प्रेषिका : नीना मैं फिसलने वाले रास्ते पर चलने को चल निकली, उसके घर पहुंच गई। क्या बड़ा सा मस्त घर था ! वो मुझे अपने कमरे में ले गया, मेरा हाथ पकड़ा अपने दिल पर रख कर बोला- देख रानी, कैसे तेरे लिए धड़क रहा है। उसने पीछे से कमर में हाथ डाल एक […]
मेरा नाम नीना है, मैं बी.सी.ए की छात्रा हूँ, मेरा काम कंप्यूटर से जुड़ा है, मैं पाँच फुट पाँच इंच लंबी हूँ, सेक्सी हूँ जवान हूँ, जवानी मुझ पर जल्दी आ गई, रहती कसर मेरे सगे जीजू ने पूरी कर दी। हम तीन बहने हैं, मैं नंबर तीन की हूँ, कोई भाई नहीं है, दोनों […]
नीचे मधु मेरा इंतजार ही कर रही थी। सुधा रसोई में खाना लेने चली गई थी। जानबूझ कर हमें अकेला छोड़ कर। मैं किसी प्यासे भंवरे की तरह मधु से लिपट गया। मुझे पता था वो मुझे चूत तो हरगिज नहीं चूसने देगी। और इस हालत में मेरा लंड वो कैसे चूसती। उसने एक चुम्बन […]
लेखक : प्रेम गुरु “आपकी चूत पर उगी काली लम्बी घनी रेशमी झांटें देखी इन्हें काटियेगा नहीं चूत बे-परदा हो जायेगी !” … प्रेम गुरु की कलम से मैंने लोगों से सुना था कि किसी लड़की या औरत की खूबसूरती उसके उरोजों और नितम्बों से जानी जा सकती है। पर गुरूजी तो कुछ और ही […]
दोस्तों अब दिल्ली लुटने को तैयार थी… मैंने उसका टॉप उतार दिया। दोनों क़बूतर आज़ाद हो गए। वो आँखें बन्द करके लेटी थी। होंठ काँप रहे थे। मैंने अभी तक उसकी चूत को हाथ भी नहीं लगाया था। आप तो जानते हैं मैं प्रेम गुरु हूँ और जल्दीबाज़ी में विश्वास नहीं रखता हूँ। मैं तो […]
मैं सोफ़े पर बैठ गया। जैसी ही बाथरूम का दरवाज़ा खुला गीले बालों से टपकती शबनम जैसी बूँदे, काँपते होंठ, क़मसिन बदन, बेल-बॉटम में कसी पतली-पतली जाँघों के बीच फँसी बुर का इतिहास और भूगोल यानी चीरा और फाँकें साफ़ महसूस हो रही थी। हे भगवान क्या फुलझड़ी है, पटाखा है, या कोई बम है। […]
‘ये चूतें, गाँड, और लंड सब कामदेव के हाथों की कठपुतलियाँ हैं। कौन सी चूत और गाँड किस लंड से, कब, कहाँ, कैसे, और कितनी देर चुदेगी कोई नहीं जानता।’- इसी कहानी से। बचपने से जब भी ज़ोरों की बारिश होती या ज़ोर की बिजली कड़कती थी तो मैं डर के मारे घर में दुबक […]
प्रेषिका : मेघना सिंह मुझे उत्तेजना की वजह से पेशाब जाने की इच्छा होने लगी, मैं बोली- जीजू, पेशाब लगा है। जीजू बोले- अब तुम्हारी चूत पूरी तरह गीली हो चुकी है। तुम चाहे न मानो, लेकिन तुम्हारी चूत चुदने को तैयार है। मैं गिड़गिड़ाई- नहीं जीजू ! तकलीफ़ हो जायेगी मुझे ! मैं उनसे […]
दिनभर मैं घर पर अकेली रहती थी। मैं स्कर्ट पहनती थी। जब अकेली हो जाती थी तो चड्डी उतार देती थी। अपनी चूत को उँगली से छेड़ती रहती थी। एक दिन मैं पता नहीं कैसे दरवाजा बंद करना भूल गई। मेरी आँख लग गई। शायद जीजू अन्दर आये होंगे। पता नहीं मेरी स्कर्ट अपने आप […]
जीजू और देवर संग होली मैं अपने मम्मी-पापा के साथ सोनीपत में रहती हूँ। मेरी एक बड़ी बहन माला जिसकी शादी को अभी आठ महीने ही हुए हैं दिल्ली में है। जीजू रोहित का कपड़े का एक्सपोर्ट बिजनेस है। मेरा रिश्ता भी दिल्ली में तय हो चुका है और मेरे होने वाले पति सुमित बंगलौर […]
प्रेषक : वरिंदर “हाय जीजू ! आपका बहुत बड़ा है ! क्या लौड़ा पाया है आपने ! मोना की तो चांदी है !” मेरा पूरा लौड़ा जब घुस गया तो वो उठकर उठ उठ कर चूत मरवाने लगी- हाय जीजू ! और तेज़ मारो मेरी ! आज मुझे दिल खोल कर फक करो ! “साली, […]
प्रेषक : वरिंदर वो जाकर बिस्तर पर गिर गई, मैंने भी वक़्त गंवाए बिना उसको दबोच लिया वहीं बिस्तर पर ! मैंने उसकी ब्रा भी उतारी, उसके मम्मे अकड़े पड़े थे। जैसे-जैसे मैंने दबाये, वैसे-वैसे वो कोमल होने लगे, मतलब एक मर्द का हाथ ही उन्हें नर्म कर रहा था। मैंने उसके चुचूक दिल भर […]
प्रेषक : वरिंदर बेहद छोटा सा हल्का गुलाबी टॉप, केप्री टाइप छोटा सा लोअर वो भी बारीक सा। उसकी काली पैंटी साफ़ साफ़ दिख रही थी और ब्रा भी। उसकी चूचियाँ किसी भी मर्द को दीवाना कर देती। क्या हुआ जीजू? मुझमें खो गए क्या? पकड़ो, पैग पियो ! थोड़ी देर में बात करेंगे ! […]
गुरुजी, आपका बहुत बहुत धन्यवाद कि आपने पहले पिंकी को चोदने की, मेरी साली पिंकी फिर उसकी बेटी सोनिया को चोदने की पिंकी की बेटी सोनिया मेरी सच्ची कहानी सब के सामने रखी। मेरा साली-प्रेम कुछ ज्यादा है, तो मैं हाज़िर हूँ लगे हाथ छोटी साली की चुदाई की खानी लेकर ! जब वो भारत […]
मेरा नाम है वरिंदर, मैं गाज़ियाबाद का रहने वाला हूँ, मैं अन्तर्वासना का बेहद शौक़ीन आदमी हूँ। इसकी हर चुदाई को पढ़-पढ़ कर मुझे बहुत आनंद आता है। आपने मेरी कहानी के दो भाग पढ़े, अब आगे: कुछ ही देर में वो सिर्फ ब्रा-पैंटी में थी। उसने भी मेरे लोअर को खोल दिया, बाकी का […]
दोस्तो, मेरा नाम है वरिंदर, अन्तर्वासना की हर चुदाई को पढ़-पढ़ कर मुझे बहुत आनंद आता है और रात को मैं लैपटॉप पर कहानी अपनी बीवी को पढ़वा कर फिर उसको चोदता हूँ। आपने मेरी कहानी का पहला भाग पढ़ा, अब आगे: वो खड़ी हुई और मुझसे लिपट गई, उसकी छाती का दबाव जब मेरी […]
दोस्तो, मेरा नाम है वरिंदर, मैं गाज़ियाबाद का रहने वाला हूँ, मैं अन्तर्वासना का बेहद शौक़ीन आदमी हूँ। इसकी हर चुदाई को पढ़-पढ़ कर मुझे बहुत आनंद आता है और रात को मैं लैपटॉप पर हिंदी सेक्स स्टोरी अपनी बीवी को पढ़वा कर फिर उसको चोदता हूँ। वैसे मेरी बीवी भी बहुत चुदक्कड़ है, रात […]
पिछला भाग: जीजू के साथ मस्त साली-1 जीजू मेरी गांड मारने लगे, मैं बोली- जीजू, रहम करो! आप मेरी गांड को बख्श दो, मेरी फ़ुद्दी चोद लो! मुझ बावली को क्या पता कि मेरा जीजा तो चाहता ही यह था. अब विपुल ने मुझे चूतड़ों के बल लेटा दिया और अपना फनफनाता लौड़ा लेकर मेरे […]
मेरा नाम मुक्ता है, आज मैं आपको अपने जीजू के साथ की पहली चुदाई की बात बता रही हूँ. मेरी दीदी की जब शादी हुई तब मैं 18 साल की थी पर 18 साल की उम्र में मेरे वक्ष पके आम की तरह हो गए थे, चूतड़ उभर गए थे और उनकी दरार क़यामत ढाने […]
जीजा साली चुत चुदाई कहानी का पिछला भाग : जीजू संग खेली होली-1 सवेरे से ही मेरा मन बहुत खुश था। आज चुदना जो था। मैं किसी ना किसी बहाने जीजू के कमरे में आती जाती रही। मैंने आज बहुत ही तीखा मेकअप किया था। आंखो के किनारों को काजल से और सुन्दरता दे दी […]
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