मैं सिर्फ पैंटी में लेटी हुई थी. उन्होंने मेरे मम्मों पर बाईट लेकर निशान बना दिए और उन्हीं निशानों को अपनी जीभ से चाटने लगे. मैं चुदने के लिए एकदम गर्म हुए जा रही थी. मेरा मन और मेरी चूत लंड मांग रहे थे. थोड़ी देर बाद उन्होंने मेरी पैंटी को भी उतार दिया. “Office Randi Lady”

अब मैं पूरी नंगी अपनी आंखें बंद किए लेटी थी. मेरी सफाचट चूत उनके सामने थी. चुत पर झांटों का कोई निशान नहीं था. मेरी गोरी चुत एकदम बेदाग़ उनके लंड के हमले के लिए लुपलुप कर रही थी. उन्होंने मुझसे मेरी चूत की सुंदरता की तारीफ़ करते हुए एक 2000 हजार का नोट निकाला और चुत के पानी को पौंछ कर उसकी न्योछावर करके मुझे दे दिया.

मैं समझ गई थी कि बॉस तो केवल छेद के भूखे हैं, मौका सही है … इनसे इस समय बहुत कुछ लूटा जा सकता है. बॉस ने मेरी चूत पर 4-5 बार अपने हाथ को फेर कर मेरी चूत को और भी ज्यादा रुला दिया. मैंने कहा- जान … मेरी चूत को आपने कितना रुला दिया है, पहले इसे किसी कागज से पौंछ तो दो.

वो समझते हुए बोले- गुलाबी रंग के कागज़ से? मैंने मुस्कुराते हुए कहा- एक कागज से पूरी साफ़ नहीं हो सकेगी, इसके लिए कुछ ज्यादा कागज़ इस्तेमाल करने होंगे. बॉस ने दो हजार के पांच नोट मेरी चुत की फांकों में फंसा दिए. मैंने झट से नोट खींच कर अपनी ड्रेस के पास फेंक दिए.

अब मेरी चुत की फांकें बॉस के लंड लिए बिल्कुल रेडी थीं. चूंकि मैं पिछले एक महीने से किसी कॉलब्वॉय से भी नहीं चुदी थी इसलिए मेरी चुत में लंड के लिए आग धधक रही थी. एक महीने पहले अनुज नाम के एक कॉलब्वॉय ने पूरी रात मेरी चूत चोदी थी.

उसके लम्बे काले लंड ने मेरी आखिरी बार चुदाई की थी. उस चुदाई की वजह से मैं 5 दिन तक बीमार रही थी. उसके बाद मैंने फिर किसी लड़के को बुलाया ही नहीं. शायद आपको मालूम न हो, लेकिन मैं जानती हूँ कि कॉलब्वॉय अक्सर ड्रग्स और गोली लेकर चोदते हैं. मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ था. “Office Randi Lady”

इधर बॉस ने मेरी चूत में हथेली से चपत मार मार कर उसे थोड़ी सी फैला दी, फिर अपनी जीभ से चुत चूसने लगे. मैं उन्हें रोकने लगी, लेकिन वो नहीं माने और मुझे जीभ से ही चोदने लगे. मैं ‘आआह उईईई ऊऊउ उफ्फ ..’ करके उनके बालों को पकड़ कर खींच रही थी.

दस मिनट तक ऐसे ही चुत चूसने के बाद मुझे एकदम से अकड़न हुई और मैं भलभला कर झड़ गई और शिथिल होकर लेट गई. बॉस ने मेरी चुत का सारा रस चाट लिया और उठ कर एक कपड़े से मेरी चूत साफ कर दी. अब मेरी चुदाई की बारी थी.

किस तरह से मेरे बॉस ने मेरी चुत चुदाई की, उसका पूरा विवरण मैं इस सेक्स कहानी के अगले भाग में लिखूंगी. प्लीज़ अपना लंड हिलाने के चक्कर में मुझे इस ऑफिस सेक्स स्टोरी के लिए मेल करना न भूल जाना. अगले पार्ट में आगे की कहानी जल्दी ही लेकर आऊँगी। तब तक मेरे साथ चैट मस्ती के किए मुझे गूगल चैट पर msgकर सकते है [email protected]

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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