कुंवारी पड़ोसन की सील तोड़ी

कैसे हो दोस्तो.. मैं आपका दोस्त आकाश. मैं नागपुर महाराष्ट्र से हूँ. आपने मेरी कहानी चुदक्कड़ मौसेरी बहन को चोदा पसन्द की थी, तथा कुछ दोस्तो ने इस सेक्स स्टोरी को और आगे लिखने के लिए कहा, इसलिये दोस्तो अपनी पड़ोसन लड़की को मैंने किस तरह चोदा, उसकी चुदाई की कहानी लिख रहा हूँ.

यकीन मानिए दोस्तो ये कहानी एकदम सच्ची है .

जैसे कि मैंने पिछली चुदाई की कहानी में बताया था कि मैं अपनी मौसी की लड़की प्रगति को हमेशा चोदता रहता हूँ.

प्रगति और मेरी पड़ोस में रहने वाली सीमा आपस में सहेलियां हैं. जैसा कि अक्सर होता है. लड़कियों के पेट में कोई बात नहीं पचती, यहाँ भी ऐसा ही हुआ. प्रगति ने हमारी चुदाई की बातें सीमा को बता दीं.

एक दिन सीमा मेरे पास आई और मुझसे बोली कि मुझे तुम्हारे और प्रगति के बारे में सब पता है. मैं थोड़ा घबरा गया कि ये किसी और को बता ना दे. वो मेरी भावना समझते हुए बोली- डरने की कोई बात नहीं है. मैं किसी को कुछ नहीं बताऊंगी.. और वैसे भी मैं भी तुमसे चुदना चाहती हूँ. मैंने उसे मना कर कर दिया.

अब मैं आपको सीमा के बारे में बता दूँ कि वो एक 25 साल की सांवली सी लड़की है. थोड़ी दुबली सी है और उसके स्तन चीकू जैसे हैं. इसलिये मुझे उसमें कोई दिलचस्पी नहीं थी.

मैंने उसे मना कर दिया.. लेकिन वो बोली- देखो आकाश तुम मुझे चोदोगे तो जरूर.. मैं कल घर पर अकेली हूँ और हाँ मैं अभी तक किसी से भी चुदी नहीं हूँ, ना ही मैं चाहती हूँ कि तुम्हारी और प्रगति की बात किसी को भी पता चले.

मैं उसकी बातों का मतलब समझ गया, वो मुझे परोक्ष रूप से धमकी दे रही थी कि अगर मैंने उसके साथ सेक्स नहीं किया तो वो मेरी और प्रगति की बात दूसरे लोगों को बता देगी. और फिर सोचने लगा कि क्या हुआ अगर वो दिखने में खास नहीं है. मैं भी कौन सा हीरो हूँ.. और वैसे भी फ़्री मैं कुंवारी बुर चोदने को मिल रही है और मैंने भी आज तक कुंवारी बुर चोदी भी नहीं थी.

दूसरे दिन सुबह 11 बजे सीमा के मम्मी पापा और छोट भाई कहीं बाहर चले गए. मैं आधे घन्टे बाद सीमा के घर गया. दरवाजा खुला था, मैं अन्दर चला गया. मैंने सीमा को आवाज दी, तो उसने कहा कि वो बाथरूम में है.

मैं सोफ़े पर बैठ गया. थोड़ी देर बाद वो ब्लैक लैंगिंग और रेड टॉप में बाहर आई. टॉप टाईट होने की वजह से उसके चीकू जैसे स्तन साफ़ दिख रहे थे. वो मेरे पास आकर बैठ गई तो मैंने तुरन्त उसके होंठ चूम लिए. सीमा बोली- इतनी जल्दी भी क्या है.. मैं आज दिन भर अकेली हूँ.

फिर मैंने अपनी पेन ड्राईव टीवी में लगा दी और उसमें फीड एक ब्लू फिल्म चालू कर दी.

सीमा उसे बड़े गौर से देख रही थी. फिर मैंने उसे चूमना शुरू कर दिया. चूमते चूमते ही मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए, वो अब सिर्फ़ पेन्टी में थी.

मैं उसके स्तन चूस रहा था.. और वो मेरे बाल सहला रही थी. फिर उसने भी मेरे एक एक करके सारे कपड़े उतार दिए और मेरा लंड हाथ में पकड़ कर आगे पीछे करने लगी. मैं उसकी बुर में उंगली करने लगा, फिर मैंने उसकी पेंटी भी उतार दी.

उसकी चिकनी मक्खन जैसी बुर देख कर मैं समझ गया कि उसने आज ही अपनी बुर के बाल साफ़ किए थे. मैंने उसे अपना लंड चूसने के लिये कहा, उसने झट से लंड चूसना चालू कर दिया. मगर वो लंड पूरा अन्दर नहीं ले रही थी, तो मैंने उसे टीवी पर चल रहा चुसाई का सीन दिखाया और लंड चूसने को कहा.

फ़िर वो अच्छे से लंड चूसने लगी. मुझे बहुत मजा आ रहा था. करीब दस मिनट बाद जब मैं झड़ने वाला था, तो मैंने अपना लंड उसके स्तनों पर रख दिया. मेरे लंड रस से उसके स्तन भर गए.

मेरे झड़ने के बाद सीमा बाथरूम गई और खुद को साफ़ करके आई. मैंने फ़िर उसे चूमना शुरू किया और चूमते चूमते मैं उसकी चूत तक पहुँच कर बुर चाटने लगा. थोड़ी देर बाद वो मेरा सर अपनी चूत पर दबाने लगी. फिर अपनी टांगें हिलाते हुए झड़ने लगी. उसका कामरस बहने लगा जिसे मैंने पी लिया और बचा हुआ रस चाटकर साफ़ कर दिया.

सीमा थोड़ी थक सी गई थी तो बाजू में पलट कर लेट गई. फ़िर मैंने अपना हाथ उसके स्तन पर रखा और एक स्तन को धीरे धीरे दबाने लगा. थोड़ी देर बाद वो मेरे होंठ चूसने लगी.

फ़िर मैंने उसे 69 पोजीशन में आने को कहा, वो मेरे नीचे थी, मेरा लंड उसके मुँह में था और मैं उसकी बुर चाट रहा था.

करीब 2 मिनट बाद उसकी चूत पूरी तरह गीली हो गई थी. मैं उसके पैरों की तरफ़ आ गया और बुर में उंगली डालकर अन्दर बाहर करने लगा.

इसके बाद मैंने दो उंगलियां डालीं, अब मुझे लगा कि वो मेरा लंड लेने को तैयार हो गई है, तो मैंने उसके पैर ऊपर किए और अपना लंड सीमा की चूत पर सैट करके एक झटके में लंड अन्दर घुसा दिया. अभी मेरा लंड बस 2 इंच ही अन्दर गया था कि तभी सीमा चीख पड़ी और रोने लगी.

मैंने लंड अन्दर ही रहने दिया और दूसरा धक्का मारा तो मेरा पूरा लंड उसकी नन्हीं सी बुर के अन्दर जड़ तक घुस गया. सीमा के आंसू निकल गए, वो रोने लगी. मैं उसके स्तन चूसने लगा, थोड़ी देर बाद वो नार्मल हो गई और मैं उसे चोदने लगा. करीब 7-8 मिनट बाद सीमा झड़ गई. मेरा अभी नहीं हुआ था.. तो मैं उसे चोदता रहा.

फ़िर थोड़ी देर बाद मैंने उसे घोड़ी बनाकर चोदा. जब मेरा निकलने वाला था तो मैंने उससे पूछा- कहाँ निकालूँ? तो वो बोली- मेरे मुँह में निकाल दो.

फ़िर मैंने अपना लंड उसके मुँह में दे दिया और मैं उसके मुँह में झड़ गया. वो मेरे लंड को चूसते हुए मेरे रस को पूरा पी गई. उस दिन मैंने उसे दो बार और चोदा.. फिर अपने घर आ गया.

दोस्तो, मेरी ये देसी चुदाई कहानी आपको पसन्द आई या नहीं, मुझे अपनी राय [email protected] पर जरूर लिखें.

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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