भैया की सलहज को चोदा तो टांगे फैला कर चलने लगी

मैं आप लोगों को जो स्टोरी सुनाने वाला हूँ वो इसी होली की है… यानि इसी मार्च की. मैं 18 साल का यंग हूँ, मैंने ऐसा सुना है की मैं बहुत स्मार्ट हूँ मेरी हाईट 6फीटस है और गोरा भरा हुआ शरीर है 7 इंच का लम्बा लंड और 3 इंच चौड़ा है. इस होली पर मैं और मेरी फॅमिली घर पर ही थे. मेरे घर का फ्रंट बहुत बड़ा और खाली पड़ा है. Holi Me Sex

मेरे भइया और भाभी गाँव गए हुए थे वो लोग अपनी होली वहां मना रहे थे और मेरे घर पर मैं मेरी माँ एंड डैड और मेरे भाई की साली और उनकी बीवी थी मनीष. मैं होली नहीं खेलता हूँ बाकि घर के बड़े लोग बाहर ड्राइंग रूम में बैठे टीवी देख रहे थे. मैने ऊपर टेरस गार्डन में बैठा देखा होली देख रहा था.

आदित्य और मनीष होली में मगन थे तब तक मैं मैंगजीन लेकर पढ़ने लगा और मनीष पीछे से आके मेरे को रंग लगा दी. मैंने उसे दौड़ा लिया रंग लेके और जाके उसको रंग लगाने लगा. अचानक मेरा हाँथ उसकी चूचियों पे पड़ गया मैंने ध्यान नहीं दिया मैं रंग लगाने में मशगूल था.

उसके मुंह से स्स्सस्स्स्सस्स्स की आवाज़ निकल आयी तब मेरा ध्यान उसकी तरफ गया और मैं शर्मा गया.. और वो भी चली गयी लेकिन वो नीचे नहीं गयी वो बाथरूम की तरफ गयी और इशारे से मुझे बुलाया. मैं भी पीछे–2 चला गया और वो बोली ज़रा नीचे देखो मैंने देखा.

तो उसे अपना लोअर नीचे कर दिया उसकी बुर खुली हुई दिखा रही थी. उसकी चूत पर काफी झांटे उगी हुई थीं मेरा लंड खड़ा हो चूका था और बहुत ही ज़्यादा जोश मारने लगा. मैंने सीधे उसकी बुर पर हाँथ रख दिया वो बोली तुम्हे तो कुछ नहीं आता मुझे ही सब कुछ सीखाना पड़ेगा. उसने मुझे बाथरूम के अन्दर घसीट लिया और अपने सारे कपड़े उतार कर मेरे सामने खड़ी थी.

मेरा लंड अब तो एकदम बोफोर्स टोप की तरह हो गया था और उसने मेरे लिप्स पे एक किस किया. इतने में उसका हब्बी आदित्य आ गया और उसने उसे बुलाया. उसने कहाँ आप चलिए मैं आ रही हूँ. वो नीचे चला गया मैं और उसने शावर ऑन करके मेरे कपडे उतार कर मेरे लंड पर हाँथ फेरने लगी.

मैंने उसके चूचियों को चूसने लगा उसके निप्पलस एकदम तलवार की तरह हो गए थे.. उसने फिर मुझे नीचे होकर उसकी बुर चाटने को कहा पहले मैं तैयार नहीं हुआ. उसने मुझे पकड़ कर अपनी बुर पर दबा दिया और फिर मैंने चाटना शुर कर दिया. वो सिसकियाँ लेती हुई बोली देव अब डाल दो वरना मर ही जाऊंगी.

मैंने अपना 7 इंच लम्बा लौड़ा निकाल के दिखाया वो बोली तुमने कितने लड़कियों को बर्बाद किया है इससे. मैं कुछ नहीं बोला और वो पलट दीवार पकड़ कर खड़ी हो गई. मैंने धीरे से उसकी चूत पर अपने लंड का टॉप रख कर धीरे से दबाया उसके मुंह से चिख निकली आआआआआईईई मार डाला तूने देव. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

अभी तक मात्र 2 इंच ही जा पाया था ऐसा लग रहा था की उसका पति उसे चोद नहीं पाता है. मैंने धीरे से उसकी चूचियों को दबाना शुरु कर दिया और उसे पकड़ के अचानक से पूरा डाल दिया. वो रोने लगी और खून की पिचकारी से मेरा लौड़ा रंग चूका था और औ इतनी तेज़ चीखी आआआआआआआईईईईईईईईई माआआआआआ माआआआआररररर डाला देव पूरी फट गयी है.

आदित्य आके पूछने लगा क्या हुआ. वो बोली कुछ नहीं नहाने में गिर गयी हूँ. वो बोला नहाने की अभी क्या ज़रुरत है. वो बोली आपको तो कुछ नहीं करना मुझे मेहमानों को भी देखना है. उसने कहा ठीक से नहाओ वो चला गया. मैंने फिर धक्के देना शुरू किया. अब उसका दर्द बढ़ रहा था और धीरे धीरे धक्के देते देते.

अब मैं थोड़ी सी स्पीड बढ़ा दी मेरी स्पीड से वो सिसकियाँ भर रही थी स्स्स्सस्स्शह्ह्ह्ह देव मज़ा दिया है तूने मेरी जान मार फाड़ दे. मैंने अपनी स्पीड AK47 की तरह बढ़ा रखी थी और वो 7मिनट बाद झड़ गयी. उसकी बुर से इतना ज़्यादा पानी निकल रहा था कि उसकी और मेरी जांघे गीली हो गयीं थीं.

फिर उसने मेरे लंड को निकाल दिया और फिर मुझे बैठा कर मेरे पैर सीधे कर के बैठ गयी. वो टांगों के बीच में आ गयी और अपनी बुर में मेरा लंड डाल लिया और उसकी बुर से इतना पानी टपक रहा था की मेरी झांटें और उसकी झांटें भी गीली हो गयी थीं और इतनी तेज़ी से उछल रही थी की वो 2 बार झड़ गई. मैं भी अब आने वाला था उसकी चूत से फच फच की आवाज़ें पूरे बाथरूम को भरने लगी थी.

मैं परेशान हो गया था कि मैं झड़ क्यों नहीं रहा था. 20 मिनट बाद मैंने उसकी चूत में गरम–गरम वीर्य निकाल दिया और वो तीसरी बार झड़ गयी थी. मेरा लंड अभी तक उसी के अन्दर था. थोड़ी देर बाद वो उठी और अपनी चूत को पानी से धोया और चली गयी. मैं भी उठा और चल दिया. मगर वो पूरे दिन अपनी बुर फैला फैला कर चल रही थी.

और अब मैं जब भी किचन में जाता तो कभी उसकी चूची दबाता और कभी उसके बुर पर हाँथ फेर देता. वो भी मुस्करा देती शाम को वो मेरे रूम में आयी वो बोली अभी इस जंगल को साफ कर के आऊँगी और फिर रात रंगीन बनाई जाएगी. उसका हबी दारू पीके रात के 8 बजे ही सो गया.

मुझे सोच सोच कर ही मज़ा आ रहा था की क्या मज़ा आएगा आज. इस पर मेरा लंड एनाकोंडा की तरह हो गया था. फिर वो रात के 11 बजे मेरे रूम में आयी उस समय तक सारे लोग सो चुके थे और हर रूम के साथ अटैच बाथरूम होने की वजह से कोई ऊपर नहीं आता है.

उस वक़्त उसने जीन्स टी शर्ट पहन रखी थी. उसने आते ही किश करना शुरू कर दिया था. धीरे–धीरे मैंने हाँथ उसके शरीर पर फिराना शुरु कर दिया था. वो बोली आज तुमने मुझे वो मज़ा दिया है जिसके सपने मैने बचपन से देखे थे. मैने देखा की अब उसकी चूत पर 1 भी बाल नहीं था और एकदम गुलाबी हो रही थी. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

मैंने अबकी खुद ही उसे गोद में उठा कर के बेड पर लिटा दिया और हम 69 की पोजीशन में आ गए थे. जब मैंने उसकी चूत को देखा वो जगह-2 से कट गयी थी. लेकिन मैं भी मस्ती में था वो भी, हम दोनों एक दूसरे के अंगो को चाट रहे थे अब उसने मुझे सीधा लिटा करके मेरे ऊपर आ गयी और मेरे लंड पर बैठ गयी.

लेकिन मुझे लगा की मुझे कंडोम पहन लेना चाहिये जब मैं लेने चला गया उसने कंडोमं उठा कर फ़ेंक दिया और बोली आई लव नैचुरली. मैं हसने लगा मैं बोला ठीक है. और अब फिर से वो उपर बैठ कर मेरा लंड अन्दर ले लिया लेकिन वो ठीक से ले नहीं पा रही थी. क्यूंकि उसे थोड़ा-2 दर्द हो रहा था. फिर मैंने उसकी बुर पर अभिषेक शर्मा की तरह स्ट्रोक लगाने शुरू कर दिया.

और वो सिस्सकी स्स्सस्स्स्सस्स्स ईईईईईईईई स्स्स्सस्स्स्स उफ्फ्फ उफ़ क्या लंड है देव, काश मैंने तुमसे शादी की होती उईईईईईएम्म मार डाला तूने देव और मार ले ले तेरी ही है. मैंने कहा चुप रहो जान वरना कोई आ जायेगा. लेकिन वो चुप नहीं हुयी और मैं मज़े से चोदता रहा. अबकी वो 10 मिनट बाद झड़ गयी. मैंने फिर भी चुदाई जारी रखी और उसके चोट से फच-फच की आवाज़ें आ रही थी. अब उसकी सिसकियाँ बढ़ गयीं थी ऊऊऊऊऊऊऊऊउ ईईईईईईईईईई स्स्सस्स्स्सस्स्स इस तरह की सिसकियों से रूम भर गया.

फिर मैंने उसको बेड पर आधा लेटा दिया उसकी टाँगे नीचे लटक रही थीं. अब मेरे हर स्ट्रोक पर वो चीख उठती थी इस तरह से मैं उसकी चूत में झड़ गया. और इस तरह से मैं उसकी सुबह के 3 बजे तक तरह-2 से चुदाई की और फिर वो जाके सो गयी मैं भी सो गया. अगले दिन मेरे भाभी भैय्या आ चुके थे और वो लोग अब जा रहे थे. अब वो अपने घर चले गए मैं अगले महीने जाके अनमिका की फिर से चुदाई करूंगा… 1 और बात एक दिन मैंने अपनी भाभी को नंगा नहाते हुए देख लिया था अब मैं जल्द ही उसकी भी चुदाई करके मैं आपको सुनाऊंगा.

Kavya Singh

नमस्ते! मैं काव्या सिंह हूँ - इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री वाली और पिछले 7 साल से हिंदी में इतनी बोल्ड कहानियाँ लिख रही हूँ कि पाठक दोबारा पढ़े बिना रह नहीं सकते। मैं भारतीय समाज के हर छुपे हुए जज़्बात को शब्दों में ढालती हूँ - वो इच्छाएँ, वो चाहतें जो आप दिन में छुपाते हैं लेकिन रात में महसूस करना चाहते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर मेरी कहानियों को पुरस्कार मिले हैं और लाखों पाठकों ने मेरी कहानियों से अपनी रातों को गरमाया है। चलो, आज मेरी कहानी में डूब जाओ!

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