मेरा नाम अपूर्वा है। मेरी उम्र 30 साल है, और मेरी 36 की छाती और 40 की गांड हैं। मेरी शादी को तीन साल हो गए है, मेरी अरेंज मैरेज हुई थी। मेरे पति मुकेश की उम्र 34 साल हैं। शुरू के डेढ़ साल हमने खूब चुदाई कि, पर अब हम कभी कभार ही कर पाते है। Jabardast Chudai Kahani
लेकिन इस से मुझे कोई दिक्कत नहीं, क्योंकि जब भी मेरे चुत में आग लगती है। तो मेरा बॉयफ्रेंड शुभम अपना लंड उठा कर मुझे चोदने के लिये आ जाता है। हमारे घर के पिछे जो स्टोर रूम है, पर कुछ महीनों पहले वो मेरे बेडरूम तक आ गया था और मुझको उसने मेरे पति के बिस्तर पर ही चोद डाला।
वो तो उस दिन मेरे पति घर पर नहीं थे, और मेरे सास ससुर सो गए थे। असल में हम दोनों कॉलेज में मिले थे, एक दूसरे से प्यार करने लगे थे और दस साल तक साथ थे। मगर वो कोई काम नहीं करना चाहता थ, और वो साला मेरे कमाई के पैसे भी ले जाता था।
इसलिए मैंने उससे पिछा छुड़ाने के लिए कहा कि, ‘घर वाले मेरे लिए लड़का देख चुके हैं। और मेरी शादी जबरदस्ती हो रही है, तो तुम मुझे भुल जाओ’। मैंने शादी कर ली, लेकिन सुहाग रात के समय मेरा पति मुझे ठीक से चोद नहीं सका। मुझे चुदना था तो मैंने शुभम को बुलाया और उसके लंड से अपनी चुत की आग शांत करवाई।
तब से ये सिलसिला शुरू हुआ था, पर मुझे नहीं पता था कि शुभम हरामी निकलेगा। मुझे चोदता भी है और वो कुत्ता मुझसे पैसे भी ले लेता था। मेरे घर में हमारे अलावा सांस ससुर हैं। ससुर जी पिछले साल ही रिटायर हो चुके हैं, और मेरी सास हाऊस वायफ है।
उनकी उम्र लगभग 55 की है, पर दोनों अपने उम्र से जवान दिखतें हैं क्योंकि वे रोज योगा करते हैं। तो दोस्तों ये बात है उस रात की जब मुकेश जल्दी सो गए थे, मैं फ्रिज में सारा समान रख कर सोने जा ही रही थी। कि तभी किचन की खिड़की से मेरा बॉयफ्रेंड शुभम मेरे घर मे आ गया।
मैं उसे देखकर मैं घबरा गई, कहीं किसी ने देख लिया तो गडबड़ हो जाएगी। शुभम का लंड खड़ा था, वो मुझे पागलों की तरह चोदकर मेरे चुत का भोसड़ा करना चाहता था। मैंनें तुरंत किचन का दरवाजा बंद किया। जैसे ही मैंनें दरवाजा बंद किया, शुभम पिछे से आकर मेरी मैक्सी खोल दी।
मैंने ब्रा नहीं पहना था, केवल पैंटी ही पहनी थी, जिसे शुभम ने फाड़ डाला। वो मेरे बालों को दबोचकर वो मुझे निचे झुकाया और मेरे मुँह में अपना पुरा लंड उसने डाल दिया। मैं घुटने में आकर उसका लंड मुँह में लेने लग गयी। फिर उसने मेरे गले तक अपना लंड डाल दिया और वो जोर जोर से चोदने लग गया। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मेरी साँस फुलने लगी, तो मैंने उसे छुड़ाने की कोशिश करने कि लेकिन मैं अपने आप को उससे छुड़ा नहीं पाई। फिर मैंने उसे जोर का धक्का दिया, और मैं अलग हो गई। मैं जोर जोर से हांफ रही थी और उसका लंड मेरे थुक से पूरा गिला हो गया था।
वो मुझे बालों से खिंचकर फ्रिज के बगल में टेबल के पास ले गया, और मुझे उस पर बैठा कर वो मेरी चुत को चाटने लग गया। पुरे कमरे में ‘चप चप’ की आवाज सुनाई दे रही थी, मेरी चुत के दाने को वो अपने दाँत से खिंचने लगा। फिर मुझे टेबल से उतारा और उसने मुझे मेरे दोनों हाथों और सर को जमीन पर रखवाया।
इससे मेरी गांड पूरी खुल कर ऊपर की और उठ गई थी। फिर उसने मेरी गांड के छेद पर थुक लगा कर उसमे अपनी एक उँगली अंदर बाहर करने लग गया। थोड़ी देर में उसने अपनी दूसरी ऊँगली भी डाली और तेजी से अंदर बाहर करने लग गया। जब मेरा गांड लंड लेने के लिए तैयार हो गयी.
तो उसने एक ही बार में अपना पुरा लंड मेरी गांड के छोटे से छेद में पूरा डाल दिया। फिर उसने मेरी कमर पर हाथ रख कर मुझे कस कर पकड़ा और वो मुझे चोदने लग गया। पुरा किचन ‘थप थप’ और ‘आंह आंह, ऊई माँ, ऊह ऊह’ कि आवाज से गुंज रहा था।
उसने पिछे से मेरे कंधे पर एक हाथ रखा और दूसरे हाथ से मेरे बालों को खिंचकर अपनी पूरी ताकत से गांड मारने लग गया। आधे घंटे बाद जैसे ही वो झड़ने लगा, तो उसने अपना लंड मेरी गांड से निकाल कर सिधा मेरे मुँह में डाल दिया। और मुझे अपना सारा माल जबरदस्ती पिला दिया।
मुझे बहुत ही मजा आया, और फिर मैंने अपनी मैक्सी पहन ली। गांड गीली होने की वजह से मैक्सी गांड से चिपक गई। फिर मैं वैसे ही सोने चली गई। शुभम किचन कि खिड़की से बाहर चला गया। जब मैं सिड़ी चड़ रही थी, तो सास ससुर के कमरे से आवाज आई।
मैं उनके दरवाजे के पास गई और की होल में से अंदर देखेने लग गयी। पर में अंदर का नजारा देख कर मैं चौंक गई। क्योंकि मैंने देखा कि मेरे सास ससुर पूरे नंगे थे, मेरी सास के मेरे से भी बड़ी 45 की गांड थी। और उनकी चुच्ची सिर्फ 32 की थी, लेकिन उनका निप्पल काफी बड़ा था।
ससुर जी का लंड देखकर मुझे अपनी आंखों पर विश्वास ही नहीं हो रहा था। उनका लंड पूरा 10 इंच लंबा और 4 इंच मोटा था। जिस तरह से शुभम मेरे को मुँह चोद रहा था, वैसे ही ससुर जी भी मेरी सासू माँ का मुंह चोद रहे थे। लेकिन ससुर जी का लंड सास के मुँह में आधा ही घुस रहा था।
ससुर ने फिर सास को बेड पर उल्टा लेटाया, और मेरी सास की गांड ऐसी लग रही थी, मानो कोई बड़ा पहाड़ हो। ससुर ने सास कि गांड पर जोर जोर से थप्पड़ मारने शुरू कर दिए। और उन्होंने सास की गांड को पूरा लाल कर दिया। जब ससुर ने थप्पड़ मारना बंद किया तो सास के गोरे गोरे गांड का पहाड़ लाल हो गया था।
ससुर ने सास को पलटा और उसकी चुच्ची चुसने लग गया। सास के निप्पल को जब ससुर ने अपने दाँतों से काटने लग गया। मेरी सास बहुत ही मजे ले रही थी। ससुर ने सास के चुच्ची को ऐसे दबाया कि उसका निप्पल दिख रहा था। फिर ससुर ने कुछ ऐसा किया जिसे देख कर मैं भी हैरान रह गई। “Jabardast Chudai Kahani”
जैसे ही ससुर सास कि निप्पल को सेफ्टी पीन चुभोया, सास जोर से चिल्लाई – ‘आंहहहह’ और उसके निप्पल से दुध का एक फव्वारा निकल गयी। ससुर ने दो तीन बार ऐसे ही किया, फिर सास के चुच्ची से दुध पीने लगा। ये सब देखकर मेरे चुत से पानी निकालने लग गया।
और मेरी मैक्सी पूरी गिली हो गई। अब ससुर ने सास को चारों पैरों में लाकर कुत्तिया बनाया और उसके बड़े से गांड को हाथों से अलग किया, और फिर सास के गांड को चाट चाट कर गिला करने लग गया। ससुर का पूरा चेहरा सास के गांड में छुप गया था। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
अब ससुर जोश में आ चुका थे, उसने सास कि गांड में धिरे से अपना पुरा लंड डाल दिया और सास कि गांड जोर जोर से मारने लग गया। कमरे में ‘चट चट चट, थप थप थप और आंह आंहह’ कि आवाज गूँज रही थी। गांड चोदते चोदते ससुर ने सास का सर निचे झुका कर बेड पर रखा और अपना एक पैर सास के सर पर रखकर और तेजी से गांड मारने लगा।
ऐसा लग रहा था कि दुनिया का सारा सुख मेरी सास ही ले रही है। सास के बडी सी गांड पर ससुर बैठ गया और अपना दूसरा पैर भी सास के सर पर रख दिया। ये सब देख कर मुझे यकीन ही नहीं हो रहा था। ऐसा लगता रहा था, जैसे ससुर किसी कुर्सी पर बैठा हो। “Jabardast Chudai Kahani”
ससुर अब अपनी कमर आगे पिछे कर के चोदने लग गए, सास भी इस दर्द में मजे ले रही थी। मुझे पता नहीं था कि मेरी सास इतनी मजबूत औरत है। 10 मिनट ऐसे ही चोदने के बाद जब ससुर सास के ऊपर से हटे तो सास का चेहरा पूरी तरह से लाल हो गया था।
सास ने ससुर का लंड पकड़ कर चूसने लगी, चूस चूसकर लंड पूरा गिला कर दिया। अब सास बेड पर लेट गई और ससुर ने चुत में जैसे ही लंड डाला, चुत में से फचचच करके आवाज आई। ससुर ने अपने 10 इंच के लंड से चोदने लग गये, और सास मजे लेने लगी।
आधे घंटे बाद ससुर ने लंड निकाल कर सास के मुँह में अपना सारा माल गिरा दिया। सास कि चुत ससुर कि चुदाई से बहुत फैल गईं थी। मैं सोने चली गई मगर मेरे मन में सास-ससुर की चुदाई का ख्याल बार बार आ रहा था। अगले दिन मुकेश को अपने ऑफिस के सिलसिले में एक महीने के लिए कहीं जाना था, तो वो एअरपोर्ट के लिए निकल गए। दोस्तों इस कहानी के अगले भाग में मैं आप को बताऊँगी कि कैसे ससुर ने मेरी चुत का भोसड़ा बना दिया।
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