प्रेषिका : रत्ना शर्मा सम्पादक : जूजाजी ‘रत्ना रंडी.. मेरी जान तूने अपने ससुर का लंड बहुत बार लिया है.. रंडी बता और किस-किस का लंड अपनी चूत में खाया है। रत्ना मादरचोदी बहुत सती सावित्री बनती है तू घूँघट निकालती है रण्डी.. साली सब मोहल्ले की गाँव की औरतें तुझे सीधी समझती हैं और […]

Sharm Haya Lajja aur Chudai ka Maja-4 यहाँ मैं भी अब सोफ़े पर लेट गई थी, फ़िर रोहन मेरे पैरों के पास आया और निशा मेरे मुँह के पास आ कर खड़ी हो गई। मैंने निशा का हाथ पकड़ कर उसे नीचे खींचा और उसके मुख पर चूमने लगी। हम दोनों एक-दूसरे को चूम रहे […]

Sharm Haya Lajja aur Chudai ka Maja-3 मैं धीरे-धीरे उसकी चूत का स्वाद लिए जा रही थी और निशा भी अपने हाथ मेरे सिर पर दबा कर मजे ले रही थी। ऐसा करीब 20 मिनट तक चलता रहा, अब हम दोनों बहुत थक चुके थे। फ़िर मैंने निशा से कहा- यार तूने मु्झे आज बहुत […]

बात उन दिनों की है जब मैं स्कूल में पढ़ता था। उस वक्त मैं शारीरिक रूप ठीक था, कहने का मतलब औसत कद-काठी का था, जैसा कि लड़कों के साथ होता है। मेरा भी लण्ड किसी चूत के लिए तरसने लगा। मेरी क्लास में एक लड़की थी, जिसका नाम कविता था। वो क्लास में सबसे […]

मैं थोड़ा अंजान बन कर अनिल से बोली- देखो जब तुमने कल मेरे साथ जो किया उसके बाद मुझे बहुत सारा खून निकला और मैं इसीलिए डर रही हूँ। तो उस पर अनिल बोला- मेरी पूजा डार्लिंग.. वो तो पहली बार था इसलिए.. और अब ऐसा कुछ नहीं अब तो सिर्फ़ मज़े करो और क्या। […]

रुचि चूची एक चूत तीन लौड़े बहुत नाइंसाफी है रे ! पिछली कहानी ‘अधूरे अरमान अधूरी चुदाई’ में आपने पढ़ा कि मैं अपने भैया के एक दोस्त अरमान से चुदना चाहती थी और हम लोग की आधी चुदाई ही हो पाई थी, जब वो अपना लंड मेरी फ़ुद्दी में डालने वाला ही था, तभी भैया […]

फारूख खान रणजीत- क्यों नहीं.. इसे तो मैं पूरे प्यार से चोदूँगा.. पर अभी नहीं.. अभी तुम फिल्म देखो.. तुम्हारा ट्रेलर बाद में करूँगा.. आज नहीं। रानी कुछ नहीं बोली, तभी उसे कुछ याद आया। रानी- अरे बाप रे.. सीमा हमें चलना होगा। सीमा- पर कहाँ? रानी- अरे यार.. तुम्हें याद नहीं है 9 बजे […]

थोड़ी देर गांड मरवाने के बाद सुषमा बोली- यार मनोज, तुमने इस तरह का प्रोग्राम बना कर कई बीवियों के मन की इच्छा पूरी कर दी। वरना बिचारी एक ही लण्ड पे पूरी ज़िन्दगी निकाल देती हैं और तरह तरह के लण्ड के लिए हमेशा तरसा करती हैं। तब तक मैंने कहा- भाभी, अब मैं […]

कहानी : अनुष्का शर्मा सम्पादक : अरविन्द कुमार मैं अरविन्द कुमार, आपने मेरी लम्बी कहानी ‘मेरा हंसता खेलता सुखी परिवार’ पाँच भागों में पढ़ी होगी. प्रस्तुत कहानी मेरी पुत्रवधू की सहेली अनुष्का (संयोग से मेरी छोटी बेटी का नाम भी अनुष्का है), उसकी किशोरावस्था की है, इसे मैंने अपनी पुत्रवधू सोनम के आग्रह पर ही […]

रवि चुदक्कड़ नमस्कार दोस्तो, सभी दोस्तों का धन्यवाद करता हूँ जिनको मेरी पहली कहानी ‘दिल्ली की यादें’ बहुत पसंद आई। मुझे बहुत दोस्तों की मेल मिली और बहुत से दोस्त मेरी आने वाली कहानी के बारे में पूछने लगे तो मैं आज आपके लिए यह एक सच्ची कहानी लेकर आया हूँ, मेरे दोस्त ने मुझे […]

प्रेषिका : बेनज़ीर खान सम्पादक : इमरान दोस्तो, यह कहानी नहीं, यह मेरी हकीकत है। आप देखिये कितने लोगों ने चोदा मुझे हनीमून में? और मैंने किसी को निराश नहीं किया, खुल कर चुदवाया सबसे, सबके लौड़े चाटे, चूसे और भून कर निकाला अपनी चूत से। मुझसे जब पूछा लोगों ने कि बेनज़ीर तेरी सुहागरात […]

प्रेषक : नामालूम सम्पादक : जूजा जी इतनी देर चुदाई के बाद भाभी को पेशाब आ गया था। वो उठ कर गुसलखाने में गईं लेकिन दरवाज़ा खुला ही छोड़ दिया। इतना चुदवाने के बाद भाभी की शर्म बिल्कुल खत्म हो गई थी। गुसलखाने से ‘प्सस्सस्सस्स…’ की आवाज़ आने लगी। मैं समझ गया भाभी ने मूतना […]

मेरी दीदी का सत्ताईसवां लण्ड-1 मेरी दीदी का सत्ताईसवां लण्ड-3 दीदी बोली- तुम्हारा दिमाग़ तो खराब नहीं है.. मैं उसके सामने अपने भाई से कैसे चुदाई करूँगी. तब मैं बोला- यह सब मुझ पर छोड़ दो. ऐसा कुछ नहीं होगा तुम समय से उसको कमरे में ले जाना, बाकी मेरा काम है, बस मैं तुझे […]

निशा शाह यह देख कर मैं अब अपने आपको भी काबू नहीं कर सकती थी। मैंने अपने सिर को पीछे मोड़ कर हिमेश की तरफ देखा। वो समझ गया कि मैं क्या चाहती हूँ। हिमेश ने पीछे जाकर अपनी पैन्ट और अंडरवियर को घुटनों तक निकाल दिया। फिर उसने मेरे तौलिया वाले गाउन को ऊपर […]

सम्पादक – इमरान तभी वो लोग सलोनी पर भी शर्त लगाने लगे- …चल हो जाए 5000 की… इसने कितनी लम्बी निकर पहनी होगी? राम अंकल- मेरे अनुसार तो एक छोटी पजामी होगी… जो एक-सवा फ़ीट की होती है। जोजफ अंकल- हम्म्म्म शायद निकर ही होगी… जो लड़कियों की छोटी-छोटी स्किन टाइट रंग बिरंगे जो आते […]

रवि नमस्कार दोस्तो, माफ़ी चाहता हूँ कि मैं अन्तर्वासना पर काफी देर के बाद आ रहा हूँ, मेरे बहुत दोस्तों की मेल मिल रही थी कि मैं अन्तर्वासना से गैरहाज़िर हूँ। उसका कारण मैं आपको बता दूँ कि मैं कुछ बीमार चल रहा था, फिर ठीक होने के बाद मुझे अपने ऑफिस के काम से […]

मैं आपकी प्रिय लेखिका अर्चना आपका अन्तर्वासना पर स्वागत करती हूँ और उम्मीद करती हूँ कि मेरी पिछली कहानियों की तरह यह कहानी भी आपको जरूर पसंद आएगी। कृपया इस भाग को पढ़ने से पहले इस कहानी के पहला भाग ‘मंत्रियों की शयनसंगिनी-1’ को पढ़ें, अन्यथा यह भाग आपको समझ नहीं आएगा। मैं अपनी कहानी […]

मैं आपकी पसंदीदा लेखिका आपके लिए एक नई कहानी लेकर तैयार हूँ, मेरी पिछली कहानी प्रसंशकों की खातिर चुदाई आपको पसन्द आई होगी। करीब 2 साल पहले की बात है जब दिल्ली में निगम पार्षद के चुनाव होने वाले थे, चूँकि मेरे पति एक बिजनेसमैन है तो नेताओं के साथ जान-पहचान आम बात थी इसलिए […]

मेरा नाम यश है, मैं 19 साल का हूँ और यूनिवर्सिटी में पढ़ता हूँ। मैं अपने घर से दूर अपनी मामी-मामा के पास रहता हूँ। मैं आपको अपनी मामी की एक सच्ची घटना के बारे में बताने से पहले, यह बता देता हूँ कि कैसे एक औरत सैक्स के लिए क्या क्या नहीं कर गुजरती […]

जब ये सब हो रहा था तो वीरेन ने मेरा हाथ पकड़ा और उसने अपना तना हुआ लिंग पकड़ा दिया। मैंने अपना हाथ झटक दिया और अनुराग से कहा- अनुराग, अपने दोस्त को समझाओ, ये क्या कर रहा है? ‘अरे यार.. तो क्या हो गया.. तुमने ‘बाइ वन गेट वन फ्री’ के बारे में नहीं […]

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