मौसा मम्मी को मेरे सामने ही पेल रहे थे

हैलो! दोस्तों मेरा नाम विशाल तिवारी है। मै उत्तर प्रदेश का रहने वाला हुँ। आज जो कहानी मै आपके साथ साझा करने जा रहा हुँ। वह कहानी खुद मम्मी की चुदाई की है। तो चलिये कहानी की शुरुवात करते है। ये बात उन दिनों की जब शादियों का समय चल रहा था। Jija Sali Porn Kahani

मेरी मौसी के लड़के की शादी तय हुई थी तो उसी शादी में मैं और मेरी मेरी मम्मी गये हुए थे। एक दिन की बात है मौसी के यहाँ सभी खाने पर बैठे मैं भी खाना खाने के लिए बैठ गया मेरे बगल मे मेरे मौसा जी बैठे थे।

उस दिन मेरा खाने का मन नही था और मम्मी मुझे जबरदस्ती खाना खिला रही थी और मौसा जी ने भी जबरदस्ती करके मुझे खाना खिलाया और धीरे से मम्मी से कहा की आज तैयार रहना। दोस्तो उस समय मैं छोटा था इसीलिए उन्होंने समझा की मैं कुछ नही समझ पाऊंगा लेकिन मैं समझ गया की आज कुछ तो होने वाला है।

मैं और ममी एक ही रूम मे साया करते थे मैं बेड पर सोता था और मम्मी नीचे सोया करती थी। उस रात को मैं मोबाइल मे पोर्न देखने लगा। करीब रात के 1 बज रहे थे तभी धीरे से दरवाजा खुला मैं मोबाइल रख कर सोने का नाटक करने लगा।

कमरे मे 0 वाट का बल्ब जल रहा था। सब कुछ साफ़ साफ़ दिखायी दे रहा था। मैंने देखा की मौसा एक प्लेट मे 4-5 गुलाबजामुन लेकर आये थे। वो धीरे से नीचे मां के बगल मे लेट गए । फ़िर उन्होंने एक गुलाब जामुन मा को खिला दिया।

उसके बाद वे धीरे से पीछे गए और मा की साड़ी पूरी खोल दी जिससे उनकी चूत एकदम सटीक दिखायी देने लगा। मेरा भी लंड भी कड़क हो चुका था। फिर मौसा ने 2 गुलाब जामुन मा की चूत पर पूरी तरह से मसल दिया और फिर चूत चाटने लगे.

मा भी उह- आह करने लगी अच्छी तरह से चूत चाटने के बाद उसने अपनी उंगली मा की चूत मे डालना शुरू कर दिया जिससे चूत से पिच- पिच की आवाज आने लगी। मैं भी बहुत रोमांचित हो रहा था उसके बाद चूत से उंगली निकल ली और उसे अच्छे से चाटा।

फिर मौसा ने अपने लंड पर गुलाब जामुन का शिरा कर मा की चूत पर सेट किया और एक ही झटके मे पुरा लंड उन्होंने मा की बुर मे पेल दिया। मकी तो आह निकल गयी कुछ देर तक उनका लंड चूत मे ही था और उस समय मौसा मा की चुम्मिया ले रहे थे और चूची भी पी रहे थे।

कुछ देर बाद धीरे धीरे लंड आगे पीछे करना चालु किया अब मा को भी अच्छा लगने लगा था वो भी गांड उठा कर अच्छे से चुदाई का आनंद ले रही थी आधे घंटे की घमासान चुदाई के बाद मौसा मा की चूत मे ही झड़ गये फिर धीरे से गेट खोलकर बाहर चले गये.

मम्मी अभी भी पूरी नंगी होकर सो रही थी मैंने अपना हाथ उनकी चूत पर रखा चूत बहुत गर्म था और धीरे से मैंने अपनी उंगली उनके चूत मे डाल दी। मेरी दो उंगली उनकी चूत मे तुरंत चली गई चूत मे अंदर से बहुत गरमाहट थी.

फिर धीरे से मैंने अपनी उंगली निकल ली उन्हे पता भी नही चला या फिर पिता चला भी होगा तो उन्हे यह लगा होगा नींद मे हो गया होगा ऐसा। तो दोस्तो यह थी मेरी मा की चुदाई की कहानी उस समय रात के ढ़ाई बज रहे थे और मैं भी सो गया और मम्मी भी अपने कपड़े पहन कर सो गयी। दोस्तों आपको ये मेरी माँ की चुदाई की कहानी कैसी लगी कमेंट करके बताये.

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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