यह कहानी महाराष्ट्र के पुणे शहर की है। यामिनी एक 25 साल की बेहद खूबसूरत और महत्वाकांक्षी महिला थी, जिसकी शादी जस्टिन से हुई थी। जस्टिन एक सीधा-साधा इंसान था जो अपनी पत्नी पर अंधा भरोसा करता था। यामिनी ने अपनी ऊँची ख्वाहिशों को पूरा करने के लिए एक नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी जॉइन की थी। New Hindi Sex Kahani
इसी काम के सिलसिले में उसकी मुलाकात समीर से हुई, जो इस फील्ड का माहिर खिलाड़ी और एक हैंडसम नौजवान था। समीर ने यामिनी को सिर्फ बिजनेस के गुर ही नहीं सिखाए, बल्कि अपनी बातों के जाल में ऐसा फँसाया कि यामिनी को अपने पति से ज्यादा समीर की जरूरत महसूस होने लगी।
एक बार कंपनी की तरफ से लोनावला के एक पॉश रिजॉर्ट में तीन दिनों का सेमिनार रखा गया। यामिनी ने जस्टिन से कहा कि यह बिजनेस के लिए बहुत जरूरी है और जस्टिन ने हमेशा की तरह उसे खुशी-खुशी विदा कर दिया। पर हकीकत कुछ और थी।
पुणे से लोनावला का सफर उन्होंने समीर की कार में तय किया। कार के बंद शीशों और धीमी म्यूजिक के बीच समीर ने यामिनी को छूना शुरू किया। यामिनी, जो अपनी शादीशुदा जिंदगी की बोरियत से थक चुकी थी, समीर के उस स्पर्श से सिहर उठी।
समीर ने ड्राइविंग करते हुए अपना एक हाथ यामिनी की जांघों पर रख दिया। यामिनी ने आज विरोध नहीं किया, बल्कि अपनी आंखें बंद करके उस अहसास में डूब गई। समीर की उंगलियां उसकी शॉर्ट ड्रेस के अंदर सरकने लगीं और यामिनी का बदन प्यास से तपने लगा।
होटल पहुँचते ही उन्होंने दो कमरे बुक करने के बजाय एक ही सुइट लिया। दरवाजा लॉक होते ही यामिनी और समीर एक-दूसरे पर भूखे भेड़ियों की तरह टूट पड़े। यामिनी ने अपनी नैतिकता का बोझ कमरे के बाहर ही छोड़ दिया था। समीर ने उसे दीवार से सटाया और उसके होंठों को पागलों की तरह चूमने लगा।
यामिनी ने समीर की शर्ट के बटन फाड़ दिए और उसके मजबूत सीने पर अपने नाखून गड़ा दिए। वहां कोई बिजनेस की बात नहीं हो रही थी, वहां सिर्फ दो जिस्मों की हवस और जुनून का तांडव शुरू होने वाला था। बिस्तर पर पहुँचते ही दोनों पूरी तरह नग्न हो चुके थे।
समीर ने यामिनी को बेड पर पटक दिया और उसके जिस्म के हर हिस्से को अपनी जीभ से टटोलने लगा। यामिनी बिस्तर की चादरों को अपने हाथों में भींच रही थी और उसकी सिसकारियां पूरे कमरे में गूँज रही थी। समीर ने उसे ’69’ पोजीशन में लिया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
यामिनी ने समीर का अंग अपने मुँह में भर लिया और उसे पूरी गहराई तक चाटने लगी, वहीं समीर उसकी चूत को अपनी जीभ से पागल कर रहा था। यामिनी के लिए यह सब नया और जादुई था, उसे लग रहा था जैसे वह पहली बार आज़ाद हुई है।
अगले ही पल समीर ने यामिनी को ‘डॉग स्टाइल’ में घुटनों के बल खड़ा कर दिया। समीर ने पीछे से अपना पूरा अंग एक ही झटके में यामिनी के अंदर उतार दिया। यामिनी के मुँह से एक चीख निकली, पर समीर ने उसकी कमर पकड़कर अपनी रफ़्तार और तेज कर दी।
कमरे के सन्नाटे में “पट्ट-पट्ट” की आवाज़ें गूँजने लगीं। समीर के हर धक्के के साथ यामिनी का बदन झूल रहा था। उसे उस वक्त जस्टिन का चेहरा याद भी नहीं आ रहा था, उसे तो बस समीर के उस कठोर स्पर्श और धक्कों में जन्नत मिल रही थी।
समीर ने उसे पलटकर मिशनरी पोजीशन में लिया और उसके पैरों को अपने कंधों पर रख लिया। वह यामिनी की आँखों में आँखें डालकर उसे चोद रहा था और यामिनी उसकी आँखों में डूबी हुई थी। अंत में, जब समीर का चरम सुख करीब आया, उसने यामिनी के चेहरे और उसकी छाती पर अपना सारा वीर्य उड़ेल दिया।
यामिनी पसीने से तर-बतर और नंगी हालत में समीर की बाहों में सिमट गई। उन सात दिनों में उन्होंने नेटवर्क मार्केटिंग के नाम पर सिर्फ जिस्मानी व्यापार किया। यामिनी ने समीर की पसंद की पारदर्शी नाइटी और चड्डियां पहनकर उसे रिझाया।
वह समीर के बिना एक पल नहीं रह पा रही थी। हर रात वह जस्टिन को फोन पर “थक गई हूँ” बोलकर समीर के साथ बिस्तर पर हवस की नई इबारत लिखती थी। उनके लिए यह सिर्फ हवस नहीं, एक ऐसा ‘प्यार’ था जिसने वफ़ादारी की सारी हदें पार कर दी थीं। यामिनी अब रूह और जिस्म से समीर की हो चुकी थी।
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