भैया को चूत की फ़ोटो भेजी फेक अकाउंट से

मैं 19 साल की हूं, अभी-अभी कॉलेज शुरू किया है, और सच में किसी से ये बात शेयर करनी थी क्योंकि गिल्ट और एक्साइटमेंट दोनों मुझे अंदर से खाए जा रहे हैं, हर पल वो इमेजेस और मैसेजेस दिमाग में घूमते रहते हैं जो कल की घटना से जुड़े हैं। सब कल ही हुआ था, शुरू में पूरी तरह गलती से, लेकिन जैसे-जैसे दिन बीता, वो गलती एक ऐसी लत बन गई जो मुझे रोक नहीं पा रही, हर बार सोचते ही बॉडी में एक गर्म लहर दौड़ जाती है। Gen Z Incest Sex

मेरा भाई 25 साल का है, आईटी में काम करता है, हम दोनों नॉर्मल भाई-बहन जैसे रहते हैं, वो मुझे डांटता भी है अगर देर से घर आऊं तो लेकिन चुपके से पॉकेट मनी भी देता है। कल सुबह डैड के लिए बैंकिंग ऐप से कुछ स्क्रीनशॉट्स चाहिए थे, वो ऐप नॉर्मल स्क्रीनशॉट नहीं लेने देता जिससे हर क्लिक पर फोन की स्क्रीन की ठंडक उंगलियों पर महसूस होती थी.

इसलिए मैंने उसका फोन लिया जब वो किचन में चाय बना रहा था, हवा में चाय की खुशबू फैली हुई थी। उसने बिना कुछ सोचे फोन दे दिया, बोला जल्दी कर बैटरी लो है। मैंने जल्दी-जल्दी फोटोज क्लिक कर लिए, हर क्लिक पर फोन की वाइब्रेशन हल्की सी उंगलियों में गूंजती थी, फिर खुद को दूसरी ऐप पर भेजने की कोशिश की तो पिन लॉक था, वो बिजी था, बोला बाद में भेज दूंगा।

मैंने सोचा इंस्टाग्राम से ही भेज दूं अपने को, वो ऐप खोलते ही स्क्रीन पर रंग-बिरंगे रील्स की लाइट चेहरे पर पड़ रही थी। उसका इंस्टाग्राम बिना पासवर्ड खुल गया, फीड में ढेर सारे हॉट देसी रील्स थे जहां लड़कियां टाइट कपड़ों में डांस कर रही थीं, उनकी कमर की मटकाहट और लाउड बीट्स की थिरकन देखकर हल्की सी गुदगुदी बॉडी में फैल रही थी.

लेकिन मैंने इग्नोर किया और सीधा मैसेज सेक्शन में गई खुद को मैसेज करने, उंगलियां स्क्रीन पर फिसल रही थीं। लेकिन इनबॉक्स देखकर रुक गई, लड़कियों और भाभियों के चैट्स से भरा पड़ा था, अजीब-अजीब सेक्सी नाम हर जगह चमक रहे थे जैसे SexyRiya या HotBhabhi, वो नाम पढ़ते ही एक अजीब सी उत्सुकता दिल में उभरी।

क्यूरियोसिटी हावी हो गई और मैंने एक चैट खोल दिया, वो प्योर सेक्स्टिंग थी जहां गंदे-गंदे शब्द स्क्रीन पर चमक रहे थे, वो नूड्स मांग रहा था, बता रहा था कैसे उनकी बॉडी को छुएगा, कैसे उनके होंठों से सिसकारियां निकलवाएगा, हर शब्द पढ़ते हुए सांसें तेज हो रही थीं।

पता नहीं क्यों लेकिन मैं एक के बाद एक चैट खोलती गई, इतने सारे थे कि स्क्रॉल करते हुए समय का पता नहीं चला, हर चैट में वो उनकी बॉडी की तारीफ कर रहा था, बताता कैसे उनके बूब्स दबाएगा, क्लिट रब करेगा, और वो लड़कियां जवाब में और गंदे मैसेजेस भेज रही थीं।

एक चैट में उसका डिक पिक था, मोटा और हार्ड, नसें उभरी हुईं जैसे रस से भरी हों, टिप पर हल्की चमक जो लाइट में चमक रही थी, जैसे ही देखा चेहरा गर्म हो गया, शर्म से दिल की धड़कन तेज हो गई और तुरंत प्रोफाइल टैब पर स्विच कर दिया उस इमेज से बचने के लिए, लेकिन वो इमेज दिमाग में चिपक सी गई।

तब समझ आई कि ये उसका रियल अकाउंट नहीं था, फेक था, देसी स्टाइल यूजरनेम जो आसानी से याद रह जाने वाला था, कोई फेस फोटो नहीं, सब सीक्रेट और छुपा हुआ, वो यूजरनेम देखते हुए एक अजीब सी थ्रिल महसूस हुई। सब जल्दी बंद किया, रीसेंट ऐप्स क्लियर किए जिससे फोन की स्क्रीन साफ हो गई, फोन वापस दिया, बोला स्क्रीनशॉट्स भेज देना, लेकिन दिल अभी भी तेज धड़क रहा था।

कमरे में पहुंचते ही बेड पर लेटी तो गिल्ट जोर से लगा स्नूपिंग करने का और उसकी प्राइवेट फोटो देखने का, लेकिन जैसे ही वो इमेज दिमाग में आई, बॉडी ने खुद रिएक्ट कर दिया, लेग्स के बीच गर्माहट फैल गई, पैंटी गीली हो गई जैसे कोई गर्म तरल धीरे-धीरे रिस रहा हो।

मैं लगभग वर्जिन हूं, बॉयफ्रेंड ने कुछ बार ट्राई किया लेकिन पूरा नहीं कर पाया, सिर्फ फिंगरिंग और टचिंग जहां उसकी उंगलियां मेरी स्किन पर हल्के से फिसलती थीं, लेकिन अकेले में मैं अच्छे से जानती हूं बॉडी को क्या चाहिए, कैसे क्लिट को रब करने से वो थ्रॉबिंग शुरू होती है। “Gen Z Incest Sex”

बिना सोचे हाथ शॉर्ट्स के अंदर चला गया, पहले हल्के से पैंटी के ऊपर से पेट किया जहां गीलापन फैल रहा था, फिर पैंटी साइड करके क्लिट पर धीरे रब करना शुरू किया, उंगली की टिप पर वो गर्म गीलापन महसूस हो रहा था, फिर तेज कर दिया उस पिक और गंदे मैसेजेस की इमेजिनेशन में जहां वो बता रहा था कैसे बूब्स दबाएगा एक हाथ से और क्लिट रब करेगा दूसरे से.

मेरी उंगलियां अब सर्कुलर मोशन में घूम रही थीं, गीलापन इतना कि उंगलियां फिसल रही थीं, सांसें तेज हो गईं, निप्पल्स खुद से टाइट हो गए, मैंने दूसरे हाथ से बूब्स दबाने शुरू किए, निप्पल्स को पिंच किया जिससे एक मीठा दर्द फैला, 2-3 मिनट में ही कम हो गई, लेग्स कांप रही थीं, तकिया मुंह में दबा के आह्ह.. इह्ह.. ओह्ह.. की आवाजें दबाईं, बॉडी में जैसे बिजली दौड़ गई हो। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

बाद में भारी गिल्ट आया, ऐसा कैसे सोच सकती हूं, गंदा फील हुआ, थोड़ा रोई और सो गई, लेकिन नींद में भी वो इमेजेस छाई रहीं। नींद में ड्रीम आया जहां वो बाथरूम में खड़ा था, हार्ड लंड हाथ में पकड़ के ऊपर-नीचे कर रहा था, स्किन उसके ग्रिप के साथ मूव हो रही थी, मैं दरवाजे के पीछे छुपकर देख रही थी, सांस तेज, दिल की धड़कन कान में गूंज रही थी.

वो धीरे-धीरे स्ट्रोक कर रहा था, टिप से प्रीकम रिसता हुआ, मैंने इमेजिन किया कैसे उसके पास जाकर छूऊं, मुंह में लूं, लेकिन अचानक वो मुड़ा और नजरें मिलीं, उस पल जाग गई, पैंटी पूरी भीगी हुई जैसे कोई गर्म तरल फैल गया हो। ऐच इतनी स्ट्रॉन्ग थी कि फिर टच किया. “Gen Z Incest Sex”

इस बार पहले क्लिट को हल्के से रब किया, गीलापन फैलाते हुए, फिर एक उंगली अंदर डाली जहां दीवारें गर्म और टाइट महसूस हो रही थीं, दूसरी उंगली जोड़कर अंदर-बाहर करने लगी, साथ में क्लिट रब करती रही, निप्पल्स को दूसरे हाथ से ट्विस्ट किया, सांसें और तेज, बॉडी में गर्मी फैलती गई, जल्दी ही फिर कम हो गई, आह्ह्ह.. ह्ह्ह.. आऊ.. ऊऊ.. ऊई.. उईईई.. की सिसकारियां निकलीं.

खुद से बोली सिर्फ फिंगरिंग है, कुछ रियल नहीं, धीरे-धीरे भूल जाऊंगी, लेकिन वो ड्रीम और ज्यादा इंटेंस था जैसे वो मुझे छू रहा हो। डिनर के बाद बेड पर रील्स स्क्रॉल कर रही थी, स्क्रीन की नीली लाइट चेहरे पर पड़ रही थी, एक रील आई “पानी कितने देर में निकलता है आपका?” कमेंट्स में लड़के लिख रहे थे “आ जाओ मैं निकाल दूंगा”, “भाभी कम हियर”, वो पढ़ते हुए फिर से हॉर्नी फील हुई जैसे बॉडी में आग लग गई हो।

पूरे दिन हॉर्नी थी तो सोचा चेक करती हूं कितने दूर जाते हैं ये लोग, उनका मैसेज पढ़कर नीचे थ्रॉबिंग शुरू हो गई। सेकंड ईमेल से फ्रेश फेक इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया, कोई प्रोफाइल पिक नहीं, पहले मेन अकाउंट से उस रील का लिंक कॉपी करके नोट्स में सेव किया, फिर फेक आईडी पर प्राइवेट ब्राउजर में लिंक पेस्ट किया.

वही रील खुल गई, कुछ कमेंट्स लाइक किए और वहां से रैंडम लड़कों को मैसेज किया, वो तुरंत फ्लर्ट करने लगे, पॉर्न क्लिप्स, डिक पिक्स भेजने लगे, हर मैसेज पढ़ते हुए बॉडी में गर्मी बढ़ती गई। तभी कल सुबह वाला फेक यूजरनेम दिमाग में आया, बिना सोचे सर्च किया और “हाय” भेज दिया, उंगली टाइप करते हुए कांप रही थी। “Gen Z Incest Sex”

रिप्लाई इंस्टेंट आया “हेलो हॉटी”, नीचे गर्मी दौड़ गई जैसे कोई गर्म सांस वहां छू गई हो। चैट शुरू हो गई, और धीरे-धीरे वो इंटीमेट हो गई जहां वो मुझे डायरेक्ट कर रहा था क्या करूं, कैसे टच करूं, उसकी आवाज इमेजिनेशन में गूंज रही थी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

नैंसी: हाय.

नीरव: हेलो हॉटी किधर से आई इतनी रात को?

नैंसी: बस बोर हो रही थी, रील्स देखते देखते नीचे गीला हो गया.

नीरव: अच्छा जी? कितना गीला? बता ना डिटेल में.

नैंसी: बहुत, पैंटी चिपक सी गई है, उंगली डालने का मन कर रहा.

नीरव: फक नैंसी, नाम ही इतना सेक्सी है, ASL बता पहले.

नैंसी: 19 F, तू?

नीरव: 25 M, अभी लंड खड़ा हो गया तेरा मैसेज पढ़ के.

नैंसी: सच में? प्रूव करो.

नीरव: [डिक पिक भेजता है, मोटा लंड हाथ में पकड़ा हुआ] देख ये, तेरे नाम का खड़ा है.

नैंसी: ओ माय गॉड नीरव.. कितना मोटा और लंबा है, नसें तक दिख रही हैं, टिप पर वो चमक.. आह्ह.

नीरव: पसंद आया? अब तू बता क्या पहना है.

नैंसी: सिर्फ़ पिंक शॉर्ट्स और व्हाइट क्रॉप टॉप, ब्रा नहीं पहनी.

नीरव: ब्रा साइज़ क्या है तेरी?

नैंसी: 34C, अभी निप्पल्स बहुत टाइट हो गए हैं सोच के.

नीरव: छू ना उन्हें मेरे लिए, दोनों बूब्स दबा के मसल.

नैंसी: कर रही हूँ.. आह्ह.. इह्ह.. एक हाथ से दबा रही हूँ, दूसरे से निप्पल पिंच कर रही हूँ, बहुत अच्छा लग रहा, निप्पल्स में मीठा दर्द फैल रहा है.

नीरव: गुड गर्ल, अब टॉप ऊपर कर के फोटो भेज.

नैंसी: शरम आ रही है.. लेकिन भेज रही हूँ [बूब्स की पिक भेजती है, निप्पल्स खड़े हुए] फोटो भेजते समय, मैंने यह पक्का किया कि तस्वीरों में कोई कपड़े या बिस्तर दिखाई न दें, नहीं तो उसे शक हो जाता।

नीरव: फक नैंसी, कितने परफेक्ट बूब्स हैं, पिंक निप्पल्स, चूसने का मन कर रहा पूरा, इमेजिन कर मैं तेरे बूब्स को मुंह में लेकर सक कर रहा हूं, जीभ से निप्पल्स को घुमा रहा हूं.

नैंसी: चूसो ना नीरव.. सोच रही हूँ तेरी जीभ निप्पल्स पर घूम रही है, आह्ह.. वो गर्मी फैल रही है नीचे तक.

नीरव: अब एक हाथ नीचे ले जा, शॉर्ट्स के अंदर, पहले पैंटी के ऊपर से रब कर, महसूस कर गीलापन.

नैंसी: ले गई.. पैंटी बहुत गीली है, उंगली फिसल रही, हल्के से प्रेस कर रही हूं, आह्ह्ह.. थ्रॉब हो रहा है.

नीरव: पैंटी साइड कर, क्लिट पर उंगली फिरा धीरे धीरे, सर्कुलर मोशन में.

नैंसी: आह्ह्ह.. ह्ह्ह.. कर रही हूँ, क्लिट बहुत संवेदनशील हो गई है, हर टच पर बॉडी कांप रही है.

नीरव: तेरी बुर कैसी है? बाल हैं या क्लीन?

नैंसी: हल्के बाल, ट्रिम की हुई, पिंक और टाइट, अभी गीली चमक रही है.

नीरव: फक, अभी तो चोद डालूं, पहले एक उंगली अंदर डाल, धीरे से पुष कर, महसूस कर गर्मी.

नैंसी: डाल रही हूँ.. आह्ह्ह.. ओह्ह.. बहुत गीली है, चप चप आवाज़ आ रही, दीवारें टाइट लग रही हैं.

नीरव: दूसरी उंगली भी डाल, अंदर बाहर कर तेज, साथ में क्लिट थंब से रब कर.

नैंसी: आह ह ह ह ह्हीईई आअह्ह्ह्ह.. कर रही हूँ नीरव, तेरे नाम लेके, उंगलियां फिसल रही हैं, गीलापन जांघों पर फैल रहा है.

नीरव: [दूसरी डिक पिक भेजता है, प्रीकम टिप पर] देख ये, तेरे लिए लीक हो रहा, इमेजिन मेरा लंड तेरी बुर पर रब हो रहा है.

नैंसी: ओह्ह्ह.. कितना हॉट लग रहा, आह्ह.. ऊऊ.. ऊउइ.. और तेज कर रही हूँ, तेरे लंड की इमेजिनेशन में.

नीरव: अब क्लिट भी रब कर साथ साथ, कम होने वाला है ना? मुझे बता कैसा फील हो रहा.

नैंसी: हाँ नीरव, बहुत करीब हूँ.. आऊ.. ऊऊ.. ऊई.. बॉडी टाइट हो रही है, गर्मी बढ़ रही है.

नीरव: मेरे लंड का वीडियो देख [वन व्यू स्ट्रोकिंग वीडियो भेजता है, मोअनिंग के साथ] मेरे नाम से कम हो, मेरी मोन सुन के.

नैंसी: वीडियो देख के.. तेरी मोअन सुन के.. आह्ह्ह्ह्ह.. ह्ह्ह्ह्ह.. नीरवनन.. कम हो रही हूँ.. बहुत जोर से.. लेग्स शेक हो रही हैं.. आह्ह्ह्ह्ह.. उईईईई..!! पानी निकल रहा है, उंगलियां गीली हो गईं.

नीरव: गुड गर्ल नैंसी, कितना टाइम लगा?

नैंसी: सिर्फ़ 5-6 मिनट, तेरी पिक्स और वीडियो से इतनी जल्दी कभी नहीं हुई, अभी भी थ्रॉब हो रहा है.

नीरव: अब अपनी गीली बुर की पिक भेज, देखनी है कितना पानी निकला, उंगलियां फैला के दिखा.

नैंसी: शरम बहुत आ रही.. लेकिन भेज रही हूँ [क्लोज़अप पुस्सी पिक भेजती है, उंगलियों से फैला के, चमकती हुई गीलापन].

नीरव: फककक नैंसी.. कितनी पिंक और जूसी है, होल छोटा सा, चाट चाट के साफ कर दूं, इमेजिन मेरी जीभ तेरी बुर पर चल रही है, अंदर तक लिक कर रही है.

नैंसी: चाटो ना नीरव.. जीभ अंदर तक डाल के, आह्ह फिर से हॉर्नी हो रही हूँ, क्लिट फिर से टच कर रही हूं.

नीरव: अभी फिर से उंगली डाल, दूसरा राउंड शुरू, इस बार धीरे से शुरू कर, बिल्ड अप कर.

नैंसी: कर रही हूँ.. लेकिन इस बार धीरे, तेरे साथ साथ, पहले क्लिट पर सर्कल कर रही हूं, गीलापन फैला रही हूं.

नीरव: मैं भी मुठ मार रहा हूँ तेरी पिक देख के, कल फिर पूरी रात चैट करेंगे, और ज्यादा गंदी बातें करेंगे.

नैंसी: हाँ प्लीज़, रोज़ करवाओ मुझसे, तेरी हो गई हूँ पूरी, तेरी बातें सुनके फिर से गर्म हो रही हूं.

नीरव: मेरी रंडी बन गई ना तू? बोल, मैं तेरी बॉडी को कैसे यूज करूंगा बताऊं.

नैंसी: हाँ नीरव, तेरी रंडी हूँ, तेरे लंड की गुलाम, बता ना कैसे पिन डाउन करेगा, निप्पल्स चूसेगा, बुर में लंड डालेगा.

नीरव: अच्छी बच्ची, अब सो जा, सपने में तेरी बुर चोदूंगा, हर होल भरूंगा.

नैंसी: गुड नाइट नीरव.. सपने में ज़रूर आना.

नीरव: गुड नाइट मेरी हॉटी रंडी, लव यू.

उस रात के बाद से मैं उस फेक आईडी पर और चैट्स क्रेव करने लगी, हर मैसेज का इंतज़ार करती जहां उसकी गंदी बातें पढ़ते हुए बॉडी में गर्मी फैल जाती, नीचे गीला हो जाता जैसे कोई छू रहा हो। जानती हूं बहुत गलत है, लेकिन रोक नहीं पा रही, वो एक्साइटमेंट हर बार और ज्यादा इंटेंस होता है। किसी से कन्फेस करना था, इसलिए यहां लिख रही हूं। प्लीज कोई जजमेंट नहीं। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

अगले पूरे दिन मैं बेचैन रही, हर घंटे ऐप चेक करती रही, दिल ऐसे धड़क रहा था जैसे कोई चोर मेरे सीने में घुस आया हो और बाहर निकलने को छटपटा रहा हो, काम पर क्या कर रहा होगा वो, क्या वो भी मेरे बारे में सोचकर अपना लौड़ा सहला रहा होगा, घर में उसके कमरे की महक याद आती रही. “Gen Z Incest Sex”

वो हल्की पसीने वाली मर्दाना गंध जो कभी-कभी बाथरूम से आती है और मुझे और ज़्यादा उत्तेजित कर देती है, और गिल्ट में डूबते हुए भी मैं सोचती रही कि काश वो जानता कि मैं हूँ तो क्या करेगा, क्या मुझे और गंदी बातें कहेगा या मुझे पकड़कर चोद डालेगा, इंतज़ार की आग मेरी चूत तक पहुँच गई थी, जाँघें आपस में रगड़ती रही, पैंटी में चिपचिपा रस महसूस हो रहा था.

वो मीठी-नमकीन गर्म गंध जो सिर्फ रंडीपने की हालत में आती है और मुझे और ज़्यादा पागल बना देती है। शाम डिनर के ठीक बाद, रात नौ बजे के करीब उसका स्टेटस ग्रीन हुआ, दिल की धड़कन कान में गूँजने लगी, साँसें तेज़ हो गईं, सबसे पहले मैसेज आया ‘hi again hotty’, बस इतना पढ़ते ही मेरी चूत में करंट जैसी सनसनी दौड़ी, चुच्चियाँ टाइट हो गईं.

निप्पल्स सख्त होकर खड़े हो गए, जैसे कोई हाथ उन्हें मसल रहा हो, हम वहीं से शुरू हो गए जहाँ छोड़ा था, लेकिन इस बार चैटिंग धीरे-धीरे शुरू हुई, पहले वो पूछता रहा कि आज कैसा रहा दिन, मैंने बताया कि कितनी बेचैनी थी, फिर बात गंदी होने लगी, वो कहता ‘क्या पहना है तूने’. “Gen Z Incest Sex”

मैंने बताया ‘कुछ नहीं, सिर्फ पैंटी’, वो हँसा और बोला ‘उसे भी उतार दे, नंगी हो जा मेरे लिए’, मेरी उँगलियाँ काँप रही थीं टाइप करते हुए, मैंने वैसा ही किया, पैंटी उतारी, चूत पर हवा लगी तो और गर्म हो गई, फिर उसकी बातें पहले से कहीं ज़्यादा गंदी हो गईं, ‘अपनी चूत पर उँगली रख, धीरे-धीरे रगड़, सोच मैं तेरी फूली हुई चुची दबा रहा हूँ और क्लिट चूस रहा हूँ, जीभ से तेरी चूत का रस चाट रहा हूँ’.

मैंने वैसा ही किया, उँगलियाँ पहले सूखी थीं लेकिन जैसे ही क्लिट पर घुमाईं, रस बहने लगा, चिपचिपा, गाढ़ा, कमरे में मेरी चूत की मादक गंध फैल गई, जो मुझे और ज़्यादा उत्तेजित कर रही थी, तकिए में मुँह दबाकर आह्ह.. ओह्ह.. उफ्फ.. निकालती रही, उँगलियाँ तेज़ होती गईं, चूत की दीवारें सिकुड़-सिकुड़ कर पकड़ रही थीं. “Gen Z Incest Sex”

जैसे कोई मोटा लौड़ा अंदर धक्के मार रहा हो, वो और गंदी बातें करता रहा ‘अब उँगली अंदर डाल, सोच मेरा लौड़ा तेरी चूत में घुस रहा है, धीरे-धीरे बाहर-अंदर कर’, मैंने उँगली डाली, चूत की गर्मी महसूस हुई, रस की चपचपाहट की आवाज़ आई, और मैं और ज़्यादा हाँफने लगी, दोनों झड़े, मेरा बदन काँप उठा, रस बिस्तर पर टपक गया. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

और फिर अपने-अपने कमरे में सोने चले गए, जैसे कुछ हुआ ही न हो, लेकिन मेरी चूत अभी भी फड़फड़ा रही थी, गर्मी कम नहीं हो रही थी। अगली सुबह यानी कल की बात है, मैं देर से उठी, दस बजे के करीब, भाई काम पर जा चुका था, जैसे ही आँख खुली, रात की चैटिंग और सपनों की वजह से मेरी चूत पहले से ही रस से भरी थी.

सपने में वो मुझे चोद रहा था, उसका मोटा लौड़ा मेरी चूत की दीवारें चीरता हुआ, मेरी चुच्चियाँ मसलता हुआ, और मैं चिल्ला रही थी आह्ह.. चोद मुझे.. और तेज़, शरीर में आग लगी थी, तन में जलन थी, फ़ोन उठाया और सीधे पोर्न सर्च किया, एक क्लिप मिली जिसमें लड़का चुपके से बहन की पैंटी चुराता है, उसे नाक से लगाकर गहरी साँस लेता.

फिर अपना मोटा सख्त लौड़ा निकालकर उस पर रगड़ता, आह्ह.. उफ्फ.. की आवाज़ें निकालते हुए झड़ जाता है, वो देखते ही मेरी चूत में आग लग गई, क्लिट फूलकर फड़फड़ाने लगी, दिल की धड़कन कानों में बज रही थी, जाँघें आपस में दबा लीं, चुच्चियाँ भारी हो गईं, निप्पल्स पर उत्तेजना की लहर दौड़ गई, ‘बस, यही करना है,’ मन में आया, लेकिन पहले मैंने और देखा.

क्लिप में लड़का पैंटी को लौड़े पर रगड़ते हुए धीरे-धीरे सहलाता है, फिर जीभ लगाता है, और मैंने भी कल्पना की कि मैं वैसा ही करूँगी, मेरी चूत और गीली हो गई, रस जाँघों पर बहने लगा, उसके बाद उठी, उसका कमरा खाली था तो मैंने मम्मी से बहाना बनाया कि पावर बैंक ढूँढ रही हूँ.

दीवार के हुक पर कल वाली अंडरवियर लटकी मिली, दिल ज़ोर से धड़का, हाथ काँपते हुए झट से उठाई, लोअर की जेब में ठूँसी और कमरे की ओर दौड़ी, जैसे कोई रंडी चोरी कर रही हो, दरवाज़ा लॉक करते ही साँस फूली, दिल की धड़कन तेज़ थी। पहले सिर्फ़ सूँघा, डिटर्जेंट की खुशबू थी, लेकिन नीचे हल्की पसीने वाली मर्दाना महक, जैसे उसके लौड़े और गांड की गंध अभी भी चिपकी हो. “Gen Z Incest Sex”

वो गंध मेरी नाक में घुस गई, चूत में आग लग गई, ये सोचते ही मेरी चूत से रस टपकने लगा, गर्म, चिपचिपा, कमरे में वो मिश्रित गंध फैल गई, फिर रुक नहीं पाई, धीरे-धीरे लोअर और पैंटी नीचे सरकाई, हवा लगते ही ठंडक महसूस हुई, लेकिन अंदर जलन और बढ़ गई, चुच्चियाँ उभर आईं, मैंने उन्हें सहलाया धीरे से, निप्पल्स को मसला, आह्ह.. निकल गई.

उसकी अंडरवियर पहनी, थोड़ी ढीली, लेकिन जैसे ही चूत से लगी, वो मेरे रस से चिपक गई, हल्का सा चपचप की आवाज़ आई, कुछ ही सेकंड में मैं उसमें पूरी तरह भीग चुकी थी, क्लिट पर वो कपड़ा रगड़ता हुआ, जैसे भैया का लौड़ा छू रहा हो, आह्ह.. इह्ह.. मन में आवाज़ें गूँज रही थीं.

उसमें मेरे रस की गंध मिली उसकी मर्दाना महक से, अनजाने में जीभ लगा दी, नमकीन-कड़वा गंदा स्वाद, जैसे उसके लौड़े का वीर्य हो, और गिल्ट में और ज़्यादा रंडी हो गई, मैंने और सहलाया खुद को, उँगली क्लिट पर घुमाई धीरे-धीरे, सोचते हुए कि वो मुझे देख रहा है।

ठीक उसी वक़्त बॉयफ्रेंड का कॉल आ गया, मेरी आवाज़ काँप रही थी, इतनी हॉर्नी थी मैं कि साँसें हाँफ रही थीं, ‘ह..हैलो? हाँ, सुन, 2-3 दिन फैमिली फंक्शन में हूँ, बात करना रिस्की है, कॉल मत करना, ठीक?’ कॉल पर हल्की आह निकल गई, मैंने खाँसी का बहाना बनाया, लेकिन मन में सोच रही थी कि अगर भैया का कॉल होता तो क्या करती, क्या उसे अपनी आह सुनाती.

सच तो ये था कि मुझे डर था कहीं सेक्सटिंग करते वक़्त गलती से ‘भैया’ न बोल दूँ, या अपनी उत्तेजना की आवाज़ें निकल जाएँ। तो न्यू ईयर ऐसा ही शुरू हुआ, अपने सगे भाई की अंडरवियर पहने हुए, पूरे दिन उसका एहसास चूत पर महसूस करते हुए, हर कदम पर वो रगड़ती, मेरे रस से लथपथ, जैसे वो मुझे छेड़ रही हो, दिन भर मैं घर में घूमती रही. “Gen Z Incest Sex”

हर बार बैठते-उठते वो अंडरवियर मेरी क्लिट से रगड़ती, रस बहता रहता, चुच्चियाँ भारी लगतीं, मैंने कई बार खुद को सहलाया छुप-छुपकर, बाथरूम में जाकर उँगली की धीरे-धीरे, सोचते हुए कि रात को क्या होगा, और ये जानते हुए कि रात को फिर उससे चैट करूँगी जबकि वो अभी भी मेरे बदन से चिपकी होगी. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

रात की सेक्सटिंग बिल्कुल अलग थी, पहले वो बातें करता रहा सामान्य, फिर गंदी होने लगी, ‘आज क्या किया तूने, कोई नॉटी बात?’, मैंने बताया ‘तेरे बारे में सोचकर खुद को छुआ’, वो उत्तेजित हो गया, ‘बता कैसे, डिटेल में’, मैंने बताया ‘धीरे से चुच्चियाँ दबाईं, फिर चूत पर उँगली घुमाई’, उसकी हर गंदी बात पढ़ते हुए अंडरवियर मेरी क्लिट पर दबाव डालती.

जैसे वो सच में मुझे चोद रहा हो, रस बहता रहता, कमरा मेरी चूत की गंध से भर गया, आह्ह.. ओह्ह.. उफ्फ.. निकलती रही, हर मैसेज दस गुना ज़्यादा लग रहा था, उसने लिखा ‘अपनी चूत में उँगली डाल, धीरे से अंदर-बाहर कर, सोच मेरा मोटा लौड़ा तेरी चूत मार रहा है, कितना रस निकल रहा है तेरी रंडी चूत से?’.

मैंने वैसा किया, उँगली डाली, चूत की गर्मी महसूस हुई, दीवारें कस रही थीं, मैंने रिप्लाई किया ‘हाँ, बहुत रस निकल रहा है, तेरे लौड़े की कल्पना से चूत फट रही है, चोद मुझे ज़ोर से’, वो बोला ‘तेज़ कर, चुच्चियाँ दबा अपने आप, मैं तेरी चूत फाड़ दूँगा, रंडी बना दूँगा’, मैं वैसा ही करती गई, साँसें हाँफतीं, ‘उफ्फ.. हाँ, चोद मुझे… भैया…’ लगभग टाइप हो ही गया था, लेकिन रुक गई, और झड़ गई इतनी ज़ोर से कि बदन थरथरा उठा। मैं जानती हूँ कि मैं और गहरे डूब रही हूँ, ये गलत है, लेकिन अभी रुकना नामुमकिन लग रहा है, ये उत्तेजना मुझे खाए जा रही है।

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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