जीजू ने मेरी काली चूत की चुदाई की-1

मेरा नाम दीपिका है, और मेरी हिंदी सेक्स कहानी में आपका स्वागत है। मेरी उमर 20 साल है, और मैं कॉलेज में पढ़ती हूं। मेरा फिगर 34-30-34 है, और रंग सावला है। ऊंचाई मेरी 5 फुट 4 इंच है। मेरे परिवार में मेरे अलावा मेरे माता-पिता और मेरी एक बड़ी दीदी है। मेरी बड़ी दीदी की शादी 6 महीने पहले ही हुई है। और इन 6 महीनों में मेरे जीजू ने मेरी चुदाई कर डाली। चलिए बताती हूं सब कैसे हुआ।

स्कूल में पढ़ने तक मैं ये नहीं जानती थी कि रंग सावला होना एक अभिशाप है। ऐसा इसलिए था कि स्कूल में पढ़ते हुए मेरा ध्यान सिर्फ पढ़ाई पर था, और लड़कों पर जाना शुरू नहीं हुआ था। लेकिन जब मैं कॉलेज आई, तो मुझे एक लड़का अच्छा लगने लगा। उससे बातें शुरू हुई, और हमारी दोस्ती भी हो गई। लेकिन जब एक दिन मैंने उसको अपने दिल की बात बताई, तो उसने मना कर दिया। वजह उसने मेरे काले रंग को बताई जिसकी वजह से मैं उसके साथ बराबरी नहीं कर सकती थी, क्योंकि वो रंग का गोरा था।

उसके मना करने पर मुझे बहुत दुख हुआ। मेरा आत्मविश्वास डगमगा गया। अब मुझे ये लगने लगा था कि मैं बदसूरत हूं। वक्त ऐसे ही बीत गया, और मैं कॉलेज के प्रथम वर्ष में पास होके द्वितीय वर्ष में हो गई। इसी साल में मेरी दीदी का रिश्ता पक्का हो गया, और उसकी शादी हो गई।

मेरे जीजू का नाम कुणाल है। वो दिखने में हैंडसम है, और उनकी हाइट और बॉडी भी अच्छी है। जीजू शुरू से ही मेरे साथ काफी मजाक करते थे। मुझे ये अच्छा लगता था, लेकिन मैंने कभी उनको गलत नज़र से नहीं देखा था। मैं तो हमेशा एक भाई की नज़र से उनको देखती थी। लेकिन मैं ये नहीं जानती थी कि उनकी नज़र मेरे लिए गंदी थी। ये मुझे तब पता चला जब उन्होंने मुझे यहां-वहां छूना शुरू किया।

हमारी फैमिली को एक करीब के रिश्तेदार की बेटी की शादी का न्योता आया था। उन्होंने दीदी और जीजू को भी बुलाया था। हमने साथ ही जाने का प्लान बनाया, तो जीजू और दीदी पहले हमारे घर आ गए। उस दिन मैंने हरे रंग का लहंगा पहना था, जिसमें मैं काफी हॉट लग रही थी। मैं अपने कमरे से बाहर निकल रही थी, तो जीजू लॉबी में खड़े थे। वो मुझे देखते ही रह गए और बोले-

जीजू: क्या बात है दीपिका, आज तो बहुत खूबसूरत लग रही हो।

मैं: थैंक यू जीजू।

तभी जीजू ने मेरे कान की तरफ इशारा करते हुए कहा: यहां कुछ लगा हुआ है।

ये कहते हुए वो मेरे बिल्कुल करीब आ गए, और कान को हाथ में लेके मसलने लगे। उनकी सांसे मुझे मेरी गर्दन पर महसूस हो रही थी, और एक अजीब सा एहसास होने लगा। मेरे बदन में कंपकपी सी होने लगी। फिर कान से जब हाथ हटाया, तो मेरे गले पर हाथ फेरते हुए हाथ हटा लिया। फिर वो बोले-

जीजू: निकल गया।

इसके बाद जीजू ने मुझे अजीब सी नज़र से देखा। आज से पहले मुझे ऐसा कुछ महसूस नहीं हुआ था, जो आज उनकी नज़र में मेरे लिए महसूस हो रहा था। उसके बाद हम शादी अटेंड करने के लिए निकल गए। गाड़ी जीजू चला रहे थे। उनके साथ पापा बैठे थे, और पीछे मैं, दीदी, और मम्मी बैठे थे। मैं बीच में बैठी थी, तो जीजू बार-बार रियर व्यू मिरर से मेरी तरफ देख रहे थे। मेरी नज़र बार-बार उनसे मिल रही थी।

हर लड़की में एक सेंसर लगा होता है, जो किसी भी लड़के की नज़र को झट से पहचान लेता है। हो सकता है मैं जीजू की नज़र को लेके गलत थी, लेकिन मेरा सेंसर मुझे ये मानने नहीं दे रहा था।

फिर हम शादी वाली जगह पर पहुंच गए। हम सब एक ही टेबल पर बैठे थे। जीजू मेरे साथ वाली कुर्सी पर बैठे थे। तभी जीजू ने मेरी जांघ पर हाथ रख दिया। इससे मैं हैरान हो गई, और जीजू की तरफ देखने लगी। उन्होंने मुझे एक नज़र देखा, और फिर सामने देखने लगे। मुझे लगा कहीं कोई देख ना ले, तो मैंने टेबल पर बैठे सब परिवार वालों को देखा। लेकिन सब लोगों का ध्यान दूसरी तरफ था।

फिर जीजू जांघ पर हाथ फेरने लगे। मुझे डर लग रहा था कि कहीं कोई देख ना ले। जीजू हाथ फेरते हुए मेरी चूत पर आ गए, और मैंने उनके हाथ को रोक दिया। फिर मैंने उनके हाथ को अपनी जांघ से हटाया, और उनकी तरफ गुस्से से देखने लगी। लेकिन जीजू ने मुझे देख कर एक स्माइल पास की।

ऐसे ही शादी में बार-बार वो कहीं ना कहीं हाथ लगाते रहे, कभी मेरी गांड पर, कभी कमर पर, तो कभी बूब्स पर। सारी शादी के दौरान मुझे यहीं डर लगा रहा की कहीं कोई घर वाला देख ना ले। और अगर देख लिया, तो वो क्या सोचेगा?

फिर जैसे-तैसे फंक्शन खत्म हुआ, और हम घर आ गए। मैं बहुत गुस्से में थी। आज रात दीदी और जीजू हमारे घर ही रुकने वाले थे। फिर रात को मैंने जीजू को मैसेज किया-

मैं: जीजू आज आप क्या कर रहे थे?

मैसेज तो मैंने कर दिया, लेकिन फिर सोचा इतनी रात गए मैसेज करना ठीक नहीं था, इसलिए मैंने मैसेज डिलीट कर दिया। लेकिन अगले 5 मिनट में मुझे जीजू का मैसेज आया-

जीजू: दीपिका तुमने कोई मैसेज किया था?

मैं: हां, किया था।

जीजू: क्या?

मैं: आज आप शादी में क्या कर रहे थे?

जीजू: क्या कर रहा था?

ये सुन कर मुझे और गुस्सा आ गया।

मैं: आप मुझे बार-बार छू रहे थे।

जीजू: हां तो?

मैं: जीजू आप ऐसा नहीं कर सकते।

जीजू: क्यों?

मैं: मैं आपकी साली हूं जीजू, आपकी पत्नी की बहन।

जीजू: तो क्या हुआ?

मैं: ये गलत है।

जीजू: क्यों गलत है?

मैं: अगर आप मुझे छूते हो, तो ये दीदी के साथ एक तरह का धोखा है। इसलिए ये गलत है।

जीजू: अच्छा अगर मैं ताज महल जा कर वहां की दीवारों को छूता हूं, तो क्या ये गलत है?

मैं: इसमें क्या गलत है। इतनी खूबसूरत चीज को छू कर तो देखेंगे ही ना।

जीजू: वहीं तो, अब इतनी खूबसूरत साली मेरे सामने थी, तो मैं खुद को रोक नहीं पाया। अब इसमें गलत क्या है। और तुम्हारी दीदी को मैं बहुत प्यार करता हूं। तुम्हें छूने पर उसके साथ धोखा कैसे हो जाएगा, ये बात मेरी समझ में नहीं आई।

दोस्तों आज की कहानी यहीं तक। इसके आगे की कहानी में क्या हुआ, वो आपको अगले पार्ट में पता चलेगा। अपनी फीडबैक मुझे [email protected] पर दें।

अगला भाग पढ़े:- जीजू ने मेरी काली चूत की चुदाई की-2

Nisha Gupta

हैलो! मैं निशा गुप्ता हूँ - जयपुर विश्वविद्यालय से संचार विज्ञान में मास्टर और पिछले 6 साल से डिजिटल दुनिया में हिंदी कहानियाँ लिखने वाली एक अनुभवी लेखिका। मैं वो कहानियाँ लिखती हूँ जो पढ़ते ही आपके मन में आग लगा दें। मेरी कहानियों में वो सब कुछ है जो आप चाहते हैं - बोल्ड, बेबाक और बेरोकटोक। मेरे लेखन को हजारों पाठकों ने सराहा है और कई पुरस्कार भी मिले हैं। मैं यहीं हूँ आपके मज़े के लिए — तो लेटे रहो और पढ़ते जाओ!

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