मम्मी की चूचियां दर्जी के हाथों में

मेरी कहानी यहाँ से शुरू होती है, जब में स्कूल से आ चुका था और मेरी माँ ने हमेशा की तरह अपनी साड़ी अपनी नाभि से नीचे बांधी थी और मुझे माँ का यह तरीका बहुत पसंद था. अब में खाना खा रहा था तो मैंने आज पहली बार मम्मी के अच्छे ख़ासे बूब्स देख लिए थे. Randi Aurat Ki Pyas

मम्मी ने आज साड़ी भी पारदर्शी पहनी थी, तो उसके कारण आज मम्मी का कातिल बदन आज कुछ ज़्यादा ही सुंदर और रसीला लग रहा था. अब जब मम्मी मुझे सब्जी रोटी परोस रही थी, तो तब मम्मी का पल्लू नीचे गिरा और अब मुझे मम्मी के पूरे बूब्स उसके ब्लाउज के अंदर से दिख रहे थे.

फिर तभी अचानक से मम्मी ने मुझसे कहा कि बेटा जरा मेरे साथ चलोगे, तो मैंने पूछा कि कहाँ? मम्मी बोली कि उस दर्ज़ी के पास जिसके पास तुम गुलनाज को लेकर गये थे और वहाँ उस कमीने दर्जी ने तेरी प्यारी बहन को चोद डाला था.

तो ये सुनकर में बिल्कुल हैरान हो गया कि यह बात मम्मी को कैसे पता चली? अब मेरा चेहरा शर्म से लाल हो चुका था और अब मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि में क्या करूँ? अब में अपनी गर्दन नीचे करके चुपचाप खाना खा रहा था.

फिर थोड़ी देर के बाद मम्मी बोली कि नीचे मुँह करके क्या खा रहे हो? तुम्हें अपने लंड की प्यास बुझाते हुए शर्म तो नहीं आई, जब वो कमीना तेरी बहन को चोद रहा था. अब मुझे उसके पास लेकर चलो, में भी देखती हूँ कि गुलनाज ने उसमें ऐसा क्या देखा? जिससे वो अपनी चुदाई करा बैठी. तो में ठीक है कहकर माँ को दर्ज़ी के पास लेकर गया.

अब वो अपने स्टूल पर हमेशा की तरह बैठा था और आज उसके साथ और कोई नहीं था, वो दुकान में बिल्कुल अकेला था. मम्मी ने आज पीले कलर की साड़ी पहनी हुई थी और आज मम्मी ने एक हफ्ते के बाद बैकलेस पीले कलर का ब्लाउज पहना था और आज सोने पे सुहागा था, क्योंकि आज मम्मी का ब्लाउज स्लीवलेस भी था, आज मम्मी बहुत सेक्सी दिख रही थी.

अब ममी के मुँह से ऐसे शब्द सुनकर मुझे मम्मी को चोदने का मन कर रहा था, लेकिन में वो अभी नहीं कर सकता था, क्योंकि मम्मी को दर्जी से मिलना था. अब कमलेश (दर्जी का नाम) मम्मी के सेक्सी फिगर को देखे ही जा रहा था और अब में भी कमलेश और मम्मी की चुदाई देखने के लिए बेताब होने लगा था. अब मम्मी का पेट पूरी तरह से साफ़-साफ़ दिख रहा था.

अब उनका ब्लाउज बैकलेस होने के कारण मम्मी की चिकनी नंगी पीठ साफ़-साफ़ दिख रही थी. मैंने आज मम्मी को पहली बार इतना सेक्सी देखा था. मम्मी ने अपने होंठो पर हल्की सी लिपस्टिक भी लगाई थी, जिससे मम्मी के होंठ उभरकर आ रहे थे.

अब कमलेश मम्मी को देखे ही जा रहा था. अब जैद मम्मी के डीपनेक वाले ब्लाउज में से मम्मी के बूब्स को देख रहा था. फिर कमलेश ने कहा कि कहिए मेम साहब में आपकी क्या सेवा कर सकता हूँ? तो मम्मी ने कहा कि मैंने जैसा ब्लाउज पहना है उसी तरह का ब्लाउज सिलवाना था, तो कमलेश ने कहा कि ठीक है. फिर उसने कहा कि नाप लेने के लिए अंदर चलना होगा.

अब मम्मी अंदर जा रही थी तो तब उन्होंने मेरे कान में धीरे से कहा कि तुम भी कमलेश के साथ मुझे चुदता हुआ देखकर मेरा मज़ा ले सकते हो. अब में बहुत खुश था और पर्दे में से अंदर का नज़ारा साफ दिखे ऐसी जगह पर बैठ गया था.

फिर कमलेश ने मम्मी को देखा और कहा कि आपका नाप लेने के लिए आप इसी ब्लाउज का इस्तेमाल करोगी या फिर में दूसरा नाप ले लूँ. तो मम्मी ने कहा कि आप दूसरा नाप ले लीजिए. फिर कमलेश ने मम्मी से अपना पल्लू नीचे लेने के लिए कहा, तो मम्मी ने अपने पल्लू की पिन निकाली और अपना पल्लू पूरा नीचे कर दिया.

अब कमलेश मम्मी के बूब्स का सीन अब गहराई से देख रहा था. अब मम्मी भी कमलेश का खड़ा होता हुआ लंड साफ़-साफ़ देख रही थी. अब मम्मी के 38D साईज के बूब्स को देखकर कमलेश का लंड पूरा खड़ा हो गया था, जो उसके उस ढीले पजामे में से साफ़-साफ़ दिख रहा था.

मम्मी के बूब्स बिल्कुल मस्त थे और बाहर निकले हुए थे और बहुत शेप में थे. अब जैद मम्मी का नाप ले रहा था और साथ में बातें भी कर रहा था. फिर उसने मम्मी से कहा कि आप तो बहुत खूबसूरत दिखती है और आपका फिगर तो और भी लाजवाब है.

फिर मम्मी ने कहा कि शुक्रिया, में कई सालों से मैनटेन करती आ रही हूँ इसलिए. फिर जैद ने मम्मी के एक बूब्स पर अपनी एक उंगली रखकर पूछा कि आप ब्लाउज ऐसा ही सिलाना चाहोगी. फिर तभी मम्मी के शरीर में अजीब सा करंट दौड़ा और मम्मी ने बहुत सेक्सी सिसकी ली आहह, तो कमलेश ने मम्मी की इस सिसकी को सुनकर मम्मी से पूछा कि क्या हुआ?

तो मम्मी ने कहा कि कुछ नहीं अच्छा लगा. फिर कमलेश ने पूछा कि आपको बूब्स दबाना अच्छा लगता है? तो मम्मी ने कहा कि हाँ, बहुत मज़ा आता है. फिर कमलेश ने पूछा कि क्या में आपके बूब्स को छू सकता हूँ? तो मम्मी ने कहा कि हाँ, लेकिन तुम्हें मेरी चुदाई गुलनाज की चुदाई से भी अच्छी करनी होगी.

तो वो ये सुनकर मेरी तरह शॉक हो गया और बोला कि अच्छा तो आपको पता चल गया, ठीक है में आपको और भी ज्यादा मज़ा दूँगा. फिर वो मम्मी को गर्म करने लगा. अब पहले तो वो मम्मी की पीठ पर अपना एक हाथ फैरने लगा था और फिर उसे चाटने लगा.

अब कमलेश मम्मी के बूब्स को उसके ब्लाउज के ऊपर से दबाने लगा था और ऊपर से ही चाटने लगा था और मम्मी के निपल को ऊपर से ही काटने लगा था. अब मम्मी को बहुत मज़ा आ रहा था और वो आहह, उईईईईई, उउउउइईईईईईईई, धीरे, हाईईईईईईईईईई ऐसे चिल्लाने लगी थी. “Randi Aurat Ki Pyas”

फिर वो मम्मी के ब्लाउज के सामने के बटन खोलकर निकालने लगा. अब मम्मी के बड़े-बड़े बूब्स हवा में लटक रहे थे, मम्मी ने आज अंदर ब्रा नहीं पहनी थी. फिर कमलेश मम्मी के बूब्स को पागलों जैसे चाटने लगा और कहने लगा कि आप तो गुलनाज से भी ज्यादा मजेदार हो. फिर तभी मम्मी ने कहा कि ये तो नमूना है आगे-आगे देखो में कैसा मज़ा देती हूँ?

फिर मम्मी के बूब्स को बहुत देर तक चाटने के बाद वो नंगा होने लगा, तो उसके लंड ने मम्मी को सलामी दी, उसका लंड लगभग 10 इंच का था और मम्मी पहली बार इतने बड़े लंड से चुदने जा रही थी, ऐसा मम्मी ने मुझे बाद में कहा था.

फिर मम्मी बिना कुछ कहे कमलेश का लंड चाटने लगी, बिल्कुल जैसे एक बच्चा किसी लॉलीपोप को चाटता हो. फिर कमलेश आहह, आहह और चाट रंडी, साली, चाट अच्छे से, चाट ले मेरा पूरा रस, पी जा जैसे बोले जा रहा था. अब कमलेश का लंड पूर तन गया था.

फिर वो मम्मी का पेटीकोट निकालने लगा तो उसने देखा कि मम्मी की चूत पर बहुत बाल थे, तो तभी वो उनकी चूत के बाल को चाटने लगा. अब मम्मी आहह, आईईईईईईईईईईईई, पी लो मेरे रस को, बहुत मज़ा आ रहा है बोले जा रही थी.

फिर 10 मिनट तक चाटने के बाद वो अब चुदाई के लिए तैयार था. फिर उसने अपना लंड मम्मी की चूत में झटके से डाल दिया. अब मम्मी को बहुत दर्द हो रहा था, वो ज़ोर-ज़ोर से आआहह चिल्ला रही थी. अब कमलेश भी जोर-जोर से झटके दे रहा था और फिर मम्मी ने अचानक से अपना पानी निकाल दिया, लेकिन कमलेश अभी तक लगा हुआ था, लेकिन उसका भी वीर्य निकल गया था और हम दोनों ठंडे हो गये थे. फिर मम्मी ने अपनी साड़ी पहनी और बाहर आ गई. फिर हमें जब कभी भी कोई मौका मिला तो हमने खूब चुदाई की और बहुत मजा किया.

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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