सारिका कंवल मैं अगले दिन उठी और अपने भाई और भाभी से कहा- आज दोपहर में मैं सुधा और विजय के साथ उनको गाँव दिखाने और गाँव के बारे में बताने के लिए जा रही हूँ तो देर हो जाएगी। मैंने तौलिया और बाकी का सामान साथ ले लिया। मैं घर से निकल ही रही थी कि मेरे पति का फोन आया और उन्होंने मुझसे कहा- घर जल्दी आ जाओ.. कुछ काम है ! मैंने कहा- ठीक है मैं कल आ जाऊँगी। यह सुन कर मेरा दिल टूट सा गया क्योंकि पिछले 3 रातों से जो हो रहा था, उसमें मुझे बहुत मजा आ रहा था और ये सब अब खत्म होने वाला था। मैं निकल पड़ी, रास्ते में वो दोनों तैयार खड़े थे। हम नदी की ओर चल पड़े, रास्ते में हम बातें करते जा रहे थे। बातों-बातों में हम नदी के किनारे पहुँच गए, पर हम ऐसी जगह की तलाश करने लगे, जहाँ कोई नहीं आता हो और हम नदी में नहा भी सकें। चलते-चलते हम पहाड़ी के पास पहुँच गए, जहाँ से जंगल शुरू होता था। थोड़ा अन्दर जाने पर ये हमें सुरक्षित लगा क्योंकि ये न तो पूरी तरह जंगल था, न ही यहाँ कोई आता था। छोटी सी पहाड़ी सी थी, जहाँ से झरना जैसा बह रहा था और नीचे पानी रुका सा था, तालाब जैसा.. जिसमें कुछ बड़े-बड़े पत्थर थे। मेरी सहेली ने तब अपने बैग में से एक कपड़ा निकाला और मुझसे कहा- पहन लो। मैंने देखा तो वो एक छोटी सी पैन्टी और ब्रा थी। मैंने पूछा- ये क्या है.. मैंने तो पहले से पहनी हुई है। तब उसने कहा- यह मॉडर्न टाइप की है, इसे बिकिनी कहते हैं ! लड़कियाँ समुन्दर में नहाने के टाइम पहनती हैं ! मैंने पूछा- क्या ये मुझे फिट होंगे? तो उसने कहा- हाँ.. मेरे साइज़ का है। मैंने साड़ी उठा कर पहले अपनी पैन्टी निकाल दी, फिर दूसरी पहनी फिर ब्लाउज निकाल कर ब्रा हटा कर दूसरी पहनी जिसको पहनने में मेरी सहेली ने मेरी मदद की, फिर मैंने अपनी साड़ी और पेटीकोट निकाल दिया। विजय ने मुझे इस लिबास में बहुत गौर से देखा और कहा- तुम इसमें बहुत सेक्सी लग रही हो ! मैंने सुधा से पूछा- तुमने ऐसे क्यों नहीं पहनी? तो उसने अपनी सलवार कमीज उतार दी और मुझे दिखाया बिल्कुल मेरी तरह का उसने भी पहले से पहन रखा था। यह लिबास इतना छोटा था कि मुझे अजीब लग रहा था, पर खैर.. वहाँ हम तीनों के अलावा कोई नहीं आने वाला था। ब्रा इतनी छोटी थी कि मेरे आधे से ज्यादा स्तन दिखाई दे रहे थे और पैन्टी तो बस नाम की थी। एकदम पतला धागे जैसी जिससे मेरी योनि ही सिर्फ ढकी थी बाकी मेरे कूल्हे तो साफ़ खुले दिख रहे थे। मेरी सहेली को शायद इन सबकी आदत थी, तो उसे कुछ खास फर्क नहीं पड़ रहा था। तभी विजय ने भी अपने कपड़े निकाल दिए और उसका पहनावा देख मुझे हँसी आने लगी, पर मैंने खुद को काबू में किया और हँसी रोक ली। उसने जो अंडरवियर पहनी थी, वो बिल्कुल लड़कियों की पैन्टी की तरह थी और उसके चूतड़ साफ़ दिख रहे थे। हम पानी में चले गए और नहाने लगे और एक-दूसरे के साथ छेड़खानी करने लगे। विजय कभी मेरे स्तनों को दबाता तो कभी मेरे चूतड़ों को या फिर मेरी सहेली के। हम भी कभी उसके चूतड़ों पर चांटा मारते या उसे छेड़ते.. काफी मजा आ रहा था। तीनों पानी के अन्दर थे। तभी विजय ने मुझसे पूछा- तुमने अब तक कितने लोगों के साथ सम्भोग किया है? मैंने अनजान बनते हुए कहा- सिर्फ 3 लोगों से ! उसने मुझसे फिर पूछा- किसके-किसके साथ? मैंने कहा- पति, अमर और तुम्हारे साथ ! हालांकि मैंने विजय से पहले और अमर के बाद एक और लड़के के साथ कुछ दिन सेक्स किया था, पर उस वक़्त बताना ठीक नहीं समझा। फिर मेरी सहेली ने मुझसे पूछा- अमर कौन है? मैंने उसको बताया- मैं उससे उड़ीसा में मिली थी और काफी दिन हमारे बीच सेक्स हुआ। फिर मुझसे पूछा- मेरा यादगार दिन कौन सा है? मैंने उस वक़्त कह दिया- सभी लोगों के साथ बिताए दिन यादगार हैं ! पर उन्होंने जोर दिया तो मैंने बता दिया- अमर के साथ। तभी विजय ने मुझसे पूछा- ऐसा क्या था और कोई एक दिन ही यादगार होगा हर दिन नहीं। तब मैंने उनको बताया- उसके साथ मैंने 16 दिन लगातार सम्भोग किया था, वो भी दिन में और रात में कई-कई बार और एक दिन 24 घंटे के अन्दर हमने 11 बार किया था। वो लोग हैरान हो गए कि ऐसा कैसे किया ! तब मैंने बताया कि लगातार नहीं.. बल्कि बीच-बीच में रुक कर 24 घंटे में किया था। फिर मैंने बताया कि अगले दिन मेरी हालत क्या थी, वो लोग उत्सुकता से मेरी बातें सुनने लगे। मैंने उनको बताया- उस दिन पति एक दिन के लिए बाहर गए थे, अगले दिन आने वाले थे। तो करीब 11 बजे हमने एक बार किया फिर दोपहर को 3 बार, फिर शाम को 2 बार, फिर रात भर में 5 बार, सुबह 8 बजे आखिरी बार किया तो मेरी हालत ख़राब हो गई थी। न वो झड़ रहा था न मैं, मैं बार-बार उससे विनती कर रही थी कि मुझे छोड़ दे.. पर वो मानने को तैयार नहीं था। बस थोड़ी देर कह कह के मुझे बेरहमी से चोद रहा था। मेरी बुर में बहुत दर्द होने लगा था और खून निकल आया था। जब हम अलग हुए तो मैं ठीक से खड़ी भी नहीं हो पा रही थी। उसके जाने के बाद मैं वैसे ही नंगी पड़ी रही और जब आँख खुली तो देखा के बिस्तर पर खून लगा है और मेरी जाँघों और बुर में भी। मैं उठ कर साफ़ करने के लिए खड़ी हुई तो जाँघों में इतना दर्द था कि मैं लड़खड़ाते हुए गिर गई। 12 बज रहे थे मैंने उसको फोन करके बुलाया तो वो दफ्तर से छुट्टी लेकर आया और मुझे उठाकर बाथरूम ले गया। वहाँ मैंने खुद को साफ़ किया, फिर दिन भर सोई रही। शाम को अमर ने बताया कि उसको मालूम नहीं था कि खून निकल रहा है और उसके लंड में भी इतना दर्द हो रहा था कि उसने चड्डी तक नहीं पहनी उस दिन। ये सब सुनकर उनके होश उड़ गए और मेरी तरफ देखते हुए कहा- कमाल है, तुम्हारी सेक्सी देह किसी को भो जोश से भर देगी इसमें उस बेचारे का दोष नहीं ! हम अब यूँ ही खेलते हुए पानी में थोड़ी और गहराई में चले गए। वहाँ पानी करीब मेरे गले तक था और ऊपर से झरने जैसा पानी गिर रहा था, जो अधिक नहीं था। पास में कुछ पत्थर थे, विजय एक पत्थर पर पीठ के बल खड़ा हो गया, फिर मुझे अपनी और खींच लिया। मुझे पीठ के बल अपने से चिपका लिया और मेरे स्तनों को पकड़ कर मुझे भींच लिया। तभी सुधा ने नीचे पानी के अन्दर जाकर मेरी पैन्टी निकाल कर पत्थर पर रख दी, फिर ऊपर आकर मुझे चिपक गई। अब मेरा और सुधा का चेहरा आमने-सामने था तथा विजय मेरे पीछे। विजय ने अपनी टाँगों से सुधा को जकड़ लिया और मैं उन दोनों के बीच में थी। सुधा ने मेरे सिर को किनारे किया और अपने होंठों से विजय के होंठों को चूमने लगी। तब मैंने भी सुधा की पैन्टी निकाल दी। विजय ने मेरे स्तनों को मसलते हुए मेरी ब्रा को निकाल कर अलग कर दिया, फिर सुधा की ब्रा को निकाल दिया। हम दोनों औरतें अब नंगी थीं। विजय ने अब सुधा को छोड़ दिया और मुझे अपनी और घुमा कर मेरे होंठों को चूसने लगा। तब सुधा ने विजय का अंडरवियर निकाल दिया। अब हम तीनों ही नंगे हो चुके थे। मुझे थोड़ा डर भी लग रहा था, क्योंकि दिन का समय था और हम खुले आसमान के नीचे थे। विजय मुझे चूमते हुए कभी मेरे स्तनों को दबाता तो कभी चूतड़ों को। मैं भी उसके होंठों को चूसने और चूमने में मग्न हो गई। मेरे हाथ भी हरकत करने लगे, मैंने उसके लिंग को पकड़ कर सहलाना शुरू कर दिया, कभी मैं उसके लिंग को सहलाती तो कभी उसके अन्डकोषों को। तभी सुधा मेरे पीछे आ गई और मुझे पकड़ कर अपना हाथ मेरी योनि में लगा दिया। मैंने कहा- क्या कर रही हो? तो उसने जवाब दिया- तुझे तैयार कर रही हूँ, तुझे गर्म कर रही हूँ चुदवाने के लिए ! उसकी इस तरह की बातें मुझे अजीब तो लग रही थीं, पर एक तरफ से मुझे उत्तेजित भी कर रही थीं। फिर सुधा ने मेरी योनि को सहलाते हुए 2 उंगलियाँ अन्दर डाल दीं और उसे अन्दर-बाहर करने लगी। मैं गर्म होने लगी थी, उधर मेरे सहलाने की वजह से विजय का लिंग भी सख्त हो चुका था। विजय ने तब मेरी टाँगों को फैला कर अपने कमर के दोनों तरफ कर मुझे गोद में उठा लिया। उसने मेरी दोनों जाँघों को पकड़ कर सहारा दिया और मैं उसके गले में दोनों हाथ डाल कर किसी बच्चे की तरह लटक गई। फिर सुधा ने विजय का लिंग पकड़ कर मेरी योनि पर रगड़ना शुरू कर दिया, इससे मुझे बहुत मजा आ रहा था, मन कर रहा था कि जल्दी से उसे मेरी योनि में डाल दे। मैं भी अपनी योनि को उसके ऊपर दबाते हुए विजय को चूमने लगी। तब विजय ने मुझसे कहा- आज एक चीज़ तुम दोनों को करना होगा मेरी खातिर ! मैंने पूछा- क्या? कहानी जारी रहेगी। मुझे आप अपने विचार यहाँ मेल करें। [email protected]
इस लेखक की और बेहतरीन कहानियाँ
बैड फॅमिली पॉर्न कहानी में मैं विधवा होने के बाद चुदाई के बिना तड़पने लगी। एक बार मैं अपनी ननद के घर गयी तो उनका संयुक्त परिवार एक साथ जमीन पर गद्दे लगाकर एक साथ सोता था. मेरा नाम मिसेज मोनिका है। मैं 42 साल की एक मद मस्त औरत हूँ। मेरा कद 5′ 3″ […]
यंग वर्जिन सेक्स कहानी में मैंने फेसबुक पर एक लड़की से दोस्ती करके चैटिंग की. हमारी दोस्ती पक्की हो गयी और उसने मुझे अपने शहर मुंबई बुलाया. दोस्तो, मेरा नाम किशोर है और मैं 20 साल का हूँ. मैं लातूर, महाराष्ट्र में रहता हूँ. यह यंग वर्जिन सेक्स कहानी एक 18 साल की वर्जिन लड़की […]
सेक्सी चुदाई मेरी माँ की होती देखी मैंने अपने घर में. वह पूरी नंगी होकर मेरे चाचा के लंड को चूत में लेकर लंड सवारी कर रही थी. मेरी मम्मी की चुदाई मैं कई बार देख चुका था. मेरा नाम समीर है और मैं 23 साल का हूँ। मेरी हाइट 5 फीट 11 इंच है, […]
Xxxxxx कहानी माँ बेटे के सेक्स की है. माँ को उसका शौहर छोड़ कर चला गया तो उसे लंड की कमी लगने लगी. उसकी नजर अपने बेटे के लंड पर पड़ी तो उसने घर में लंड ले लिया. यह कहानी सुनें. मेरा नाम मिसेज आरीना है। मैं एक 42 साल की पढ़ी लिखी खूबसूरत और […]
फैमिली Xxx कहानिया हिंदी में परिवार में गर्म चालू लड़की अपनी वासना में, हवस में क्या क्या कर बैठती है, वो सब पढ़ें. उसने अपनी जवान बेटी को पहले एक नीग्रो से चुदवाया और फिर … मेरी पिछली कहानी माँ बेटी की एक साथ घमासान चुदाई में आपने पढ़ा कि मेरी शादी के बाद मेरे […]
कॉलेज गर्ल डबल चुदाई का मजा ले गयी जब चौकीदार ने उसे कॉलेज में एक लड़के के साथ सेक्स करती पकड़ा. तब चौकीदार ने लड़की को लड़के के साथ मिल कर एक साथ पेला. कहानी के पहले भाग चौकीदार ने कॉलेज गर्ल को नंगी पकड़ा में आपने पढ़ा कि चुअकिदार ने एक लड़की को एक […]
स्टूडेंट सेक्स इन कॉलेज कैंपस का पता जब वहां के चौकीदार को लगा तो उसने लड़की को पहचान लिया. असल में लड़की पैसे के बदले उस लड़के के साथ चुदाई कर रही थी. नमस्कार पाठको, आशा है आप सब कुशल मंगल होंगे और वासना से भरी इस दुनिया में हमारे कहानी के जरिये कुछ आनंद […]
हॉट सिस्टर सेक्स प्ले स्टोरी में पढ़ें कि मैं अपनी चचेरी बहन से साथ गुड्डा गुड्डी की शादी का खेल खेला करता था. खेल खेल में ही हमने असली सुहागरात मना डाली आपस में! दोस्तो और प्यारी चुदासी भाभियो, मेरी यह कहानी भाई बहन की कहानी है जो एक सत्य घटना है. मेरी बहन का […]
जवान विधवा को मिला सेक्स ओर्गास्म पूरे सात साल के बाद. उसने अपने ऑफिस के बड़ी उम्र के आदमी से सेक्स के इरादे से दोस्ती की और मौक़ा पाकर उसे घर बुला कर चूत चुदाई का मजा लिया. यह कहानी सुनें. नमस्कार दोस्तो, मैं समीहा अपनी कहानी के अगले भाग में आप सभी लोगों का […]
ऑफिस Xxx चुदाई कहानी में पढ़ें कि कैसे मैंने अपने ऑफिस के एक सजीले मर्द से दोस्ती की. मैंने उसके साथ सेक्स का मजा लेना चाहती थी क्योंकि मैं 7 साल पहले विधवा हो गयी थी. यह कहानी सुनें. नमस्कार दोस्तो, मैं समीहा, आप सभी पाठकों का कहानी के दूसरे भाग में स्वागत करती हूं। […]
इस कहानी में हॉट विडो Xxx रोमांस कर रही है अपने ऑफिस में नए आये बड़ी उम्र के आदमी से. दोनों ही सेक्स के लिए बेचैन हो रहे थे पर दोनों के बीच की झिझक कम नहीं हो रही थी. यह कहानी सुनें. मेरा नाम समीहा है और मैं उत्तरप्रदेश की रहने वाली हूँ। मेरी […]
गांड चुत की सेक्स कहानी एक काल गर्ल और जिगोलो शादी और हनीमून की है. दोनों शादी करके हनीमून पर गए और लौट कर फिर दोनों धंधे पर लग गए. मैं संतोष एक कॉल ब्वॉय हूँ और एक कॉलगर्ल संजना के साथ रह कर अपनी चुदाई भरी जिन्दगी की सेक्स कहानी सुना रहा था. अब […]
Xxx विडो चुत गांड कहानी में पढ़ें कि भरी जवानी में विधवा होने पर मुझे सेक्स की जरूरत महसूस होने लगी थी. मैंने अपनी चुत और गांड कैसे मरवाई? कहानी के पहले भाग जवान विधवा की अन्तर्वासना में आपने पढ़ा कि मैं भरी जवानी में विधवा हो गयी थी. पर बच्चे के भविष्य की खातिर […]
सेक्स इन लव रिलेशन … यही है इस कहानी में! मैं सफाई का काम करती थी. एक दफ्तर में एक अंकल से पहचान हो गयी, दोस्ती हो गयी. यही दोस्ती प्यार में बदल गयी. लेखक की पिछली कहानी थी: सर ने मेरे दूध चूसकर मुझे दूधवाली बना दिया अब इस नई कहानी ‘सेक्स इन लव […]
काम के व्यस्त रहने के कारण अशोक अपनी सेक्सी पत्नी सविता को बिस्तर पर संतुष्ट नहीं कर पाया था कई दिनों से! एक रविवार सुबह वह जगा तो उसे इस बात का आभास हुआ कि उसने काफी दिनों से सावी को नहीं चोदा है. उसने सोचा कि आज सावी को खूब चोदूंगा. लेकिन जब उसने […]
KLPD स्टोरी मतलब खड़े लंड पर धोखा की कहानी! एक बार मेरे साथ एक सेक्सी लड़की थी. हमने सिनेमाहाल में मस्ती की, फिर कार में ओरल सेक्स किया. पर चुदाई ना मिली. हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम अंकित है. मैं दिल्ली के पश्चिम विहार में रहता हूँ और जॉब कर रहा हूँ. मेरे लंड का साइज़ […]
दोस्तो, मैं आपका साथी आजाद गांडू एक बार फिर से आपको गे सेक्स कहानी में मजा देने हाजिर हूँ. पहले भाग नए कर्मचारी ने घरेलू नौकर की गांड मारी में अब तक आपने पढ़ा था कि मैं जावेद की गांड मार रहा था. मैं लंड पेल कर उसे सहलाया और उससे पूछने लगा था. अब […]
मेरे अंडर नए आये कर्मचारी को, जब तक कोई इंतजाम ना हो, मैंने अपने घर में ठहरा लिया. एक दिन मैं घर आया तो वो घेलू नौकर को नंगा करके उसके ऊपर चढ़ा हुआ था. दोस्तो, मैं आपका साथी आजाद गांडू अपने जीवन की गे सेक्स कहानी का एक और मनोरंजक वाकिया सुनाने के लिए […]
छोटी भाभी की गांड मारी मेरे जेठ जी ने! जेठ जी के लंड ने मेरी चूत को मजा दिया. पर उसके बाद जेठ जी ने मेरी गांड में अपना लंड घुसाया. मेरी चुदाई ऐसी हुई कि … दोस्तो, मैं शबनम अपने जेठ से चुदाई की कहानी को आगे बढ़ा रही हूं. जेठ जी की कहानी […]
मेरी रंडी चूत की प्यास नहीं बुझ रही थी क्योंकि मेरे शौहर दुबई में थे. एक दिन घर मेरे जेठ जी और मैं ही थे. उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया और … नमस्ते दोस्तो, मैं चुदाई की दीवानी शबनम हाजिर हूँ एक नई कहानी लेकर। मेरी पिछली कहानी थी: मामा जी ने चुत चुदाई की […]
इस वेबसाइट पर प्रकाशित सभी कहानियाँ पूर्णतः काल्पनिक हैं और केवल वयस्क पाठकों (18 वर्ष से अधिक आयु) के मनोरंजन के लिए लिखी गई हैं। इनका किसी भी वास्तविक व्यक्ति, घटना या स्थान से कोई संबंध नहीं है।
यहाँ प्रस्तुत किसी भी सामग्री को वास्तविक जीवन में अनुकरण करने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाता। यदि आप 18 वर्ष से कम आयु के हैं, तो कृपया इस वेबसाइट को तुरंत छोड़ें।
इस साइट की सामग्री केवल भारत के कानूनों के अनुरूप वयस्क मनोरंजन हेतु है। कहानियों में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी हैं और वेबसाइट का किसी भी प्रकार से उन पर कोई नियंत्रण नहीं है।
हमारी साइट का उपयोग करके आप स्वीकार करते हैं कि आपने हमारी Privacy Policy पढ़ और समझ ली हैं।