सभी भाभियों और चूतों को मेरा प्यार भरा चुम्मा। आप लोग तो मुझे जानते ही होंगे। मेरी पहली कहानी दीदी की गांड चाटी और चोदी में तो आप लोगों ने पढ़ा ही होगा कि कैसे मैंने अपनी दीदी को चोदा और अब तक चोदता हूँ। जिसने नहीं पढ़ी वो पढ़ लें। अब मैं आगे की […]
प्रेषिका : कौसर सम्पादक : जूजाजी मैं फिर करीब 05-30 बजे उठी तो शाम की फिर चिंता होने लगी कि आज ससुर जी को चाय कैसे देने जाऊँ। उनकी बात बार-बार याद आ जाती थी कि शाम को मैं उनके पास नंगी होकर चाय देने जाऊँ। तभी ससुरजी खुद मेरे रूम में आ गए। बोले- […]
प्रेषिका : कौसर सम्पादक : जूजाजी मैंने कहा- बाबूजी प्लीज़… मुझे पता है आप क्या करना चाहते हैं… प्लीज़ ऐसा मत करिए… यह बहुत लंबा है….बाबूजी प्लीज़… ऐसा मत करना..! और मैं चीखने लगी। ससुर जी ने कहा- बहू, तुझे मुझ पर भरोसा होना चाहिए… ऐसा कुछ नहीं होगा और ये सब मैं तुझे मज़े […]
प्रेषिका : कौसर सम्पादक : जूजाजी उनके झटके बढ़ते गए और एकदम से उन्होंने पानी की धार मेरी चूत में छोड़ दी और वो मुझसे चिपक गए। मैं भी अपने आप को रोक ना सकी और मैंने भी पानी छोड़ दिया, मैं भी उनसे चिपक गई, उनका लण्ड अब भी मेरे अन्दर ही था। हम […]
प्रेषिका : कौसर सम्पादक : जूजाजी वो मुझे 20 मिनट तक दीवार पर खड़ा करके चोदते रहे, वो भी मेरे अपने कमरे में। उसके बाद एक करेंट सा लगा और मेरी चूत से पानी की धार बह गई! मुझे लगा वो भी झड़ गए हैं, वो एकदम मुझसे चिपक गए और मुझे सीधा करके मेरे […]
प्रेषिका : कौसर सम्पादक : जूजाजी मैं नहा-धो कर जल्दी से रसोई में गई और उनका नाश्ता और दोपहर का खाना जल्दी से तैयार किया। मुझे उनकी तिलावत करने की आवाज़ आ रही थी। मैंने मन में कहा कि कैसा ढोंगी इंसान है, यह तो अल्लाह से भी नहीं डर रहा। फिर थोड़ी देर में […]
प्रेषिका : कौसर सम्पादक : जूजाजी मुझे नहीं पता फिर क्या हुआ, उसके बाद जब मेरी आँख खुली तो मेरे ऊपर एक चादर पड़ी थी और मैं अभी भी ससुर जी के बिस्तर पर ही थी। घड़ी में देखा तो करीब 2 बज रहे थे। मैं उठी तो मेरा पूरा जिस्म दर्द कर रहा था। […]
प्रेषिका : कौसर सम्पादक : जूजाजी मेरा नाम कौसर है। यह मेरी सच्ची कहानी है। हम शिकारपुर में रहते हैं। हम 3 बहनें हैं, मैं सबसे बड़ी हूँ। मेरे अब्बू काफ़ी साल पहले गुजर गए थे, तब से माँ ने ही हमारा ख्याल रखा है। मैंने ग्रेजुएशन 2010 में की थी। मेरा रंग एकदम साफ़ […]
लेखिका : कमसिन ॠदिमा सम्पादक : जूजा जी मेरा नाम ॠदिमा है और मैं एक सुन्दर गोरी कमसिन लड़की हूँ और 12वीं क्लास में पढ़ती हूँ। मैं आज आप लोगों को अपनी एक सच्ची कहानी सुनाने जा रही हूँ, जो कि मेरी पहली चुदाई की है और वो भी मेरे सगे भाई के साथ। मेरी […]
नमस्कार दोस्तो, मैं मनु अपनी आगे की कहानी लेकर आया हूँ। कुछ लोगों को शायद मेरी कहानी पसंद नहीं आई हो, क्योंकि वो सिर्फ़ झूट और गंदे शब्द ही पसंद करते हैं। पर मैं उन लोगों का थैंक्स बोलना चाहता हूँ जिन्होंने मेरी कहानी को पसन्द किया और मुझे हौसला दिया। तो उस दिन मैंने […]
आदित्य शुक्ला दोस्तो, आप सब कैसे हो..! उम्मीद करता हूँ कि सब मस्त होगे ! आप लोग सोच रहे होगे कि यह कहीं स्कूल की चिठ्ठी तो नहीं लिख रहा है, पर ऐसा नहीं है मेरे दोस्तों थोड़ा सा लोकाचार तो करना ही पड़ता है सो मैंने भी कर दिया यार ! खैर… यह सब […]
इरफ़ान मैंने उसका हाथ अपने लंड पर और भींच दिया। उसने कहा- मामू, भाई का तो बहुत छोटा है? मैंने उसके हाथ से अपने लंड को सहलाते हुए कहा- अलीफ़ा वो अभी छोटा है इसलिए है, जब वो मेरी तरह बड़ा हो जायेगा तब उसका भी ऐसे ही बड़ा हो जायेगा। अलीफ़ा अब इत्मीनान से […]
इमरान यह कहानी भी मेरे एक दोस्त शकील की है, उसके कहने पर ही मैंने लिख कर भेजी है। उसी के शब्दों में पेश है आज से तक़रीबन 6 साल पहले की बात है जब मैं अपनी आपा ज़न्नत जहाँ से मिलने के लिए कन्नौज गया था। मेरी आपा की एक बेटी और एक बेटा […]
मैं 30 साल का एक युवक हूँ। मैं दिल्ली में रहता हूँ। अभी 6 महीने पहले ही मेरी शादी एक मासूम लड़की अंजलि के साथ हुई। उसकी उम्र लगभग 21 साल है। मैं अपनी बीवी को रोज़ पेलता हूँ। शादी के समय ही जब मैंने अपनी सास को देखा था तभी से मेरे मुँह और […]
आर्यन इंजीनियर मैं उसे चुम्मी करने लगा और मेरा लण्ड उसकी चूत के आस-पास छू रहा था। मेरे लिए यही काफ़ी बड़ा सुख था। मैं उसके ऊपर ही हिलने लगा और मज़ा लेने लगा। कभी उसके मम्मों को चूसता कभी उसके होंठ चूमता रहा। तभी अचानक किसी ने मेरी शर्ट खींची और मुझे साइड में […]
सुनीता और अजय दोनों भाई-बहन अपनी दीदी अनीता के यहाँ आ गये थे। अनीता ने भाई बहन की खूब खातिरदारी की। सुनीता ने पूछा- दीदी, कहीं मौसा जी दिखाई नहीं पड़ रहे हैं? अनीता ने मुस्कुराते हुए पूछा- क्या बात है सुनीता, मौसा जी को देखे बिना चैन नहीं पड़ रहा? ठीक है, अभी दुकान […]
रानी मधुबाला रात के करीब दो बजे सुनीता का हाथ रामलाल के लिंग को टटोलने लगा। वह उसके लिंग को धीरे-धीरे पुन: सहलाने लगी। बल्ब की तेज रोशनी में उसने सोते हुए रामलाल के लिंग को गौर से देखा और फिर उसे अपनी उँगलियों में कस कर सहलाना शुरू कर दिया था। रामलाल और अनीता […]
रात हुई, दोनों बहनें अलग-अलग बिस्तरों पर लेटी। सुनीता आँखें बंद करके सोई हुई होने का नाटक करने लगी। रात के करीब दस बजे धीरे से दरवाजा खुलने की आवाज आई। सुनीता चौकन्नी हो गई, उसने कम्बल से एक आँख निकाल कर देखा कि दीदी के ससुर अन्दर आये। अन्दर आकर उन्होंने अन्दर से कुण्डी […]
अनीता अपने ससुर की पक्की चेली बन गई। अब वह ससुर के खाने-पीने का भी काफी ध्यान रखती थी ताकि उसका फौलादी डंडा पहले की तरह ही मजबूत बना रहे, पति की नपुंसकता की अब उसे जरा भी फ़िक्र न थी। रामलाल सबके सामने अनीता को बहू या बेटी कहकर पुकारता परन्तु एकांत में उसे […]
रामलाल जब लिंग धोकर बाथरूम से लौटा तो उसके गोरे, मोटे और चिकने लिंग को देख कर अनीता की योनि लार चुआने लगी। योनि रामलाल के लिंग को गपकने के लिए बुरी तरह फड़फड़ाने लगी और अनिता ने लपक कर उसका मोटा तन-तनाया लिंग अपने मुँह में भर लिया और उतावली हो कर चूसने लगी। […]
इस वेबसाइट पर प्रकाशित सभी कहानियाँ पूर्णतः काल्पनिक हैं और केवल वयस्क पाठकों (18 वर्ष से अधिक आयु) के मनोरंजन के लिए लिखी गई हैं। इनका किसी भी वास्तविक व्यक्ति, घटना या स्थान से कोई संबंध नहीं है।
यहाँ प्रस्तुत किसी भी सामग्री को वास्तविक जीवन में अनुकरण करने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाता। यदि आप 18 वर्ष से कम आयु के हैं, तो कृपया इस वेबसाइट को तुरंत छोड़ें।
इस साइट की सामग्री केवल भारत के कानूनों के अनुरूप वयस्क मनोरंजन हेतु है। कहानियों में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी हैं और वेबसाइट का किसी भी प्रकार से उन पर कोई नियंत्रण नहीं है।
हमारी साइट का उपयोग करके आप स्वीकार करते हैं कि आपने हमारी Privacy Policy पढ़ और समझ ली हैं।