शौहर के इन्तिकाल के बाद बेटे से चूत चुदवाई

मेरा नाम समायरा खान है मेरे शौहर निजाम का 2 साल पहले इंतकाल हो चुका है, मेरा एक बेटा है शाहजिल. इस कहानी में आपको बताऊंगी कैसे मेरे बेटे ने मुझे चोदा. मेरी उम्र 48 साल है और मेरे बेटे की 22 साल है. मेरा फिगर 46 50 42 है. हमारे पास पैसे की कोई कमी नहीं है एक आलीशान घर है जिसमें 5 रूम है एक बड़ा सा हॉल है. Bewa Ammi Sex Kahani

मै दिखने में एक दम हट्टी कट्टी हु मेरा बेटा भी थोड़ा था हेल्दी है. बात 1 साल पहले की है जब मेरे शौहर को गुजरे हुए 1 साल हो चुका था. मै अपने बेटे से घुल मिल चुकी थी पर मुझे चूदाई का भूत सवार था. 1 साल से लन्ड न मिलने पर मै बाहर लन्ड तलाश करने लगी लेकिन मेरी तकदीर को ये मंजूर ना था.

कुछ महीनों पहले एक दिन सुबह सुबह 5 बजे मेरी नींद खुल गई. मैं अपनी छत पर जाके थोड़ा टहलने लगी अपनी गांड़ और चुचियों को हवा खिलाने लगी. आधे घंटे बाद मै नीचे आईं और सोचा देखती हु बेटा शाहजिल क्या कर रहा है. मै उसके कमरे के पास पहुंची.

मैने सोचा गेट अंदर से बंद होगा मैने गेट को धक्का दिया तो वो खुल गया. मैने सोचा बेटा सो रहा होगा मै जैसे ही अंदर गई और बेटे को देख कर एक दम शॉक हो गई. शाहजिल बेड पे पूरा नंगा लेटा था दोनों टांगे फैलाकर मेरी नजर उसके लन्ड पे गई मेरी आँखें फटी रह गई.

बैठा हुआ लन्ड भी इतना बड़ा होता है उसका लन्ड लटका हुआ था पूरा काला औजार था उसका सुपाड़ा बाहर निकला था और आंड 2 मुट्ठी जितने बड़े. मैंने जल्दी से गेट लगाए और और अपने कमरे में आ गई मेरे दिमाग में बार बार शाहजिल का नंगा बदन आ रहा था यही सोच सोच के मेरा हाथ कब मेरी चूत पे चला पता ही नहीं चला.

फिर मै चूत में उंगली करते करते बेटे के लन्ड के बारे में सोचने लगी और ये भी सोचने लगी कि जब घर में ही इतना तगड़ा लन्ड है तो बाहर क्यों मुंह मारना. वैसे उसका लन्ड बिना खड़े 6 इंच का था तो खड़ा होगा तो 9 10 इंच का तो होगा. ये सब मै चूत में उंगली करते करते सोच रही थी.

थोड़ी देर बाद मेरा पानी निकल गया और मैं वहीँ चित्त होकर सो गई. 3 घंटे बाद मेरी नींद खुली 8:30 बजे फिर मैं फ्रेश होके नाश्ता बनाया चाय बनाया. फिर सोचा बेटा अब तक उठ गया होगा तो उसको नाश्ते के लिए बुला आती हु. 5 मिनिट बाद मै बेटे के कमरे के बाहर पहुंची तो गेट बंद था.

मै अंदर गई तो बेटा वैसे ही नंगा लेटा था मै उसके पास बैठ गई उसके लौड़े को देखने लगी. और अपना मुंह उसके लन्ड के पास करके उसका लन्ड सूंघा मूत और वीर्य की महक आ रही थी. उसका लन्ड चूसने का मन करने लगा तभी वो हिला. मै खड़ी हो गई और जल्दी से उसको चादर ओढ़ा दिया और उसको हिला हिला जगाने लगी.

थोड़ी देर बाद वो उठा मैने बोला मेरे राजा बेटा उठ जा नाश्ता बन गया है तू कॉलेज के लिए लेट नहीं हो रहा. बेटा बोला = अम्मी जान आज संडे है कॉलेज बंद रहता है मै 5 मिनिट से आता हु आप चलो. मै जल्दी से नीचे आ गई वो 1 घंटे बाद फ्रेश होके नाश्ता करके बाहर घूमने चला गया.

बेटे के जाने के बाद मैने भी पूरा घर का काम निपटाया फिर खाना बनाके नहाने चली गई नहा के नंगी ही बाहर आके ऊपर टी शर्ट और नीचे निक्कर पहन लिया. मैने पहली बार ये कपड़े पहने थे क्योंकि मैं अपने बेटे को अपनी नंगी टांगे और जिस्म दिखा के गरम करना चाहती थी जिससे मेरा काम आसान हो जाए.

टी शर्ट में मेरे चूचे बहुत ज्यादा बाहर निकले थे और बहुत बड़े और टाइट दिख रहे थे. निक्कर तो इतना टाइट था अगर मैं नीचे बैठ गई तो मेरी चूत गांड़ बाहर आ जाएगी क्योंकि मैने ब्रा पैंटी नहीं पहनी थी. थोड़ी देर बाद बेटा आ गया बाहर के गेट खुले थे. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

मै अंदर थी तो अम्मी अम्मी करके बुलाने लगा मै दौड़ते हुए उसके पास गई मेरे बूब्स बहुत ज्यादा उछाल मार रहे थे इतना की मेरे मुंह में लग रहे थे. मै बेटे के सामने पहुंची तो बेटा अपनी आंखे फाड़ फाड़ के मुझे देखने और बोला क्या बात है अम्मी आज तो आप कहर ढा रही हो.

मै मुस्कुराते हुए बोली हाय अल्लाह मै मरी जावा ये बोली और वो अपने कमरे के जाते टाइम अपने लन्ड पे हाथ फेरता हुआ गया. मै समझ गई उसका लन्ड खड़ा हो गया मुझे देख कर मै बहुत खुश हुई. बेटे का मुझे देख कर लन्ड खड़ा हो गया. फिर मै उसके कमरे में खाने के लिए बुलाने गई.

वो सिर्फ चड्डी में खड़ा था उसका लन्ड उभरा हुआ दिख रहा है. मैने उसके लन्ड की तरफ देखते हुए बोला बेटा चलो खाना बन गया है. शाहजिल बोला मुस्कुराते हुए अम्मी ये खाना नहीं कुछ और खाता है. फिर हम एक दूसरे की आंखों में देखने लगे और हसने लगे.

फिर बेटा बोला अम्मी मै नहाकर आता हु आप खाना लगाओ. फिर वो नहाने आया फिर हम दोनों में खाना खाया और अपने कमरे में चला गया. फिर मै बर्तन धोने लगी थोड़ी देर बाद बेटा आया और मेरे पीछे खड़ा हो गया और एक दम से मेरे बूब्स मसल के भाग गया अपने कमरे में.

मै कुछ बोल ही नहीं पाई मै समझ गई कि बेटे ने मुझे ग्रीन सिग्नल दिया है. तो मै सब काम छोड़ के पूरी नंगी हो गई और अपनी गांड़ मटकते हुए बेटे का पास गई. वो कमरे में था मै बाहर थी जैसे ही अंदर गई वो पूरा नंगा अपने बिस्तर पे लेटा था और अपना लन्ड हिला रहा था मुझे देख देख कर.

मै भी उसको देख कर अपने दांतो से अपने होठ काटने लगी निप्पल खींचने लगी और चूत में उंगली करने लगी. थोड़ी देर बाद उसका वीर्य बिस्तर में गिर गया और मैं किसी रांड की तरह भागते हुए गई और उसका वीर्य बिस्तर से चाटने लगी. वो मुझे बड़ी गोर से देख रहा था. “Bewa Ammi Sex Kahani”

मैने वीर्य चाटने के बाद देखा कि बेटे के लन्ड पे भी वीर्य लगा है उसका लन्ड अब मुरझा चुका था. मै बिना लन्ड को छुए उसका लन्ड अपनी जीभ से चाटने लगी. वो भी आअआ ऊऊऊ आह अम्मी करके मजे ले रहा था. 20 मिनिट बाद बेटे का लन्ड फिर से टन होके खड़ा हो गया.

फिर क्या था मै भी किसी चूहे के जैसे दबोच लिया उसके लोड़े को और सट सट मुंह में लेने लगी. पूरे कमरे में हमारी सिसकियां गूंज रही थी फिर उसने मेरे होठों को चूसा और चूसते चूसते मेरी छाती पे पहुंच गया और अपने दांतो से मेरी निप्पल दबाने लगा. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

मै अअअअ.. आआआअ.. ह्ह्ह्ह्ह्.. ऊऊ..ओह्ह्ह्ह.. यस बेबी.. और जोर-जोर से चूसो.. ऊओ..ह.. बहुत अच्छा लग रहा है। बेटा तू तो अपने अब्बू का भी अब्बू निकला. फिर उसने बिना देरी किया मेरी चूत में अपना लन्ड सेट किया और एक जोर डर झटका मारा.

बेटे का लन्ड अंदर जाते ही मेरी सांस रुक गई ऐसा लग किसी ने डंडा डाल दिया हो और मेरी चीखे निकल गई और आह आह आह बेटा ऐसे ही करते रही चिल्ला रही थी. शाहजिल बोला अम्मी आज तो तुझे अपनी रण्डी बनाके चोदूंगा. मै बोली बेटा अब से तू मुझे अम्मी नहीं अपनी रण्डी रखैल वैश्या कुत्तियां कुछ भी बोला कर लेकिन अम्मी नहीं अब चोद भी मेरी चूत पानी छोड़ रही है डाल न मादरचोद रण्डी के जने चोद मुझे.

ये सब सुनके बेटे को गुस्सा आ गया और उसने एकदम से मेरी चूत में लन्ड डाल दिया और पूरी ताकत से अपना लन्ड मेरी चूत में पेलने लगा. मुझे बहुत दर्द हो रहा था लेकिन मेरी चूत सातवें आसमान में थी इतना मोटा तगड़ा लोड़ा जो ले रहीं थी. मेरे मुंह से ऊऊह्ह ह्ह्.. आह्.. ह्ह्ह्हा.. ऊओह्ह्ह..ऊओह्ह आअह्ह ह्हहा.. ऐसे ही और चोदो.. और जोर से ऊह्ह्ह ह्ह्ह्ह्..’ और बीच-बीच में बेटे को गालीयाँ दे देती थी. “आह्ह्ह्हह उह्ह्ह्ह्ह मादरचोद कुत्ते साले अह्ह्ह्हह्ह आईईईइ थोड़ा धीरे कर, मैं तेरी अम्मी हूँ, धीरे कर साले।” तेरा अब्बू तो नामर्द है साला मुझ जैसी को बड़े बड़े लन्ड पसंद है जैसे मेरे बेटे का है.

ये सब बोल रही थी फिर थोड़ी देर बाद बेटा बोला अम्मी मेरा होने वाला है. मै बोली अंदर ही डाल दे बहुत सालों से मेरी चूत में गरमा गरम वीर्य नहीं गया. दो चार शॉट मारके बेटा मेरी चूत में ही झाड़ गया. यह कहानी खत्म होती है तो कैसी लगी स्टोरी मेल करके बताए आप लोग सपोर्ट नहीं करते है मेरी स्टोरी को इसलिए मै ज्यादा नहीं लिख पा रही अगर किसी को मेरी हेल्प चाहिए या कुछ पूछना है तो मुझे बेझिझक इस [email protected] मेल पे मैसेज करे धन्यवाद.

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

Read All Stories by Ritu Agarwal
Disclaimer

इस वेबसाइट पर प्रकाशित सभी कहानियाँ पूर्णतः काल्पनिक हैं और केवल वयस्क पाठकों (18 वर्ष से अधिक आयु) के मनोरंजन के लिए लिखी गई हैं। इनका किसी भी वास्तविक व्यक्ति, घटना या स्थान से कोई संबंध नहीं है।

यहाँ प्रस्तुत किसी भी सामग्री को वास्तविक जीवन में अनुकरण करने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाता। यदि आप 18 वर्ष से कम आयु के हैं, तो कृपया इस वेबसाइट को तुरंत छोड़ें।

इस साइट की सामग्री केवल भारत के कानूनों के अनुरूप वयस्क मनोरंजन हेतु है। कहानियों में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी हैं और वेबसाइट का किसी भी प्रकार से उन पर कोई नियंत्रण नहीं है।

हमारी साइट का उपयोग करके आप स्वीकार करते हैं कि आपने हमारी Privacy Policy पढ़ और समझ ली हैं।

लिंक कॉपी हो गया!