हाय दोस्तों, आज आपलोगो को एक सच्ची घटनाओं से घटी कहानी सुना रहा हूं बहुत ही मस्त, रोमांटिक, चूत और लन्ड से पानी आ जाएगा। ये कहानी जब हम * साल के थे तब से लेकर आज तक का होने वाला है उस समय हम छोटा था कुछ समझ नहीं आती थी लेकिन जैसे ही 19 साल का हुआ तो ये कहानी अपलोग को बताने आया हूं. Mother Son Incest Chudai
तो अब आपने फैमिली से परिचय कराते हैं, मेरे फैमिली में हम, मां, और मेरी दो बहनें हैं मेरी मां का नाम सविता, बड़ी बहन का नाम नहीं, ओर छोटी के रिया मेरे पापा हम * साल के थे तब ही छोड़ के चले गये, (एक्सीडेंट में मर गए). ज्यादा देरी न करते हैं अब कहानी पर आते है.
हमलोग एक मध्य परिवार से है मध्यप्रदेश के छोटे से गांव के रहने वाले है, छोटा सा घर हैं पहले सब साथ सोते थे लेकिन दीदी बड़ी हुई तो दूसरे रूम में सोने लगी. एक सच्ची कहानी है मेरे जीवन में घटी है जब हम * साल के थे तब पापा और मां के बीच में ही सोता था.
ये बात आपको भी पता है कि * साल के बच्चे को सब नहीं लेकिन बहुत कुछ बात याद रहता हैं, जब पापा मर गए तो मेरी मां और हम साथ सोते थे लेकिन दोनों दीदी दूसरे रूम में सोती थीं. जब पापा मर गए तो हम * साल के थे मध्य परिवार के होने पर स्कूल नहीं जाते थे.
दोनों दीदी जाती थीं वे आती तो हमको पढ़ाती थी रोज़ हम खाना खा के मां के साथ सोने चल जाते थे कुछ दिन हुआ पापा के मरे हुए तो मां भी धीरे धीरे सब पापा को भूलने लगी और हम लोग के साथ हंसी खुशी रहने लगी। ऐसे ही चलता रहा बहुत दिन अब में * साल के हो गया था.
मां पापा के जाने के बाद अकेला महसूस करने लगी और धीरे धीरे और भी भावुक लगने लगी, हमको क्या पता था लेकिन पहले से ज्यादा सुन्दर दिखने लगी थी. हम रोज की तरह रात खाना खा के मां के साथ सोने चल गया लेकिन मां उस दिन सो नहीं रही थी तो हमने बोला : जल्दी सो ना मां नींद आ रही है.
मां: तू सो हमको थोड़ा कपड़ा चेंज करना है.
हम: रोज तो ऐसे ही सोती हो आज कपड़ा कहे चेंज कर रही हो कही जाना है का.
मां: नही रे कही जाना नहीं बस ऐसे ही चेंज कर रही हु ताकि सोने में आराम मिले.
हमको क्या पता है ये सब उस समय * साल का था हमको कुछ समझ नहीं आया.
हम: ठीक है जल्दी आओ सोना है मुझे नींद आ रही हैं.
मां: तू सो जा हम आ रहे है.
हम: मां आप जानती है न आपके बाहों में ही सोता हूँ ऐसे हमको नींद नहीं आती है.
मां: ठीक है आ रही हूं.
उतने देर में मां ने साड़ी उतार दी थी वो केवल कुर्ती और साया (पेटीकोट) में थी. उसने मेरे सामने ही अपना कुर्ती उतार दी उनकी चूची दिखने लगी हम कुछ बोल नहीं रहे थे और ना ही कुछ समझ रहे थे कि क्या हो रहा है, मां मेरे तरफ़ देख के बोलो: क्या देख रहा है तू छोटा था तो रोज पिता था इसे.
हम: मां अब कहे नही पिलाती हो.
मां: अब मेरा दूध नहीं आता है इसलिए नहीं पिलाती हु बेटा।
हम: अब कब दूध आयेगा मां.
मां उदास होती हुई बोली: अब नहीं आ सकता बेटा, तेरे पापा होते तो आता.
हम: sorry मां आपको पापा का याद दिलाया लेकिन मां पापा ऐसा क्या करते थे कि दूध आता था.
मां थोड़ा सिहर उठी ओर बोली: तू बड़ा होगा तो तुझे मालुम चल जायेगा.
हम: मां हमको जल्दी बड़ा करो ना.
मां हंस पड़ी और बोली: चल सोते हैं.
बात करते करते मां ने एक नाइट ड्रेस पहन ली पतली सी जिसमें बहुत कुछ दिख रहा था. हमको नाइट ड्रेस के बारे मे दीदी बताई थीं वो पहन के सोती थी. मां मेरे पास आ कर सो गई हम उनको कस के पकड़ लिया और ओर सोने लगे. लेकिन मां आंख बंद नहीं कर रही थी. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
तो मैने बोला: मां सो ना.
मां: तू सो (थोड़ा सोचते हुए).
हम: क्या हुआ मां बताओ ना, हम छोटा है लेकिन आपको उदास नहीं देख सकते.
मां गाल पर किस करते हुए बोली: बेटा तू मेरा कितना खयाल रखता हैं.
हम: तो बताओ क्या हुआ है.
मां: कुछ नहीं बेटा बस तेरे पापा के याद आ गई.
हम: sorry मां हमने जिद किया जानने के लिए.
मां: कोई बात नहीं बेटा तेरा हक है जानने का.
गर्मी के मौसम था मेरे घर में केवल पंखा ही था तो गर्मी ज्यादा लग रही थी इस्लिए हम मां से बोला: मां गर्मी लग रही है कुर्ता, ओर पेंट खोल दे.
तो मां बोली: खोल दो बेटा, इसलिए हम भी कपड़ा चेंज किए हैं.
हमने जल्दी खड़ा हुआ और कुर्ता और पेंट खोल दिया मेरा छोटा सा सुसु करने वाला था. कपड़ा खोल के मां को पकड़ के सोने लगा मां के सामने नंगा सोया था मुझे क्या पता है ये सब एक बच्चा की तरह था. मां अब भी सो नहीं रही थी ओ अपने हाथ से हमको सहला रही थी. काफी देर तक सहलाया तो हमने उनका हाथ पकड़ा ओर बोला: मां मेरे सुसु वाली जगह पर खुजली हो रही है. “Mother Son Incest Chudai”
तो मां ने बिना कुछ बोले खुजलाने लगी कुछ देर तक खुजलाने के बाद ओ मेरे सुसु को आगे पीछे करने लगी हमको अच्छा लग रहा था वो कर रही थी कुछ देर करने के बाद किसी का फोन आया तो मां देखा तो ओ उनकी दोस्त थी उसने कॉल उठाया बता करने लगी मोबाइल पर मां के दोस्त का नाम, कांति, सेभ था.
मां: हेलो कांति.
कांति: हेलो सविता (मेरी मां का नाम है).
मां: क्या कांति तूने तो भूल ही गई.
कांति: नहीं यार वो टाइम नहीं मिल पा रहा है.
मां: चल ओर सब बताओ.
कांति: ठीक है आपने बताओ.
मां: मेरा ठीक ही है तू तो जानती ही है की पति ना होने का दुख बस आपने से काम चला रहे हैं.
कांति: हा हम समझ सकते है तुम्हारा दुख लेकिन एक बात बोले.
मां: बोलो.
कांति: अभी सेक्स के बारे में उपाय बताए तुझे.
मां: लेकिन अभी तो मेरा बेटा मेरे साथ सोया है जगा भी है.
कांति: क्या यार पहले क्या थी अब क्या हो गई. तेरा बेटा अभी सेक्स के बारे में नाम भी नहीं सुना होगा.
मां: ये बात तो सही बोल रही हो.
कांति: इसलिए तुझे बोल रहे है कि बेटे के साथ कुछ कर.
मां: बेटे के साथ.. क्या बोल रही हो.
कांति: अभी तेरा बेटा छोटा है जैसा बोलोगी वैसा ही करेगा अभी उससे चूत में अंगुली कराओ फिर बड़ा हो जाएगा तो खुद लन्ड डाल देगा.
मां: क्या बोल रही हैं तू.
कांति: सही यार हम खुद अपने बेटे से चुदाती हु.
मां: लेकिन तेरा तो पति है फिर भी.
कांति: हा यार पति के होने या न होने से कोई मतलब ही नहीं है ओ ज्यादा देर टिकता ही नहीं है और हमेशा काम के वजह से घर से बाहर ही रहता हैं.
मां: सही तू बेटे से चूदती हो.
कांति: हा यार मेरा बेटा हमेशा नंगा ही रहता हैं जब मन चोद देता हैं और मजा भी बहुत आता है.
मां कुछ सोच कर बोली: एक बार अपने बेटे से मुझे चूदवा दे ना.
कांति थोड़ा टाइट आवाज में बोली: क्या बोल रही हो हम अपने बेटे का लन्ड दूसरे के चूत में नही जाने देंगे वो केवल मेरा चूत चोदेगा हमेशा के लिए मेरा है.
इतना बोल के कॉल कट कर दी. मां क्या सोच रही थी मुझे नहीं मालुम लेकिन चूत, लन्ड का नाम पहला बार सुने मुझे नहीं पता क्या है, मां से जब बोला था कि सुसु वाली जगह पर खुजली हो रही हो तो वह उसी समय से मेरे सुसु को सहला रही थीं जब कांति आंटी ने कॉल किया था तब भी सहला रही थी लेकिन मुझे कुछ महसूस नहीं हो रहा था बस गुदगुदी हो रही थी कांति आंटी से बात करने के बाद मां उदास थी. “Mother Son Incest Chudai”
तो मैने मां से बोला: क्या हुआ मां.
मां नही बोली तो मैंने उनके छाती पर हाथ कर के हिलाया तो मां बोली: क्या है बेटा.
हम: क्या सोच रही हो मां.
मां: कुछ नहीं बेटा बस आंटी के बात को याद कर रही हूं.
हम: लेकिन मां आंटी तो सोचने वाली बात ही नहीं की.
मां: (अचानक से) बेटा एक बात बताओ हमको हमेशा खुश रखेगा न.
हम: हा मां हमेशा जब तक जीयेंगे आपको कोई चीज की कमी नहीं होने देंगे.
मां गले लगते हुए बोली: हा बेटा.
हम: मां सविता आंटी चूत, लन्ड का नाम ले रही थी ये क्या होता है मां.
मां मेरे चेहरे पर देख के बोली: अभी छोटा है बाद में समझ जाएगा.
हम: मां बताओ ना बार बार बोल रही हो कि छोटा हो हमको जल्दी बड़ा करो.
मैने जिद किया तो मां बोली: ये सुसु है न इसे ही लन्ड कहते है.
मां मेरे सुसु (लन्ड) को आगे पीछे कर रही थीं.
हम: ये लन्ड हैं (हाथ से पकड़ के).
मां: हा बेटा ये लन्ड हैं तू बड़ा होगा तो ये भी बड़ा होगा.
हम: तो मां चूत कौन हैं.
मां: वो मेरे पास है.
हम: आपके पास है, दिखाओ ना मां.
मां अपना नाइट ड्रेस ऊपर की तो उसमें बाल दिख रहा था.
हम: मां इसमें तो बाल दिख रहा हैं ये क्या है.
मां ने तुरंत अपना टांग फैलाया और अंगुली से बाल हटा कर दिखाई ओर बोली: देख बेटा यही चूत है इसमें से तू बाहर आया था.
हम हंस दिए ओर बोले: इतनी छोटी सी जगह से हम कैसे आए.
मां ने चूत में अपना अंगुली करते हुए बोली हा बेटा छोटी सी जगह से ही तू आया है. मां बोलते हुएं आहह आह ह कर रही थी.
हम: क्या हुआ मां.
मां: आहह आह ह.. बेटा अपनी हाथ से मेरे चूत में अंगुली कर.
मैने अपना अंगुली उनकी चूत में कर दी अंगुली अंदर गई तो गर्म महसूस हुआ मुझे तो मां से बोला मां अंदर बहुत गर्म है.
मां: आहह आह ह.. हा बेटा बहुत गर्मी है अंदर अपनी अंगुली से निकाल दे आहह आहह..
बेटा जोर जोर से अंगुली कर आहह आहह आहह.. मैने अंगुली जोर जोर से कर रहा था अचानक अंदर से बहुत सारा घी जैसा निकाल गया मेरा हाथ पूरा घी से लपेटा गया और मां आहह आहह.. करते हुए आंख बंद कर ली मैंने मां से बोला: मां अंदर से घी आया है क्या करूं. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मां आहह आहह.. करते हुए बोली: बेटा उसे चाट ले बहुत अच्छा लगेगा.
मां ने जैसा बोली हम आपने अंगुली ओर पूरे हाथ को चाटने लगा अच्छा नही लग रहा था खट्टा लग रहा था मैने मां से बोला: कि खराब लग रहा है. तो उसने बैठ कर मेरे हाथ को लिया ओर खुद चाटने लगी और बोली: बेटा तुझे बड़ा होना है न तो तुझे ये चाटना पड़ेगा.
तो मैने मां के हाथ से अपना हाथ हटाया और चाटने लगा मां देख कर बोली: बेटा हमको खुश रखना है न तो एक काम कर जल्दी से खड़ा हो जा. हम जल्दी से खड़ा हो गया और मां ने मेरे सुसु (लन्ड) को मुंह में ले ली ओर चूस रही थीं ओर बोली: बेटा आज से तू सुसु नहीं लन्ड बोलना. “Mother Son Incest Chudai”
हम: ठीक हैं मां.
मां लन्ड चूस रही थीं तो मुझे गुदगुदी हो रही थी. फिर मां अपना नाइट ड्रेस उतार दी और बेड पर नंगा सो गई और हमसे बोली: बेटा मेरे चूत चाट जब हम बोलेंगे तो हट जाना. फिर हम बैठे ओर मां के चूत पर मुंह रखा और जीभ चूत में करने लगा मुझे क्या पता हम सब रस चूस रहा था और मां आहह आहह आहह…. करते हुए बोली: बेटा जोर से चाट.
मैने जोर जोर से चाटना शुरू किया ओर पूरा देर तक चटा ओर चूसा मां बस आहह आहह.. कर रही थी. अचानक मां मेरा सिर पकड़ी ओर अपने चूत पर जोर जोर से लगड़ने लगी कुछ देर बाद चूत से घी जैसा आया तो मां आहह आहह.. करते हुए बोली: बेटा सब चूस जाओ जल्दी ही बड़े हो जाओगे हम चूसा और सब साफ किया फ़िर मां मेरे को गोद में कस कर दाबी ओर बोली : बेटा आज से रोज़ ऐसा करना है तू मेरी चूत चाटना हम तेरा लन्ड चाटेंगे.
हम: मां आपका घी जैसा निकलता हैं मेरा नहीं.
मां: (मुस्कराते हुए) धीरे धीरे निकलने लगेगा बेटा.
हम: मां आज बहुत लेट हो गया 12 बजने वाला है मुझे नींद आ रही हैं हम सो रहे है.
मां: ठीक है बेटा सो जाओ लेकिन बेटा ये बात किसी को मत बताना दीदी को भी नहीं अगर बताएगा तो तुझे चूत चाटने नहीं देंगे.
हम: ठीक है मां हम किसी को नहीं बताएंगे. आप चूत चाटने देना प्लीज़ मां.
मां: (हंसते हुए) ठीक है सो जाओ गुड नाइट.
हम: गुड नाइट मां.
तो दोस्तो हम *साल के उम्र में लन्ड ओर चूत के बारे मे जान गए थे यहां तक कि अपनी सगी मां के चूत चाट और चूस चुका था अब आगे क्या हुआ अगली कहानी में बताएंगे Ye kahani kaisi lagi coment me Mail kare [email protected]
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