नॉटी !

‘‘पिता जी !’’ उसके मुख से शब्द निकल ही नहीं रहे थे।

प्रसन्नता इतनी थी कि वर्षा फ़ूली नहीं समा रही थी। साइबर कैफे से बाहर आते ही उसने घर का नम्बर मिलाया।

“पिताजी!” वह चहकी, ‘‘मैंने मुख्य परीक्षा पास कर ली है। मेरिट सूची में तीसरे क्रम पर हूँ !’’

‘‘शाबाश बेटी ! मुझे पता था… हमारी वर्षा है ही इतनी होनहार !’’

‘‘पिताजी, पंद्रह मिनट के ब्रेक के बाद एक छोटा सा पर्सनॉलिटी टेस्ट और होना है। उसके फौरन बाद हमें नियुक्ति पत्र लेटर दे दिए जाएँगे। मम्मी को फोन देना…!’’

“इसमें भी हमारी बेटी बढ़िया करेगी। तुम्हारी मम्मी सब्जी लेने गई है। आते ही बात कराता हूँ। मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ मेरी बेटी को !’’

उसकी आँखें भर आईं। पापा की छोटी-सी नौकरी थी, लेकिन उन्होंने बैंक से पैसा उधार लेकर अपनी दोनों बेटियों को उच्च शिक्षा दिलवाई थी। मम्मी-पापा की आँखों में के सपनों को वास्त्विकता में बदलने का अवसर आ गया था।

एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी में एग्ज़ीक्यूटिव ऑफिसर के लिए वर्षा ने आवेदन किया था। आज ऑनलाइन परीक्षा उसने मेरिट में पोजीशन के साथ पास कर ली।

दूसरे टेस्ट का समय हो रहा था। उसने कैफे में प्रवेश किया।

कम्प्यूटर में रजिस्ट्रेशन नम्बर फीड करते ही जो पेज खुला, उसमें सबसे ऊपर अंग्रेजी में नीले रंग में लिखा था-“वेलकम-मिस वर्षा !”

नीचे कुछ प्रश्न थे, जिनके आगे अंकित ‘यस’ अथवा ‘नो’ को उसे ‘टिक’ करना था…

विवाहित हैं?

इससे पहले कहीं नौकरी की है?

बॉस के साथ एक सप्ताह से अधिक घर से बाहर रही हैं?

बॉस के मित्रों को ‘ड्रिंक’ सर्व किया है?

एक से अधिक मेल फ्रेंड्स के साथ डेटिंग पर गई हैं?

किसी सीनियर फ्रेंड के साथ अपना बैडरूम शेयर किया है?

पब्लिक प्लेस में अपने फ्रेंड को ‘किस’ किया है?

नेट सर्फिेग करती हैं?

पॉर्न साइट्स देखती हैं?

चैटिंग करती हैं?

एडल्ट हॉट रूम्स में जाती हैं?

साइबर फ्रेंड्स के साथ अपनी सीक्रेट फाइल्स शेअर करती हैं?

चैटिंग के दौरान किसी फ्रेंड के कहने पर खुद को वेब कैमरे के सामने एक्सपोज़ किया है?

….

सवालों के जवाब देते हुए उसके कान गर्म हो गए और चेहरा तमतमाने लगा। कैसे ऊटपटांग और वाहियात सवाल पूछ रहे हैं?

अगले ही क्षण उसने खुद को समझाया- बहुराष्ट्रीय कम्पनी है, विश्व के सभी देशों की सभ्यता एवं संस्कृति को ध्यान में रखकर ये प्रश्न रखे गए होंगे।

सभी प्रश्नों के जवाब अपने हिसाब से ‘टिक’ कर उसने पेज को रिजल्ट के लिए ‘सबमिट’ कर दिया।

कुछ ही क्षणों बाद स्क्रीन पर रिजल्ट देखकर उसके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई।

सारी खुशी गायब हो गई।

ऐसा कैसे हो सकता है?

पिछले पेज पर जाकर उसने सभी जवाब चेक किए, फिर ‘सबमिट’ किया।

स्क्रीन पर लाल रंग में चमक रहे बड़े-बड़े शब्द उसे मुँह चिढ़ा रहे थे,”सॉरी वर्षा ! यू हैव नॉट क्वालिफाइड। यू आर नाइंटी फाइव परसेंट प्युर (pure)। वी रिक्वायर एट लीस्ट फ़ॉर्टी परसेंट नॉटी !”

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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