लड़की बन कर गाण्ड चुदा कर मज़ा लिया

हय फ्रेंड्स, मेरा नाम श्रुति है, मैं दिल्ली की रहने वाली हूँ, 24 साल की स्लिम 34-28-36, हाइट 5’4″ सेक्सी हूँ।

आज से 4 साल पहले मैं एक लड़का थी। लेकिन हालातों और मेरी गर्लफ़्रेण्ड ने मुझे लड़की बनने पर मज़बूर कर दिया

मेरे सगे माँ बाप नहीं रहे, मैं पालक परिवार के साथ रहती थी। कॉलेज के बाद मैं उनसे अलग हो गया/गई।

जब मैं कॉलेज में था/थी तो मेरे फ्रेंडशिप रिया से हुई, रिया बहुत मॉडर्न, सेक्सी, स्लिम सुन्दर बदन वाली लड़की थी।

हम धीरे धीरे प्यार करने लगे.. वो भी मेरे तरह ही थी दिखने में गोरी, सेक्सी, हम कभी लाइब्ररी तो कभी अकेले में एक दूसरे को छूते, कई बार मैं उसकी ब्रा खोल देती/देता, कभी कभी सलवार में हाथ डाल डालती, लेकिन हमने कभी सेक्स यानि चुदाई नहीं की।

एक बार कॉलेज के दूसरे साल में हमने सेक्स का मज़ा लेने का फ़ैसला किया और एक होटेल में गये,.हम कुछ कपड़े भी साथ ले गये थे। जब हम होटेल में रूम में मिले तो एक दूसरे को चूमना शुरू कर दिया।

रिया ने लेगिंग कुरती पहना था, मैंने उसके लेगिंग में हाथ डाला तो वो गीली हो चुकी थी। मैंने तुरंत उसकी पैंटी उतारी और उसकी चूत का सारा रस चाट लिया।

उसके बाद उसने कहा- अब डालो भी..

उसको मैंने चोदना शुरू किया.. दस मिनट में मेरा काम तमाम हो गया।

वो उठी और मेरा लौड़ा चूसने लगी जिससे मेरा लण्ड फिर तन गया। हमने फिर सेक्स किया… फिर हम एक दूसरे को चूमते चूमते सो गये.. सुबह जब उठे…

रिया ने कहा- काश तुम लड़की होते! मैं- उससे क्या होता? रिया- मैं हमेशा तुम्हारे साथ रहती फिर! मैं- साथ रहने के लिए मैं तो अभी भी रह सकता हूँ कपड़े बदल के, किसी को पता नहीं चलेगा। रिया- अच्छा, ज़रा मेरे लिए यह पहन कर दिखाओ ना प्लीज़…

उसने मुझे अपनी ब्रा पैंटी, एक जीन्स-टॉप दिए.. मैं बाथरूम में गया और वो कपड़े पहनने लगा। मुझे बहुत अच्छा लगा, नर्म कपड़े और ब्रा पहनने की फीलिंग अच्छी लगी।

कुछ देर बाद मैं बाथरूम से बाहर जब आया तो रिया- ओ माई गॉड, आई कान्ट बिलीव इट! मैं- क्या? रिया- तुम बिल्कुल लड़की लग रहे हो! बस यहाँ पर चूचियाँ और चाहियें ! नीचे से, कमर से एकदम लड़की लग रहे हो। यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं ! मेरे चूतड़ बड़े और कमर छोटी थी शुरू से.. यह सब देखते ही रिया उत्तेजित होकर मुझे चूमने लगी और बिस्तर पर लेटा कर बोली- आज तुझे मैं चोदूंगी श्रुति!

इस तरह मुझे मेरा नया नाम मिला, उसने मेरा टॉप उतारा, मेरी ब्रा के ऊपर से ही मेरे चेस्ट को चूमने लगी। उसके बाद उसने मेरी जीन्स उतारी और पैंटी भी… और मेरी गाण्ड में उंगली करने लगी।

मैं भी उसकी फ़ुद्दी में उंगली कर रहा था। हम दोनों खूब मज़ा ले रहे थे.. मैं लगातार ‘फक मी… फ़क मी…’ कहे जा रहा था। मैं सिर्फ़ ब्रा मैं थी.. थोड़ी देर में मैं झड़ गया और रिया से लिपट कर सो गया।

उसके बाद जब हम उठे तो एक दूसरे को देख रहे थे, उसे भी पता था और मेरा भी मन था…

रिया- अब से मैं तुझे श्रुति बोलूँगी और तू अब से लड़की जैसे बोलेगी। मैं- ठीक है लेकिन अकेले में! रिया- अकेले क्या? पब्लिक में भी बोलूँगी अगर तू मेरे कहने पे करे तो कोई जान नहीं पाएगा कि तू लड़का है। मैं- मैं सुन रहा हूँ।

रिया- देख, तेरे बस थोड़े दाढ़ी है जो तू हटा ले, बाल लंबे हैं ही थोड़े और बड़े कर ले, बूब्स केलिये ब्रा में कुछ लगा लेना, हिप्स और कमर तो तेरे मेरे से भी अच्छे हैं मस्त माल लगेगी तू श्रुति!

ये सब सुन कर मुझे बहुत अछा लग रहा था.. मैंने हा कर दिया।

फिर थोड़ी देर बाद हमने शॉपिंग करने का फ़ैसला किया और हम निकल गये।

एक मॉल में जाकर उसने मेरे लिए लेगिंग, जीन्स, कुरती, टॉप्स, 2 ड्रेस, 2 जोड़ी सॅंडल, पैंटी ब्रा सेट सब खरीद लिए। जब हम लौट रहे थे तो उसने कहा- मेरे लिए एक काम कर श्रुति। हॉर्मोन्स की गोलियाँ लेना शुरू कर दे.. फिर उसने हारमोनेस के टॅबलेट भी ऑर्डर कर दिए नेट से..

मैं अकेला रहता था, माँ बाप कोई था नहीं इसलिए हाँ कर दिया था मैंने!

अब मैं हमेशा सब चेंज करके उसके हॉस्टल जाता, कोई जान नहीं पाता था कि मैं लड़का हूँ।

चार महीने में हॉर्मोन्स की टॅबलेट की वजह से मेरी स्किन भी बहुत मुलायम हो गई थी और मेरे बूब्स नॅचुरल दिखने लगे थे।

फेस में भी काफ़ी चेंज आ गया था, चेहरे और बॉडी के लगभग सारे बाल गायब हो गये थे। हॉस्टल में थोड़ा ढीले कपड़े पहन के रहता था ताकि किसे को पता ना चले.. बाल पोनी टेल रखती जैसा कि फॅशन था। एक दिन जब तैयार होकर रिया के साथ निकला, कई लड़के मुझे घूरने लगे थे क्योंकि मैं रिया से ज्यादा खूबसूरत और सेक्सी लड़की लग रहा था और मुझे ये सब फील करके मज़ा आ रहा था। रिया ये सब देख कर बहुत खुश हो रही थी..

मैंने लेगिंग कुरती पहनी थी, बाल खोले हुए थे, हम बहुत अच्ची गर्लफ़्रेन्ड बन गये थे.. और तीसरे साल मैं उसके साथ उसके हॉस्टल में शिफ्ट हो गई।

उसने बोल दिया कि मैं उसकी कज़िन हूँ… हम साथ रहते और बहुत मज़े करते।

रिया ने एक डिल्डो भी खरीद लिया जिससे वो मेरी गाण्ड मारती और मैं मज़ा करती..

एक रात जब एक कार्यक्रम था, उसने कहा- तू भी चल… उसने मुझे स्लिम ड्रेस पहनाई, स्कर्ट घुटनों से ऊपर.. मुझे यकीन नहीं हुआ कि मैं इतनी हॉट लड़की लग रहा था।

उसने कहा- चल एक बार करते हैं।

उसने तुरंत मुझे किस करना शुरू कर दिया, रिया ने नॉर्मल नाइट ड्रेस पहाएना था.. उसने मेरे ड्रेस को कंधे से नीचे किया और मेरे बूब्स चूसने लगी, मैं दीवार से सटा खड़ा था, बस सिसकारियाँ लेता जा रहा था। अब उसने मेरे गोरी, चिकनी टाँगों में हाथ फेरना शुरू कर दिया और एक झटके मेरी पूरी ड्रेस नीचे उतार दी। मैं बस अब सॅंडल, ब्रा और पैंटी में था.. वो झुक कर मेरी पैंटी खोल कर मेरी गाण्ड चाटने लगी, मुझे पलट कर उसने डिल्डो पहन कर मेरी गाण्ड पर रख दिया और धीरे धीरे मैं ऊपर नीचे होने लगा।

मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ, मैंने कहा- फक मी नाऊ… वो पूरा डिल्डो मेरी गाण्ड में डाल कर मुझे किस करने लगी और हाथ से बूब दबाने लगी। मैं बस तेज़ दर्द के साथ चिल्ला कर मज़ा भी आ रहा था।

एक लड़की बन कर चुदाई करवाने में मुझे खूब मज़ा आ रहा था। अब मैं उसके पीछे झुका और उसकी चूत चाटने लगा… उसने मेरे बाल पकड़े और मेरा चेहरा अपनी चूत पर रग़ड़ने लगी। मुझे बहुत मज़ा आया.. अब हम दोनों झड़ गये थे।

उसके बाद हम दोनों ने ड्रेस पहनी और पार्टी के लिए निकल गये।

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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