हसीन महिला एक रात के लिए मेरे साथ सोई

मेरा नाम विजय है। मैं आपको एक सच्ची कहानी पढ़ा रहा हूँ। मैं एक स्टुडेंट हूँ और अब मैं नालंदा में मेल एस्कोर्ट का काम भी कर रहा हूँ। मैं मेल एस्कोर्ट (प्ले बॉय) कैसे बना वो मैं लिख रहा हूँ। एक बार मैं एक फ़्रेंड के रिसेप्शन में गया था। Patna Male Escort

मेरा फ़्रेंड काफी पैसे वाला है तो उसके यहाँ गेस्ट भी पैसे वाले ही आये हुए थे। मैं मिडिल क्लास से सम्बंध रहता हूँ। मैं और मेरा फ़्रेंड एक ही कोलेज में पढ़ते हैं इस लिये मुझे भी रिसेप्शन में बुलाया था, मैं एक स्पोर्ट्स मैन भी हूँ तो मेरा शरीर एथेलेटिक टाइप का है।

मैंने टाइट टी-शर्ट और जीन्स पहना हुआ था। उस पार्टी में एक औरत करीब २८ साल की शादी शुदा मुझे कभी कभी गौर से देख रही थी जब मेरी नज़र उन पर पड़ती तो वो मुस्कुराने लगती। मैं भी मुस्कुरा देता। पा

र्टी खत्म हुई तो मैंने अपने दोस्त को विश कर कहा “अब मैं चलता हूँ, काफी रात हो रही है” करीब १२:०० बज गये थे। मैं बाहर जाने लगा तभी वो औरत मुझे गेट पर इन्तज़ार करते हुए मिली। शायद मेरा ही इन्तज़ार कर रही थी। उसने मुझे हैलो कहा तो जवाब में मैंने भी हाय कहा।

मैं आगे बढ़ने लगा तो वो बोली “आप कहाँ जा रहे हैं?”

मैं “घर.”

वो “आप किधर से जाइयेगा.”

मैं “मार्किट रोड हो कर.”

वो “आप अकेले रहते हैं.”

मैं “हाँ, मैं यहाँ पढ़ाई कर रहा हूँ, फ़ैमिली घर पर रहती है, मैं यहाँ रेंट पर रहता हूँ.”

वो “मैं भी में रहती हूँ, मेरे पति बाहर गये हैं, अकेले घर जाने में डर लग रहा है, क्या मैं आप के साथ चलुं.”

मैंने थोड़ी देर सोचा फिर कहा “ठीक है चलिये.”

उसके घर पहुँचा तो बोली “मेरी शादी अभी ६ महीने पहले हुई है, मैं आज तक कभी अकेली घर पर नहीं रही, मेरे पति भी मीटिंग में बाहर गये हैं, अगर आपको बुरा न लगे तो क्या आप आज रात में यहाँ रह सकते हैं.”

मैंने सोचा घर पर भी तो मैं अकेले सोउंगा, यहीं सो जाता हूँ, इन्हें डर भी नहीं लगेगा और सुबह मैं घर चला जाउंगा मेरा भी तो घर यहीं पर है। मैंने बोला “ठीक है” और हम दोनों घर में चले गये करीब १:०० बज चुके थे।

उसने अपने पति का नाइट सूट मुझे दिया और खुद नाइटी पहन कर मेरे पास आ गयी। उसने कहा “मैं बगल वाले कमरे में जा कर सो जाती हूँ वैसे मैं आपके साथ ही सोना चाहती थी क्योंकि मुझे अकेले डर लगेगा.”

मैंने कहा “ठीक है आप बेड पर सो जाइये मैं सोफे पर सो जाता हूँ.”

वो “आप बुरा मत मानिये हम साथ सो सकते हैं। मैं “मुझे कोई ऐतराज़ नहीं है.”

और फिर हम दोनो एक ही बेड पर सो गये। करीब ३:०० बजे मुझे ऐसा महसूस हुआ कि उसका हाथ मेरे लंड पर है। मैंने आँखें खोली देखा वो सो रही है। तभी मेरी नज़र उसकी चूचियों पर गया। उसकी चूची आधी से ज्यादा बाहर थी। ये देख कर मेरा लंड तन गया। “Patna Male Escort”

उसे शायद महसूस हो गया कि मेरा लंड टाइट हो गया है तो उसने मेरी तरफ़ करवट ली। ऐसा करने से उसकी चूची का निप्पल मुझे दिखने लगा। मैंने भी करवट ली तो महसूस हुआ उसकी साँसें तेज़ चल रही हैं। मैं समझ गया ये जागी हुई है और सेक्स चाहती है।

मैंने अपना हाथ उसकी चूची पर रखा और धीरे २ दबाने लगा। उसने अपनी आँखें खोली और अपने लिप्स को मेरे लिप्स पर रख कर किस करने लगी। मैं भी उसकी चूची को जोर से दबने लगा। जब हम दोनो गरम हो गये तो एक दूसरे का कपड़े खोल दिये।

हम दोनो बिल्कुल नंगे थे। उसके नग्न शरीर को मैं देखता ही रह गया, गोरा रंग, टाइट निप्पल, नारंगी के समान चूची, स्लिम, पावरोटी की तरह बुर, मक्खन जैसे लिप्स। मैं लिख नहीं सकता कि उस वक्त मेरी क्या हालत थी।

उसने मुझे अपनी बाहों में ले लिया और बोली “प्लीज़ फ़क मी हार्ड” । मैंने उसके दोनो पैरों को साइड करके उसकी बुर के पास मुँह ले गया और उसकी बुर को चाटने लगा। उसके बाद उसने मेरे लंड को चूसा, फिर बोली “फ़क मी” और उसने बेड पर लेट कर अपने पैर मेरे कंधों पर रख दिये। “Patna Male Escort”

मैं अपना लंड उसके बुर के पास ले जाकर बुर की फ़ाँकों के बीच में रगड़ने लगा, वो लम्बी २ साँसें लेने लगी और अपने हाथ से मेरा लंड पकड़ कर बुर में घुसाने लगी, मैं समझ गया ये चुदवाना चाहती है। मैंने भी जोर से धक्का दिया और मेरा लंड उसकी बुर में आधा चला गया वो चीखी “प्लीज़ प्यार से चोदो”। तब मैं दोनो हाथों से उसकी चूचियों को मसलने लगा और लिप्स किस करने लगा साथ में धीरे धीरे कमर भी हिला रहा था थोड़ी देर बाद उसने कहा “प्लीज़ फ़ास्ट चोदो” मैंने अपनी रफ़्तार बढ़ा दी।

पूरे कमरे मे चुदाई की आवाज गूँज रही थी। थोड़ी देर बाद उसने कहा “प्लीज़ और तेज़ करो मैं झड़ने वाली हूँ” मैं ज़ोर २ से लंड से उसकी बुर चोदने लगा। थोड़ी देर बाद वो झड़ गई मेरा भी झड़ने वाला था और मैंने अपना सारा वीर्य उसकी मुँह में डाल दिया उसने मेरा लंड चूस २ कर सारा वीर्य पी गयी। और मुस्कुराते हुए मेरे लिप्स पर किस किया तब तक सुबह हो चुकी थी। मैं अपने कपड़े पहनने लगा। वो नंगी ही थी। वो उठी और अलमारी से पर्स निकाल कर २५०० /- रुपये मुझे दी, कहा “लो तुम्हारे वीर्य की कीमत” और लिप्स किस की।

Kavya Singh

नमस्ते! मैं काव्या सिंह हूँ - इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री वाली और पिछले 7 साल से हिंदी में इतनी बोल्ड कहानियाँ लिख रही हूँ कि पाठक दोबारा पढ़े बिना रह नहीं सकते। मैं भारतीय समाज के हर छुपे हुए जज़्बात को शब्दों में ढालती हूँ - वो इच्छाएँ, वो चाहतें जो आप दिन में छुपाते हैं लेकिन रात में महसूस करना चाहते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर मेरी कहानियों को पुरस्कार मिले हैं और लाखों पाठकों ने मेरी कहानियों से अपनी रातों को गरमाया है। चलो, आज मेरी कहानी में डूब जाओ!

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