पापा के दोस्तों ने की मेरी ग्रुप चुदाई

हेलो सेक्स स्टोरी रीडर्स, मेरा नाम हिमांशी है, और मैं पंजाब के शहर फिरोजपुर में रहने वाली हूं। मेरा रंग बिल्कुल दूध जैसा गोरा है, और मेरा फिगर 34-32-36 का है। मेरा फिगर देख कर लड़के और बुड्ढों के भी लंड खड़े हो जाते हैं, क्योंकि जब भी मैं घर से बाहर जाती हूं तो जान-बूझ कर टाइट कपड़े पहनती हूं, जिससे मेरे स्तन और गांड अलग ही नज़र आते हैं।

मेरे मॉम-डैड मॉडर्न ज़माने के हैं। उन्हें भी कभी मुझसे रोका-टोका नहीं, कपड़ों को लेकर। तो मैं अपना मन चाहा काम करती रहती हूं।

आप लोगों ने मेरी सेक्स स्टोरी पढ़ी होगी, जिसमें मेरे भाई के जन्मदिन पर मेरी गैंगबैंग चुदाई हुई थी। आशा है आप सबको अच्छी लगी होगी। आप मेरी कहानी से अंदाज़ा लगा सकते हैं, मैं कितनी बड़ी रांड हूँ। क्योंकि मुझे गंदा सेक्स पसंद है, जिसमें कोई मुझे रगड़ कर चोद दे, और मेरी गालियां निकाल दे।

खैर ऐसी चुदाई तो मेरी 1-2 बार ही हुई है। तो दोस्तों मैं हाजिर हूं नई सेक्स कहानी के साथ, जिसने मैंने अपने पापा के दोस्तों के साथ सेक्स का मज़ा लिया। तो आप लोग जानते ही हैं कि मेरे पापा का बिजनेस है, और उनके दोस्त भी उनके जैसे बिजनेस वाले हैं।

हमारे घर में या पापा के दोस्तों के घर में 1-2 महीने में कोई ना कोई पार्टी होती रहती है। जिसमें कभी-कभी मैं भी जाती हूं।

तो बात पिछले साल की है। हमारे घर पार्टी थी। 3-4 पापा के दोस्त और उनकी पत्नियाँ और 1-2 बच्चे साथ आये थे। हमारा छत बहुत बड़ा है, तो सारा इंतजाम ऊपर ही था। मैंने हमने दिन क्रॉप टॉप और शॉर्ट्स पहन रखा था। मेरा भाई दोस्तों के साथ क्लब गया हुआ था। मुझे मालूम था कि वो सुबह 4-5 बजे ही आएगा।

जो बच्चे आए थे, वो मुझसे छोटे थे, तो इसलिए मैंने पापा की कंपनी जॉइन कर ली। पापा अपने दोस्तों के साथ दारू पी रहे थे, और बिजनेस की बातें चल रही थीं। उधर मम्मी अपनी सहेलियों के साथ गपशप कर रही थी।

पापा के दोस्तों में एक अंकल का नाम गुलशन था। उनकी उम्र करीब 45 के आस-पास होगी। लेकिन वो बहुत फिट दिखते थे, हैवी मसल्स और अच्छी हाइट वाले। मैं नोटिस कर रही थी कि वो मुझे घूर-घूर कर देख रहे थे। शायद वो मेरे फिगर को देख रहे थे। लेकिन मैंने कुछ रिएक्ट नहीं किया। क्योंकि वो पहले भी जब घर आते थे, तो मुझे ऐसे ही देखते थे।

खैर 11 बजे के आस-पास पार्टी ख़त्म हुई। सब अपने-अपने घर जाने के लिए निकल गये। लेकिन गुलशन अंकल और उनका दोस्त अजय अंकल पापा के साथ गेस्ट रूम में आ गए। उन्हें वहीं पर अपना दारू का कार्यकर्म शुरू कर दिया।

मम्मी ने तो 3-4 पैग पिए थे, जिस वजह से वो तो अपने कमरे में आ कर सो गई। उधर पापा के लिए बर्फ के टुकड़े और खाने-पीने का सामान मैं लेकर गई। मैं जैसे ही अंदर गई, तो देखा वो लोग गाली दे कर बातें कर रहे थे। मैंने कुछ नहीं कहा, और बर्फ के टुकड़े और खाने का सामान रख दिया।

तभी गुलशन अंकल बोले: अरे हिमांशी बेटा, कहां जा रही हो? हमारे साथ बैठो।

मैं बोली: नहीं अंकल, आप लोग एन्जॉय करो।

अंकल बोले: अरे हम तो बस ऐसे ही बातें कर रहे हैं। तुम बताओ कुछ अपने बारे में। आज-कल क्या कर रही हो?

इतना कह कर गुलशन अंकल ने मुझे अपनी कुर्सी के पास खड़ा कर लिया, और सवाल-जवाब करने लगे।

फ़िर बोले: इतनी छोटी सी थी तुम, मेरी गोद में बैठती थी। तुम अब कितनी बड़ी हो गई हो।

मैं बोली: अरे नहीं, अभी तो मैं छोटी ही हूं।

गुलशन अंकल बोले: खड़ी क्यों हो। आओ बैठ जाओ।

इतना बोल कर मुझे अपने गोद में बिठा लिया। पापा तो नशे में थे, उन्हें कुछ पता नहीं चल रहा था, क्या हो रहा था। फ़िर गुलशन अंकल अपना हाथ मेरी पीठ पर फेरने लगे, और मुझसे बातें करने लगे।

मैं जवाब देने लगी, इतने में ही उनका हाथ मेरी गांड पर आ कर रुक गया। मैंने अंकल को देखा वो तो ऐसे रिएक्ट मार रहे थे, जैसे कुछ हुआ ही ना हो। फिर पापा को देखा तो वो अपने पेग में बिजी थे। थोड़ी देर बाद अंकल मेरी गांड दबाने लगे। मैंने कुछ नहीं कहा, बस ऐसी ही बैठी रही।

फ़िर गुलशन अंकल बोले: अरे हिमांशी, बर्फ का टुकड़ा पिघल गया है, और ले आओ।

फिर मैं उठी, और रसोई में से और बर्फ के टुकड़े ले आई। लेकिन मेरे मन में शरारत सूझी। मैं अपने कमरे में चली गई, और ब्रा उतार कर वापस क्रॉप टॉप पहन लिया। फिर अपने बाल खोल लिए, और बर्फ के टुकड़े रख कर गुलशन अंकल की गोद में बैठ गई।

2 मिनट बाद अंकल मेरी पीठ पर हाथ फेरने लगे। अंकल ने नोटिस किया मैंने ब्रा उतार दी थी, और वो मुस्कुरा दिए।

फिर वो पापा से बोले: लड़की जवान हो गई, इसके लिए कोई लड़का ढूंढना शुरू कर दो।

पापा तू दारू के नशे में फुल टल्ली थे। बस हां-हम्म बोल रहे थे। कुछ देर बाद गुलशन अंकल बोले-

गुलशन अंकल: बेटा हिमांशी, तुम अपने कमरे में जाओ, मैं अपने दोस्त को सुला देता हूं। इससे ज्यादा चढ़ गई है।

मैं हां में सर हिला कर अपने कमरे में आ गई, और दरवाजा खुला ही रखा। फिर मैं जल्दी से वॉशरूम गई, कपड़े उतारे, और एक पारदर्शी मैक्सी पहन ली। अब मैं इंतज़ार करने लगी दोनों अंकल का, क्योंकि मुझे मालूम था आज दोनों अंकल मेरी चूत का रस निकाल कर ही घर जायेंगे।

कुछ देर बाद गुलशन और अजय अंकल मेरे कमरे में आये, और मुझे ऐसे देख कर मुस्कुरा दिये।

वो बोले: लड़की जवान हो गई है। मर्द को कैसे लुभाते हैं, इसे सब पता है।

फिर दरवाज़ा बंद करके वो अपने कपड़े उतारने लगे। उसके बाद मेरे पास आ कर किस्स करने लगे। उनके मुँह से दारू की गंध आ रही थी। लेकिन मुझे सेक्स का नशा चढ़ा हुआ था। मैंने दोनों के अंडरवियर उतार दिये। दोनों के लंड का साइज़ लगभग 6-7 इंच के करीब ही था। मैं मुँह में लेकर बारी-बारी लंड चूसने लगी।

अंकल: आह्ह्ह्ह आराम से चूस साली रंडी। खा जायेगी क्या मेरा लोड़ा (और आआह्ह्ह आह्ह्ह करने लगे)?

इतने में गुलशन अंकल ने मेरी मैक्सी फाड़ दी। अब हम तीनों पूरे नंगे थे। अजय अंकल मेरी चूत चाटने लग गये। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। दारू के नशे में अजय अंकल ने ऐसी चूत चाटी, कि मेरी चूत में से मेरा पेशाब निकल गया। मैंने आअहह आअहह आअहह करके अपना सारा पेशाब अंकल के चेहरे पर कर दिया।

अंकल भी पूरे खिलाड़ी थे, उनको सारा पानी पी लिया, और मेरी चूत चटनी जारी रखी। इधर गुलशन अंकल का होने वाला था। वो भी आह्ह्ह आह्ह्ह करके मेरे मुँह में ही पानी निकाल दिये, और मैं सारा गटक गयी।

दोनों 5 मिनट लेट गए, और उठ कर मुझे घोड़ी बना लिया। फ़िर पीछे से आ कर मेरी चूत को चोदने लगे। मैं आअहह आअहह आआहह करके चुदवा रही थी।

गुलशन अंकल बोले: साली जितनी बार भी तेरे घर आया हूँ, तुझे देख कर चोदने को मन करता था। और वो इच्छा आज पूरी हो रही है।

इतना बोल कर वो मुझे चोदने लगे। थोड़ी देर बाद अजय अंकल ने मोर्चा संभाला, और वो चोदने लगे मुझे। बहुत मजा आ रहा था, क्योंकि दोनों दारू के नशे में मुझे जानवर जैसा चोद रहे थे। फिर गुलशन अंकल नीचे लेट गए। मैं उनके लोड़े पर बैठी, और लंड को चूत के अंदर ले लिया। पीछे से अजय अंकल ने मेरी गांड पर थूक लगा कर लंड पेल दिया।

मैं: आअहह आअहह आआहह अंकल ज़ोर से चोदो। और ज़ोर से।

ये बोल कर मैं चुदवाने लगी। वो भी मेरी आवाज़ सुन कर जोश में आ कर मुझे चोदने लगे। थोड़ी देर बाद वो मेरे स्तन पर दारू डाल कर चूसने लगे। ऐसी चुदाई मेरी पहली बार हो रही थी, और मैं मज़े से अपने स्तन चुसवा रही थी। फ़िर अजय अंकल ने मुझे भगवान में उठा लिया, और हवा में पकड़ कर चोदने लगे।

हे भगवान, पूरे कमरे में टैप टैप टैप टैप की आवाज आ रही थी। ऐसे ही गुलशन अंकल ने मुझे हवा में पकड़ कर चोदा। हमने रात करीब हर सेक्स पोजीशन ट्राई की। उन दोनों अंकल ने मेरी चूत का भोंसड़ा बना दिया था। चुदाई करते-करते सुबह के 3 बज चुके थे।

फिर वो उठे, और नहा कर अंडरवियर पहन कर पापा के साथ गेस्ट रूम में सोने चले गए, ताकि किसी को शक ना हो मेरी चुदाई हुई थी। मैं थोड़ी देर बाद हिम्मत करके उठी, शॉवर लिया, अपनी चूत और गांड को साफ किया, और नाइट सूट पहन कर सो गई।

तो दोस्तों ये थी मेरी चुदाई की दास्तान। मुझे उम्मीद है कि आप सब को पसंद आएगी। फिर आउंगी नई कहानी के साथ। तब तक अलविदा, आप सभी को प्यार।

Nisha Gupta

हैलो! मैं निशा गुप्ता हूँ - जयपुर विश्वविद्यालय से संचार विज्ञान में मास्टर और पिछले 6 साल से डिजिटल दुनिया में हिंदी कहानियाँ लिखने वाली एक अनुभवी लेखिका। मैं वो कहानियाँ लिखती हूँ जो पढ़ते ही आपके मन में आग लगा दें। मेरी कहानियों में वो सब कुछ है जो आप चाहते हैं - बोल्ड, बेबाक और बेरोकटोक। मेरे लेखन को हजारों पाठकों ने सराहा है और कई पुरस्कार भी मिले हैं। मैं यहीं हूँ आपके मज़े के लिए — तो लेटे रहो और पढ़ते जाओ!

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