बाबा ने मेरी पत्नी को सड़क पर चोदा

बाबा सेक्स कहानी में मैं और मेरी बीवी एक बाबा के अंधभक्त बन गए क्योंकि उस बाबा से मुझे फायदा हुआ था. लेकिन उस कामी बाबा ने मेरे बीवी को ही अपनी रखैल बना लिया.

दोस्तो, मेरा नाम आशीष है और मेरी पत्नी का नाम रीना है. हम लोग मथुरा में रहते हैं.

रीना की उम्र 40 साल है और उसका फिगर 38-32-42 है. मेरी बीवी बहुत सेक्सी माल दिखती है. प्रिय पाठको, मेरी पिछली कहानी थी: मेरी बीवी को एक जवान लौंडे ने चोदा

यह बाबा सेक्स कहानी मेरी बीवी की चूत चुदाई की है.

रीना की एक सहेली मलीहा मथुरा में ही रहती है, उसी ने रीना को एक बाबा से मिलवाया था. वो बाबा भी मथुरा का ही था.

पहली बार हम तीनों मतलब मैं, मेरी बीवी रीना और उसकी सहेली मलीहा एक साथ उससे मिलने गए थे. मेरा मिठाई का कारोबार कुछ अच्छा नहीं चल रहा था तो कोई उपाय पूछने गए थे.

वह बाबा रीना को देखते ही उस पर होश खो बैठा और उसने हमने अलग समय देकर मिलने की इच्छा ज़ाहिर की.

हम मिलने गए तो उसने अपने यहाँ बंटने वाले प्रसाद का आर्डर मुझे देते हुए कहा कि इससे कारोबार सुधर जाएगा. तब बाबा के भक्त भी मेरी दूकान पर आने लगे और मेरा व्यापार तरक्की करने लगा.

तब तक मैं और मेरी बीवी बाबा के अंध भक्त बन गए थे.

अब तक मलीहा ने रीना को बता दिया था कि बाबा चूत का शौकीन है. वह अपनी भक्तों में से सुंदर सेक्सी औरतों को मना कर चोद लेता है. मलीहा भी बाबा से कई बार चुद चुकी है.

अब बाबा मेरी बीवी पर मलीहा के माध्यम से सेक्स के दबाव बना रहा था. मेरी बीवी ने यह बात मुझे बताई.

हम दोनों पर बाबा की भक्ति का रंग चढ़ा हुआ तो मैंने इस बात पर कोई आपत्ति नहीं जताई.

इस तरह से मुझसे बाबा ने रीना से सेक्स सम्बन्ध स्थापित करने के लिए अनुमति ले ली थी.

तब से वह लगातार रीना को कभी न कभी चोदता रहता है. रीना को बाबा मेरी जानकारी में चोदता है. बाबा मुझसे खुल कर सेक्स की बातें करता रहता है जिसमें वह मेरी बीवी और मलिहा की चुदाई की बातें भी बताता है. वो बातें बाद में कभी बताऊंगा.

अभी हाल की घटना पढ़ें.

कुछ दिन पहले रीना के एक रिश्तेदार की तबीयत ख़राब हो गई और वो आगरा के अस्पताल में भर्ती थे. मैं अपने व्यापार में व्यस्त था तो रीना उनको देखने अपनी सहेली मलीहा के साथ चली गई थी.

दिसम्बर का महीना था तो शाम जल्दी हो गई.

बाबा मेरी बीवी रीना और उसकी सहेली मलीहा से फों पर अक्सर बात करता रहता था.

अस्पताल से निकलते ही रीना की सहेली मलीहा को बाबा फ़ोन आया कि बाबा भी आज आगरा आये है और वे मथुरा जा रहे हैं. तबी बाबा ने कहा कि वे दोनों उनके साथ उनकी बुलेरो में मथुरा चली चलें.

जिस पर वे दोनों तैयार हो गई.

अस्पताल के पास ही बाबा उनको मिल गये और उनकी सहेली आगे की सीट पर और पीछे रीना बाबा के साथ बैठ गई. अँधेरा हो गया था.

आगे की कहानी जो बाबा ने मुझे बताई है वो बता रहा हूँ.

बाबा के शब्दों में:

मैंने रीना के चेहरे को अपनी और घुमाया, उसके होंठों को चूमा और कहा- रीना, अपने कपड़े खोलो. यहीं गाड़ी में एक राउंड लगाना है. तो रीना मना करने लगी.

मगर मैंने जोर दिया तो वह कहने लगी- रास्ते में कोई देख लेगा, अच्छा नहीं लगता! तो मैंने कहा- कुछ नहीं होगा. और चलती गाड़ी में तो किसी का ध्यान ही नहीं जायेगा.

सिकंदरा निकलते ही सड़क सुनसान हो गई. तो मैंने रीना की शाल उतार दी और रीना को किस करने लगा.

रीना मना करने लगी तो मैंने अपना 7 इंच लम्बा लंड रीना के हाथ में पकड़ा दिया और जबरन रीना का स्वेटर उतार दिया और फिर उसका कुरता भी उतार दिया.

मैंने उसकी चूचियां मसली तो अब रीना का भी सेक्स का मन करने लगा था. तो मैंने उसके होठों पर अपने होठ लगा दिए और पीछे की सीट पर ही लिटा दिया और उसकी सलवार भी उतार दी.

अब रीना सिर्फ ब्रा और पैंटी में मेरे सामने लेटी हुई थी.

ड्राईवर आराम से गाड़ी चला रहा था और उसकी सहेली आगे की सीट पर बैठी हुई थी. वह कभी कभी पीछे देख रही थी.

फिर मैंने रीना की ब्रा और पैंटी दोनों एक साथ उतार दी और ड्राईवर से बोला- गाड़ी किसी ढाबे पर रोक देना जहाँ सेफ हो! तब तक गाड़ी धीरे धीरे ले चलो.

तो उसने गाड़ी की स्पीड सिर्फ 15 किलोमीटर की कर दी और धीरे धीरे गाड़ी चलाने लगा. और मैं रीना के होठों को चूसने के बाद उसके दोनों निप्पलों को चूसने लगा.

अब रीना भी बोल्ड होती जा रही थी.

फिर मैंने गाड़ी में रखे कंडोम के पैकेट निकलवाए और फिर एक कंडोम अपने लंड पर चढ़ाया.

तब मैं रीना को अपने लंड पर बैठा लिया और वह मेरे लंड को चूत में लेकर उस पर कूदने लगी. और मैं उसके दोनों स्तनों को मसल, निचोड़ रहा था.

कुछ समय बाद मैंने रीना को सही से सीट पर लिटा दिया और उसके उपर चढ़ कर रीना को शताब्दी की स्पीड से चोदने लगा. रीना को चुदाई का मजा आ रहा था और वह सिसकारियां लेने लगी थी- आह … अह … हाँ … हंमहां ओहा …करो … जोर से!

वह आह आह करने लगी और उसकी इन सीत्कारों से मेरा जोश और बढ़ता रहा. और मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी.

रीना की आवाज़ से ड्राईवर और उसकी सहेली भी कामुक होने लगे थे.

मेरा ड्राईवर बोला- गुरू जी, मैं भी रीना चोदना चाहता हूँ. तो मैं बोला- ठीक है … चोद लेना … मेरा होने के बाद!

अब मेरे यानि आशीष के शब्दों में:

तब मैंने (रीना का पति आशीष) पूछा- गुरुजी, आपने ड्राईवर से चुदवा दिया मेरी बीवी रीना को? यह सही नहीं है. तो बाबा बोला- वह ड्राईवर नहीं था, मेरा दोस्त था. गाड़ी वही चलाता है. तुम भी जानते हो उसको!

फिर गुरूजी ने रीना को नंगा अपने उपर बैठा लिया और खुद सीट पर लेट गये और रीना कूद कूद कर चुदने लगी. गाड़ी की स्पीड ज्यादा नहीं थी तो सब कुछ आराम से हो रहा था.

फिर गुरूजी ने रीना को सीट पर घोड़ी बना दिया और ड्राईवर और उसके साइड की सीट से होकर आगे खड़ा कर दिया और पीछे से गुरूजी रीना की चूत में अपना लंड डाल दिया और काफी देर तक चोदा.

और इसी बीच ड्राईवर भी रीना के लटकते बड़े बड़े बूब्स को सहलाता रहा और उसका मज़ा ले कर गाड़ी चलाता रहा.

कुछ देर तक ऐसे चोदने के बाद गुरूजी ने रीना को फिर से सीट पर लिटा दिया और रीना के दोनों पैरों को अपने कंधे पर रख कर उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया. और कुछ देर फिर से चोदते हुए रीना के पैरों को नीचे सीट पर ही रख दिया और रीना के उपर आ गये और रीना को स्पीड से चोदने लगे.

तब तक एक ढाबा आ गया तो ड्राईवर ने गाड़ी ढाबा के पास रोक दी और उसका बोनट खोल कर खड़ा हो गया.

अभी यहाँ से मथुरा 30 किलोमीटर दूर होगा आधा रास्ता हो गया होगा.

बाबा गाड़ी के अंदर रीना को चोदता रहा.

करीब 20 मिनट की नॉन स्टॉप चुदाई के बाद बाबा का लंड कंडोम के अंदर मेरी बीवी की चूत में झड़ गया. उसने अपनी धोती पहनी और दरवाजा खोल कर बाहर निकल गया.

फिर ड्राईवर अंदर आया और उसने नंगी पड़ी रीना की चूत को साफ़ कपडे से साफ़ किया और रीना के बगल में बैठ गया. वह रीना के बूब्स को दबाने लगा.

रीना बोली- सिर्फ दबाने से ही हो जायेगा क्या? जो भी करना है जल्दी कर लो. क्योंकि अब समय नहीं है, बहुत देर हो गई है और अब मुझे भी घर जाना है.

तो ड्राईवर बोला- हाँ, आप चिता मत कीजिये. मुझे अपने मजे से करने दीजिये. मैं जल्दी ही आपको घर पहुंचा दूंगा.

फिर ड्राईवर ने अपनी पैन्ट उतार दी और अपना लंड रीना के हाथ में पकड़ा दिया और रीना की चूत को चाटने लगा. रीना भी उसका लंड अपने हाथों में लेकर हिलाने लगी.

जैसे ही उसका लंड खड़ा हो गया तो रीना ने कहा- कंडोम लगा लो! तो उसने कंडोम का पैकेट उठाया और एक कंडोम अपने लंड पर लगाकर रीना की चूत में अपना लंड डाल दिया और चोदने लगा.

मगर 10 मिनट चोदने के बाद ही उसका पानी निकल गया और वह रीना के बगल में लेट गया.

5 मिनट बाद कुछ सही होने पर उसने अपनी पैन्ट पहन ली और वह बाहर आया.

अब बाबा जी फिर से रीना के पास बैठ गये और ड्राईवर ने गाड़ी फिर से स्टार्ट कर दी. रीना नंगी ही लेटी थी.

तो बाबा जी फिर से उसके बूब्स पर हाथ चलाने लगे और एक स्तन को पीने लगे.

कुछ देर बाद बाबा ड्राईवर से बोले- गाड़ी अभी भी 15 की स्पीड से ही चलाना.

उसके बाद बाबा ने फिर से अपनी धोती उतार दी और रीना के होठों को चूमने लगे.

इससे रीना की हवस को फिर से जाग गयी.

अब रीना ने खुद बाबा जी के लंड को कंडोम पहनाया और अपने हाथ से बाबा का लंड अपनी चूत के छेद पर रखा और बाबा को धक्का लगाने को कहा.

उसके बाद बाबा ने रीना को खूब चोदा.

बाबा सेक्स के बाद जब रीना घर आई तो वह बहुत थकी हुई थी. मैंने उसे देखा तो पूछा कि क्या हुआ? मगर वो कुछ बोली नहीं!

अगले दिन बाबा जी की कॉल मेरे पास आई, मुझे बुलाया.

जब मैं उनके पास गया तब उन्होंने पूरा किस्सा मुझे बताया.

बाबा जी के संपर्क में और क्या क्या हुआ, यह मैं अगली कहानियों में बताऊंगा.

यह बाबा सेक्स कहानी आपको अच्छी लगी होगी. अपने विचार मुझे बताइयेगा.

Priya Sharma

हैंलो जी! मैं प्रिया शर्मा हूँ - दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में डिग्री पकड़ने वाली और पिछले 5 साल से कहानी लेखन में अपना जलवा दिखाने वाली लेखिका। मुझे मानव मनों की चाहतें और इच्छाएँ पढ़ना बड़ा मज़ा आता है। मैं उस तरह की कहानियाँ लिखती हूँ जो आपके मन में छुपे हुए जज़्बातों को बाहर निकाल दें। मेरी कहानियाँ सैकड़ों पाठकों की गर्म रातों को और भी गर्म कर चुकी हैं। चलो, एक साथ मज़े करते हैं - पढ़ते हैं, महसूस करते हैं और जीते हैं!

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