किस्मत खुली, चूत फटी-3

कहानी का पहला भाग : किस्मत खुली, चूत फटी-1 कहानी का दूसरा भाग : किस्मत खुली, चूत फटी-2 दोस्तो, जैसे मैंने पिछले भाग में बताया था कि मैं चुदाई की आग में जल रहा था और मुझे अनिता की चूत चोदने को मिली और मैंने उसकी चूत मार-मार के फाड़ दी। अनिता को चोदने के बाद जैसे मेरी सारी तमन्नाएँ पूरी हो गई।

जब भी चुदाई करने की इच्छा होती, तब अनिता को कॉल कर देता था, वो समय बता देती थी और योजना के अनुसार घर का दरवाजा खोल कर रखती थी।

मैं अन्दर घुस कर अनिता को अपनी बाँहों में पकड़ लेता और चूमता-चाटता रहता था। हर नए तरीके से उसे खूब चोदता, कभी दोनों पैर अपने कंधे पर रखकर, कभी घोड़ी बना कर।। उसका खूब बाजा बजाता था।

एक बार मैंने सिर्फ अनिता की पीठ बेड पर रख कर लिटाया और मैं बेड के नीचे खड़ा हुआ, मैंने अपने दोनों हाथों से अनिता की कमर पकड़ कर अपने लण्ड के सामने लाकर धक्के मारने लगा और साथ में अपने हाथों से अनिता की चूत लण्ड पर दबा देता था।

अब अनिता भी चुदाई के लिए काफी खुल गई थी। मैंने अनिता को उसके घर के हर एक कोने में ले जाकर चोदा। अनिता मुझसे बहुत संतुष्ट हो जाती थी। यह कहानी आप अन्तर्वासना.कॉम पर पढ़ रहे हैं।

अब मैंने सोच लिया था अनिता की गांड मारना है। मैंने जब ये बात अनिता से कही तो उसने साफ मना कर दिया। मैं उसे मनाने लगा मजा आएगा, तो अनिता ने कहा- मुझे दर्द भी होगा! मैंने उसे हौसला दिया और कहा- मैं दर्द होने नहीं होने दूँगा, दर्द होगा तो मैं नहीं करुँगा! और अनिता मान गई।

मैंने अनिता को उठाया और बेड पर लिटाया। हम दोनों पूरे नंगे थे। मैं अनिता के होंठ चूसने लगा। अपने हाथों से उसके मम्मे सहलाने लगा। इस बार अनिता ने मुझे नीचे कर दिया और अनिता मेरा लण्ड चूस रही थी और मैं उसकी चूत चूस रहा था। जैसे 69 की अवस्था में अक्सर हम दोनों मजा लेते रहे हैं।

अनिता मेरा लण्ड मस्त होकर चूस रही थी, तब तक अनिता का पानी छूट गया। वो पूरा रस मेरे मुँह में आने लगा। मैं पूरा रस पी गया और पूरी चूत चाट कर साफ कर दी। अब मैं भी अनिता के मुँह में छूट गया था, अनिता मेरा पूरा वीर्य पी गई और हम सीधे बेड पर लेट गए।

मैं अनिता को फिर से गर्म करने के लिए उसके मम्मे सहलाने लगा। वो थोड़ी गर्म हो गई थी। मैंने उसे घोड़ी बनाया और ढेर सारा तेल गाण्ड के छेद में डाल दिया और अपनी एक उंगली गाण्ड में डाल दी। अनिता की गाण्ड बहुत टाईट थी, वो ‘आह’ की आवाज के साथ चहक गई और मस्त हो गई। अब मैंने अपने लण्ड पर भी तेल लगाया और उसके गाण्ड में घुसा दिया। मेरा आधा लण्ड ही अन्दर गया था और अनिता चीखने लगी। मैं नीचे से हाथ डालकर उसके मम्मे सहलाने लगा, जिससे उसका दर्द जल्दी कम हो जाए। दर्द कम होने पर मैंने अपना लण्ड धीरे-धीरे अन्दर घुसाया और धक्के मारना शुरू किया। अब अनिता भी गाण्ड हिला-हिला कर मजा ले रही थी। अब तक वो एक बार छूट गई थी।

मैं जोर-जोर से उसकी गाण्ड मार रहा था करीब 15-20 मिनट के बाद मैं भी झड़ रहा था। मैंने अपना पूरा वीर्य अनिता की गाण्ड में छोड़ दिया। मेरे गर्म वीर्य के वजह से अनिता भी झड़ गई और हम दोनों बेड पर गिर गए।

तो दोस्तो, इस तरह मैंने अनिता की गाण्ड भी मारी। आपको मेरी कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करके बताइए। [email protected]

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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