शादी में चुदी बुआ के लड़के से

दोस्तों आज की कहानी है जब मैं अपने बुआ के लड़के से शादी में चुदी थी। दोस्तों, मैं शुरुवात से ही बहुत पढ़ाकू लड़की थी लेकिन मेरी ज़िन्दगी में कुछ ऐसा हुआ. जिसके बाद मेरी पूरी ज़िन्दगी बदल उन दिनों हमे एक शादी का न्योता आया हुआ था और हम सभी उस शादी में जाने के लिए तैयार थे। Wedding Session Porn Kahani

लेकिन एन मौके पर कुछ ऐसा हुआ जिसकी वजह से शादी में बस मैं और मेरे पापा ही जा पाए। वैसे तो हम सभी का प्लान था शादी में जाने का लेकिन कुछ काम की वजह से सिर्फ मैं और मेरे पापा ही शादी में जा पाए। मेरा नाम रवीना है और वो शादी मेरी सबसे ज्यादा यादगार और मज़ेदार शादी रही।

मैं शादी में सिर्फ अपने पापा के साथ जाने वाली थी तो पूरी शादी में मुझे अकेला ही रहना था क्योकि पापा अपने दोस्तों के साथ जाते ही मस्त हो जाते थे। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ लेकिन इस बार मुझे शादी में अकेले नहीं रहना पड़ा। तो दोस्तों, इस बार मुझे कंपनी देने के लिए मेरी बुआ और उनका लड़का उसी शादी मे मिल गया।

हमे नहीं पता था की उस शादी का न्योता मेरी बुआ को भी मिला है इसीलिए मैं उन्हें देख कर थोड़ा शॉक हो गई थी। लेकिन मुझे एक बात अच्छी लग रही थी की मुझे पूरी रात अकेला नहीं रहना पड़ेगा। मैं शादी में बहुत अच्छी एंड सेक्सी बन के गयी थी मेरे शादी में पहुंचते ही सभी लड़को का ध्यान मेरी तरफ ऐसा खिंचा जैसे मैंने कपडे ही न पहने हो और मैं उन सभी के सामने पूरी तरह से नंगी घूम रही हूँ।

जब मैंने अपनी बुआ और उनके लड़के को देखा तो मैं उनके पास गयी और मैंने उनसे बात करी। कुछ देर तक तो बुआ हमारे साथ बैठी रही लेकिन बाद में वो भी वह से चली गयी। बुआ का लड़का भी मुझे शुरुवात से ही घूरे जा रहा था, लेकिन उसे तो मैं भी देख रही थी क्योकि बाकी सब लड़को में वो थोड़ा अच्छा और बढ़िया लग रहा था।

हम दोनों अब अकेले थे और एक दूसरे से बात कर रहे थे। तभी उसने मुझसे कुछ खाने के लिए पूछा और हम दोनों कुछ खाने के लिए चले गए। तभी हम दोनों के बीच बहुत बात हुई और हम दोनों ने एक दूसरे से काफी कुछ शेयर किया। हम दोनों अब एक दूसरे को जान चुके थे और एक दूसरे के दोस्त बन गए थे।

मुझे उसके अंदर एक बात बहुत अच्छी लगी की उसने मुझसे कुछ भी मेरी पढ़ाई की बाते नहीं करि जैसा की बाकी सब लड़के करते थे। उसके बाद हम दोनों ने शादी में बहुत डांस किया और एक दूसरे के साथ बहुत देर तक डांस किया। यही नहीं बल्कि उसने मुझे नाचते हुए कई बार अपनी और खींचा और कस के खुद से चिपका लिया।

लेकिन यही नहीं हम दोनों ने ही एक दूसरे को नाचते हुए बहुत ज्यादा छेड़ा और मस्ती करी। जब गाने बजाने का टाइम खत्म हुआ तो हम दोनों बैठ गए और फिर से बात करने लगे। इस बार हम दोनों एक दूसरे से और ज्यादा खुल के बात कर रहे थे और अपनी सीक्रेट बाते भी शेयर कर रहे थे। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

इसीलिए भी मैं इसके साथ ज्यादा कम्फरर्टेबल थी। तभी टाइम बीतता गया और काफी रात हो गयी। अब हम दोनों को ही नींद आ रही थी और उसने मुझसे पूछा की अब हम सोने चले। मैं बिना कुछ सोचे समझे उसकी बात मान गयी। घरवालों ने सबके सोने का बंदोबस्त अलग कर रखा था और हम दोनों को एक रूम में सोने की जगह मिल गयी।

बस दिक्कत यह थी की उस रूम में और कोई नहीं था बस हम दोनों ही थे। पहले तो मुझे थोड़ा दर लगा लेकिन फिर वो लड़का हरामी था उसने मुझे अपनी बातो में फसा लिया और उसके साथ अकेले सोने के लिए मना लिया। जब हम दोनों उस कमरे में गए तो में सीधा बाथरूम में फ्रेश होने चली गयी लेकिन बाथरूम के गेट का लॉक टुटा था और मैंने बिना उसपर ध्यान दिया अंदर जाके नहाने लगी।

मैंने पहले तो अपने झुमके और वो सब बाहर ही उतार दिया था और संदीप पानी की बोतले लेने बाहर गया था। मैंने रूम का दरवाज़ा खुला छोड़ दिया और सीधा नहाने चले गयी। अंदर जाके मैंने अपने सारे कपडे एक साथ उतार दीये थे और मैंने अपने पुरे जिस्म को ठन्डे पानी से भिगो कर गीला कर दिया था।

तभी संदीप कमरे में आया और उसने कमरे का दरवाज़ा बंद कर दिया। उसे नहीं पता था की मैं बाथरूम में नहा रही हु। उसने अपने कपडे बाहर ही उतार दिया और वो बस अपने कच्छे में था। तभी उसने एक दम से बाथरूम का दरवाज़ा खोल दिया जहा में पूरी तरह से नंगी खड़े होकर नहा रही थी। वो मुझे देख कर हैरान हो गया था और मैं भी दर गयी थी। दर के मारे मेरे मुँह से चींख भी निकल गयी थी और जब मैं रुकी नहीं तो संदीप ने मेरा मुँह पकड़ कर मुझे चुप कर दिया।

जब संदीप ने मेरा मुँह पकड़ रखा था तो वो मेरे बहुत करीब था और शावर ने हम दोनों पूरा भेजा दिया था। हालांकि तब हम दोनों के बीच में कुछ भी ऐसा वैसा नहीं हुआ। संदीप शराफत से बाहर चला गया शायद मैं चिल्ला गयी तो संदीप भी डर गया इसीलिए।

उसके बाद जब मैं नहा कर बाहर निकली तो संदीप पलंग पर बैठा था और मेरे जाते ही उसने मुझे सॉरी बोला। मैंने भी उसे माफ़ कर दिया क्योकि वो जो कुछ भी हुआ था बस अचानक से ही हुआ था और उसके बाद जब संदीप ने समझदारी दिखाई थी वो मुझे बहुत पसंद आयी थी।

हम दोनों ही सोने के लिए पलंग पर लेट गए थे और उस टाइम रात के तीन बज रहे थे। संदीप ने मेरे पलंग पर लेटते ही लाइट बंद कर दी और पुरे कमरे में अँधेरा हो गया। वो मेरे बिलकुल बगल में आकर लेट गया पलंग थोड़ा छोटा था तो हम दोनों को चिपक कर लेटना पड़ा। जब वो लेटा तो उसके हाथ से मेरा एक स्तन दब रहा था।

कुछ देर ऐसे ही उसने मेरे स्तन को दबाया और फिर वो मेरी तरह करवट ले कर लेट गया मैंने भी उसकी तरफ करवट ले ली। अब हम दोनों के चेहरे एक दूसरे के बहुत करीब थे और हम दोनों एक दूसरे की सांसो को महसूस कर पा रहे थे। कुछ देर ऐसा ही चलता रहा फिर संदीप ने मुझे होठो पर ज़ोर से चुम लिया। इस बार मैं चिल्लाई नहीं बल्कि बदले में मैंने भी उसे एक और चुम्बन दे दी। “Wedding Session Porn Kahani”

अब हम दोनों एक दूसरे को चुम रहे थे और संदीप पूरी तरह से मेरे दोनों होठो को खा चूका था। तभी उसने अपने हाथो से मेरे बूब्स को दबाना शुरू कर दिया और मेरी टॉप में से उसने मेरे दोनों स्तनों को बाहर निकाल दिया। मैं भी पीछे नहीं हटी मैंने उसके पाजामे के अंदर हाथ डाला और उसके बड़े और गरम लंड को अपने हाथ से मसलने लगी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

जब मैंने उसके लंड को पकडा तो संदीप के पुरे शरीर में एक कपकपी सी छूटी जिसके बाद उसने अपने सारे कपडे उतार दिए। फिर वो मेरे भी सारे कपडे उतारने लगा और कुछ ही देर में उसने मुझे पूरी तरह से नंगा कर दिया। अब वो मेरे पैरो के पास लेट कर मेरी चुत चाट रहा था और मैं पुरे पलंग पर इधर से उधर मचल रही थी।

उसके ऐसा करने पर मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और मैं बस चाहती थी की वो ऐसा करते रहे। फिर कुछ देर बाद वो अपना बड़ा सा लंड लेकर मेरे मुँह के पास आ गया और मेरे मुँह में उसने अपना सख्त और हवस से गरम लंड डाल दिया। मैनें उसका लंड काफी देर तक चूसा फिर उसने थूक अपनी ऊँगली पर लगा कर मेरी चुत पर लगा दिया और मेरी चुत पूरी गीली कर दी।

फिर वो लेट गया और अपना मोटा और लोहे जैसा लंड मेरी चुत पर मसलने लगा। उसने एक ज़ोरदार झटके से अपना बड़ा लंड एक ही बार में मेरी चुत के अंदर डाल दिया। मैंने पहले कभी चुदाई नहीं करी थी. इसीलिए मेरी छूट से बहुत सारा खून आ गया और मैं चिल्लाती रही।

इस बार संदीप मेरी इतनी ज़ोर से चींख सुन ने के बाद भी नहीं रुका और मुझे और ज़ोर से चोदने लगा। मैं पलंग पर लेट कर चिल्लाती रही और वो मुझे पूरी ज़ोर से चोदता रहा। तकरीबन बीस मिनट तक उसने मुझे चोदा और फिर अपना लंड बाहर निकाल कर मेरे मुँह के सामने लाके हिलाने लगा। कुछ देर उसने लंड हिलाया और मेरे बूब्स बहुत ज़ोर से दबाये फिर उसका सारा वीर्य मेरे मुँह पर ही झड़ गया। वो दिन है और आज का दिन का दिन है, हम दोनों जब भी मिलते है एक दूसरे के साथ सेक्स करते है।

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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