माँ ने चूत दिखा बेटे से चुदवाया धान के खेत में

आपके लिए एक और नई कहानी लेकर आया हु ये कहानी मुझे मेरी एक रीडर ने भेजी है आगे के कहानी उसकी मुंह जुबानी. मैं एक मुस्लिम औरत हु मेरा नाम सारा है मेरी उम्र 46 साल है हमारे हम में हम तीन लोग है मै मेरा बेटा और मेरे हसबैंड मेरे हसबैंड चल फिर नहीं सकते इसलिए घर पे ही रहते है. Khet Me Incest Chudai

मेरा बेटा साहिल उसकी उम्र 25 साल है उसने पढ़ाई छोड़ दी और अपने अब्बू की जगह खुद खेती बाड़ी करने लगा. आपको बता दूं मै एक गांव से हु एक बड़ा घर है हमारे पास बहुत सारी जमीन है मेरे शौहर अब खेती बाड़ी नहीं कर पाते इसलिए साहिल सब कुछ संभालता है.

मेरे बारे ने बता दूं मै एक दम बड़े फिगर की मालकिन हु मेरा साइज 36 40 48 है बहुत से लोग मुझे चोदने की फिराक में रहते है पर आज तक किसी का सपना पूरा नहीं हुआ एक दम चालू मुल्ली हु. मुझे मेरे शौहर ने कई सालों से नहीं चोदा बुड्ढे हो गया है. चलिए कहानी पे आती हु.

बात आज से 1 साल पुरानी है बरसात का मौसम था तो रात में हम सब सो रहे थे बेटे का रूम अलग है. मेरी नींद खुली घड़ी में 2 बज रहे थे बाहर जोरो से बिजली कड़क रही थी और बहुत तेज बारिश हो रही थी. मैं रूम से बाहर आई, मै मैक्सी में थी तभी लाइट चली गई मैं बाहर थी तो सोचा अभी आ जाएगी थोड़ा रुक जाती हु.

मैं बाहर ही खड़ी रही थोड़ी देर बाद बेटे ने अपने रूम का दरवाजा खोला. मैं कुछ बोली नहीं मुझे कुछ दिख नहीं रहा था अंधेरे में वो बाथरूम चला गया. 10 मिनिट बाद बाहर आया मुझे लगा फ्रेश होने गया होगा इसलिए इतनी देर से बाहर आया. उसने बाहर आके अपना फोन निकला और मोबाइल की टॉर्च चालू की.

टॉर्च चालू करते ही मैं क्या देखती हु साहिल पूरा नंगा था और और उसका लन्ड सिकुड़ गया था फिर भी बड़ा दिख रहा था मै जल्द छुप गई. और मन में सोचा अच्छा तो बेटा ब्लू फिल्म देख कर लन्ड हिला रहा था. फिर मै अपने रूम में आके अपना फोन उठाया और बाथरूम में चली गई.

बेटा जा चुका था बहुत स्मेल आ रही थी बाथरूम में. मैने अपने फोन की टॉर्च चालू तो देखा बेटे ने पूरे दीवार पे अपने वीर्य की पिचकारियां मारी थी. बहुत गाढ़ा वीर्य था बेटे का वीर्य देख कर मेरी चूत में बरसों के बाद पानी आया और मैं वहीँ बैठ कर अपनी चूचियां और चूत सहलाने लगी और दीवार से बेटे का वीर्य निकाल कर चाटने लगी बहुत मजा आया.

फिर मै बाहर आकर अपने कमरे में जा कर सो गई. अगले दिन मेरी नींद खुली तो मुझे मुझे कल रात वाली बात याद आई और अपने बेटे के लन्ड के बारे में सोचने लगी मेरी चूत फिर से गीली हो गई. फिर मै उठी घर का काम किया और साहिल उठ कर खेत जा चुका था 8 बजे वो आया बोला = अम्मी चाय बना दो.

मैं मुस्कुराते हुए बोली = हा बेटा रुक बनाती हु मेरी नजर उसके लौड़े पे थी.

साहिल बोला = क्या हुआ अम्मी आज बहुत खुश है.

मैं बोली बेटा = कुछ नहीं बेटा जो चीज 5 सालो से गीली नहीं हुई आज वो गीली होने लगी.

साहिल बोला क्या गीली हो गई अम्मी.

मैने वहाँना बनाया और बोला बेटा मेरी दिल तेरे अब्बू के प्यार में गिला हो गया.

वो बोला ठीक है. अब उसको क्या पता मेरा दिल नहीं मेरी चूत गीली हो जाती है उसको देख कर. फिर मैने बेटे को चाय दी मैने डीप नेक वाली मैक्सी पहनी थी खड़े खड़े भी मेरी क्लीवेज दिख रही थी. मैं जानबुझ कर साहिल के सामने झुक झुक के अपनी चूचियां दिखा रही थी वो भी मेरी चूचियां ही देख रहा था. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

थोड़ी देर बाद वो बोला, अम्मी रात में बहुत बारिश हुईं है तो खेतों में पानी जमा हो गया है तो चावल के पौधे लगाना है कोई मिल नहीं रहा तो आप चलेगी मेरे साथ खेत में. मैने सोचा हा बोल देती हु हो सकता है इसलिए वहाँने हम दोनों की चूदाई हो जाए और खेत में कोई रहेगा भी नहीं.

मैने साहिल से बोला ठीक है बेटा चल चलते है.

साहिल बोला = अभी नहीं अम्मी रात का काम है खेतों में अभी बहुत पानी भरा है.

फिर शाम को हम दोनों खेत के लिए निकल पड़े खाना साथ में ले लिया था. खेत पहुंच कर हम खेत वाली झोपड़ी में गए और साहिल ने अपने कपड़े बदल लिए ताकि गंदे न हो में भी साड़ी पहन कर आई थी और एक टाइट मैक्सी भी लेके आई थी.

मैं साहिल से बोली बेटा थोड़ा बाहर जा मै कपड़े बदल लू.

वो बाहर गया. मैने अपनी मैक्सी पहिन ली और ब्रा पैंटी वहीँ खाट के नीचे फेक दिया और अब मैं अंदर से पूरी नंगी थी.

साहिल बोला = अम्मी जल्दी आओ 7 बज रहे है.

मैं बोली रुक आती हु.

फिर हम लोग खेत की तरफ गए पूरे में अंधेरा थे हम दोनों के पास एक एक टॉर्च थी. थोड़ी देर बाद हम दोनों चावल के पौधे लगाने लगे खेत में बहुत पानी थी तो मेरे आधे पैर पानी में थे. तो मैने मैक्सी को कमर के ऊपर बंध लिया मेरी चूत साफ साफ दिख रही थी. लेकिन साहिल मेरे से दूर था और खेत के दूर दूर तक कोई नहीं था तो मुझे किसी के देखने का डर नहीं था.

मैं झुक झुक के पौधे लगा रही थी तो मेरी चूत खुली थी. तो मैं जब जब झुक रही थी तो मेरी चूत में एक न एक पौधा घुस जाता था. मै भी क्या करती काम भी जरूरी था. थोड़ी देर बाद मेरी चूत बहुत गरम हो गई सोचा थोड़ी देर बाद लगा लूंगी पौधे. मैने साहिल को आवाज दी.

साहिल ओह बेटा यहां आओ चल खाना खा ले फिर करेंगे आगे का काम.

साहिल बोला = ठीक है अम्मी आता हु आप चलो.

मैं झोपड़ी में चली गई वहाँ एक छोटा सा बल्ब लगा है मै खाना परोसने लगी. फिर थोड़ी देर बाद साहिल आया मैं उसको खाने की थाली देने के लिए झुकी तो मेरे पूरे बूब्स दिखने लगे और निप्पल उसकी नजर मेरी चूचियों पे ही थी. मैने थाली नीचे रखी और अपनी अपनी मैक्सी घुटनों तक की और नीचे बैठ गई. “Khet Me Incest Chudai”

अब मेरी चूत बिल्कुल मेरे बेटे के सामने थी वो साफ दिख रही होगी उसको मुझे पता था लेकिन मैं अनजान बन रही थी. फिर हमने खाना शुरू किया वो बार बार मेरी चूत को देख रहा था और मेरे चेहरे पे मुस्कान थी. फिर साहिल बोला = अम्मी आज यही सो जाएंगे रात भी बहुत हो चुकी है बाकी का काम कल सुबह कर लेंगे.

मैं बोली ठीक है बेटा.

मैं यही चाहती थी. फिर मैने कमर दर्द का बहाना किया.

मैं बोली बेटा मेरी कमर बहुत दर्द कर रही है तू थोड़ी मेरी कमर दबा दे.

और वो मेरी कमर दबाने लगा. थोड़ी देर बाद मैं सोने का नाटक करने लगी.

साहिल बोला अम्मी अब ठीक है आपकी कमर?

मैं कुछ नहीं बोली और लेटी रही. फिर साहिल ने मुझे अपनी गोद में उठाया और खाट पे लिटा दिया. मैने अपनी मैक्सी को अपनी कमर तक उठा लिया था जब वो मुझे उठा रहा था. अब मेरी चूत बेटे के सामने पूरी नंगी थी बेटे से रहा नहीं गया उसने अपनी पैंट उतारी और चड्डी उतार के मेरे सामने अपना पहाड़ जैसा लन्ड हिलाने लगा.

और बोला = क्या चूत है अम्मी की अगर मेरा लन्ड इसमें गया तो चीखे निकल दूंगा अम्मी की.

फिर मैने अपनी आंखे खोली और बोली बेटा मै यही तो चाहती हु कि तू मुझे चोदे और मेरी चीखे निकाले.

फिर मैं खड़ी हुईं और अपनी मैक्सी उतारी अब मैं अपने बेटे से सामने पूरी नंगी खड़ी थी. उसने अपना लन्ड छोड़ा और मेरे बूब्स मसल मसल के चूसने लगा. मेरे मुंह से आह आह बेटा ऐसे ही चूसो अपनी अम्मी के दूध. फिर साहिल ने मेरे होठों चूमना शुरू किया और हम दिनों लिप किश.

फिर मै अपने घुटनों के बल बैठी और अपने बाल बंधे और साहिल खड़ा था वो अपना लन्ड मेरे मुंह के पास लाया और मैने लन्ड चुसाई चली कि मैं उसके लन्ड के सुपाड़े को चूसते चूसते काट देती थी और आह अम्मी आहा ऊंई कर रहा था. उसका लन्ड गीला होने के बाद में अपने गालों पे मारने लगी. “Khet Me Incest Chudai”

साहिल बोला = अम्मी क्या आप अपने बेटे को अपनी चूत का रस नहीं चखाओगी.

मैं बोली = आह बेटा ये भी कोई कहने की बात है तू जब चाहे जहां चाहे मेरी टांगे तेरे लिए हमेशा के खुली है.

साहिल बोला = क्या अब्बू के सामने भी मेरे से चूत चटवा सकती हो और मेरा लन्ड चूस सकती हो.

मैं बोली = हा बेटा कल से तू मुझे अब्बू के सोने के बाद मुझे उसके सामने ही चोदना. अब बाते बंद कर और मेरा भोसड़ा चाट.

फिर वो मेरी चूत में अपनी जीभ डालके अंदर बाहर करने लगा मुझे बहुत मजा आ रहा था. फिर मैं उसका सर पकड़ के अपनी चूत ने दबाने लगी उसने अपनी जीभ जोर जोर से चलना चालू कर दिया और मेरी चूत ने अपना पूरा पानी उसके मुंह चला गया और उसने पी लिया.

फिर वो मेरे ऊपर आया और अपना लन्ड पे सेट किया एक एक जोरदार झटका मारा मेरे मुंह से आअआआअआअअ की आवाज निकली और फिर वो अपना लन्ड धीर धीरे आके पीछे करने लगा मेरी चूत में जलन हो रही थी साहिल के लन्ड से फिर भी सहती रही. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

10 मिनिट बाद उसने अपनी स्पीड बढ़ा था और ताबड़तोड़ मुझे चोदने लगा और मेरे बूब्स को तो मसल मसल के निचोड़ दिया था मैं में अअअअ.. आआआअ.. ह्ह्ह्ह्ह्.. ऊऊ..ओह्ह्ह्ह.. यश बेबी.. और जोर-जोर से ऊओ..ह.. बहुत अच्छा लग रहा है करे जा रही थी. फिर साहिल बेटे ने अपना लन्ड बाहर निकाला और बोला = अम्मी कुत्तियां बन जाओ मेरा लन्ड और अंदर तक जाएगा. “Khet Me Incest Chudai”

मैं बोली बेटा इतने में ही मेरी गांड़ फट गई तू और चोदेगा.

साहिल बोला हा अम्मी.

फिर मै घोड़ी बनी उसने अपना लन्ड मेरी चूत में डाला और चूदाई करता रहा. मैं भी मजे से गांड़ उठा उठा से उसका लन्ड ले रही थी. साहिल भी मेरी चूत के हर शॉट पे मेरी गांड़ पे थप्पड़ मारे जा रहा था मेरी गांड़ लाल हो चुकी थी. फिर अब उसका वीर्य निकलने वाला था.

साहिल बोला अम्मी कहा लोगी अपने बेटे का वीर्य.

मैं बोली बेटा चूत में ही डाल बेटे का गरमा गर्म वीर्य अपने भोसड़े में महसूस करना है.

फिर उसने अपना पूरा वीर्य मेरी चूत में उड़ेल दिया 2 घंटे से मेरी चूदाई हो रही थी पूरी पसीने में भीग चुकी तो 2 बजे रात में हमने वहीँ खेतों में नंगा नहाया, फिर आके नंगे ही सो गए. अब तो साहिल मुझे रोज 10 बार न चोद ले उसको नींद नहीं आती दिन रात चुदवाती हु कई बार तो उसके अब्बू जागते रहते थे तो मुझे गेट की पीछे चोद देता था. तो दोस्तो कैसी लगी मेरी चूदाई की कहानी आशा करती हु पसंद आई होगी. आप अपना रिव्यू इस ईमेल पे दे [email protected] Or kisi aurat ko kuch puchna hai to msg kre.

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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