मुझे माँ और बेटे की चुदाई की कहानियाँ बहुत अच्छी लगती हैं क्योंकि मैं भी एक माँ-चोद आदमी हूँ। मेरी उम्र 20 साल है और मैंने 18 साल की उम्र में ही अपनी माँ की चूत में लंड और माँग में सिंदूर भर दिया था। अरे, मैं तो अपनी माँ और परिवार के बारे में बताना ही भूल गया। Mast Incest Chudai Kahani
मेरी माँ का नाम विमला है। उनकी शादी 18 साल की उम्र में मेरे बाप से हुई थी, जिनकी उम्र 65 साल थी। शादी के एक साल बाद ही वो मर गए। उस वक्त मैं सिर्फ 3 महीने का था। धीरे-धीरे मैं बड़ा हुआ और 18 साल की उम्र में मैं माँ को नहाते, कपड़े बदलते देखने लगा। एक दिन रात को माँ चूत में उंगली डालकर रो रही थीं।
मैंने पूछा, “माँ, क्यों रो रही हो?”
वो बोलीं, “बेटा, आज 18 साल हो गए इस चूत में लौड़ा घुसे और तू बड़ा होकर भी मुझे चोद नहीं रहा है।”
मुझे झटका लगा। मैंने कहा, “क्या, आप मुझसे…?”
वो बोलीं, “हाँ, मैं तुमसे।”
मैंने कहा, “माँ, मैं आपको चोदूँगा भी और एक पति अपनी पत्नी को जो कुछ देता है वो सब दूँगा, लेकिन आपको मुझसे शादी करनी होगी।”
माँ ने कहा, “तुमसे शादी?”
मैंने कहा, “हाँ, हम शादी करके पति-पत्नी की तरह रहेंगे और कहीं दूसरी जगह जाकर अपना घर बनाएँगे ताकि वहाँ आप आराम से रंग-बिरंगी साड़ियाँ पहनें और मैं आपको चोदूँ और आप मेरे बच्चे को भी जन्म दें।”
माँ ये सुनकर मुझे गले से लगा लिया और बोलीं, “आज से तू मेरा बेटा नहीं, मेरा पति है और मुझे माँ नहीं, विमला कहोगे। आज ही मैं ये सफेद साड़ी उतारती हूँ और लाल जोड़ पहनती हूँ। तुम मेरी माँग में सिंदूर भरके और गले में मंगलसूत्र पहनाकर अपना बना लो।”
फिर माँ नहाने चली गईं। थोड़ी देर में वो एक सुंदर-सी लाल साड़ी पहनकर आईं। उनके हाथ में एक थाली थी जिसमें एक दीपक जल रहा था, थोड़ा सिंदूर था और दो मालाएँ थीं जो भगवान के मंदिर में सुबह पूजा करके रखी थीं। माँ ने एक माला मुझे पहनाई, मैंने एक माँ को। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
फिर हमने दीपक के फेरे लिए। मैंने माँ की सुनी माँग में सिंदूर भरा और गले में मंगलसूत्र पहनाया। फिर भगवान को माथा टेककर मैं कमरे में चला गया। थोड़ी देर में माँ हाथ में दूध का गिलास लेकर आईं। मैंने उनके हाथ से गिलास लिया और उन्हें बिस्तर पर बिठाया। “Mast Incest Chudai Kahani”
उनका घूँघट उठाया और होंठों पर किस करने लगा। वो मुझे बाँहों में भरकर रोने लगीं। मैंने कहा, “आज से आप रोएंगी नहीं, बस हँसेंगी।” फिर हम दोनों ने दूध पिया और मैं उनके बूब्स दबा-दबाकर होंठों पर किस कर रहा था। थोड़ी देर बाद मैंने उनके ब्लाउज के हुक खोले।
उनके बूब्स बहुत बड़े और सुंदर थे। मैंने उन्हें अलग-अलग करके चूसने लगा। थोड़ी देर बाद माँ ने कहा, “बूब्स ही चूसोगे या मुझे भी कुछ चूसने दोगे?” मैंने अपना लंड उनके मुँह में दे दिया। अभी भी उनके बदन पर साड़ी थी और होंठों में मेरा लंड था।
फिर मैंने उनके सारे कपड़े उतार दिए और खुद भी नंगा हो गया। मैं उनकी चूत चाट रहा था और वो सिसकारियाँ ले रही थीं। फिर बोलीं, “आप मेरी चूत में लंड डालो, मैं और नहीं सहन कर सकती।” मैंने उनकी 18 साल से बंद पड़ी चूत के दरवाजे पर लंड से दस्तक दी और एक धक्का मारा। “Mast Incest Chudai Kahani”
लंड अंदर चला गया। वो चिल्लाईं, “आआआह्ह्ह… धीरे… बहुत सालों बाद चुदवा रही हूँ।” फिर धीरे-धीरे मैंने उन्हें चोदना शुरू किया। कुछ समय बाद वो भी गांड उठाकर चुदवा रही थीं। करीब 30 मिनट बाद मैंने अपना पहला लंड का पानी अपनी माँ और अपनी पत्नी की चूत में छोड़ दिया। इतने समय में माँ तीन बार झड़ चुकी थीं। कुछ देर हम एक-दूसरे की बाँहों में लेटे रहे। थोड़ी देर बाद मैं फिर तैयार हो गया और माँ को किस कर रहा था। वो बोलीं, “आप फिरसे मुझे चोदो।”
मैंने कहा, “इस बार तुम्हारी गांड में डालूँगा।” वो बोलीं, “आज नहीं, उस दिन गांड मरवाऊँगी जिस दिन तुम मुझे प्रेग्नेंट कर दोगे।” मैं भी राज़ी हो गया और उनका मुँह में लौड़ा दे दिया। बोला, “इस बार मैं तुम्हें पिलाऊँगा।” वो बड़े प्यार से लौड़ा चूस रही थीं। मेरी साँसें तेज़ हो रही थीं। थोड़ी देर बाद मेरे लंड से अमृत-धारा निकली जिसे माँ ने पूरा पी लिया। उस रात मैंने माँ को 4 बार चोदा। दोस्तों, आगे की बात बाद में बताऊँगा। अभी मुझे अपनी बीवी विमला के साथ बाजार जाना है।