कलरफुल चूत की चुदाई भाग 3

कलरफुल चूत की चुदाई भाग 3 में आपका स्वागत है पहले के भाग कलरफुल चूत की चुदाई भाग 2 आपने पढ़ा कि मैं आपने ही पड़ोस में रहने वाली लड़की मिता की चुदाई करने के लिए और साहित्य कई बार जतन करने के बाद भी मैं उसकी चुदाई नहीं कर सका. ऐसे में होली का त्यौहार आ गया हम सब लोग होली खेलने में मस्त थे. Sexy Holi Chudai Kahani

होली हम लोग एक अनोखे तरीके से खेलते थे अपने हमउम्र दोस्तों और उनसे थोड़ी छोटे लड़कों को पकड़ कर अकेले में ले जाकर उनको नंगा करते थे और उनकी लंड और गांड पर रंग लगा देते थे. मिता का भाई रोहित आते हुए देखा तो हम लोगों ने उसको पकड़ कर एकांत में ले गए और उसको पकड़ कर नंगा किया और उसके लंड और गांड पर कलर लगाती है.

रोहित ने लाख विरोध कहा लेकिन उसकी एक न चली हम लोगों ने उसको ऊपर से नीचे तक पूरा रंग डाला इसी तरह हम लोगों ने मोहल्ले की कई लड़कों को रंग दिया. रोहित मुझसे बदला लेने के लिए फिर रहा था उसने मुझे पकड़ लिया और एकांत में ले जाकर उसके चार दोस्तों ने मुझे बिल्कुल नंगा किया और मेरे लंड पर और मेरी गांड पर मलमल के रंग लगा दिया था.

मुझे भी पूरी तरह रंग डाला मैं रोहित और उसके दोस्तों से छूट कर अपने घर पहुंचा तो बेडरूम से कुछ आवाजें आ रही थी. मैंने बेडरूम में झांक कर देखा तो मेरे पापा मिता की मम्मी की चुदाई कर रहे थे मिता की मम्मी और मेरे पापा बिल्कुल नंगी थी.

उनको इस हाल में देखकर मेरा लंड भी खड़ा हो गया और मैं लोवर के ऊपर से ही अपने लंड को मसलने मेरे पापा चुदाई में मस्त हैं उन्होंने मुझे नहीं देखा. जब मैंने बेकाबू होने लगा तो छत पर आ गया तभी मुझे मिता दिखाई दी.

मीता नहाने जा रही थी ऊपर छत पर कपड़े उठाने आई थी उसके जिस्म पर सिर्फ टॉवल लिपटी हुई थी. मैंने मीता को पीछे से जाकर पकड़ लिया और उसको किस करने लगा मिलता विरोध करने लगी लेकिन मैंने उसको नहीं छोड़ा.

उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और उसकी चूत में उंगली डालकर घुमाने लगा थोड़ी ही देर में मीता मेरा सहयोग करने लगी. मैं मीता को कोने में ले गया और उसकी टॉवल हटा दी पहली बार मैंने मीता को बिल्कुल नंगा देखा था.

मिता दुध की तरह सफेद चिकनी गोरी चिट्टी थी उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं. मैंने उसकी चूत में उंगली डाली तो उसकी चूत में भी रंग लग गया क्योंकि मेरे हाथ में कलर लगा हुआ था. मेरे होठों पर भी कलर लगा हुआ था मैंने उसके होठों पर किस किया तो उसके होठों पर भी कलर लग गया.

मैंने उसके दूधों पर भी कलर लगा दिया मिता कहने लगी है क्या कर रहे हो मैंने उसको अपना हाथ दिखाते हुए कहा कि यह मेरे हाथों का कमाल है. तभी मुझे कोई छत पर आता हुआ दिखा मैंने मीता को गोद में उठाया और अपनी छत पर आ गया.

आज मैं मीता को चोदना चाहता था कोई रिस्क नहीं लेना चाहता था मीता को गोद में लिए हुए में नीचे अपने कमरे में आ गया और मीता को पलंग पर लिटा दिया. मीता बोली कोई आ जाएगा मैंने कहा कोई नहीं आएगा.

मिता को डर था कि कहीं उसकी मम्मी उसको खोजने छत पर ना आ जाए मैंने कहा चिंता मत करो तेरी मम्मी तुझ को नहीं पकड़ पाएगी. मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए मेरा पूरा बदन ऊपर से नीचे तक कलर से रंगा हुआ था.

मीता देखकर कहीं लगी यह क्या है मैंने कहा यह तेरे भाई की करामात है तेरे भाई ने ही मेरी गांड और मेरे लंड पर रंग लगाया है. मीता हंसने लगी कहने लगी तुम लोगों के होली खेलने का तरीका ही बिल्कुल अलग है मैंने मिता से कहा चलो तुमको कोई दिखाता हूं.

मीता बोली कहाँ मैंने कहा चुपचाप चलना तेरे को मैं लाइफ चुदाई दिखाता हूं .मीना और मैं नंगे ही पापा के बेडरूम के पास आ गए पापा अब मिता की मम्मी की घोड़ी बनाकर चुदाई करें. मिता ने जब यह सीन दिखा दो कहने लगी कि मेरी मां और यहां!

इससे पहले कि वह कुछ बोल सकें मैंने उसका मुंह अपने हाथ से दवा लिया और उसको अपने कमरे में देख लिया. मीता अपनी मम्मी को चुदाई करवाते हुए देखकर आश्चर्य में पड़ गई, मैंने कहा मैंने तो कई बार यह सब देखा है मीता कुछ परेशान देखने लगी.

इससे पहले कि वह कुछ कर पाती मैंने उसकी दोनों टांगे फैलाकर उसकी चूत चाटना शुरू कर दिया और उसके दूध दबाने लगी. थोड़ी ही देर में मिता सब कुछ भूल कर चुदाई में मेरा साथ देने लगी मिता की चूत अब पानी छोड़ने लगी थी.

मैंने अपना कलरफुल लंड उसकी कलरफुल चूत में डाल दिया और झटके देने लगी मैं मिता के ऊपर लेट गया और उसके दूध चूसने लगा. थोड़ी देर में मैंने उसके होठों पर अपने पास रख कर उनका 10 पीना शुरू कर दो.

मिता भी आप मस्त हो गई मेरा लंड मिता की चुदाई कर रहा था मेरे दोनों हाथ मीठा के दूध सहला रहे थे दबा रहे थे. और मेरे होंठ मीता के होठों का रस पी रहे थे तीनों काम 20 मिनट की चुदाई के बाद में मीठा की चूत में ही झड़ गया और उसके ऊपर ही लेट गया.

आधा घंटा के बाद मैंने मिता को घोड़ी बनाकर उसकी चूत एक बार फिर मारी और सिर्फ उसकी गांड भी मारी गांड मनाने में तैयार नहीं हो रही थी. इसलिए मैंने जबरदस्ती उसकी गांड मारी मीता पलंग पर सीधी लेटी थी. मैंने मीता के दोनो पैरो के अंगूठे मे रस्सी बांधकर उसके गले मे पहना दी तो उसकी गांड फैल गयी तो तेल लगाकर अपना लण्ड इक झटके डाल दिया मीताा चींखाती रही मैने उसकी गांड मे अपना माल पानी छोडकर ही दम लिया.

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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