पिंकी और सोनिया के बाद-4

प्रेषक : वरिंदर

“हाय जीजू ! आपका बहुत बड़ा है ! क्या लौड़ा पाया है आपने ! मोना की तो चांदी है !”

मेरा पूरा लौड़ा जब घुस गया तो वो उठकर उठ उठ कर चूत मरवाने लगी- हाय जीजू ! और तेज़ मारो मेरी ! आज मुझे दिल खोल कर फक करो !

“साली, तेरा खसम कितने दिन बाद तुझे चोदता है?”

“उसकी छोड़ो जीजू ! वो तो गाण्डू है ! कई कई दिन पास नहीं आता ! उसका लड़कों के साथ ज्यादा लगाव है, वो एक गे-क्लब का मेंबर है ! जीजू, मुझे बच्चा चाहिए !

“यह तो मैं नहीं मानता कि तू उसके अलावा और किसी मर्द से वहाँ नहीं चुदती होगी? जैसी तुझमें भूख है !

लेकिन जीजू उससे मैं बच्चा नहीं लेना चाहती, वो नीग्रो है, उसका बच्चा भी वैसा हो गया तो फिर?

“यह ले सह चोट जीजे की ! मैं जोर जोर से उसको पेलने लगा। वो नशे में थी, ऊपर से गोली का असर था, गंदी-गंदी गालियाँ दे रही थी अपने खसम को ! नीग्रो का कितना बड़ा है ! आप जितना ही है ! लेकिन पिछले पांच महीनों से वो भी मेरी लाइफ में नहीं है !

तेरी गाण्ड मारूँ क्या?

“आज नहीं जीजू ! आज मेरी फुद्दी को अपना पानी पिलाओ ! रोम रोम खिल जाएगा इसका !

बोली- एक बार निकालो, मुझे रस से भीगा हुआ लौड़ा चाटना है !

उसने मेरा गीला लौड़ा साफ़ किया और बोली- एंगल चेंज करो जीजू !

कौन सा पसंद है साली रंडी तुझे?

हम्म ! मैं रंडी? आपके लिए रंडी भी बन जाऊंगी ! मुझे बहुत मजा आता है घोड़ी बन कर !

तो बन जा घोड़ी !

वो घोड़ी बन गई, बोली- जीजू पहले फुद्दी को चाटो !

मुझे उसकी फुदी पहले ही बहुत स्वाद लगी थी इसलिए चपड़-चपड़ मैं उसकी फुद्दी चाटने लगा। वो आहें भरने लगी।

तुम तीनों बहनें बहुत आग हो बिस्तर पर !

क्या मतलब है आपका? तीसरी कौन?

तेरी बड़ी बहन पिंकी और कौन?

वो भी आपसे चुद गई जीजू?

क्या करूँ रानी ! उसके घरवाले ने आधी रात को घर से निकाल दिया था, उस दिन मोना घर नहीं थी। वो आई, उसने खुद दारु पीकर मुझे मजबूर कर डाला कि मैं उसकी फुद्दी मारूँ !

जीजू, एक बात कहूँ, आप सोनिया को वापस भेज दो ! मैंने उसको फेसबुक पर देखा, उसके छोटे छोटे कपड़े ! उसकी बातों से बहुत चालू लगती है, कहीं बिगाड़ने में आप लोगों का मुफ्त में नाम ना आ जाए?

वो साली है ही रंडी ! उसने मुझे पागल कर दिया है, एक रात हम दोनों ही घर थे, पहले बोली- मुझे अकेली डर लगता है, मेरे साथ सोई। आधी रात को मेरी जाग खुली तो देखा कि वो मेरे लौड़े से खेल रही थी। मैंने थप्पड़ मारा, रोने लगी। फिर से मेरा लौड़ा पकड़ने लगी। मैंने एक थप्पड़ जड़ा, उसने मेरे सामने अपने सार कपड़े उतार दिए, मेरा लौड़ा चूसने लगी।

हाय जीजू, आपने किसी को छोड़ा भी है क्या?

मैंने उसकी फुद्दी में लौड़ा डालते हुए कहा- क्या करूँ? टच वुड ! मर्दानगी भगवान् ने बहुत दी है ! ऊपर से मेरा लौड़ा जो औरत लड़की देख लेती है, फिर इसके सपने लेती रहती है !

जोर जोर से उसकी फुद्दी मारने लगा, नीचे लटक रहे उसके दोनों मम्मे मैं मसलने लगा, सहलाने लगा।

वो भी गांड को धकेल-धकेल अपना फूद्दा मरवा रही थी- अह जीजू ! वाह ! सच में आपकी मर्दानगी गज़ब की है ! अह ! और करो जीजू !

मैंने उससे सोनिया और पिंकी के बारे कोरा झूठ बोला, दोनों को मैंने तरीके से बिस्तर में लिटाया था, नाम उनका लगा दिया मैंने।

अह अह ! एकदम से पलटी, मुझे सीधा लिटाया और मेरे लौड़े पर बैठ कर कूदने लगी।

साली, यह सब कहाँ से सीखा तुमने?

उसके मम्मे उछलते थे जब वो हिलती थी, बोली- उस नीग्रो ने मुझे यह सब चीज़ें करवा करवा के सिखा दी हैं, जीजू अब फिर से नीचे लिटा कर टांगें उठवा लो मेरी और जोर जोर से पेलो मुझे ! आज की रात जीजू आपके नाम ! अब तो मौका निकालना पड़ा करेगा !

मैंने जोर जोर से उसकी फुद्दी को झटके देने शुरु कर दिए, उसके अंग-अंग को मैंने मसला।

जब तू एअरपोर्ट में मिली, गले लगी थी न जान, मेरा गोपाल तब से व्याकुल था !

फाड़ डालो मेरी जीजा जी !

मैंने भी स्पीड बढ़ा दी और हम एक साथ झड़ने लगे। मेरे माल ने उसकी फुद्दी को अपने अमृत से भर दिया था।

इतना मजा आया कि क्या बताऊँ जीजू !

बताना क्या है रानी ! अब तो तेरी फुद्दी का भोसड़ा बना दूंगा।

सुबह जब उसकी नींद खुली, वो एकदम नंगी थी, मैंने सिर्फ अंडरवीयर पहना हुआ था, मुझे काफी नींद आई थी। उसने पिंकी की तरह रात को लेकर पछतावा नहीं दिखाया। इसने तो मेरे लौड़े को मसलते हुए अपने होंठों को छाती पर रगड़ते हुए उठाया, मेरा सोया लौड़ा भी खड़ा कर दिया।

मैंने कहा- जान, अब नहीं !

घर चलें?

घर आ गए, दो दिन सभी उससे मिलने आते रहे, हमें मौका नहीं मिल पाता था, वो मेरा लौड़ा लेने को पागल हुई पड़ी थी, उसने मोना को रात को खाने में नींद की ऐसी दवाई खिलाई कि मोना खाना खाते बिस्तर पर लेटी, उसको ऐसी नींद आई मानो वो जिंदा ही न हो।

छोटी साली ने कमरा बंद करके मेरा लौड़ा चूसा, बोली- गांड मरवाने को तयार हूँ जीजू !

स्लो म्यूजिक लगा वो मुझे नाच कर दिखाने लगी, एक एक कर उसने कपड़े उतारे और ज़मीन पर फेंके। दारु के पैग बना कर पिए और पिलाए।

हमने सोचा ही नहीं था कि कामवाली की बेटी को मोना ने दिन रात के लिए रख लिया था जब तक छोटी इंडिया में थी, वो साली को दूध देने आ गई, उस वक़्त मेरा लौड़ा उसकी गांड फाड़ रहा था, वो घबरा कर भाग गई।

हम भी पहले डर गए, मैंने साली को कहा- समझा लूँगा, तुम बस प्यार करती जाओ ! इसकी माँ ने मुझसे खूब फुद्दी मरवाई है, तब मेरी शादी भी नहीं हुई थी और अब लगता है इसका मुंह भी बंद करना होगा !

बाकी अगले भाग में ! बहुत कुछ बाकी है अभी यारो !

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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