खुद पर काबू ना रख पाने की सजा मिली

मेरा नाम मनीष है और मेरी उम्र 32 साल है. यह उस वक़्त की बात है जब में 18 साल का था. ये मेरी जिंदगी में आई पहली लड़की की कहानी है और उसका नाम दिशा था. वो सचमुच किसी परी से कम नहीं थी. फिर मेरी और उसकी कहानी ऐसे शुरू हुई. दोस्तों में और वो एक ही क्लास में थे. अब 12वीं बोर्ड के एग्जॉम होने से हम साथ-साथ ही पढ़ते थे. Naraj Girlfriend Hardcore Fuck

वैसे मेरी दो बहनें भी हमारे साथ पढ़ती थी, लेकिन वो हमसे बहुत छोटी थी. फिर साथ-साथ पढ़ते हुए हम नज़दीक आते गये और एग्जॉम ख़त्म होने के बाद भी हमारी बात होती रही. अब हम एक दूसरे की तरफ खिंचते चले जा रहे थे, वो इतनी खूबसूरत थी कि मौहल्ले के कई लोग मुझसे जलने लगे थे.

फिर एक दिन जब वो मेरे घर आई, तो मेरे घर पर कोई नहीं था तो मैंने उसे पकड़कर किस कर लिया. फिर वो घबराकर भाग गई और 15 दिन तक उसने मुझसे बात नहीं की, लेकिन फिर धीरे-धीरे सब ठीक हो गया. फिर कुछ दिन के बाद ऐसा ही फिर से हुआ, तो इस बार मैंने उसे अपनी बाँहो में ले लिया और पूछा कि क्या में तुम्हें किस करूँ तो तुम नाराज़ तो नहीं होगी? तो वो कुछ नहीं बोली.

मैंने हिम्मत करके किस चालू की और 7-8 मिनट के बाद मैंने किस करते हुए अपना एक हाथ उसकी लेफ्ट चूची पर रखा और धीरे-धीरे रगड़ने करने लगा. अब हम दोनों बहुत हॉट हो गये थे, हमारा ये पहला मौका था, अब में तो खड़े-खड़े ही झड़ गया था. फिर मैंने उसे अपनी बाँहो में उठाया और अपने रूम में ले आया. अब वो कुछ भी बोल नहीं रही थी, बस चुप थी.

फिर मैंने वहाँ उसे चूमना, चाटना और सहलाना चालू किया और सहलाते हुए कुछ देर के बाद में अपना एक हाथ उसकी जांघो से उसकी गांड पर ले आया और फिर मैंने उसे चूमना बंद करके उसकी कमीज़ उतारनी शुरू की, लेकिन जैसे ही मैंने उसकी कमीज़ को उठाया, तो उसने अपने आपको छुड़ाकर भागना चाहा.

फिर मैंने कहा कि क्या हुआ? तो वो बोली कि नहीं प्लीज, ये सब मत करो. फिर मैंने उसे बहुत समझाया, लेकिन वो नहीं मानी तो तब मैंने वो किया जिसका मुझे आज तक दुःख है. मैंने उससे कहा कि अगर तुम नहीं मानोगी, तो में अपनी जान दे दूँगा, तो वो घबरा गयी और रोते हुए मेरे पास आ गई.

अब में उस वक़्त हवस के नशे में था तो मैंने उसे उठाकर बेड पर पटका और फिर उसकी कमीज़ उतार दी और उसकी ब्रा भी उतार दी. अब में उसे टॉपलेस देखकर पागल हो गया था. उसकी दूध सी रंगत थी और फिगर 32 साईज के होंगे.

अब में उसे मसलने लगा, चूमने लगा, चूसने लगा था और अब में सब कुछ भूलकर उसमें खो गया था. फिर 15-20 मिनट के बाद मुझे होश आया तो में अपना एक हाथ उसकी चूत पर ले गया और धीरे से उसकी सलवार को भी खोल दिया. फिर इस बार वो कुछ नहीं बोली बस खामोश ऊपर छत को देखती रही.

फिर मैंने उसकी सलवार उतारने के बाद अपने कपड़े भी खोल दिए, तो वो मुझे अपने कपड़े उतारते हुए देखती रही. अब मैंने उसकी चूत को पहली बार देखा था, उसकी चूत पर बाल नहीं थे. अब 18 साल की प्यारी कुँवारी चूत देखकर मेरे मुँह में पानी आ गया था.

फिर में उसे चूमने लगा और चूमते-चूमते अपनी एक उंगली उसकी चूत में डाल दी, तो वो चीख पड़ी. फिर में अपनी उंगली धीरे-धीरे आगे पीछे करते हुए उसे सिर से लेकर पैर तक चूमता रहा और फिर उसकी चूत को चाटने लगा. सच दोस्तों उस वक़्त में बयान नहीं कर सकता कि मुझे कितना मज़ा आ रहा था?

फिर मैंने उससे अपने लंड को चूसने को कहा तो वो चुपचाप मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी और में पलटकर उसकी चूत को 69 स्टाइल में चाटने लगा. अब जब मेरे सब्र से बाहर हो गया तो में उठा और तेल की बोतल लाया और थोड़ा उसकी चूत पर और थोड़ा अपने लंड पर लगाया.

फिर मैंने एक तकिया उसकी नाज़ुक मुलायम गांड के नीचे रखा (ये सब मैंने एक सेक्स की किताब में पढ़ा था कि चुदाई कैसे होती है?) वो अब भी चुप थी, ना साथ दे रही थी और ना ही विरोध कर रही थी. फिर मैंने सोचा कि उसे भी मज़ा आ रहा है, लेकिन वो शर्म के मारे कुछ बोल नहीं रही है.

फिर मैंने उसकी चूत को अपने हाथ से खोला और उसकी चूत के छेद पर अपना लंड रखकर थोड़ा ज़ोर लगाया तो तेल की चिकनाई ने कमाल दिखाया और मेरा लंड करीब 2 इंच उसकी चूत को फाड़ता हुआ अंदर चला गया. फिर उसके मुँह से कराह निकली तो मैंने देखा कि उसने अपने होंठ भींचकर अपने दांतो में दबा रखे थे.

अब उसकी आँखों से आँसू आ रहे थे और अब में समझ गया था कि ये चूत फटने के दर्द के आँसू है. फिर मैंने थोड़ा रुककर फिर से थोड़ा ज़ोर लगाया तो इस बार भी मेरा लंड करीब उतना ही उसकी चूत के अंदर चला गया. अब में ऐसे ही अपने आधे घुसे हुए लंड से ही धक्के मारने लगा था.

अब मेरा लंड उसकी चूत में बहुत ही फँस-फँसकर आ जा रहा था. अब उसकी चूत से खून भी निकल रहा था. फिर करीब 10 मिनट के बाद कुछ आसानी से मेरा लंड आने जाने लगा तो मैंने जोश में आकर थोड़ा ज़ोर का एक झटका लगाया तो मेरा पूरा 7 इंच का लंड जड़ तक उसकी चूत में घुस गया. “Naraj Girlfriend Hardcore Fuck”

फिर वो ज़ोर से चीखी, तो मैंने उसके मुँह पर अपना एक हाथ रखा और कहा कि क्या कर रही हो? मरवाओगी क्या? फिर थोड़ी देर के बाद मैंने फिर से हिलना चालू किया और अपना काम करीब 15 मिनट में ख़त्म किया. फिर वो उठकर बिना मुझसे बात करे अपने कपड़े पहनकर चली गई थी. फिर मैंने समझा कि शरमा गई होगी और अगर नाराज़ भी होगी, तो में 1-2 दिन में मना लूँगा, लेकिन मेरे होश तब उड़े जब मुझे उसका लेटर मिला. उसने मुझे लिखा था.

डियर मनीष में तुम्हें बहुत चाहती थी, लेकिन उस दिन तुमने वो किया जो में सोच भी नहीं सकती थी, तुमने अपनी जान देने की धमकी ना दी होती, तो में कभी नहीं मानती. में तुम्हें अपनी जान से ज़्यादा चाहती हूँ, तो में तुम्हें कैसे मरने दे सकती हूँ? वो भी अपने इस नाश्वर शरीर के लिए, लेकिन मनीष ये बात मुझे अब भुलाए नहीं भूलती कि तुमने कुछ देर के मज़े के लिए मुझे दागदार कर दिया, तुम्हें जिस इज़्ज़त के रखवाले बनना था, उसकी हवस की आग में जलकर तुमने ही उसे लूट लिया. में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ इसलिए तुमसे नफ़रत नहीं कर सकूँगी, लेकिन प्लीज अब तुम मुझसे मिलने या बात करने की कोशिश भी मत करना, वरना अब में अपनी जान दे दूँगी. ये मेरा जिस्म तो एक दिन तुम्हें ही मिलना था, लेकिन इस तरह से तुमने मेरे दिल को छलनी किया है कि में तुम्हें कभी माफ़ नहीं करूँगी.

डियर मनीष में तुम्हें बहुत चाहती थी, लेकिन उस दिन तुमने वो किया जो में सोच भी नहीं सकती थी, तुमने अपनी जान देने की धमकी ना दी होती, तो में कभी नहीं मानती. में तुम्हें अपनी जान से ज़्यादा चाहती हूँ, तो में तुम्हें कैसे मरने दे सकती हूँ? वो भी अपने इस नाश्वर शरीर के लिए, लेकिन मनीष ये बात मुझे अब भुलाए नहीं भूलती कि तुमने कुछ देर के मज़े के लिए मुझे दागदार कर दिया, तुम्हें जिस इज़्ज़त के रखवाले बनना था, उसकी हवस की आग में जलकर तुमने ही उसे लूट लिया. में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ इसलिए तुमसे नफ़रत नहीं कर सकूँगी, लेकिन प्लीज अब तुम मुझसे मिलने या बात करने की कोशिश भी मत करना, वरना अब में अपनी जान दे दूँगी. ये मेरा जिस्म तो एक दिन तुम्हें ही मिलना था, लेकिन इस तरह से तुमने मेरे दिल को छलनी किया है कि में तुम्हें कभी माफ़ नहीं करूँगी.

दोस्तों उसके जाने के बाद मुझे अहसास हुआ कि मैंने कितनी कीमती चीज़ इस हवस के हवाले होकर खो दी है, में उसकी याद में आज तक रो रहा हूँ शायद ये मेरे प्यार का सबसे बुरा अंजाम था, क्योंकि चाहता तो में भी उसे इतना ही था जितना वो मुझे चाहती थी, लेकिन में अपने आप पर काबू ना रख पाने की सज़ा पा रहा हूँ.

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

Read All Stories by Ritu Agarwal
Disclaimer

इस वेबसाइट पर प्रकाशित सभी कहानियाँ पूर्णतः काल्पनिक हैं और केवल वयस्क पाठकों (18 वर्ष से अधिक आयु) के मनोरंजन के लिए लिखी गई हैं। इनका किसी भी वास्तविक व्यक्ति, घटना या स्थान से कोई संबंध नहीं है।

यहाँ प्रस्तुत किसी भी सामग्री को वास्तविक जीवन में अनुकरण करने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाता। यदि आप 18 वर्ष से कम आयु के हैं, तो कृपया इस वेबसाइट को तुरंत छोड़ें।

इस साइट की सामग्री केवल भारत के कानूनों के अनुरूप वयस्क मनोरंजन हेतु है। कहानियों में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी हैं और वेबसाइट का किसी भी प्रकार से उन पर कोई नियंत्रण नहीं है।

हमारी साइट का उपयोग करके आप स्वीकार करते हैं कि आपने हमारी Privacy Policy पढ़ और समझ ली हैं।

लिंक कॉपी हो गया!